कन्या राशि

Table of Contents

                                     कन्या राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – कन्या
  2. राशि चिन्ह – हाथ में धान व अग्नि लिए हुए कुंवारी  कन्या
  3. राशि स्वामी – बुध
  4. राशि तत्व – पृथ्वी तत्व
  5. राशि स्वरुप – द्विस्वभाव
  6. राशि दिशा – दक्षिण
  7. राशि लिंग व गुण – स्त्री
  8. राशि जाति – वैश्य
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
  10. राशि का अंग – उदर (पेट)
  11. अनुकूल रत्न – पन्ना
  12. अनुकूल उपरत्न – मरगज, जबरजद
  13. अनुकूल रंग – हरा
  14. शुभ दिवस – बुधवार, रविवार
  15. अनुकूल देवता – गणपति
  16. व्रत, उपवास – बुधवार
  17. अनुकूल अंक – 5
  18. अनुकूल तारीखें – 5/14/23
  19. मित्र राशियां – मेंष, मिथुन, सिंह, तुला
  20. शत्रु राशियां – कर्क
  21. शुभ धातु – सोना
  22. व्यक्तित्व – दोहरा व्यक्तित्व, विद्वान, युद्धभीरु,                           आलोचक, लेखक
  23. सकारात्मक तथ्य – निरन्तर क्रियाशीलता, व्यावहारिक                  ज्ञान
  24. नकारात्मक तथ्य – अतिछिद्रान्वेषी, बुराई ढूंढना,                  कलहप्रियता, अशुभ चिन्तन,                                   नपुंसकता।

                 कन्या राशि की चारित्रिक विशेषताएं

कन्या राशि का स्वामी बुध है। यह बुद्धि व ज्ञान का परिचायक ग्रह है तथा वाणी का ओज, वाक् चातुर्यता को परिलक्षित करता है। कन्या राशि में उत्पन्न जातक अध्ययनशील होते हैं तथा कई विषयों के ज्ञानार्जन में उनकी रुचि रहती है। अतः समाज में सामान्यतया विद्वान के रुप में इनकी छवि रहती है। ये गुणवान व्यक्ति होते है, परंतु स्त्रियों के प्रति इनके मन में अधिक आकर्षण रहता है। इनका भाग्य प्रबल रहता है, तथा अल्पपरिश्रम से ही इनके सांसारिक महत्व के कार्य सफल हो जाते हैं, जिससे भौतिक सुख-संसाधन धनैश्वर्य की इनके पास प्रचुरता रहती है। ये अत्यंत बुद्धिमान होते है, तथा अपनी तिक्ष्ण बुद्धि के द्वारा कठिन से कठिन समस्या का समाधान करने में समर्थ रहते है। अतः सरकारी कार्यों में प्रशासन के क्षेत्र में ये अपना योगदान प्रदान करते हैं, तथा वहाँ सम्मानित एवं आदरणीय रहते हैं। ये भावुकता की अपेक्षा बुद्धि से कार्य लेते हैं, जिससे इनकी उन्नति का मार्ग सर्वदा प्रशस्त रहता है।

 

कन्या राशि की चारित्रिक विशेषताएं

पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण श्रद्धा होगी तथा उनकी सेवा करने में सर्वदा तत्पर रहेंगे। बाल्यावस्था में आपका समय संघर्षपूर्ण रहेगा परंतु मध्य अवस्था के बाद आप पूर्ण सुखी रहेंगे। पुत्र संतति से आप युक्त होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण सुख सहयोग प्राप्त होगा। आप एक पराक्रमी पुरुष होंगे तथा स्वपराक्रम एवं योग्यता से सांसारिक कार्यों में सफलता अर्जित करेंगे। आप में तेजस्विता का भाव भी विद्यमान रहेगा। अतः अवसर अनुकूल आपको उग्रता के भाव का यत्नपूर्वक  परित्याग करना चाहिए। अन्य जनों के प्रति आपके मन में उदारता का भाव भी रहेगा लेखन या कला संबंधी कार्यों में आपको सफलता मिलेगी।

 

धर्म के प्रति आपकी सामान्य श्रद्धा रहेगी तथा अल्प मात्रा में ही धार्मिक कार्यकलापों को संपन्न करेंगे। मित्र वर्ग में आपका प्रभाव रहेगा तथा सभी लोग आपको सहयोग प्रदान करेंगे। आप अपने पराक्रम तेजस्विता बुद्धिमता तथा योग्यता से इच्छित मान सम्मान प्राप्त करेंगे तथा सुख पूर्वक जीवन व्यतीत करेंगे। कन्या राशि पिंगल वर्ण व स्त्रीसंज्ञक राशि है।

 

बुध एक साम्यवादी ग्रह है। अतः इस राशि वाले व्यक्ति पर सोहबत व वातावरण का असर पड़े बिना नहीं रहता। बुरी संगति इनको बुरा बना देती है व अच्छी संगति में यह अच्छे बन जाते हैं। आप गंदे बदचलन यह अच्छे बन जाते हैं। आप गंदे, बदचलन मित्र मंडली से बचें। क्योंकि दूसरे लोगों के प्रभाव आकर्षण केंद्र में आ जाना आप की सबसे बड़ी कमजोरी है।

कन्या राशि द्विस्वभाव द्विपद व वायु तत्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक गुण विद्या अध्ययन एवं शिल्प कला है। इसकी विशेषता है कि यह अपनी उन्नति व मान का पूर्ण ध्यान रखने की कोशिश करते हैं। कन्या राशि का स्वभाव एवं मूल गुण मिथुन जैसे ही है परंतु यदि जन्म कुंडली में बुध की स्थिति खराब है तथा हाथ में बुध पर्वत पदच्युत हो कनिष्ठीका कुछ टेढ़ी-मेढ़ी हो तो ऐसे जातक में पुरुषार्थ शक्ति की न्यूनता पाई जाती है। ऐसे जातकों में शुक्राणुओं की कमी रहती है तथा इनकी दाढ़ी कभी भरपूर नहीं आती।

यदि आप का जन्म कन्या राशि में उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के टो पा पी अक्षरों में है। तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि ,गण मनुष्य, वर्ण वैश्य, हंसक भूमि, नाड़ी आद्य, पाया चांदी प्रथम चरण का वर्ग स्वान एवं अंतिम दो चरण का वर्ग मूषक है। इस नक्षत्र के जन्मे जातक धनी एवं सुखी होते हैं। जातक आकर्षक व्यक्तित्व का धनी एवं शत्रुता का नाश करने में दक्ष होता है। उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति की पुरुषार्थ शक्ति तेज रहेगी। आप मूलतः समझौता वादी व्यक्ति हैं।झगड़े एवं व्यर्थ के तर्क वितर्क में आपका विश्वास नहीं अपितु आप प्रेम एवं शांति से किसी विवाद को सुलझाना पसंद करेंगे।

 

यदि आपका जन्म कन्या राशि में हस्त नक्षत्र के पू ष ण ठ अक्षरों में है तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्र की महादशा में हुआ है। आपकी योनि भैंस, गण देव, वर्ण वैश्य, हंसक भूमि, नाड़ी मध्य, पाया चांदी। प्रथम चरण का वर्ग मूषक द्वितीय चरण का वर्ग मेढा और अंतिम 2 चरणों का वर्ग श्वान है। हस्त वाले महत्वाकांक्षी होते हैं तथा अपनी बुद्धि एवं विद्या बल से खूब संपत्ति अर्जित करते हैं।

 

यदि आपका जन्म कन्या राशि में चित्रा नक्षत्र के प्रथम द्वितीय चरण पे पो में है तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि व्याघ्र गण राक्षस वर्ण वैश्य नारी मध्य हंसक भूमि पाया चांदी वर्ग मूषक है। चित्रा नक्षत्र के जातक विचित्र वेशभूषा पहनते हैं। इनमें स्त्रीयोचित्त वस्त्र आभूषण पहनने का शौक होता है। यह लोग बहुत बुद्धिमान होते हैं तथा अपनी सुविधाओं में कटौती स्वीकार नहीं करते।

 

बुध सूर्य का सर्वाधिक निकटवर्ती ग्रह है। उदीयमान व अस्ताचल की ओर जाते हुए सूर्य काल के समय ही इसके दर्शन संभव है। सूर्य के निकट होने से इनमें सूर्य के समान तेजस्विता होती है। कन्या राशि वाले जातक बहुत ही सुंदर एवं चतुर होते हैं। बुध कन्या राशि में उच्च का होता है। प्रायः कन्या राशि वाले व्यक्ति उच्च कोटि के विद्वान एवं लेखक होते हैं।

 

उपाय 4 1/4 रत्ती का ओनेक्स रत्न बुध यंत्र में जड़वा कर धारण करें। संकटनाशन गणेश स्तोत्र का पाठ करें। तुलसी के पौधे को रोजाना सींचे। गणपति जी के प्रत्येक बुधवार 11 दुरवा चढ़ाएं। ओम गन गणपतए नमः का जाप करते हुए प्रत्येक दूर्वा गणपति जी को अर्पित करें।

 

सन 2021 में कन्या राशि का वार्षिक भविष्यफल

यह वर्ष अच्छा रहेगा। कन्या राशि के जातकों को नव वर्ष 2021 की शुभकामनाएं पांचवे भाव में शनि गुरु की स्थिति वर्ष आरंभ में बनी हुई है। मंगल आठवें स्थान में स्वग्रही है यदा-कदा रक्तचाप से संबंधित परेशानी पैदा हो सकती है। इस वर्ष वायरल डिजीज का खतरा है। मौसमी बीमारियां छोटी-मोटी व्याधियां एवं तकलीफ रह सकती है। आपको मौसमी बीमारियों से सावधान एवं सतर्क रहना चाहिए। आपकी हिम्मत एवं साहस के बल पर इस वर्ष आप असंभव से असंभव कार्य को बिना हिचकिचाहट एवं परेशानी से कर जाएंगे। जहां तक कामकाज का प्रश्न है काम में भी आप शिखर पर ही रहेंगे। नौकरी में कैरियर में पदोन्नति के योग बने हुए हैं। अपने काम को गंभीरता से लेंगे फल स्वरुप आपको पुरस्कार में इंक्रीमेंट या आय में बढ़ोतरी हो सकती है। आप लंबे समय से जिस समाचार को सुनने के लिए आतुर थे वह समाचार आपको प्राप्त हो जाएगा। इस वर्ष योजनाबद्ध कार्यों को क्रमबद्ध तरीके से करें। एक के बाद एक काम को निपटा ते हुए चले जाएं। इस वर्ष शनि बृहस्पति का पंचम भाव में योग शत्रुओं का शमन करेगा। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में नहीं लग पाएगा। बार-बार मन में भटकाव की स्थिति उत्पन्न होगी। एकाग्रचित्ता नहीं बन पाएगी।

 

इस वर्ष वर्ष आरंभ में आपकी राशि का अधिपति बुध चैथे स्थान में स्थित है। अतः इस वर्ष भूमि भवन वाहन आदि की खरीद की संभावना है। इस वर्ष भवन निर्माण की दिशा में उल्लेखनीय प्रगति होगी। शुभ एवं मांगलिक कार्य की रूपरेखा बनेगी। किसी रिश्तेदार का गिरता हुआ स्वास्थ्य आपकी चिंता का मुख्य कारण बन सकता है। आपकी भावुकता एवं उदारता इस समय आप की सबसे बड़ी कमजोरी होगी। अपनी कमजोरियों पर विजय प्राप्त करें आप पैसा तो कमाएंगे परंतु जब हिसाब करने बैठेंगे तो पाएंगे कि पैसा बच नहीं पाया है। कभी-कभार मन में निराशाजनक विचार हावी होंगे।

 

कई मायनों में यह वर्ष सफलता के संकेत कर रहा है। पति-पत्नी में कभी-कभार मनमुटाव की स्थिति रहेगी। शनि की सप्तम स्थान पर दृष्टि के कारण जीवन साथी का स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। व्यापार एवं आजीविका में सफलता की पूर्ण संभावना है। इस वर्ष पराक्रम में वृद्धि होगी। किसी विशिष्ट व्यक्ति अधिकारी से आपकी मुलाकात सफलता के मार्ग पूर्ण रूप से खोल देगी। संपर्कों एवं संबंधों का दायरा काफी विस्तृत होगा। इस वर्ष शत्रु भी आपके कार्य एवं कार्यशैली की प्रशंसा करेंगे। व्यापार में विस्तार की जो योजना पिछले कई वर्षों से लंबित चल रही थी वह इस वर्ष पूर्ण हो जाएगी। धन भाव पर शनि की दृष्टि है अतः पैसा आने से पहले जाने का रास्ता तैयार रहेगा। धन का संचय नहीं हो पाएगा। धर्म, आध्यात्म के प्रति मन में श्रद्धा का भाव रहेगा। समाज में इष्ट मित्रों में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप में आप की धाक रहेगी। आप अपनी बौद्धिक क्षमता बुद्धि एवं विवेक का प्रयोग करके आगे बढ़ेंगे। इस वर्ष भूमि भवन संपत्ति आदि को लेकर विवाद हो सकता है। चैथे स्थान के स्वामी बृहस्पति नीचस्थ है अतः वाहन द्वारा भी क्षति की संभावना है। भाग्य स्थान का राहु परिश्रम एवं मेहनत खूब कराएगा परंतु उसके अनुपात में परिणाम एवं प्रतिफल कमजोर ही मिलेंगे। अविवाहित ओं के विवाह संबंधी प्रस्ताव इस वर्ष प्राप्त होंगे। देव गुरु बृहस्पति 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य सप्तम स्थान में आकर धार्मिक या आध्यात्मिक महत्व का कोई काम आपसे करवा सकता है। या धार्मिक स्थान की यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। प्रेम संबंधों में धोखाया विश्वासघात हो सकता है। मित्रों की संख्या इस वर्ष बढ़ेगी।

 

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य

इस वर्ष आमतौर पर कन्या राशि के जातकों का स्वास्थ्य मध्यम ही रहेगा। कन्या राशि के जातकों को हड्डियों के रोग शारीरिक कमजोरी जैसी बीमारी रहती है। इस वर्ष इन बीमारियों के अलावा वायु विकार जोड़ों में तकलीफ, पीठ दर्द, कमर दर्द जैसी बीमारियों से तकलीफ रह सकती है। आप यात्रा में जाते हैं तो स्वास्थ्य का ध्यान रखें। खान-पान का विशेष ध्यान रखें।स्वास्थ्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। छोटी-छोटी बातें आपको चिंतित कर सकती है, जो आपके रक्तचाप एवं स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव का कारण बनेगी। नियमित योग व्यायाम आदि की निरंतरता बनाए रखें। शराब, सिगरेट, बीड़ी, गुटखा आदि का परित्याग कर दें, अन्यथा आप गंभीर रोग का शिकार हो जाएंगे। घर के बड़े बुजुर्गों, वरिष्ठ व्यक्तियों के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ट डिजीज में नियमित स्वास्थ्य की जांच करवाते रहें।

 

व्यापार-व्यवसाय व धन

कारोबार में इस वर्ष अपरिचित एवं अनजान लोगों पर भरोसा बिल्कुल भी नहीं करें। आजीविका के भाव के अधिपति बुध पूर्ण दृष्टि से दशम स्थान को देख रहे हैं। अतः आप व्यापार एवं कारोबार में नित नए आयाम स्थापित करेंगे। व्यापार एवं कारोबार के विस्तार को लेकर आपने जो योजनाएं बनाई है। वह कार्य रूप में परिणित होंगी नौकरी में छोटी-मोटी परेशानियां आएंगी लेकिन आप अपने बुद्धि बल व चतुराई से हर समस्या व परेशानी का हल ढूंढ ही लेंगे। इस वर्ष आप व्यापार में हर छोटी से छोटी चीज वह बात का ध्यान रखेंगे। किसी परिचित के माध्यम से कोई बड़ा ऑर्डर व्यापार में आपको प्राप्त हो सकता है। व्यापार में नए-नए अनुबंधन व करार करने के लिए प्रयासरत रहेंगे परंतु हो नहीं पाएंगे। व्यावसायिक प्रतिद्वंदी एवं प्रतिस्पर्धी आप से आगे निकल जाएंगे। जून से अक्टूबर के मध्य गुरु वक्र स्थिति में गतिशील रहेंगे। इस समय शत्रु षड्यंत्रवश आपके साथ कोई गड़बड़ी कर सकते हैं। आयकर, जीएसटी, पुलिस, कस्टम आदि से संबंधित कोई राजकीय परेशानी खड़ी हो सकती है। किसी भी कागज पर हस्ताक्षर करने से पहले अच्छी तरह से पढ़ लें। तकनीक, हुनर, मशीनों का प्रयोग करके आप उत्पादकता तो बढ़ा लेंगे लेकिन उत्पादकता के चक्कर में आप क्वालिटी के साथ समझौता नहीं करेंगे। कर्मचारी एवं भागीदार की गतिविधि व हरकत संदिग्ध रहेगी। व्यावसायिक सूचना एवं जानकारी लीक हो सकती है। हालांकि सूर्य चैथे स्थान में वर्ष आरंभ में है। अतः साहस के बलबूते पर आप बड़े से बड़े काम को चुटकियों में निपटा सकते हैं। व्यापार में नए निवेश के लिए समय उपयुक्त है। जहां तक धन की बात है मकान, भूमि, भवन, फ्लैट, वाहन आदि की खरीद का कार्यक्रम बन सकता है। नौकरी व रोजगार में सही लक्ष्य निर्धारित कर आगे बढ़े।

 

घर परिवार संतान व रिश्तेदार

घर परिवार की दृष्टि से यह वर्ष अच्छा रहेगा। पारिवारिक सुख शांति में इस वर्ष इजाफा होगा। आप कन्या राशि के जातक हैं। कन्या राशि के जातक परिवार के प्रति बहुत ही जागरुक एवं बाबू प्रवृत्ति के होते हैं। आपका परिवार आपकी प्राथमिकता पर होगा। पति-पत्नी दोनों एक दूसरे की भावनाओं एवं विचारों का सम्मान करके आचरण करेंगे। कभी कभार हल्की-फुल्की गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती है जो समय के रहते सूलज भी जाएंगी। संतान के कैरियर एवं उसके विवाह को लेकर मन में चिंता का भाव रहेगा। अविवाहितों के विवाह के प्रस्ताव भी आएंगे।काम में बनते बनते कहीं ना कहीं जाकर अवरोध भी उत्पन्न होगा। रिश्तेदारों एवं बुजुर्गों के अनुभवों का लाभ आपको प्राप्त होगा। कई मुश्किलों से आप उनकी सलाह मात्र से ही निकल आएंगे। संतान के लिए विषय का चयन कॉलेज का चयन आदि को लेकर इस वर्ष मन में असमंजस रहेगा परंतु किसी विशेषज्ञ की सलाह काम आएगी। पिता-पुत्र में हल्की फुल्की गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती है।

 

विद्या अध्ययन पढ़ाई व कैरियर

देव गुरु बृहस्पति इस वर्ष पंचम स्थान में नीच भंग राजयोग बना रहे हैं। अतः विद्यार्थियों के लिए उत्तरोत्तर उन्नति के संकेत मिल रहे हैं। हालांकि यह वर्ष आप से और अधिक मेहनत की अपेक्षा कर रहा है। मैनेजमेंट, फाइनेंसियल, प्रशासनिक क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों को सफलता मिल जाएगी। मन लगाकर पढ़ाई करने की आवश्यकता है। सोशल मीडिया, टीवी, मनोरंजन आदि से दूरी बनाकर अपने लक्ष्य की ओर ही ध्यान केंद्रित करें। सुनहरा भविष्य आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। नौकरी में लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करें। बेहतर अवसर बेहतर आय के साधन सुलभ होंगे। अधिकारी एवं वरिष्ठ सदस्य आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। अपने काम को पूरी ईमानदारी एवं निष्ठा से अंजाम दें अन्यथा आप संकट में भी पढ़ सकते हैं। स्मरण शक्ति को बढ़ाने के लिए नित्य गायत्री मंत्र का जाप करें। उससे स्मरण शक्ति का विकास होने के साथ-साथ चित्र में स्थिरता एवं एकाग्रता आएगी।

 

वाहन खर्च व शुभ कार्य

इस वर्ष जमाबंदी वह कमाई का बड़ा हिस्सा खर्च हो सकता है। इस वर्ष बृहस्पति की नवम एवं दशम स्थान पर दृष्टि कोई धार्मिक या सामाजिक महत्व का बड़ा कार्य आपके हाथों से करवाएगी। इस वर्ष वाहन पर खर्च की स्थिति भी बन रही है। बृहस्पति चतुर्थेश होकर नीच भंग राज योग के प्रभाव में है। अतः पत्नी बच्चों का वाहन हो या आपके स्वयं का उसके रखरखाव एवं मरम्मत पर धन राशि खर्च होगी। जहां तक शुभ कार्यों की बात है। इस वर्ष छोटे-मोटे आयोजन परिवार एवं रिश्तेदारी में हो सकता है। किसी बड़े आयोजन एवं शुभ कार्य की संभावना कम ही है। इस वर्ष पैसा प्राप्त होगा लेकिन साथ ही साथ यह भी होगा।

 

हानि कर्ज व अनहोनी

व्यापार एवं कारोबार में इस वर्ष किसी उन्होंने की संभावना है। जिस पर आप सबसे अधिक विश्वास करेंगे वही आपके विश्वास का गला घोटेगा। खर्चों को पूरा करने के लिए ऋण ले सकते हैं। व्यापार में भी ऋण ले सकते हैं। भवन आदि के लिए आपका लोन स्वीकृत हो सकता है। कर्ज से निवृत्ति के लिए आप ओम ऋण मुक्त आए नमः मंत्र का नित्य नियमित जाप करें। स्वास्थ्य में लापरवाही घातक हो सकती है। रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें।

 

यात्राएं

इस वर्ष छुट्टियों में बाहर घूमने फिरने का प्रोग्राम बन सकते हैं। घर परिवार को अधिकतम समय आप देंगे। नौकरी कामकाज व व्यापार को लेकर भी कुछ यात्राएं होंगी। यात्राएं सार्थक एवं धनप्रद होंगी।

 

उपाय

कन्या राशि के जातकों को पन्ना युक्त बुध यंत्र गले में धारण करना चाहिए। बुध यंत्र से आर्थिक पक्ष शुद्र बनेगा। व्यापार व कामकाज में स्थितियां अनुकूल रहेंगी। बुधवार का व्रत करें। गणपति महाराज की उपासना करें। ओम गन गणपतए नमः मंत्र की एक माला जरूर करें। बुधवार को गणपति जी पर 108 दुर्गा चढ़ाएं व मोदक का भोग लगाएं। इससे भगवान श्री गणेश की कृपा एवं आशीर्वाद प्राप्त होगा व धन की प्राप्ति होगी।

वर्ष 2021 में कन्या राशि का साप्ताहिक भविष्यफल

 

जनवरी 2021

ग्रह स्थिति

वर्ष आरंभ में केतु शुक्र वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, सूर्य बुध धनु राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का पंचम भाव में, मंगल मेष राशि का अष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का ग्यारहवें भाव में चलाएं मान है।

 

1 जनवरी से 7 जनवरी तक

वर्ष आरंभ में 1, 2 को समय बहुत अच्छा रहेगा। वर्ष की शुरुआत अच्छी रह सकती है। आप आत्म निरीक्षण तथा अपना मूल्यांकन करेंगे। आप सोच विचार में खोए रहेंगे। आप दुनिया के हर पहलू पर या रहस्यमय पहलुओं पर विचार करेंगे। इस समय आपका पूरा फोकस घर एवं परिवार पर होगा। 3, 4 को समय कष्टप्रद रहेगा। प्रेम प्रसंगों के कारण थोड़ा सा तनाव रह सकता है। आपसे कोई ऐसी बात हो जाएगी जिससे आपकी निंदा व आलोचना होगी। धन प्राप्ति में बाधा आएगी विरोधी अपना स्वर मुखर करेंगे। 5, 6 को सन्मुख चंद्रमा सफलतादायक रहेगा। करियर व भविष्य को लेकर कुछ योजनाएं बनाएंगे। घर की जिम्मेदारियों को अच्छे से निभाएंगे। साथ को व्यापार व कामकाज में कुछ ठोस निर्णय आप लेंगे। जिनका लाभ आगे चलकर आपको मिलेगा।

 

8 जनवरी से 15 जनवरी तक

दिनांक 8 को आप पैसा कमाएंगे। मित्र व रिश्तेदार मदद करेंगे। आर्थिक स्थिति व पक्ष सुदृढ़ हो जाएगा। कामकाज में आपकी धाक एवं दबदबा बरकरार होगा। 8, 9, 10, 11 को आधा दिन शानदार फलों की प्राप्ति करेंगे। वस्तुतः वित्त संबंधी मामले थोड़े जोखिम भरे होंगे। अच्छे काम के नतीजे आपको मिलेंगे। आपकी बौद्धिक क्षमता का विकास होगा। आप और परिचितों को भी दोस्त बना लेंगे। आप समझदारी पूर्ण व्यवहार करेंगे। 11 की दोपहर से 12, 13 तक कल्याणकारी समय रहेगा। वाद-विवाद लड़ाई झगड़े में नुकसान होगा। मन अशांत रहेगा। प्रतिद्वंदी व व्यवसायिक प्रतिस्पर्धी आपको कड़ी टक्कर देंगे। कार्यों में लापरवाही व कोताही का खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है। 14, 15 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। अपनी बुद्धि व विवेक से कई समस्याओं के समाधान निकाल लेंगे। प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेंगे।

 

16 जनवरी से 23 जनवरी तक

दिनांक 16, 17 को राजकीय कार्य सरलता एवं सुगमता से पूरे हो जाएंगे। जिस काम को आप हाथ में लेंगे उसे पूरा करके ही दम लेंगे। मित्रों से सहयोग मिलेगा। 18, 19, 20 को समय सामान्य फलप्रद है। पारिवारिक जीवन में खुशियां आएंगी। आप अपने सारे शौक पूरे करेंगे। आप कहीं बाहर भी जा सकते हैं तथा जमकर खरीददारी भी करेंगे। आप इस समय पूरे उत्साह में रहेंगे। आप भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। 21, 22 को सिर दर्द की समस्या रह सकती है। आप किसी भी तरह के जोखिम से दूर रहें। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। बिना हेलमेट या सीट बेल्ट लगाए गाड़ी ना चलाएं। 23 को समय गति पक्ष में रहेगी। कामकाज गति पकड़ेंगे, वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। परिवार में सुखद वातावरण बनेगा।

 

24 जनवरी से 31 जनवरी तक

दिनांक 24, 25 को फाइनेंस संबंधी कार्यों में व्यस्त रह सकते हैं। आपका कोई राजी रोजगार हो सकता है जिससे आप हल्कापन महसूस करेंगे। आपकी ओर लोगों का ध्यान आकर्षित होगा। हिम्मत व साहस से आप परिपूर्ण रहेंगे। 26, 27 को मान प्रतिष्ठावर्धक समय रहेगा। आप तनाव एवं आलस्य महसूस करेंगे। जिसे दूर करने के लिए आसपास के लोगों से बातचीत करेंगे। घर परिवार को समय देंगे। निजी व पारिवारिक जीवन में बाजी लगाने की स्थिति रहेगी। 28, 29 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। आजीविका एवं आय के स्त्रोतों में वृद्धि होगी। आप उपलब्धि हासिल करेंगे। 30, 31 को समय ठीक नहीं है। तनाव बढ़ेगा, अचानक परेशानी आ सकती है। जीवन साथी का स्वास्थ्य नरम रह सकता है।

फरवरी 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा कन्या राशि का लग्न में, केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, शुक्र, बृहस्पति, शनि, सूर्य मकर राशि का पंचम भाव में, बुध कुंभ राशि का अष्टम भाव में, मंगल मेष राशि का अष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम भाव में चलाएं मान है।

1 फरवरी से 7 फरवरी तक

मास की शुरुआत से लेकर इस सप्ताह के अंत तक का समय शानदार, लक्ष्मीदायक, कीर्तिदायक एवं संतोषप्रद रहेगा। 1, 2, 3 को आप काम के साथ-साथ खानपान का आनंद लेंगे। आप में काम करने की तीव्र इच्छा शक्ति होगी। धार्मिक एवं सामाजिक कार्यों में व्यस्तता रहेगी। रुपयों की आवक होगी। बिना लापरवाही के कार्यों को अंजाम देंगे। संपर्क और संवाद के लिए यह उत्तम समय है। 4, 5 को शांति प्रदान समय रहेगा। विवाह समारोह में शरीक होंगे। परिवार में सुखद वातावरण बनेगा। विद्यार्थियों का मन पढ़ाई में लगा रहेगा। शिक्षकों का पूरा सहयोग प्राप्त होगा। बिगड़े काम भी इस समय सुधर जाएंगे। 6, 7 को समय धनदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी साथी के साथ समय बिताने का मौका मिलेगा। संतान से सुख प्राप्त होगा।

 

8 फरवरी से 15 फरवरी तक

दिनांक 8, 9 को समय बहुत खराब रहेगा। भाइयों के मध्य बोलचाल होगी या विवाद घर आएगा। कारोबार या घरेलू मुद्दों में आप कोई गलत निर्णय ले लेंगे। शत्रु एवं विरोधी सक्रिय होंगे। काम में किसी भी तरह की लापरवाही ना करें। 10, 11 को मिश्रित फलों की प्राप्ति होगी। इस समय कुछ लोग आपकी मदद करेंगे तो कुछ टांग खींच सकते हैं। आप सभी को अपना मानेंगे। शिक्षा से जुड़े लोगों को लाभ की प्राप्ति होगी। 13, 15 को आपकी मुलाकात विचित्र और रोचक लोगों से होगी। चिंताओं से राहत मिलेगी। आप काम के साथ आराम एवं मनोरंजन भी करेंगे। सामाजिक कार्यक्रम में बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। अटका पैसा प्राप्त होगा। 15 को समय अनुकूल रहेगा। संतान से कोई खुश खबर प्राप्त होगी। बड़ा कार्य बनेगा। मन में संतुष्टि का भाव रहेगा।

 

16 फरवरी से 23 फरवरी तक

दिनांक 16 को सुख शांति रहेगी। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात आपकी उन्नति के द्वार खोल देगी। पति-पत्नी में आपसी तालमेल अच्छा रहेगा। 17, 18, 19 को आधा दिन अशुभता लिए होगा। प्यार में धोखा मिलेगा। आप इतना अधिक व्यस्त रहेंगे कि खुद को नजरअंदाज कर देंगे। तनाव काम के बोझ और स्वास्थ्य समस्या से जुड़ेंगे। काम में ज्यादा जल्दबाजी न करें। पुश्तैनी जायदाद के मामले भी आपको उलजाए रखेंगे। दिनांक 20, 21 को समय अच्छा आएगा। सरकारी कामकाज गति पकड़ेंगे। जीवन साथी से चली आ रही गलतफहमियां व मतभेद समाप्त होंगे। आपके साथ कोई शुभ घटना घटित होगी। लोक कल्याण समाज सेवा एवं परमार्थ के कार्यों में धन खर्च करेंगे। 22, 23 को सरकार की तरफ से किसी इनाम की प्राप्ति होगी।

 

24 फरवरी से 28 फरवरी तक

दिनांक 24, 25 व 26 को आधा दिन सर्वलाभकारी समय रहेगा। तमाम कार्य पूरे करने का समय है। शादी सगाई आदि के रूप में खुशियों के योग हैं। प्रेरणादाई कार्य करेंगे। यह समय ऊर्जा उत्साह एवं उमंग से भरपूर रहेगा। खुशी और लाभ दोनों के अवसर प्राप्त होंगे। 26 की दोपहर से 28 की शाम तक का समय कई तरह के खर्चों का समय है। आपको इस समय लोग नीचा दिखाने की कोशिश करेंगे। स्वास्थ्य के प्रति सावधानी बरतने की जरूरत होगी। अतिरिक्त आय की भी संभावना कम है। धैर्य रखना होगा। 28 की शाम से समय अच्छा आ जाएगा।

मार्च 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा कन्या राशि का लग्न में, केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, बृहस्पति बुध शनि मकर राशि का पंचम भाव में, सूर्य शुक्र कुंभ राशि का अष्टम भाव में, मंगल राहु वृषभ राशि का नवम भाव में चलायमान है।

 

1 मार्च से 7 मार्च तक

दिनांक 1 व 2 को समय सुखद यात्रा करने का रहेगा धन बल खूब मिलेगा। घूमने के अवसर मिलेंगे। लोगों के साथसुमधुर संबंध बनेंगे। अपने अनुभवों से प्रेरणा लेकर आप एक सुंदर भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे। 3 व 4 को दैनिक कार्य सुचारू रूप से संपन्न होंगे। आप किसी कार्य की योजना बनाएंगे और उस पर सुचारू रूप से अमल भी करेंगे। आपका ध्यान केवल लक्ष्य पर केंद्रित रहेगा। किसी भी कीमत पर आप केवल लक्ष्य की सिद्धि चाहेंगे। माता-पिता व घर के बड़े बुजुर्गों का आशीष आगे बढ़ने में सहायता देगा। 5 व 6 को समय अति उत्तम फलप्रद रहेगा। घर में हंसी खुशी का वातावरण रहेगा। सूझबूझ एवं संतुलित दृष्टिकोण से सही एवं सकारात्मक निर्णय प्राप्त होंगे। 7 को समय खराब आएगा। रिश्तेदार से संबंधित कोई अप्रिय समाचार मिल सकते हैं।

 

8 मार्च से 15 मार्च तक

दिनांक 8 को व्यर्थ के वाद विवाद में समय नष्ट होगा। आपकी कोई प्रिय वस्तु गुम या चोरी होने का भय रहेगा। विद्यार्थियों का परीक्षा में प्रदर्शन अच्छा नहीं होगा, याद रखने में समस्या रहेगी, तनाव बढ़ेगा। 9, 10, 11 को समय अनुकूल है पैसों का निवेश कर पाएंगे। मकान संबंधी काम आगे बढ़ेगा। कहीं बाहर जाना पड़ सकता है। व्यापार से संबंधित यात्रा होगी। 12, 13 को युवा वर्ग अपने करियर संबंधी निर्णय सही समय पर लेंगे। साक्षात्कार में अपना बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। 14, 15 को दैनिक कार्य समय पर पूरे होंगे। मन में संतोष रहेगा।मनोवांछित फलों की प्राप्ति होगी। किसी त्योहार विशेष की तैयारी में लगे रहेंगे। मन में उत्साह का अभाव रहेगा।

 

16 मार्च से 23 मार्च तक

16, 17, 18 को आधा दिन कष्ट सूचक रहेगा। आपको अपने बॉस की चमचागिरी करनी पड़ सकती है। उनकी नाराजगी भी झेलनी पड़ सकती है। आपके अपने आप से किनारा कर लेंगे, जिससे आप बहुत दुखी हो जाएंगे। 18 की दोपहर से 20 के मध्य समय में सुधार आएगा। लोगों में मेल मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। नया वाहन ले सकते हैं। आप अपने शौक पूरे करेंगे। स्वयं को आजाद महसूस करेंगे। शॉपिंग का लुफ्त उठाएंगे। 21, 22, 23 को संबंधों की कीमत और माता आपके लिए खास महत्व का विषय रहेगी। यह सोच सिर्फ परिवार घरेलू संबंध और रिश्तेदारी में ही संबंधों में निकटता नहीं लाएगी बल्कि लोगों को आप के निकट लाएगी। नए लक्ष्य नए मौके तलाशेगे। दूसरों की समस्या सहानुभूति के साथ निभाएंगे इससे आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आप तमाम तरह की रोचक गतिविधियों में व्यस्त रह सकते हैं।

 

24 मार्च से 31 मार्च तक

दिनांक 24, 25 को समय धमाकेदार रहेगा। व्यापार में नए प्रयोग करेंगे पढ़ाई कर रहे जातकों को खुश खबर प्राप्त होगी। प्रेम संबंधों से पारिवारिक जीवन प्रभावित हो सकता है। मित्र भी वक्त बेवक्त आपके लिए मददगार साबित होंगे। 26, 27 को 12 वा चंद्रमा घातक रहेगा और मर्यादित वह संयमित प्रेम संबंध सीधा मुसीबत कोनिमंत्रण है। वाहन की समय-समय पर मरम्मत करवाते रहें। खर्चा और फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। ऑनलाइन खरीददारी में आपके साथ धोखा हो सकता है। 28, 29 को समय की चाल आपके पक्ष में रहेगी। आपके कार्य की सराहना होगी। घर के बुजुर्ग आपका मार्गदर्शन करेंगे। पुराने विवाद समाप्त होकर नए अध्याय की शुरुआत करेंगे। 30, 31 को समय संतोषकारी रहेगा। आपकी नए नए लोगों से दोस्ती होगी।

अप्रैल 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, शनि बृहस्पति मकर राशि का पंचम भाव में, सूर्य शुक्र बुध मीन राशि का सप्तम भाव में, राहु मंगल वृषभ राशि का नवम भाव में चलाएं मान है।

 

1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक

दिनांक 1और 2 को धन पर दायक दिवस रहेगा। आपके जीवन में भौतिक और भावात्मक ग्रुप से भारी बदलाव आ सकता है। संबंधों की कीमत और महता आपके लिए खास महत्व का विशेष रहेगी। 3, 4 को समय खराब रहेगा। नौकरी में बॉस वह अधिकारियों से अनबन हो सकती है। आयकर से संबंधित पूछताछ हो सकती है। नेट चैटिंग करते वक्त सावधानी रखें। अपने व्यक्ति रिश्तेदारों का ध्यान रखें। आप परेशानी का अनुभव करेंगे। धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा रहेगी। 5, 6, 7 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। विद्यार्थी वर्ग परीक्षा की तैयारियों में लगे रहेंगे। आपकी मेहनत सफल होगी। वैवाहिक कार्यों की तैयारी में जुटे रहेंगे। नई किलकारी गूंजेगी। सारी चिंताएं समाप्त हो जाएगी।

 

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक

दिनांक 8, 9 को जबरदस्त लाभ होने के योग हैं। आप अन्य सदस्यों या अपने सहकर्मियों से अधिक व्यवहार कुशल होंगे। तमाम क्षेत्रों के कामकाज से ऊर्जावान होंगे। इसके साथ ही आप और अधिक खुश और सकारात्मक होंगे। 10, 11, 12 को आधा दिन सामान्य रहेगा। आप अपनी खुशियां पा सकेंगे। आभूषण कपड़े जैसी आरामदायक चीजों और मनोरंजन का सुख भी लेंगे। आपके सपने सच होंगे आप पर ईश्वर की कृपा रहेगी। 13, 14 को समय ठीक नहीं है। काम में लेट होगा। आपकी तबीयत खराब रहेगी। कहीं से अशुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। यात्रा में कष्ट की प्राप्ति होगी। मन में उदासी का भाव रहेगा। घर में कलह का वातावरण रहेगा। 15 को सरकार से संबंधित कार्य होगा।

 

16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक

दिनांक 16, 17 को समय अनुकूल आएगा। आपकी छवि चमकेगी, आपके भाग्य का सितारा चमकेगा। आपसी आदान-प्रदान का समय रहेगा। परिवार, एकता और फाइनेंस भी महत्वपूर्ण होगा। 18, 19 को मान सम्मान वर्धक समय रहेगा। आपकी हिम्मत और साहस बना रहेगा। मौज मस्ती का समय मिलेगा। आप ऑफिस स्कूल कॉलेज या व्यापार में अपना श्रेष्ठ प्रदर्शन करेंगे। विपरीत परिस्थितियों को भी आप अनुकूल बना लेंगे। आप इस समय पैसा कमाएंगे। आप नया अनुसंधान करेंगे। 20, 21 को समय लाभकारी रहेगा। कड़ी प्रतियोगिता के बावजूद बेहतर पाने की आशा रखेंगे। आप आध्यात्मिक प्रगति करेंगे। नवविवाहितओं के लिए अच्छा समय है। दोनों में आपसी तालमेल रहेंगे। 22, 23 को हानिकारक समय है। रास्ते चलते पंगे आपके गले पड़ सकते हैं। कष्ट व परेशानी रहेगी।

 

24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक

दिनांक 24 को आधा दिन खराब रहेगा। आप की योजनाएं धरी की धरी रह जाएगी। पिता पुत्र में अनबन रहेगी। 25की दोपहर से 26 के मध्य अच्छा वक्त रहेगा। आप अपने मित्रों से गुल मिलकर सारी समस्याओं का निराकरण करेंगे। आप अपने परिवार की देखभाल और उनसे प्रेम करेंगे। जीवनसाथी वह सांसों से चित्र मिलेंगे। 27, 28 को संतोषजनक समय रहेगा। बेरोजगारों को रोजगार मिलने के आसार हैं। युवा वर्ग अपने करियर को लेकर सजग रहेंगे। आप में वाक् चातुर्य रहेगा। जीवन में ऊर्जा व उत्साह चरम पर रहेगा। 29, 30 को समय पैसा कमाने का रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। आप बाहर घूमने फिरने जा सकते हैं। परिवार का साथ रहेगा।

मई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा धनु राशि का चतुर्थ भाव में, शनि मकर राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का षष्टम भाव में, सूर्य शुक्र मेष राशि का अष्टम भाव में, बुध राहु वृषभ राशि का नवम भाव में, मंगल मिथुन राशि का दशम भाव में चलायमान है।

 

1 मई से 7 मई तक

दिनांक 1 व 2 को आधा दिन खराब रहेगा। घर वालों से छोटी मोटी बातों को लेकर बहस होगी। महत्वपूर्ण निर्णय देरी से लेने में नुकसान होगा। कानूनी मामलों में सावधानी बरतें। 2 की दोपहर से 4 के मध्य समय अनुकूल रहेगा। विद्यार्थी वर्ग को मनोवांछित परिणाम की प्राप्ति होगी। आप किसी का आदित्य स्वीकार करेंगे। काम की व्यस्तता के बीच आप परिवार और दोस्तों के बीच मौज मस्ती में समय बिताएंगे। आप समाज के कामों में व्यस्त रहेंगे, इससे आपकी छवि निखारेगी। 5, 6 को उत्तम संपत्ति दायक दिवस रहेगा। आपके दिमाग में काम हो बढ़ाने की धुन सवार रहेगी। लेकिन आप अपनी नीतियों में कुछ बदलाव लाएंगे। 7 को समय सुख शांति लायक रहेगा। संवाद, समझौते और संपर्क साधेगे।

 

8 मई से 15 मई तक

दिनांक 8, 9 को आधा दिन अच्छा रहेगा। आप मिलनसार व्यक्तित्व के धनी रहेंगे। आपकी हिम्मत और साहस बना रहेगा। परिवार एकता एवं फाइनेंस भी महत्वपूर्ण होगा। 9 को दोपहर बाद से 11 तक अष्टमस्त चंद्रमा घातक रहेगा। वैवाहिक जीवन में खटपट रहेगी। आर्थिक पक्ष कमजोर होगा। परिवार में बंटवारे को लेकर तनातनी रहेगी। इस वक्त आप जोखिम भरे कार्यों से दूर रहें। मन की शांति के लिए आप तंत्र, धर्म, प्रार्थना, ध्यान आदि करेंगे। ऋण लेने से पूर्व सोचे समझे। 12, 13 व 14 को विजय सूचक दिवस रहेगा। आप राहत की प्राप्ति करेंगे। आप व्यापार में नहीं योजना अपनाएंगे। आप लोगों की समस्या सुनेंगे और उनके हल का प्रयास करेंगे। आपको घर के बुजुर्गों का प्यार मिलेगा। 15 को मान-सम्मान की प्राप्ति करेंगे।

 

16 मई से 23 मई तक

दिनांक 16 को समय बहुत अच्छा रहेगा। घर में बेटे-बहू के मध्य प्रेम भाव बढ़ेगा। आप अच्छी प्रगति करेंगे। आपको आपके काम का पूरा श्रेय मिलेगा। 17, 18, 19 को समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। सहकर्मी वह आप के वरिष्ठ अधिकारी आपके काम की प्रशंसा करेंगे। पुराने मित्र का मिलाप होगा। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। आप की उत्तरोत्तर उन्नति होगी। शत्रु भी आपकी और मित्रता का हाथ बढ़ाने के लिए लालायित रहेंगे। लाभ की स्थिति रहेगी। तारीख 20, 21 को समय सही नहीं है दिल के मामले में धोखा खा सकते हैं। जिंदगी काम के दबाव के कारण दोयम रहेगी। आप घर और काम के बीच फंस जाएंगे। आपका समय व्यर्थ के कामों में व्यतीत होगा। 22 और 23 को समय अति बलवान रहेगा। लेनदेन संबंधी कार्य निपटाएंगे। प्रेम प्रसंगों में सफलता की प्राप्ति होगी।

 

24 मई से 31 मई तक

दिनांक 24 और 25 को मानसिक शांति रहेगी। किसी भी शुभ कार्य की शुरुआत के लिए यह समय शुभ है। इस समय कोई विशेष प्रकार का हुनर एवं तकनीकी कला हासिल कर सकते हैं। प्रतियोगी परीक्षा या इंटरव्यू आदि में सफलता की प्राप्ति होगी। 26 और 27 को धनदायक दिवस रहेगा। आपकी आय बढ़ेगी, बोनस मिलेगा। भाइयों में आपसी सौहार्दता बढ़ेगी। आपका भाग्योदय होगा। आप स्वयं को आत्मविश्वास और शक्ति से लबालब और दुनिया के शिखर पर महसूस करेंगे जिससे आपको लगेगा कि आप कोई भी कदम गलत नहीं उठा सकते हैं। 28 और 29 को समय अनिष्टकारी रहेगा। आप खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे। कुछ नकारात्मकता हावी रहेगी। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। सावधानी अपेक्षित रहेगी। 30, 31 को समय ज्ञानवर्धक रहेगा। लाभ की स्थिति बनेगी।

जून 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, शनि मकर राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति चंद्रमा कुंभ राशि का सिस्टम भाव में, सूर्य राहु वृषभ राशि का नवम भाव में, मंगल, शुक्र, बुध, मिथुन राशि का दशम भाव में चलायमान है।

 

1 जून से 7 जून तक

दिनांक 1, 2 और 3 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। इस समय आप नहीं संपत्ति की खरीद करेंगे। आप अध्यात्मा गूढ़ रहस्य, धर्म और स्वयं के प्रति आकर्षित होंगे। आप शांत मूड में रहेंगे। पारिवारिक जिंदगी एवं घरेलू चीजें प्राथमिकता पर होंगी। 4 और 5 को मिश्रित फलों की प्राप्ति होगी। आप पर मौसम की मार रहेगी। आप सहयोग एवं आपसी मेल की भावना से काम करेंगे। आपका ध्यान एक तरफ घर दूसरी तरफ पैसा कमाने में रहेगा। दोनों तरफ ध्यान बटेगा। आप अपने सारे शौक पूरे करेंगे। 6 और 7 को आपके साथ कोई दुर्घटना घटित हो सकती है। आपकी कहीं आलोचना या निंदा हो सकती है। कानूनी मसले उलझंेंगे। जीवन में आनंद समाप्त हो जाएगा।

 

8 जून से 15 जून तक

8 से 10 के मध्य आप अपने काम में व्यस्त रहेंगे यात्रा होगी जो कि सुखद और धन दायक रहेगी यह समय पुनर्गठन पुनर्विचार और बदलाव का रहेगा घर में सजावट का सामान आएगा आप खुद को मुक्त महसूस करेंगे 11, 12 और 13 को सरकार से संबंधित कार्य गति पकड़ेंगे विरोधियों के स्वर नीचे रहेंगे तथा राजनीति एवं न्यायालय में सफलता प्राप्त होगी जमीन से संबंधित कार्यों में सफलता प्राप्त होगी आए बेहतरीन होगी एवं कार्य में सहयोग भी प्राप्त होगा संतान से सुख प्राप्त होगा एवं विरोधी परास्त होंगे 14, 15 को शुभद समय है। रोजगार के अवसर सुलभ होंगे। अपने प्रयत्नों में कमी बिल्कुल भी ना आने दें। क्योंकि आगे प्रतियोगिताओं में सफलता के लिए मेहनत की जरूरत पड़ेगी। अब तक जो भी निवेश आपने किए हैं। उनमें आशातीत लाभ होगा।

 

16 जून से 23 जून तक

दिनांक 16 और 17 को परेशानी भरा समय रहेगा। आप पर कोई इल्जाम या लांछन लग सकता है। विश्वासघात एवं षड्यंत्र की संभावना है। आपकी कोई प्रिय या रोजमर्रा की वस्तुओं चोरी हो सकती है या गुम हो सकती है या कोई उपकरण खराब हो सकता है। आपका दैनिक कार्यक्रम बदल सकता है, जिससे सारा शेड्यूल गड़बड़ा सकता है। 18 और 19 को सम्मुख चंद्रमा स्थितियों में सुधार आएगा। आप पहले से अधिक सिद्धांत वादी एवं व्यापक दृष्टिकोण रखेंगे। किसी संत महापुरुष या प्रेरक व्यक्ति से मुलाकात होगी व आशीर्वाद प्राप्त होगा। परीक्षा परिणाम को लेकर मन में शंकाएं विद्यमान रहेगी। 20 और 21 को मानसिक रूप से आप शांत चित्त रहेंगे। आप व्यापार को आगे बढ़ाने के लिए कार्य योजना बनाएंगे। 22 और 23 को समय धनप्रदायक रहेगा आय बढ़ेगी।

 

24 जून से 30 जून तक

दिनांक 24 को आधा दिन सुखद रहेगा। आप तरक्की के पथ पर अग्रसर होंगे 24 की दोपहर से 26 की शाम तक का समय सही नहीं रहेगा। आपके साथ कोई हादसा हो सकता है। विरोधी हर काम में कमियां निकालने की कोशिश करेंगे। मेहमानों की आवाजाही बनी रहेगी। दिनांक 24 को आधा दिन सुखद रहेगा। आप तरक्की के पथ पर अग्रसर होंगे। 24 की दोपहर से 26 की शान तक का समय सही नहीं रहेगा। आपके साथ कोई हादसा हो सकता। है विरोधी हर काम में कमियां निकालने की कोशिश करेंगे। मेहमानों की आवाज आई बनी रहेगी।झूठ बोलकर मुश्किल में पड़ जाएंगे। 26 की शाम से 28 के मध्य समय अनुकूल रहेगा। साझेदारी में लाभ होगा। बढ़ते दायित्व ओके बावजूद आप परिवार के साथ समय व्यतीत करेंगे। संपर्क और संवाद के लिए यह समय उत्तम है। 29 और 30 को समय उत्तम संपत्ति दायक रहेगा। इस समय आप अपने परिवार के साथ रहेंगे और उनकी जरूरतों को पूरा करेंगे। लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करनी पड़ेगी।

जुलाई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, शनि मकर राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा मीन राशि का सप्तम भाव में, राहु, बुध, वृषभ राशि का नवम भाव में, सूर्य मिथुन राशि का दशम भाव में, मंगल, शुक्र कर्क राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 जुलाई से 7 जुलाई तक

दिनांक 1, 2 को सप्तम अस्त चंद्रमा सुख शांति दायक रहेगा। आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा। नई पहचान मिलेगी। नई जिम्मेदारी आने से व्यस्तता बढ़ेगी। शांत रहते हुए कार्य करेंगे।3,4 व 5 को आधा दिन खराब व्यतीत होगा। प्रॉपर्टी संबंधी मामले अधर झूल में लटक सकते हैं। लक्ष्य प्राप्ति के लिए मेहनत करनी पड़ेगी। रिश्तो में कड़वाहट का भाव रहेगा। काम का दबाव रहेगा। विद्यार्थी वर्ग को सही या मनपसंद स्कूल कॉलेज या विषय नहीं मिलने से मन उदास होगा। 6 और 7 को काम करने का समय है। अधूरे काम इस समय पूरे होंगे। आप स्वयं की एवं बच्चों की जरूरतों को इस समय पूरा करेंगे। नौकरी में तरक्की के योग हैं। मानसिक प्रतिभा उभर कर आएगी। आप अति आत्मविश्वास से भरपूर रहेंगे। जमीन जायदाद के मामले सुलझएंगे।

 

8 जुलाई से 15 जुलाई तक

दिनांक 8 से 10 के मध्य का समय बहुत ही शानदार रहेगा। प्रिय जन से उपहार पाकर खुशी होगी। विद्यार्थी सही दिशा में प्रयास करें तो सफलता मिलेगी। वैवाहिक संबंधों में मधुरता बढ़ेगी। कार्यस्थल पर जवाबदेही बढ़ेगी। लाभदाई सौदे हाथ आ सकते हैं। अध्ययन व अनुसंधान में सफलता मिलेगी। 13 से 15 के मध्य चिंता की स्थिति बनेगी। कहीं से अशुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। आप चोटिल हो सकते हैं। सावधानी बरतें अन्यथा कोई बड़ी हानि हो सकती है। आत्मविश्वास में कमी आएगी। आप जीवन में दीर्घकालिक स्थायित्व चाहेंगे जो कि मिलेगा नहीं। 15 की शाम से राहत भरा समय रहेगा।

 

16 जुलाई से 23 जुलाई तक

दिनांक 16,17 को समय सफलता दायक एवं धन प्रदायक रहेगा। आप अपनी जिम्मेदारियों को निभाएंगे तथा रिश्तेदारों से मधुर संबंध भी रखेंगे। आपको नया प्रोजेक्ट मिलेगा। मनोवांछित इच्छा की पूर्ति होगी। 18 और 19 को समय सामान्य रहेगा। आप भविष्य को ध्यान में रखते हुए जमीन जायदाद खरीद या बेच सकते हैं। धन की आवक बनी रहेगी। आप में गजब का साहस रहेगा। हालांकि भावनात्मक तौर पर आपको प्रिय जनों से प्रेम और स्नेह की जरूरत महसूस होगी। 20 और 21 को आधा दिन शानदार फलों को देने वाला रहेगा। यात्रा उत्सव शौक पूरे करने का समय रहेगा। ससुराल पक्ष से लाभ मिलेगा। 22 और 23 को कलाकारी समय रहेगा गुस्सा खूब आएगा।

 

24 जुलाई से 31 जुलाई तक

दिनांक 24 और 25 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। सारे कार्य समय पर पूर्ण होंगे। समय रहते आप रोजगार संबंधी कार्य पूरा कर लेंगे। आप ईश्वरीय आराधना एवं भक्ति में लीन रहेंगे। लोक कल्याण, समाज सेवा एवं परमार्थ के कार्यों में धन खर्च करेंगे। 26 और 27 को प्रोग्रेसिव दिवस रहेगा। आप महत्वपूर्ण कार्यों को पहले निपटाएंगे बाद पर नहीं छोड़ेंगे। कार्यस्थल पर जवाबदेही बढ़ेगी। आप मनोरंजन, मनोमंथन करेंगे। 28, 29 और 30 को आधा दिन शांति दायक रहेगा। आप में धैर्य एवं सहनशक्ति रहेगी। जिससे आप सभी के चहेते बनेंगे। आप खरीददारी करेंगे आप इस समय आराम करेंगे 30 की दोपहर से 31 के मध्य समय चिंता दायक रहेगा। आपको किसी की अंतिम यात्रा में शामिल होना पड़ सकता है। वैराग्य की भावना मन में आएगी।

अगस्त 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, शनि मकर राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का षष्टम भाव में, चंद्रमा मेष राशि का अष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम भाव में, सूर्य, बुध कर्क राशि का ग्यारहवें भाव में, मंगल शुक्र सिंह राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

1 अगस्त से 7 अगस्त तक 1 को सावधान रहते हुए कार्य करें। पढ़ाई में रुकावटओं का सामना करना पड़ सकता है। व्यर्थ के तर्क वितर्क में समय नष्ट होगा। 2, 3 व 4 को आधा दिन अच्छा व्यतीत होगा। जीवन साथी का पूरा सहयोग एवं भावात्मक संबल मिलेगा। आपके विचार कार्य रूप में परिणित हो जाएंगे। आप की कार्य योजना सफल होगी। व्यावहारिक जीवन में बदलाव नई उम्मीदें लंबे समय तक स्थायीत्व लेकर आएगा। अपने अनुभवों से प्रेरणा लेकर आप एक सुंदर भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे। उदारवादी दृष्टिकोण एवं लचीले रुख के कारण नए-नए लोगों को आप अपने व्यापार से जोड़ देंगे। 4 की दोपहर से 7 के मध्य समय सर्वलाभकारी दिवस रहेगा। आय के स्त्रोतों में वृद्धि होगी आप ओवरटाइम करेंगे।

8 अगस्त से 15 अगस्त तक दिनांक 8 व 9 को आधा दिन मिश्रित फल सूचक रहेगा। आपकी रचनात्मक क्षमता मुख्य रहेगी जिसे आप सर्जनात्मक रूप देंगे। युवाओं एवं युवा दिल वालों से बातचीत कार्यक्षेत्र में श्रेष्ठ फल देगी। आपका विद्रोहीपन या विद्रोह की इच्छा आप को आगे आने से रोकेगी। आप में 9 की दोपहर से 11 की सायं तक आत्मविश्वास एवं हिम्मत की कमी आएगी। आप परिवार की अत्यधिक चिंता करेंगे। आप भ्रमित रहेंगे। लक्ष्यों को हासिल कर पाना मुश्किल होगा। अतः आपको लक्ष्यों का पुनः मूल्यांकन करना होगा। मौज मस्ती के चलते आप शरीर पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। 11 की शाम से 13 के मध्य समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। आप में फिर से हिम्मत आत्मविश्वास और आशा का संचार होगा। आप पार्टी आदि की भाग दौड़ में रहेंगे। जिससे अपने चहेतों पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। 14 और 15 को देश भक्ति के रंग में रंगेंगे। आप सेवा भाव से काम करेंगे।

16 अगस्त से 23 अगस्त तक दिनांक 16, 17 को धनदायक समय रहेगा। आपको आपके काम और योगिता का पुरस्कार मिलेगा। काम के क्षेत्र में नई योजनाएं परियोजनाएं बनेंगी एवं उस पर आप अमल भी करेंगे। 18 और 19 को अचानक चिंता की स्थिति बनेगी। आपकी समस्या कोई सुनने को तैयार नहीं होगा, जिससे आपकी परेशानी बढ़ जाएगी आपके प्रयास और मेहनत का नतीजा निष्फल जाएगा। जोखिम भरे कार्यों को फिलहाल ना करें। यात्रा टालें। जहां तक हो सके शांत रहें। 20 और 21 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। कठिन परिश्रम से कार्यों में सफलता के योग हैं। शारीरिक रूप से सक्षम रहेंगे। स्वयं का ध्यान रखें और स्वास्थ्य के प्रति सावधान रहें। 22 और 23 को आप हर योजना के लिए खुद को फिट महसूस करेंगे।

24 अगस्त से 31 अगस्त तक दिनांक 24, 25 और 26 को सप्तमस्त चंद्रमा सुख शांति दायक रहेगा। संतोष शांति सद्भाव यह सब आपके पास रहेंगे। इसकी झलक आपके काम जिंदगी निजी एवं दांपत्य जीवन में साफ दिखेगी।आपकी हिम्मत और साहस बना रहेगा। 27, 28 और 29 को कष्ट सूचक तारीखें रहेगी। अभिभावक नाराज होंगे। व्यक्तिगत लाभ के कार्यों में अपने अहम को आने ना आने दें अन्यथा बनता हुआ काम बिगड़ सकता है। आपको विवाद मुकदमा आदि का भी सामना करना पड़ सकता है। 30, 31 को सरकार से जुड़े कार्य संपन्न होंगे। आपकी आय में बढ़ोतरी होना तय है। आप कार्यों में ईमानदारी रखेंगे। आपको सफलता मिलेगी। लोक कल्याणकारी कार्य आपको आकर्षित करेंगे।

सितंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में बुध शुक्र कन्या राशि का लग्न में, केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में शनि मकर राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का षष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का दशम भाव में, सूर्य मंगल सिंह राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 सितंबर से 7 सितंबर तक

दिनांक 1 को समय खराब रहेगा। आप समय के अनुसार चलेंगे तो ही जीत में रहेंगे अन्यथा परेशानी रहेगी। 2 और 3 को पूरा दिन अच्छा रहेगा। इस समय आपकी लोकप्रियता चरम पर रहेगी। घर में मांगलिक कार्यक्रमों में व्यस्त रह सकते हैं। रुके कार्य गति पकड़ेंगे। सारे तनाव खत्म होंगे। दिमाग में शांति का अनुभव करेंगे। आप ऐशो आराम की वस्तुओं पर खर्च करेंगे। 4 और 5 को स्पष्ट नजरिया आंतरिक भव्यता और सच्चे ज्ञान से साक्षात्कार होगा। आपकी प्रतिष्ठा बढ़ेगी। मानवी और कल्याणकारी कार्यों में भाग लेकर आप लोगों के सामने एक नए रूप में आएंगे। आप को उपहार की प्राप्ति होगी। आप स्वयं के लिए वक्त निकालेंगे। 6 और 7 को समय की चाल विपरीत रहेगी। पेट से संबंधित रोग परेशान करेंगे। समय रहते डॉक्टर से चेकअप करवा लें।

 

8 सितंबर से 15 सितंबर तक

8 और 9 को मित्रों का सहयोग मिलेगा। भाग्योदय के अवसर मिलेंगे। स्वास्थ्य का पाया उत्तम रहेगा। आप खुले दिल से दूसरों के सुझावों का स्वागत करेंगे। कारोबारी विस्तार की संभावना है। 10 और 11 को मानसिक संतोष कारी समय रहेगा। कार्य में गति थोड़ी मंदिर आ सकती है। सहकर्मी मदद करेंगे। कार्यस्थल पर आप की छवि निखरेगी। आय व्यय में तालमेल बनाकर चलें। वित्तीय मामलों को गंभीरता से नहीं निपटाएंगे। यात्रा पर जा सकते हैं। 12 और 13 को धन प्रदायक दिवस रहेगा। सामूहिक कार्यों में सब की सलाह से लिया गया फैसला लाभदाई रहेगा। पैसों की आवक रहेगी। सहयोगियों की समस्या धैर्य से निपटाएंगे। जोखिम उठाने से बचें। 14 और 15 को समय अनुकूल नहीं है। मन में किसी अनहोनी की आशंका बनी रहेगी। जल्दबाजी में कोई फैसला ना लें। पछताने की बजाय आगे की सोचे। राह में अड़चनें आ सकती है जिससे आप परेशान हो उठेंगे।

 

16 सितंबर से 23 सितंबर तक

दिनांक 16, 17, 18 को समय अच्छा आ जाएगा। नौकरी कर रहे लोगों को उचित पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति होगी। आकस्मिक लाभ के अवसर मिलेंगे। आय के नए स्रोत खुलेंगे। आपकी ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी। आपका आध्यात्मिक विचार पक्ष बेहद समृद्ध होगा। आप प्रार्थना, पाठ, चिंतन, मनन की ओर मुड़ेंगे। मानसिक शांति एवं आंतरिक खुशी मिलेगी। आप दुखियों जरूरतमंदों एवं निराशा में पड़े लोगों को सहायता एवं दिलासा प्रदान करेंगे। 19 और 20 को उत्तम संपत्ति की प्राप्ति होगी। आप खूब उपलब्धियां हासिल करेंगे। पारिवारिक मामले सुलझाएंगे। आप स्वयं के साथ न्याय करेंगे। 21 और 22 को सुखद समय व्यतीत होगा। ऐशो आराम की चीजें जुटाएंगे। आपके दिमाग में घर एवं बच्चे महत्वपूर्ण रहेंगे। आप रोमांस आदि में रहेंगे। आपकी जीवनचर्या 23 को थोड़ी अस्त व्यस्त रह सकती है। आपको धरातल नजर आएगा।

 

24 सितंबर से 30 सितंबर तक

24 और 25 को समय खराब है। आप का कड़ा रुख लोगों को अखरेगा। घरेलू मामलों में बाहरी दखल से बात बिगड़ सकती है। आकस्मिक खर्च संभव है। कर्ज उधारी के चलते तनाव बढ़ सकता है। 26 और 27 को समय सही आएगा। आप का महत्व बढ़ जाएगा। सहायता एवं सेवा करने की अपनी तीव्र इच्छा के भाव में अपने स्वास्थ्य की अनदेखी न करें और खान-पान का ध्यान रखें। आसपास के लोगों से प्रेम भाव बढ़ेगा। आप मनोरंजन भी करेंगे। 28 से 30 के मध्य का समय बहुत अच्छा रहेगा। आपके मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। आपके किए गए कार्यों की सराहना होगी। आप इस समय कोई बड़ा काम करेंगे। आपको पैसा कमाएंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत होगा। चारों तरफ आनंद ही आनंद होगा। आप में पूर्ण सहनशक्ति का भाव रहेगा।

अक्टूबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में सूर्य मंगल कन्या राशि का लग्न में, बुध शुक्र तुला राशि का द्वितीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का पंचम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम चभाव में, चंद्रमा कर्क राशि का 11 वे भाव में चलायमान है।

 

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक

दिनांक 1 और 2 को सर्व लाभकारी समय है। कहीं से खुश खबर प्राप्त होगी। आप बचत कर पाएंगे। आपके मित्र आपका सहयोग करेंगे। परिवार समाज और प्रियजनों के बीच आप आनंद महसूस करेंगे। गाड़ी, वाहन, भूमि की खरीदारी कर सकते हैं। आप खुश रहेंगे। 3 और 4 को आप धोखे का शिकार हो सकते हैं। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पूर्व ध्यान से पढ़ें। प्रतियोगी परीक्षा में अच्छा परफॉर्मेंस नहीं कर पाएंगे। समय विपरीत फल प्रद रहेगा। 5, 6 और 7 को समय अनुकूल आ जाएगा। करीबी से घनिष्ठता बढ़ेगी। सामाजिक मेलजोल बढ़ेगा। आय के स्रोतों में वृद्धि होगी। आपको व्यापारिक यात्रा फायदा देगी आपको मेहनत के सकारात्मक परिणाम मिलेंगे। अतिरिक्त आय की प्राप्ति होगी। आपके पैरेंट्स आपके पथ प्रदर्शक बनेंगे। रोमांस के अवसर मिलेंगे। खरीद बिक्री नवीनीकरण होगा। धन संबंधी मामले गति पकड़ेंगे।

 

8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक

दिनांक 8 और 9 को सामान्य फलप्रद समय रहेगा। बड़ी उम्र के लोगों के प्रति आपकी जिम्मेदारी बढ़ जाएगी। जीवन की गाड़ी पटरी पर दौड़ेगी। आप आध्यात्म और पराभौतिक मसलों में रुचि ले सकते हैं। आप किसी चीज के प्रति जबरदस्त आकर्षण महसूस कर सकते हैं। 10 और 11 को आधा दिन बहुत शानदार व्यतीत होगा। आर्थिक मसलों में की गई पहल का लाभ मिलेगा। आप का रुख बदला रहेगा खुशियों का संदेश आएगा। आपकी स्थिति पहले से काफी अच्छी रहेगी। 11 की दोपहर से 13 की शाम तक समय खराब रहेगा। आपका किसी से झगड़ा हो सकता है। आपकी मुलाकात विचित्र लोगों से होगी। जिससे की परेशानी रहेगी। वाहन की समय-समय पर जांच करवाते रहें, अन्यथा चलते चलते वाहन खड़ा हो जाएगा या रुक जाएगा। आप किसी मुकदमेबाजी में फंस सकते हैं। 14 और 15 को समय ज्ञानवर्धक रहेगा।

 

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक

16 और 17 को समय सुखदायक शांति दायक एवं ज्ञान को बढ़ाने वाला रहेगा। आपको प्रेम प्रसंग में सफलता मिलेगी। प्रचार संबंधी अपनी गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। 18 से 20 के मध्य समय अच्छा रहेगा। आपको मन में सुखद अनुभव मिलेंगे। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। आपने जिंदगी से ज्यादा पाने, शिखर पर पहुंच जाने की तीव्र इच्छा होगी और आप कुछ हद तक सफल भी रहेंगे। पारिवारिक मेलजोल बढ़ेगा। लोगों की उम्मीदें आपसे बढ़ जाएंगी और आप उस पर खरा उतरेंगे। 21 और 22 को अष्टमस्त चंद्रमा घातक रहेगा। नौकरी में समस्या रहेगी। आपकी कार्य करने की क्षमता में कमी आ सकती है, जिसका खामियाजा आप को भुगतना पड़ सकता है। सिर दर्द की समस्या रहेगी। 23 को सरकारी काम गति पकड़ेंगे। मित्र का अचानक मुंह फेर लेना आश्चर्य में डाल देगा। फिर भी आप चैकाने रहेंगे।

 

24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक

दिनांक 24 और 25 को आप अति उत्साह से परिपूर्ण रहेंगे। आप अपने सहयोगियों से प्रसन्न रहेंगे। परिवार में एवं ऑफिस में सुखद वातावरण रहेगा। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। अटके कार्य गति पकड़ेंगे। दांपत्य जीवन में रस गुलेगा। 26 और 27 को मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। व्यापार को आगे बढ़ाएंगे। आपकी नए नए लोगों से पहचान होगी। भाग्य का सितारा प्रबल होकर रुके कार्य को गति प्रदान करेगा। हाईवे की मिश्रित स्थिति रहेगी। 28, 29 और 30 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। बड़े बुजुर्गों की सेवा सुश्रुता में लगे रहेंगे। आपकी पहचान समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के तौर पर होगी। किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई बात जो की बड़ी अहम होगी वह आपको मालूम पड़ेगी। 31 को घर का माहौल और शांतिपूर्ण रहेगा। बेवजह बहस या छींटाकशी हो सकती है।

नवंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में बुध कन्या राशि का लग्न में, सूर्य मंगल तुला राशि का द्वितीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, शुक्र धनु राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का पंचम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम भाव में, चंद्रमा सिंह राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 नवंबर से 7 नवंबर तक

1 को आधा दिन कोई जनों से भरा रहेगा। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। 1 की शाम से 3 तक समय सुधरेगा। दैनिक कार्य सरलता एवं सुगमता से संपन्न हो जाएंगे। दूरदराज स्थित लोगों से संपर्क बनाएंगे। आप में आत्मविश्वास कूट कूट कर भरा होगा। आपके घर में नवीन कार्य होंगे। घर में रंग रोगन या सुधार करवाएंगे। समय सुख देने वाला होगा। 4 और 5 को पैसों का आगमन तो होगा किंतु जितनी तीव्रता से आएगा उतनी ही तीव्रता से चला भी जाएगा। कार्य योजनाएं खूब बनेगी। जीवन को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। आप व्यायाम योग आदि के लिए स्वयं को फिट रखेंगे। 6 और 7 को मानसिक रूप से स्वयं को चिंता मुक्त महसूस करेंगे। संबंधों में परस्पर सहयोग की भावना से मजबूती आएगी। आप अपने निजी प्रयासों से सफलता हासिल करेंगे।

 

8 नवंबर से 15 नवंबर तक दिनांक 8 और 9 को चतुर्थ चंद्रमा कष्टप्रद रहेगा। घर और बच्चों की बेहतरी आपकी चिंता का कारण होगा। जीने के लिए दवाइयों का सहारा लेना पड़ सकता है। घर या ससुराल में किसी का स्वास्थ्य चिंता का कारण बन सकता है। नौकरी में डांट फटकार खानी पड़ सकती है। मौसमी बीमारी का प्रकोप रहेगा। 10 और 11 को विद्यार्थी वर्ग में तल्लीन रहेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। अपनी मधुर वाणी से आप सब को वश में कर लेंगे। मेहमानों का आगमन होगा। भागीदार एवं पार्टनर से रिश्ता और संबंधों में सुधार आएगा। कई समस्याएं आसानी से सुलझ जाएंगी ।12, 13 और 14 को घर को सजाने संवारने में गृहिणीयां महारत हासिल करेंगी। सुख सुविधाओं की प्राप्ति होगी। आप अपनी प्रतिभा के दम पर कार्य को अंजाम देंगे। 15 को सुकून भरी सांस लेंगे। सारी बाधाएं खत्म होंगी।

 

16 नवंबर से 23 नवंबर तक

दिनांक 16 को दोपहर तक आप क्रियात्मक मूड में रहेंगे किंतु 9 को दोपहर बाद से 18 तक का समय कष्ट सूचक रहेगा। या यूं कहें कि बना बनाया काम भी बिगड़ सकता है। भावनाओं में व उद्वेग में स्वयं का ही नुकसान कर बैठेंगे। फालतू की चिंता बनी रहेगी। कार्यों में विलंब होगा। 19, 21 के मध्य समय की चाल पक्ष में आ जाएगी। अपने निजी सपनों और महत्वाकांक्षाओं के लिए प्रयत्न करने का समय है। विवाह सगाई जैसे कार्यक्रमों की तैयारियों में लगे रहेंगे। 22 और 23 को सभी आपकी पर्सनैलिटी की तारीफ करेंगे। परिवार के लोग प्रसन्न रहेंगे। मनोहर मनोरंजन के लिए फिल्म, गेम्स का सहारा लेंगे। आप अपने प्रोफेशन में डूब सकते हैं। पुरस्कार, भत्ते, बोनस, धन आगमन के योग हैं। जल्दबाजी कर के आप सारा कार्य समय पर पूरा कर लेंगे।

 

24 नवंबर से 30 नवंबर तक

दिनांक 24 से 26 के मध्य समय अच्छा रहेगा। कहीं से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। कहीं से अच्छा लाभ प्राप्त होगा। किसी प्रेरणास्पद व्यक्ति से मुलाकात करेंगे। जीवनसाथी से प्रेम बढ़ेगा। 27 और 28 को चिंताकारी, हानिकारक समय रहेगा। जहां भी जाएंगे निराशा हाथ लगेगी। कुछ समय के लिए आप हताश एवं निराश हो जाएंगे। बहुत अधिक व्यस्तता के कारण स्वयं को थका हुआ महसूस करेंगे। आप स्वयं को लाचार एवं दोराहे पर खड़ा पाएंगे।  29 और 30 को समय में सुधार आएगा। सपनों की दुनिया को छोड़ कर वास्तविक दुनिया में आएंगे। किसी भी काम को पूरा करके ही दम लेंगे। किंतु किसी चीज की ज्यादा चाह परेशानी ही देती है। अतः सावधानी एवं धैर्य से कार्य करें। कहीं होटल, रेस्तरां में भोजन का लुफ्त उठाएंगे।

दिसंबर 2021

ग्रह स्थिति

आरंभ में चंद्रमा कन्या राशि का लग्न में, मंगल तुला राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य बुध केतु वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, शुक्र धनु राशि का चतुर्थ भाव में, शनि मकर राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का षष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का नवम भाव में चलायमान है।

 

1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक

दिनांक 1 और 2 को चंद्र मंगल की युति हो रही है अतः धन प्राप्ति की दिशा में काम होगा। मित्रों का सहयोग मिलेगा। व्यापारिक योजना की शुरुआत हो सकती है। आपको सुझाव एवं सलाह काम के मिलेंगे। 3 और 4 को तृतीय भावस्थ चंद्रमा अच्छा रहेगा। आप सफलता की सीढ़ी चलेंगे। प्रेम संबंधों में सफलता मिलेगी। आपको उपहार की प्राप्ति होगी। आर्थिक योजनाएं सफल होंगी। आप राहत की सांस लेंगे। यह समय आपके लिए सर्वांगीण उन्नति दायक साबित होगा। आप नवीन कार्य की रूपरेखा तैयार करेंगे। 5 और 6 को समय अच्छा नहीं है। पुराने रोग भर सकते हैं। सामाजिक प्रतिष्ठा में फर्क पड़ेगा। आपकी आलोचना होगी। आप लक्ष्य से भटक सकते हैं। आपको कटु सत्य का सामना करना पड़ सकता है। धन संबंधी मामलों में आपको किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह की जरूरत पड़ेगी। 7 को समय ठीक है।

 

8 दिसंबर से 15 दिसंबर तक

दिनांक 8 और 9 को दस्तावेजी काम महत्वपूर्ण होंगे। सौदेबाजी में नरमी ना दिखाएं। आपको परेशानियों और तनाव से छुटकारा मिल जाएगा। आप सकारात्मक रवैये तथा पूरी उम्मीद के साथ आगे बढ़ेंगे। 10 और 11 को आपको सत्ता, प्रतिष्ठा, पद और भत्ता सभी कुछ मिलेगा। प्रेम और विवाह के मोर्चे पर भी स्थितियां आपके अनुकूल रहेंगे। आप खुद पर ध्यान देंगे। 12 और 13 को सप्तमस्त चंद्रमा आपको खुशियां देगा। आप अपनी सभी जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को कुछ इस तरह अंजाम देंगे कि वह मिसाल बन जाएंगी। आप की तबीयत खराब हो सकती है। चक्कर की स्थिति रहेगी ।

 

16 दिसंबर से 23 दिसंबर तक

दिनांक 16 को समय ठीक नहीं है। आपको अन्य चीजों को छोड़कर आर्थिक मसलों पर ध्यान देना होगा। निवेश और फंड आदि के मामलों में सावधानी बरतना बेहतर होगा। साथ ही आपको जीवन से जुड़ी जिम्मेदारियों को भी निपटाना पड़ेगा। 17 और 18 को आप थकान के शिकार होंगे। निकटता हासिल करने के लिए आप परिवार और प्रिय जनों की शरण में जाएंगे। साथ ही आप शिक्षा शोध विज्ञान और ज्ञान हासिल करने के लिए नए क्षेत्रों में गंभीरता तथा ईमानदारी से प्रयास करेंगे। आप समान विचारों तथा गंभीर लोगों से संपर्क बनाएंगे। 19, 20 और 21 को मान बढ़ेगा। आपका अध्यात्म की तरफ झुकाव बढ़ जाएगा। आप ध्यान और प्रार्थना में दिलचस्पी लेंगे। यह समय एक्शन से भरपूर होगा। 22 और 23 को यात्रा होगी।

 

24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक

दिनांक 24, 25 और 26 को आधा दिन ठीक नहीं है। वैवाहिक सुख में कमी आएगी। काम से ध्यान भटकेगा। आपकी राह में बाधाएं आ सकती है। विद्यार्थी वर्ग पढ़ाई से विचलित होंगे। अपनी आदतों में सुधार करें। 26 की दोपहर से 28 के मध्य समय शानदार है। आप घर की मरम्मत या पुनर्निर्माण कर सकते हैं। आपका कोई बड़ा कार्य सफल होगा। आपको काम करने में खुशी की प्राप्ति होगी। जीवनसाथी से प्रेम भाव बढ़ेगा। प्रिय जनों से प्रसन्नता मिलेगी। 29 और 30 को घर और दफ्तर में शांति और सहयोग मिलेगा। आप एकदम अलग अंदाज में खुद को बुलंदियों पर महसूस करेंगे। आप स्वयं को तनावमुक्त महसूस करेंगे तथा मुक्त महसूस करेंगे। 31 धनदायक समय रहेगा। पैसों की प्राप्ति होगी आपकी पदोन्नति या उन्नति हो सकती है। बोनस मिलेगा। वर्ष का अंत अच्छा रहेगा।

 

कन्या राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण

कन्या राशि के प्रथम पद में जन्म लेने वाले जातक का मकान दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा वाले राजमार्ग पर होगा। मकान की खुली जगह पश्चिम दिशा में होगी। पास में ही नारियल का वृक्ष या मंदिर होगा। मकान में पूर्व दिशा की ओर झरना अथवा तालाब होगा। वही छोटी झाड़ियां एवं अनेक प्रकार के पौधे होंगे।

 

द्वितीय चरण

कन्या राशि के द्वितीय पाद में जन्मे व्यक्ति के मकान का राजमार्ग दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होगा। मकान की खुली जगह पूर्व दिशा की ओर होगी। मकान में कन्या राशि वाले स्थान पर विष्णु मंदिर और मिथुन, धनु या मकर राशि वाले स्थान पर मां काली का मंदिर होगा।

 

तृतीय चरण

कन्या राशि के तृतीय पाद में जन्म लेने वाले व्यक्ति के मकान के आगे का राजमार्ग पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की ओर होगा। खुली जगह दिशा उत्तर में होगी। मकान में मेष मिथुन राशि वाले स्थान पर नटराज का मंदिर होगा तथा ग्रह देवता के रूप में पुरुष देवता की पूजा होगी।

 

चतुर्थ चरण

कन्या राशि के चतुर्थ पाद में जन्म लेने वाले व्यक्ति के मकान का राजमार्ग दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होगा। मकान की खुली जगह पूर्व दिशा में होगी। राजमार्ग में मोड़ होगा। गृहस्वामी की माता के 3 चाचा एवं 2 चाचियां होंगी। घर के चारो और सब्जियां और पौधे होंगे। ग्रह देवता के रूप में शक्ति प्रदान देवी की पूजा होगी।

कन्या राशि और शनि

                 ऊँ शन्नो देवीरभिष्टभ आपो भवन्तु पीतये

                       शय्योरभि स्रवन्तु नः।

अर्थात् देदीप्यमान जल (जल रुप शनि देव) हमारे पान के लिए (पीने के लिए) सुख रूप हो तथा रोगों का नाश करें।

ब्रह्मांड में शनि को सबसे रहस्यमय एवं चर्चित ग्रह माना गया है। नीलवर्ण के शनिदेव भगवान सूर्य तथा छाया (सुवर्णा) के पुत्र हैं। बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह है। ज्योतिष में इन्हें न्याय का देवता कहा गया है। यह व्यक्ति को उसके किए का दंड देते हैं। अनुकूल दशा, अंतर्दशा में व्यक्ति ने जो दुराचार, अनाचार, पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है, तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा, शनि की साढ़ेसाती व ढैया में मिल जाता है।

                      शनि की साढ़ेसाती व ढैया

किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि के दूसरे भाग में गोचर वर्ष परिभ्रमण करता है तो शनि की ’साढ़ेसाती’ कहलाती है। यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे 7 वर्ष चलती है। इसमें व्यक्ति को भयंकर दुख उठाना पड़ता है। शनि की गोचर व स्थिति आपकी राशि से चैथे एवं आठवें भाव में होने से शनि की ’ढैया’ कहलाती है। साढ़ेसाती का प्रभाव साडे 7 वर्ष तक एवं ढैयाका प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है। शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है। अतः तीनों राशियों में साढे 7 साल तक रहेगा। शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी दृष्टि कहलाती है। स्वयं की राशि में होने पर उसका भोग कहलाती है। शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक शनि की ’लात’ कहलाती है। शनि की दृष्टि में जातक मानसिक तनाव को भोगता है। यात्राएं व्यर्थ की खूब होती है। कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है। भोग में शनि व्यक्ति की आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है। वही लात में शनि उदर विकार, पैरों एवं धन को लेकर संघर्ष करवाता है। साथ ही कमर के नीचे के रोग भी देता है।

 

सन् 2021 में कन्या राशि का शनि पर प्रभाव

कन्या राशि के व्यक्तिायों को इस साल एक के बाद एक उपलब्धियां हासिल होंगी। व्यापार में लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा, वहीं घर-परिवार में कोई आयोजन, समारोह या अवसर की स्थिति बन सकती है। इस साल दिल की बजाय दिमाग से फैसले लेने की जरुरत है। भावुकता में आकर आप कोई गलत निर्णय ले सकते हैं। इस वर्ष वर्षपर्यंत शनि महाराज आपकी राशि में पंचम स्थान में गतिशील रहेंगे। आपका अधिकतम समय घर-परिवार व अपनों के साथ बीतेगा। शनि की सप्तम स्थान, लाभ स्थान तथा धन भाव पर दृष्टि है। अतः कभी-कभार पति-पत्नी में हल्के-फुल्के वैचारिक मतभेदों की स्थिति रहेगी। धन की आई-चलाई रहेगी। पैसे की आवक होगी परंतु धन का संचय नहीं हो पाएगा। पैसा आने से पहले जाने का रास्ता भी सुलभ होगा। दीर्घकालिक रोगों में आराम आयेगा। भागीदारी से सम्बन्धित कार्य वाले अपनी आखें और कान खुले रखें। नौकरी में पदोन्नति व इन्क्रीमेन्ट का योग बना हुआ है। इस वर्ष चल-अचल सम्पत्ति की खरीद के योग बने हुए हैं। मौसमी बीमारियों से इस वर्ष सावधान रहें। संतान से सम्बन्धित शुभ समाचारों की स्थिति रहेगी। बड़े-बुजुर्गों, माता-पिता के स्वास्थ्य का जरुर ध्यान रखें।

             शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत, मंत्र, रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं। शास्त्र कहता है-

             ’औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह, नक्षत्र, तारिका।

             भाग्य भवेत सिद्धि, अभाग्यं निष्फल भवेत।।

सबसे पहले औषध, उसके बाद मणि और तत्पश्चात् मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है।

रत्न (मणि) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न (नीली), त्रिलोह (सोना,चांदी,तांबा) की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर पहनें।
  2. शनि मंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में पैन्डेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्म है।

धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोडे की नाल या समुद्री नाव की कील में लोहे की अंगूठी बनाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार या शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें। शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें।
  2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुलि) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है। यह ’शनि मुद्रिका’कभी किसी को नुकसान नहीं करती। प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से भी अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्र चिकित्सा

किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं। शनि का तंत्रोक्त मंत्र निम्नलिखित है- ’ऊँ प्रां प्रीं सः श्नैश्चराय नमः।।’

व्रत-उपवास

शनिवार का व्रत रखें। इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें।

दान

शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य ही करना चाहिए।

  1. कीडी, नगरा सींचे। चींटियों को भोजन कराएं।
  2. काल कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल, चरण पादुका (जूते), काला वस्त्र, मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए।

             शनि की पीडा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें।
  3. शनि मंदिर में शनि की मुर्ति पर तिल का तेल चढाएं।
  4. शनि भगवान के सामने खडे रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खडे रहकर दर्शन करें, जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पडे।
  5. शनि न्याय के देवता हैं, अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें, जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है।

 

 

 

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This Post Has 13 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    Kanya Rashi Hath me dhan
    Very nice information

  2. Kailash vats

    कन्या राशि का विस्तृत वर्णन

  3. Narendra Pachare

    Kanya rashi ki jankari mili sir
    Swami budh
    Tatwa pruthvi
    Disha dakshin
    Very useful sir

  4. Sitaram Keshri

    कन्या राशि
    स्वामी – बुध , दिशा – दक्षिण , जाति – वैश्य , अनुकूल रत्न – पन्ना , अनुकूल रंग -हरा , अनुकूल देवता – गणपति । महत्वपूर्ण जानकारी है।

  5. Udit shreemal

    Thanx

  6. Geetanjali

    Great sir 🙏

  7. GANESH BHOPE GURUJI

    Kanya rashi ke bare me samaj aaya

  8. Pranali_B

    Kanya Rashi ka swbhav pta chla ganpati ko 108 durva chdana hai
    Sadesati kb suru hoti hai lgti hai pata chla

  9. Abhi mai kanya rashi ke baare me bistrit pada, iski grahki stithi, aur is barsh kaisa jayega kanya rashi walo ki ye bhi jankari hasil kiya yaha par

  10. Manish Chakraborty

    Done sir

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