कर्क राशि

Table of Contents

कर्क राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – कर्क
  2. राशि चिन्ह     – केकड़ा
  3. राशि स्वामी     – चंद्रमा
  4. राशि तत्व – जल तत्व
  5. राशि स्वरुप     – चर
  6. राशि दिशा     – उत्तर
  7. राशि लिंग व गुण     – स्त्री सतोगुणी
  8. राशि जाति     – ब्राह्मण
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, कफ प्रकृति
  10. राशि का अंग – छाती, सीना
  11. राशि का रत्न – मोती
  12. राशि का उपरत्न – चंद्रकांत मणि
  13. अनुकूल रंग     – सफेद, क्रीम
  14. शुभ दिवस     – सोमवार
  15. अनुकूल देवता     – शिवजी
  16. व्रत, उपवास – सोमवार
  17. अनुकूल अंक – 2
  18. अनुकूल तारीखें     – 2/11/20/29
  19. मित्र राशियां – वृश्चिक, मीन, तुला
  20. शत्रु राशियां     – मेंष, सिंह, धनु, मिथुन, मकर, कुंभ
  21. व्यक्तित्व – अध्ययनप्रिय, जलप्रिय, कुशल प्रबंधक, भावुक
  22. सकारात्मक तथ्य – कल्पनाशील, योजनाएं बनाने वाला, वफादार
  23. नकारात्मक तथ्य     – सदा बीमार, अक्षमाशील, द्वेषी

कर्क राशि की चारित्रिक विशेषताएं

कर्क राशि का स्वामि चंद्रमा हैं। कर्क लग्न का जातक चंद्रमा से प्रभावित होते हैं। चंद्रमा स्वयं चंचल  हैं। अतः ऐसा व्यक्ति चंचल स्वभाव का होता हैं। सहनशीलता की कमी रहेगी।भीतर से कुछ और तथा बाहर से कुछ और होता हैं। ऐसा व्यक्ति पूर्ण स्थायी होता हैं। आत्मप्रशंसा अर्थात खुद की प्रशंसा सुनना पसंद करता हैं।

    चंद्रमा एक शितल, सौम्य एवं शुभ गृह है। चंद्रमा का सबसे ज्यादा असर मनः स्थिति पर देखा गया हैं। अतः इस राशि  वाले स्त्री पुरुष प्रायः अत्यधिक भावुक व भावनाप्रद विचारों से ओत- प्रोत पाए जाते हैं। लम्बा कद, दुसरो के प्रति  दया व प्रेम की विशेष भावना एवं जीवन मे निरन्तर आगे बढ़ने की तीव्र लालसा  इनकी निजी विशेषता हैं।

  सामन्यतया कर्क राशि मे उतपन्न जातक शान्त प्रवति के होते है तथा अपने कार्यकलापो को वे दृढ़तापूर्वक सम्पन्न करते हैं। इनमे भावुकता का भाव भी विधमान रहता है तथा प्रेम एवं स्नेह के क्षेत्र में ये निश्छलता का प्रदर्शन करते हैं। जीवन मे भौतिक सुख- संसाधनों को ये स्वपरिश्रम तथा पराक्रम से अर्जित करने में समर्थ रहते हैं तथा सुखपूर्वक इनका उपभोग करते हैं। साथ ही इनमे समाज सेवा या देश सेवा की भावना भी रहती हैं। अन्य जनो की आंतरिक भावनाओ को समझने में ये दक्ष होते है तथा राजनीतिक या सरकारी क्षेत्र में किसी सम्मानित पद को प्राप्त करके मान -प्रतिष्ठा एवं प्रशिद्धि अर्जित करते हैं।

      अतः इनके प्रभाव से आप एक बुद्धिमान पुरुष होंगे तथा अपने सांसारिक शुभ एवं महत्वपूर्ण कार्यो को  बुद्धिमता एवं परिश्रम से सम्पन्न  करेंगे तथा इनमें आपको प्रायः सफलता प्राप्त होगी, जिससे आपका उन्नति मार्ग प्रशस्त रहेगा। साथ ही समाज मे यथोचित आदर एवं सम्मान प्राप्त करेंगे।आर्थिक रूप से आप सुदृढ़ रहेंगे तथा प्रचुर मात्रा में धनार्जन होता रहेगा।

       जीवन में आपको उतार- चढ़ाव का सामना करना पड़ेगा, परन्तु समस्त समस्याओं का सामना तथा समाधान आप दृढ़तापूर्वक करेंगे तथा अनुकूल प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे। आपका व्यक्तित्व आकर्षक होंगा, फलतः अन्य जन आपसे प्रभावित होंगे। श्रेष्ठ एवं उत्कृष्ठ कार्यो को करने में आपकी रुचि रहेगी तथा प्रयत्नपूर्वक इनको करने के लिए तत्पर रहेंगे।

  आप मे कर्तव्यपरायणता का भाव भी विधमान रहेगा तथा समाज एवं देश के प्रति अपने कर्तव्यों का ईमानदारी से पालन करेंगे। सरकारी क्षेत्र या राजनीति में आपको सफलता मिकेगी तथा किसी उच्च पद को प्राप्त करने में समर्थ होंगे।

  धर्म के प्रति आपकी श्रद्धा रहेगी, परन्तु धार्मिक कार्य- कलाप या अनुष्ठान अल्प मात्रा में ही सम्पन्न करेंगे। प्रकृति के प्रति आकर्षक रहेगा तथा समय- समय पर आप इन स्थानों पर भ्रमण करने जाते रहेंगे। संगीत एवं कला के प्रति भी आपका आकर्षण रहेगा तथा इस क्षेत्र में आपका योगदान भी रहेगा। मित्रोंके मध्य आप सम्मानीय रहेंगे तथा उनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग की प्राप्ति होगी, साथ ही वे गुणवान तथा शिक्षित भी होंगे। इस प्रकार आप कर्तव्यपरायण, दृढ़प्रतिज्ञ, मित्र- प्रेमी तथा पराक्रमी पुरुष होंगे एवं जीवन मे परिश्रमपूर्वक धनैश्वर्य एवं वैभव अर्जित करके प्रसन्न्तापूर्वक अपना समय व्यतीत करेंगे।

   कर्क राशि ‘जल तत्व’ प्रधान हैं। इसलिए ऐसा व्यक्ति घूमने व तैरने का शौकीन होता है। चंद्रमा की चांदनी इनको  बहुत पसंद होती है और इनकी कल्पना शक्ति बहुत तीव्र होती हैं। ये अच्छे लेखक, सुन्दर कवि, दार्शनिक तथा उच्चकोटि के साहित्यकार व भविष्यवक्ता हो सकते हैं।

     चंद्रमा की धवल कांतिमय किरणों का रंग ‘मोतियों ‘ सदृश  आंका गया है। अतः उसका रंग ‘मोती’ आपके लिए अत्यधिक अनुकूल माना गया हैं। ‘श्वेत रंग’ प्रिय होने से ऐसे व्यक्ति, सीमेंट कारखाने तथा भवन निर्माण इत्यादि कार्यो व कपड़ा संबन्धी कार्यो में सफल होते देखे गए हैं।

  यह एक जलीय राशि है, इसलिए इस राशि वाले व्यक्ति खेती के कार्य( Agriculture) व यांत्रिक मशीनरी वस्तुओ में रुचि लेते हुए पाए गए हैं। सरकारी अतिष्ठानो में ऐसे व्यक्ति जल सम्बंधी कार्यो में दक्ष पाए गए हैं।

  यह स्त्री संज्ञक राशि हैं। इसलिए इसकी प्रकृति मानसिक अवस्था मे इतनी चंचलता रहती है कि ये सबसे एक -सा व्यवहार नही कर पाते, इनमे धार्मिक प्रवृतियां भी पाई जाती हैं। अगर जरा सा भी विपरीत कार्य हो जाए या कुछ संकट आ जाए, तो ये विचलित हो उठते हैं। स्त्रियों के समान बातचीत के शौकीन होते हुए आप शीघ्र आवेश में आ जाते हैं, परन्तु शांत भी शीघ्र हो जाते हैं। अपने मृदुल स्वभाव के कारण मित्रो से नुकसान में रहते हैं। अत्यधिक भावुकता आपके लिए घातक हैं।

 कर्क राशि वाले प्रायः गोरे वर्ण व धवल कांति वाले होते है। यदि आपका जन्म कर्क राशि के अंतर्गत ‘ पुनर्वसु नक्षत्र’ के चतुर्थ चरण ( ही अक्षर) में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा के अंतर्गत हुआ है। आपकी योनि- मार्जर, गण- देव, वर्ण- विप्र, हंसक- जल, नाड़ी-आद्य, पाया चांदी एवं वर्ग-मेढ़ा हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला व्यक्ति क्रय-विक्रय से बहुत धन कमाता है तथा इनके दांत बहुत ही मजबूत व सुन्दर होते हैं।

  यदि आपका जन्म कर्क राशि के अंतर्गत ‘पुष्य नक्षत्र’ ( हू, हे, हो, डा) में हुआ है, तो आपका जन्म 19 वर्ष की शनि की महादशा में हुआ है। । आपकी योनि- मेढ़ा, गण- देव, वर्ण- विप्र, हंसक- जल, नाड़ी-मध्य, पाया -चांदी, इस नक्षत्रके प्रारम्भिक तीन चरण का वर्ग और अंतिम चरण का वर्ग -श्वान हैं।  पुष्य नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति धर्म ध्वज, विविध कलाओ के ज्ञाता, दयालु, परोपकारी एवं समाज के अग्रणीय व्यक्ति होते हैं।

  यदि आपका जन्म कर्क राशि के अन्तर्गत ‘आश्लेषा नक्षत्र’ (डी , डू , डे ,डो ) में हुआ है, तो आपका जन्म 17 वर्ष की बुध महादशा में हुआ हैं। । आपकी योनि- मार्जर, गण- राक्षस, वर्ण- विप्र, हंसक- जल, नाड़ी-आद्य, पाया चांदी एवं वर्ग-श्वान हैं। इस नक्षत्र का अधिदेवता सर्प हैं। ऐसे व्यक्ति शीघ्र क्रोधित व उत्तेजित हो जाते हैं।

  आपका राशि चिह्न ‘केकड़ा’ स्वजाति का शत्रु होता है तथा इसकी पकड़ बहुत मज़बूत होती हैं, तो आपके कुटुम्ब वाले व्यक्तियों में आपकी इतनी प्रतिष्ठा नही रहेगी, जितनी अन्य जाती, सामाजिक संगठनों व मित्रो में होगी।

 उपाय :-  आपका राशि स्वामी चंद्रमा हैं। अतः ‘ चंद्र यंत्र ‘में मोती या चन्द्रकांत मणि जड़वा कर प्राण- प्रतिष्ठित व अभिमंत्रित कर गले मे धारण करें। सोमवार का व्रत करे। शिव चालीसा का पाठ करें। रोज़ाना किसी शिवलिंग को जल चढ़ाकर उसका ‘ निर्माल्य ‘ अपने शरीर पर छींटे। सोमवार के दिन चीनी या चावल 1 मुट्ठी भर 11 सोमवार तक नियमित रूप से दें। यदि बार – बार काम मे रुकावट या बाधा आ रही है, लाख प्रयास करने पर भी परिणाम नकारात्मक हैं, तो 5 1/4 रत्ती का ‘ मोती ‘ +5 1/4 रत्ती का ‘ चन्द्रकांत मणि’ ‘बिस यंत्र’ में जड़वाकर अभिमन्त्रित कर गले मे धारण करें। सोमवार का व्रत करना भी लाभप्रद हैं। 

 

     सन 2021 में कर्क राशि का वार्षिक भविष्यफल

  यह वर्ष कर्क राशि के जातकों के लिए उपलब्धियों से परिपूर्ण वर्ष रहेगा। हर क्षेत्र में आपको उपलब्धियां प्राप्त होगी। वर्षारम्भ में आपकी राशि का स्वामी चंद्रमा आपकी राशि में ही स्थित है, जो शुभ संकेत हैं। इस वर्ष पिछले कई समय से रुके हुए काम निर्बाध रूप से गति पकड़ेंगे। गजकेसरी योग के फलस्वरूप धन आगम का स्रोत व मार्ग भी प्रशस्त होगा। शत्रु व विरोधी लाख चाहकर भी आपका कुछ नही कर पायेंगे। स्वास्थ्य में हल्की – फुल्की छोटी- मोटी समस्या पेश आ सकती है। गुरु उच्च की दृष्टि से आपकी राशि को देख रहे हैं, स्वास्थ्य में गम्भीर व घातक परेशानी नही हो पायेगी। फिर भी ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हाइपरटेंशन, पेट से सम्बन्धित व्याधि जैसी बीमारियों में जांच करवाते रहें। इस वर्ष शारीरिक व्यायाम, योग, प्राणायाम, आयुर्वेद व निरंतर औषधी के प्रयोग से आप इन बीमारियों के दुष्प्रभाव को कम कर सकेंगे। वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियों, आयुर्वेद, योग, होम्योपैथी, प्राकृतिक चिकित्सा, एक्यूपंक्चर जैसी चीजों पर आपका विश्वास रहेगा। व्यापार में उतरी हुई अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने के लिए आप खूब प्रयास करेंगे, काफ़ी हद तक उसमे आपको सफलता भी मिलेगी।  नौकरी में आप नवीन संभावना व नए अवसरों की खोज में रहेंगे। काफी हद तक आप उसमे सफल भी होंगे।

 इस वर्ष आपको नौकरी में अपने काम को गम्भीरता से लेना चाहिए, लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते है। नौकरी, करियर व आजीविका में लक्ष्यों को पूरा करने का दबाव बना रहेगा। स्वगृही चंद्रमा वर्षारंभ में आपको महत्त्वकांक्षी बनायेगा, परन्तु महत्त्वकांशाओ को पूरा करने के लिए आपको भरपूर परिश्रम करना पड़ेगा। पंचमेश मंगल इस वर्ष दशम स्थान में स्वगृही है। अतः विद्याध्यन में आपकी पूरी रुचि  व समर्पण रहेगा। काफी हद तक उसमे सफलता भी मिलेगी काम- काज में विस्तार की योजना जो काफी लम्बे समय से लम्बित चल रही थी, गति पकड़ेगी। टैक्स से जुड़ी या अन्य सरकार से जुड़ी हुई परेशानी इस वर्ष मैं देख देख पा रहा हूं। अपने अनुचित व दो नम्बर के कार्यों को फिलहाल बंद कर दें, अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं। व्यापार में भी उधार पर नियंत्रण रखें, आपका पैसा कहीं न कहीं फंस सकता है। महिलाओं से विपरीत लिंगियों से दूरी बनाकर रखें, अन्यथा 11 मई से 29 सितम्बर के मध्य कोई कलंक या जूठा आरोप लग सकता हैं। इस समय शनि वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे। अतः शत्रु व विरोधी सक्रिय रहेंगे, आपके विरुद्ध कोई गुप्त योजना या षड़्यंत्र रच सकते हैं। जहां तक पारिवारिक सम्बन्धो की बात हैं, इस वर्ष पिता- पुत्र में कभी – कभार हल्के- फुल्के वैचारिक मतभेद हो सकते हैं। पति- पत्नी एक दूसरे के साथ तालमेल व सामंजस्य बिठाकर रखेंगें, परन्तु सप्तम स्थान में बृहस्पति+ शनि के योग के कारण जीवनसाथी का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता हैं। कोर्ट -केस व सरकारी मामले जो चले आ रहे थे, उसमे स्थितियां आपके पक्ष में बनेंगी। बॉस व अधिकारियों से इस वर्ष आपके रिश्ते प्रगाढ़ होंगे। योग्यता व  काबिलियत के मामले में आप ऊंचे पायदान पर रहेंगे, परन्तु प्रतिफल इतने ठोस फिलहाल मिल नही पायेंगे। इस वर्ष चल – अचल सम्पति की खरीद- फरोख्त के योग बने हुए है, परन्तु कागजाद को भली प्रकार से चैक करले। विभागीय परीक्षा, नौकरी से सम्बन्धित प्रतियोगी परीक्षा, करियर ओरियेंटेड कोर्स में सफलता मिल सकती हैं। आत्मविशवास व मनोबल के बल पर आप जीवन मे बड़े से बड़ा मुकाम हासिल कर लेंगे।

सन 2021 में कर्क राशि का साप्ताहिक भविष्यफल

  जनवरी 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में चंद्रमा कर्क राशि का लग्न में, केतु + शुक्र वृश्चिक राशि का पंचम भाव में, सूर्य+ बुध धनु राशि का षष्टम भाव में, बृहस्पति + शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, मंगल मेष राशि का दशम भाव मे, राहु वृषभ राशि का ग्याहरवे भाव मे चलायमान हैं।

 1 जनवरी से 7 जनवरी तक :- वर्ष 2021 के प्रथम मास का प्रथम सप्ताह आपके लिए खुशियां, राहत, पैसा व कीर्तिदायक रहेगा। 1,2 को चंद्रमा आपकी स्वयं की राशि मे चलायमान होने से आप उत्तम स्वास्थ्य प्राप्त करेंगे। साथ ही आपको हर कार्य मे सफलता की प्राप्ति भी होगी। भौतिक सुख- सुविधाओं की प्राप्ति करेंगे। 3, 4 को आप मानसिक रूप से ऊर्जान्वित महसूस करेंगे। आप अपनी समस्या को पूरी तरह धैर्य और समझदारी से सुलजा लेंगे। बच्चो के साथ शानदार समय व्यतीत करेंगे। आप इस समय अपने रिश्तेदारों , पड़ोसियों के साथ सम्बन्धो को मधुर बनाएंगे। आपमे दृढ़ इच्छा शक्ति के चलते सब कार्य आसानी से पूरे हो जाएंगे। 5,6 को समय पूर्णतया अनुकूल आएगा। मेहनत का पूरा पूरा लाभ मिलेगा। आप पैसा कमाने में आगे निकल जाएंगे। 7 को स्थिति चिन्तासप्रद रह सकती हैं। आप परेशान होंगे।

  8 जनवरी से 15 जनवरी तक :- दिनांक 8 को समय ठीक नही हैं। स्वास्थ्य संबंधी समस्या आ सकती हैं। और सम्भवतः अस्पताल भी जाना पड़ सकता हैं। पिता पुत्र में छोटी – मोटी अनबन होंगी। 9 से 11 के मध्य का समय पढ़ाई कर रहे जातको के लिए बहुत बढ़िया समय हैं। वे इसका पूरा – पूरा लाभ लेंगे। परिवार में आपसी समझ रहेगी।  कार्यस्थल पर मनमाफिक माहौल मिलने से आप अपना काम अच्छे से कर पाएंगे। युवा वर्ग अपने जोश में अच्छे कार्यो का बीड़ा उठाएंगे, चाहे कितनी भी मेहनत लगे वे काम को पूरा करके ही दम लेंगे। 12,13 को समय अच्छा है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे जातको के लिए यह समय सफलता प्राप्त करने का हैं। कार्यो के उत्तम नतीजे प्राप्त होंगे। 14,15 को आर्थिक लाभ होगा। समय आराम और मनोरंजन से भरपूर होगा। कहि दान, धर्म, पूण्य जैसे कार्यो को पूरा करेंगे।

 16 जनवरी से 23 जनवरी तक :- दिनांक 16,17 को कस्टसूचक तारीखे रहेगी। आपमे धैर्य की कमी रहेगी, जिससे आप उग्र हो जाएंगे। साथ ही आपमे साहस व हिम्मत की भी कमी रहेगी, जिससे आप  कार्य पूरे नही के पाएंगे और आप परेशान रहेंगे। आय में कमी आएगी। 18, 19, 20 को समय सरकारी विजय सूचक रहेगा। आपको यह एहसास हो जाएगा कि प्रियजन या परिवार के सदस्य आपके साथ रहेंगे। आप सहज रहते हुए अपने कार्यस्थल पर कार्यशैली में बदलाव करेंगें। आप नवीन कार्यो को सम्पन्न करेंगे। तथा नवीन वस्तु की खरीदारी करेंगे। आप कुछ विशेष मुद्दों पर विचार- विमर्श करेंगे, साथ ही कुछ ज्वलन्त मुद्दों का हल भी ढूंढेंगे। 21,22 को कार्यो में गति आएगी। किसी पार्टी आदि में जीत हासिल करेंगे। 23 को मान – सम्मान की वृद्धि होगी।

 24 जनवरी से 31 जनवरी तक :- दिनांक 24, 25 को आधा दिन बढ़िया  व्यतीत होंगा। वैवाहिक समारोह में शिरकत करेंगे। किसी महत्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात आगे चलकर फायदा देगी। चिंताओं में राहत मिलेगी। 25 की शाम से 287 के मध्य कोई इलेक्ट्रिक आयटम खराब हो सकता हैं या कोई प्रिय वस्तु गम हो सकती हैं। अपनी वाणी पर संयम रखें, अन्यथा खुद के बोल स्वयं के लिए नुकसानप्रद हो सकते है। 28, 29 को समय अनुकूल आ जाएगा। आपको उपहार स्वरूप कोई महंगी वस्तु प्राप्त होगी। स्कूल, कॉलेज या ऑफिस में सहपाठी या सहकर्मी मददगार साबित होंगे। आप हर कार्य प्रसन्नचित रहते हुए करेंगे। 30,31 को समय सन्तोषकारी रहेगा। जरूरतमंद की मदद करेंगे। जीवन की गाड़ी रफ्तार पकड़ेगी।

 

फरवरी 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में चंद्रमा कन्या राशि का तृतीय भाव में, केतू वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शुक्र  + सूर्य + बृहस्पति + शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बुध कुम्भ राशि का अष्टम भाव मे, मंगल मेष राशि का दशम भाव मे, राहु वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव मे चलायमान हैं।

 1 फरवरी से 7 फरवरी तक :- 1,2, 3 को आधा दिन धनदायक रहेगा। कहीं से शुभ समाचारो की प्राप्ति सम्भव हैं। आप खुलकर खर्च करेंगे। आप जिंदगी का भरपूर लुत्फ उठाएंगे। मित्र की सलाह आपके काम आएगी। 3 की दोपहर से 5 के मध्य समय खराब आ जाएगा। आपको परेशानी उठानी पड़ सकती हैं। आपका अपमान भी हो सकता हैं। किसी अधिकारी से कहासुनी हो जाएगी। बात इतनी बढ़ जाएगी कि आप इसमे अपना व्यक्तिगत नुकसान कर बैठेंगे। धन के आवक में भी कमी आएगी। मित्र भी एक बरगी मुँह फेर लेंगे। प्रॉपर्टी संबंधी मामलो में भी बाधा आ सकती हैं। अपनी बात को सही साबित करने के लिये जोर लगाना पड़ सकता हैं। 6,7 को समय अनुकूल रहेगा। नए सौदे कारोबार में विस्तार में सहायक होंगे। साझेदारी में लाभ सम्भव है, किंतु थोड़ा सावधान रहकर कार्य करना पड़ेगा। हर किसी पर विश्वास ना करें।

8 फरवरी से 15 फरवरी तक :- दिनांक 8,9 को उत्तम सम्पति दायक समय रहेगा। मित्रो की सुख – सुविधा का पूरा ध्यान रखेंगे। आप घर या ऑफिस में आवश्यक बदलाव कर सकते हैं । समय के अनुरूप खुद को बदलेंगे। कार्यक्षेत्र में  आपके प्रदर्शन में सुधार होगा। 10,11 को आप जो भी कम हाथ मे लेंगे उसमे सफलता मिलेगी। आपका मनमौजी रवैया सामने वाले को अखरेगा। अधिकारियों से मेलजोल तरक्की में सहायक रहेगा। आप हर तरह के माहौल के लिए तैयार रहेंगे। सोच- समझकर लाभदायी योजना में पूंजी निवेश करेंगे। व्यापारिक सौदे कारोबारी विस्तार में सहायक हो सकते हैं। 12, 13, 14 को समय अच्छा नही है। अधिकारी आपकी कमियां ढूंढने की कोशिश करेंगे। खर्च की अधिकता रहेगी। व्यर्थ के कामो में धन बर्बाद होगा। लेन – देन का आरोप लग सकता हैं। व्यस्तता के कारण काम सही ढंग से नही कर पाएंगे। छोटी – मोटी बाते, करीबी रिश्तो में दूरियां लाएगी। 15 को आप मांगलिक कार्यो में व्यस्त रह सकते है।

 16 फरवरी से 23 फरवरी तक :- 16 को सरकारी विजयसूचक दिवस रहेगा। कोर्ट – कचहरी के कार्यो में आपकी जीत संभव है। विवादास्पद मामलो से दूर रहे, राहत मिलेगी। 17, 18, 19 को समय सुखदायक हैं। आत्मविशवास के साथ अपना कार्य करे, लाभ मिलेगा। विरोधियो की साजिश का समय रहते पता चलने से बड़ी मुश्किल से बच सकते हैं। समजिक मान- प्रतिष्ठा बढ़ेगी। युवाओ को कार्यक्षेत्र में बेहतर परिणाम मिलने के आसार हैं। मतभेद दूर करने के लिए आप परिवार में लोगो से मेल- जोल बढाएंगे। नई – नई योजनाए बनेगी। 20, 21 को आकस्मिक लाभ के अवसर मिलेंगे। महत्वपूर्ण कार्य होंगे व यात्राएं भी होंगी। प्रॉपर्टी के क्रय – विक्रय में लाभ की पूरी सम्भावना हैं। किसी भी किसी भी कार्य को देख -परखकर करेंगे। अटका धन वसूल होगा। 22, 23 को समय सही नही हैं। मांगलिक कार्यक्रम या कोई सगाई आदि स्तगीत होने या टूटने की सम्भावना है। निराशा होगी।

 24 फरवरी से 28 फरवरी तक :- दिनांक 24, 25, 26 को समय अनुकूल होगा। कार्यक्षेत्र में नई जिम्मेदारी आ सकती हैं। काम को टालने की जगह आप तुरन्त प्रभाव से पूरा करेंगे। विद्यार्थी वर्ग अपनी पढ़ाई पर पूरा फोकस करेंगे। आप इस समय हर किसी से हर संभव मदद लेंगे। 27, 28 को मिश्रित फलकारक रहेगा। आप अपनी दैनिक जरूरतों की पूर्ति कर लेंगे। कार्य सामान्य गति से आगे बढ़ेंगे। आप अपनी सोच को दुसरो पर ना थोपे, अन्यथा परिणाम घातक होगें।

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य :- इस वर्ष शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। स्वास्थ्य सम्बन्धी कोई बड़ी गम्भीर व घातक बीमारी की स्थिति नही रहेगी। 6 अप्रैल तक गुरु मकर राशि में है। अतः मौसमी बीमारियों की स्थिति रह सकती हैं। सर्दी, खासी, जुखाम, पेट दर्द, बुखार आदि से परेशानी रहेगी। 6 अप्रैल के उपरांत बृहस्पति गोचर वश आठवें स्थान में आकर स्वास्थ्य सुख में बढ़ोतरी करेंगे। हालांकि घर के वरिष्ठ सदस्य बड़े- बुजुर्ग के स्वास्थ्य को लेकर आपको बार- बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते है। यात्रा में शादी, विवाह आदि में खान – पान का विशेष ध्यान रखे। अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखे। योग, व्यायाम, प्राणायाम, ध्यान जैसी चीजों को अपनी दिनचर्या का अंग बन ले।

 

व्यापार, व्यवसाय व धन :- इस वर्ष आपको व्यापार में धन प्राप्त तो होगा, परन्तु पैसा पास टिक नही पायेगा, पैसा आने से पहले जाने का रास्ता भी तैयार रहेगा। व्यापार में विस्तार की योजना कार्यरूप में परिणीत होगी। आर्थिक सफलताओ का योग इस वर्ष आरम्भ हो रहा हैं। व्यापार व काम- काज में आप नई तकनीक, हुनर व मशीनरी का उपयोग करके उत्पादन को बढ़ा देंगे, उत्पादकता तो बढ़ जायेगी, परंतु गुणवत्ता के साथ समझौता नही करें। बुद्धिमत्ता, होशियारी व विवेक से कोई निर्णय लेकर व्यापार में आप कोई बड़ा अनुबन्धन या करार कर सकते हैं। कर्मचारियों व भागीदार की गतिविधि व व्यवहार सन्दिग्ध रहेगा। जहां तक धन की बात है। इस वर्ष मकान, भूमि, भवन, फ्लेट आदि की खरीद का कार्यक्रम बन सकता हैं। सम्पति के रख- रखाव पर खर्चा होगा। पैतृक सम्पति को लेकर कुछ विचार और झंझट की स्थितियां बन सकती है। लेकिन आप अपनी समझदारी व सूझबूझ का उपयोग करके विवाद को सुलझा ही देंगे। आपकी राशि से सप्तम स्थान पर शनि की स्थिति हैं। अतः में आपको सलाह दूंगा की व्यक्तिगत जीवन और व्यावसायिक जीवन को एक दूसरे से अलग हि रखें। साहस के बलबूते पर आप बड़े से बड़ा कार्य निपटा सकते हैं। नौकरी में बॉस व अधिकारी की छोटी से छोटी बात को गम्भीरता से ले। लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं।

 

 घर -परिवार, संतान और रिश्तेदार :- रिश्तेदारों से इस वर्ष सहयोग मिलेगा। घर- परिवार का वातावरण भी खुशनुमा रहेगा। विवाह योग्य जातको के विवाह की बात चलेगी, हालांकि उस बातचीत में बात- बात पर व्यवधान आएंगे। रिश्तेदारों से मेल- मुलाकात व सम्पर्को के मामले में भी आगे रहेंगे। वर्ष पर्यंत केतु की स्थिति के कारण सन्तान को लेकर चिंता रहेगी, फिर वह चिंता चाहे उसके विद्याध्ययन को लेकर हो, उसके विवाह, करियर को लेकर हो। रिश्तेदार काफी हद तक आपसे ईर्ष्या व जलन का भाव रखेंगे। भाइयो से लेन – देन व सम्पत्ति सम्बन्धी विवाद हो सकता हैं। परिवार का कोई  वरिष्ठ सदस्य मध्यस्थता भी करेगा, परंतु बात जम नही पायेगा। 11 मई से 29 सितम्बर के मध्य शनि सप्तम स्थान में वक्र  होंगे, अतः आपका स्वस्थ्य को लेकर आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़  सकते हैं। पारिवारिक रिश्तो में किसी तीसरे व्यक्ति के कारण गलत फहमियों का जहर भी घुल सकता हैं।

विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियर :- पंचम भाव मे, वर्ष पर्यंत केतु की स्थिति पढ़ाई से आपका ध्यान भटकाएगी। इस वर्ष शुक्र भी वर्षारंभ में केतु के साथ हैं। अतः प्रमाद, आलस्य, प्रेम – प्रसंगों, हास – परिहास व मनोरंजन में अधिकतम समय व्यतीत होगा। इन सबसे विमुख होकर पूर्ण रूप से एकाग्रचित भाव से आपको लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में प्रयत्न करना चाहिये। लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए इस वर्ष और अधिक मेहनत व सकारात्मक प्रयास करने की आवश्यकता है। नौकरी में बॉस व अधिकारी आप पर मेहरबान रहेंगे। आप जमकर मेहनत करेंगे व छककर परिणाम भी प्राप्त होंगे। फेसबुक, व्हाट्सएप, ट्विटर जैसे शोशल मीडिया में पड़कर आप अपने अध्य्यन, करियर व नौकरी के साथ किसी भी प्रकार का  समझौता नही करे। पुस्तको को मित्र बनाए गलत लोगो व कुसंगति से दूर रहे। करियर में, नौकरी में नए अवसर, पदोन्नति आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। आवश्यकता हैं, उन्हें लेने की। आमदनी व आय में वृद्धि के संकेत मिल रहे हैं।  विभगिय परीक्षा नौकरी से सम्बन्धित परीक्षा का परिणाम अनुकूल आयेगा। तकनीक कानून व प्रशासनिक क्षेत्र, आर्थिक क्षेत्र, बैंकिंग आदि के लिए प्रयासरत विद्यार्थियों के लिए समय लाभप्रद हैं।

 

प्रेम- प्रसंग व मित्र :- इस वर्ष मित्रो के आप वक्त- बेवक्त काम आयेंगे। मित्रो के साथ आपका अधिकतम समय व्यतीत होगा। मित्र की हर जरूरत, हर संभव सहायता आप करेंगे। प्रेम – सम्बन्धो में सावधानी आवश्यक है। प्रेम सम्बन्ध आपकी बदनामी व अपयश का कारण बन सकते हैं। प्रेम प्रसंगों के उजागर होने का भी खतरा हैं। परिवार में भी तनाव का कारण बन सकते हैं। मित्रो की संख्या में लगातार वृद्धि होगी।

 

वाहन, खर्च व शुभकार्य :- नवीन वाहन प्राप्ति के योग इस वर्ष बने हुए हैं तथा वाहन मरम्मत, रख- रखाव आदि पर खर्च होगा। इस वर्ष के आरम्भ के चार माह में किसी शुभ व मांगलिक कार्य के योग बनेंगे। केतु की पंचमस्थ स्थिति, दशम स्थान में स्वगृही मंगल के कारण संतान पर  व्यय की स्थिति इस वर्ष बने हुए हैं। पैसो का संचय करे, यही पैसा आपके आगे चलकर जरूरत के वक्त काम आयेगा। किसी को रुपया उधार नही दे, अन्यथा निकलवाने में आपको काफी मशक्कत  करनी पड़ सकती हैं, जो पुराना उधार आपने दे रखा हैं, उसमे तकाजा करे, तो रुपया निकल सकता हैं, अस्पताल, दवाइयों  आदि पर भी खर्च के योग हैं।

 

 हानि,  कर्ज व अनहोनी :-  इस वर्ष हानि की संभावना नही है, परंतु विश्वासघात से जरूर आपको सावधान रहना चाहिए। विश्वास में विश्वासघात हो सकता हैं। इस वर्ष वाहन,  भूमि, भवन आदि के लिए ऋण लेने पड़ सकता हैं, परंतु इस वर्ष से आर्थिक रूप से कोई ज्यादा परेशानी नही रहेगी। इस वर्ष वाहन जरूर आपको  सावधानीपूर्वक चलाना चाहिए। गुप्त शत्रु व षडयंत्रो की हर हरकत, हर गतिविधि पर आप नजर रखें। शत्रुओ के कारण हानि हो सकती हैं। शत्रु किसी सरकारी विभाग में आपकी शिकायत कर सकते हैं। भूमि, प्लॉट आदि के कागजाद, सम्पत्ति के दस्तावेज में हेर – फेर हो सकती हैं। 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य गुरु के वकृत्व कार्य मे किसी रिश्तेदार से सम्बन्धित कोई अप्रिय समाचार मिल सकता हैं।

 

यात्राएं :- इस वर्ष राहु एकादश स्थान में होने के कारण यात्रओं पर काफी जोर रहेगा। काम – काज व व्यापार को लेकर इस साल खूब यात्राएं होगी। उन यात्राओं में आंशिक सफलता भी प्राप्त होगी।  6 अप्रैल से पूर्व मकर राशि में गुरु का परिभ्रमण कुछ धार्मिक यात्रओं की स्थिति भी रखेगा।

 

 उपाय :- चन्द्रयन्त्र में मोती या चन्द्रकांतमणि जड़वाकर प्राण – प्रतिष्ठित कर गले मे धारण करे। सोमवार का व्रत करें। शिवचालिसा का नियमित पाठ भी आपके भाग्य को चमकाएगा। शिवलिंग पर जल चठाएं तथा चठा हुआ जल ( निर्माल्य) शरीर पर छींटे। सोमवार के दिन 1 मुट्ठी चावल या 1 मुट्ठी चीनी 11 सोमवार तक नियमीत रूप से दान करे।

मार्च 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में चंद्रमा कन्या राशि का तृतीय भाव मे, केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, बृहस्पति + शनि + बुध मकर राशि का सप्तम भाव मे, सूर्य + शुक्र  कुम्भ राशि का अष्टम भाव मे, मंगल + राहु वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव मे चलायमान हैं।

1 मार्च से 7 मार्च तक :- दिनांक 1,2 को आधा दिन शानदार फलो को देने वाला होगा। आप नई योजनाओं को लेकर उत्साहित रहेंगे। कार्यस्थल पर व्यवस्था सुधारने के लिए कठोर फैसले लेने पड़ सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार रहेगा। अध्य्यन में बेहतर विकल्प मिलने के आसार है। 2 शाम से 4 के मध्य का समय ठीक नही हैं। आप किसी की कही बातो को दिल से लगा लेंगे जो कि आपके लिए नुकसानप्रद रहेगी। किसी कार्य को पूरा करवाने के लिए सिफारिश या रिशवत का सहारा लेंगे, जिससे मुसीबत में पड़ सकते है। लोग नीच ज़्क़

दिखाने की कोशिश करेंगे। घरेलू मामलो को स्वयं के स्तर पर ही सुलझा ले, अन्यथा बात बाहर जाएगी और दूसरों की दखलंदाजी से काम बिगड़ सकता हैं। 5,6 को समय अच्छा आ जाएगा। बच्चो की पढ़ाई पर दया दे पाएंगे। परीक्षा परिणाम मनोनुकूल रहेंगें। 7 को समय बहुत अच्छे तरीके से व्यतीत होगा। सारे कार्य समय पर पूरे होंगें।

8 मार्च से 15 मार्च तक :- दिनांक 8 को समय अनुकूल है। अध्ययनरत बच्चो के लिए अध्ययन से जुड़ी कोई बड़ी खुशखबर प्राप्त होगी। जरूरत के समय मित्रो का पूरा सहयोग करेंगे। जरूरतमंद की मदद करके खुश होंगे। मधुर व्यवहार से सबको अपना बना लेंगे। 9, 10,11 को समय की चाल पक्ष में रहेगी। रुके कार्य गति पकड़ेंगे। भावनात्मक संबंधो को वरीयता से व गम्भीरता से पूरे करेंगे। लोमकल्याण के कार्यो में बढ़ – बढ़कर हिस्सा लेंगे। महत्वपूर्ण मामलो में

सामूहिक फैसले लाभदायक रहेंगे। खानपान में सावधानी बरतेंगे। व्यापारिक योजना की शुरुआत हो सकती हैं। 12, 13 को समय ठीक नही है। धन की कमी के कारण कार्ययोजना बीच मे ही रोक सकते है। किसी समस्या से मानसिक तनाव बढ़ेगा। अपनो का व्यवहार मन को दुखी कर सकता है। 14, 15 को सरकारी मामले फायदा देंगे। प्रेम – प्रसंग सफल रहेंगे।

16 मार्च से 23 मार्च तक :- दिनांक 16, 17, 18 को मैन- प्रतिष्ठावर्धक दिवस रहेगा। कार्यक्षेत्र में आपकी भूमिका की सभी तारीफ करेंगे। संपर्क क्षेत्र बढ़ेगा। नौकरी में तरक्की को लेकर चल रहे प्रयासों में सफलता मिलेगी। अपने रवैये में सकारात्मक परिवर्तन लाएंगे। रिश्ते में चल रहा टकराव दूर होगा। 19, 20 को समय शुभ फलदायी रहेगा। छोटे- मोटे धार्मिक आयोजन व मांगलिक प्रसंग आपकी खुशी को चौगुना कर देंगे। सबसे मिल- जुलकर रहेंगे। कड़ी मेहनत व कठोर परिश्रम से आप वह सब कुछ प्राप्त करेंगे जिसकी आपने कभी तमन्ना की हो। मेहमानों का आगमन होगा व आप उनकी आवभगत में लगे रहेंगे। 21, 22, 23 को चिंताक़री समय रहेगा। खर्च की अधिकता रहेगी। बार – बार पढ़ाई में व्यवधान आएगा।लम्बी यात्रा को जहां तक हो सके टालें। पारिवारिक मसलो में अपनी राय व हस्तक्षेप नही करे, अन्यथा बैठे- बिठाए परेशानी मोल ले लेंगे। नए व्यवसाय में हस्तक्षेप या व्यवधान आएंगे। आप अभी शांति व धैर्य रखें।

 24 मार्च से 31 मार्च तक :- दिनांक 24, 25 को सफलता की प्राप्ति होगी। समय अच्छा है। आप दोगुने जोश व उत्साह से अपने कार्यो को सम्पादित करेंगे। नौकरी पेशा वाले लोग भी अपने काम को दोगुने जोश व उत्साह से करेंगे, जिससे आप अफसरों की निगाह में आएंगे व इसी कारण आपको आगे चलकर प्रमोशन या इन्क्रीमेण्ट मिल सकता है। 26, 27 को समय अच्छा रहेगा। किसी पुराने मित्र से मुलाकात रंग लाएगी। दाम्पत्य सम्बन्धो में मधुरता की स्थिति रहेगी। कार्य सफल होंगे। 28 ,29 को आर्थिक स्थिति सुदृढ होगी। पैसा आएगा व आप निवेश भी करेंगे और आधिकारिक लाभ की प्राप्ति करेंगे। घर – परिवार में सुखद वातावरण बनेगा। 30, 31 को समय विपरीत फलकारी हैं। आप जिद व आवेश में अपना बना बनाया खेल बिगाड़ सकते है। आप किसी से उलझ पड़ेंगे।

   अप्रैल 2021

 ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में चंद्रमा + केतु वृश्चिक राशि का पंचम भाव मे,  शनि + बृहस्पति मकर राशि का सप्तम भाव मे, सूर्य + बुध + शुक्र  मीन  राशि का नवम भाव मे, राहु + मंगल वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव मे चलायमान हैं।

 1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक :- मास का प्रथम सप्ताह बहुत बढ़िया व्यतीत होगा। 1, 2 को समय ज्ञानवर्द्धक रहेगा। आप सफलता के सभी पुराने रिकॉर्ड तोड़ने को आतुर दिखाई देंगे। जीत आपकी होगी। आप भाईचारे, आपसी सम्पर्क के जरिये अनुबन्ध करेंगे। 3, 4 को समय सम्पत्ति को बढ़ाने का रहेगा। सुखद पड़ावों के साथ कार्य की गति निर्बाध रूप से चलती रहेगी। आपकी सहज आशावादिता और आपका खुशमिजाज, व्यक्तित्व आपकी तरक्की में सहायक होगा। धन सम्बंधी मामलो में वृद्धि ओर विवेक से फैसला लेना होगा। भौतिक और आर्थिक लिहाज से आपको दयालु और सहयोगात्मक रवैया अपनाना पड़ेगा। आपको घर और बाहर दोनों जगह सहयोग मिलेगा। आप ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। आप बेहद व्यस्त रहेंगे। 5, 6, 7 को समय शांतिपूर्वक  तरीके से   व्यतीत होगा। पैसा कमाएंगे और अच्छे कामो में लगाएंगे। आपकी आय में वृद्धि होगी और सम्भावनाओ के नए द्वार खुलेंगे। 7 को शाम में समय खराब रहेगा।

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक :- दिनांक 8, 9 को समय नुकसानप्रद रहेगा। आप तनाव बैचेनी से घिर जाएंगे। फोन- कॉल्स पर कोई अशुभ समाचार प्राप्त होगा। समय व्यर्थ के कामो में व्यतीत होगा। कार्य अधूरे रह जाएंगे। संतान के किसी क्रिया- कलाप से दुःख होगा। किसी भी दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते वक्त ध्यान से पढ़े। चिंताओं का दौर रहेगा। आपके लिए समस्याएं आएंगी। आद्यात्मिक मसले आपको बैचेन के सकते है। 10, 11, 12 को समय बहुत अच्छा रहेगा। सफलता और उपलब्धियों की रफ्तार तेज होगी। आप परिवार के सदस्यों , बुजुर्गो, माता – पिता या सास – ससुर के करीब आएंगे। आप अपने घर मे मरम्मत और साज- सज्जा आदि करा कर उसे नया रूप देंगे। जमीन – जायदाद में वृद्धि या किसी पुरानी जमीन या मकान की प्राप्ति या भूमि -पूजन करके गृह -निर्माण की शुरुआत सम्भव है ।13, 14 को  सम्मान में वृद्धिदायक समय है। आपसे ईर्ष्या रखने वाले पीछे रहेंगें। 15 को समय अच्छा रहेगा।

16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक :- दिनांक 16, 17 को समय बहुत बढ़िया रहेगा। व्यवसाय व कारोबार पर पकड़ मजबूत रहगी। आप कठोर परिश्रम से वह सब कुछ हासिल कर लेंगे,  जिसकी आपने तमन्ना की थी। करियर को आप बुलन्दियों पर पहुंचा पाएंगे। सफलता  की राह में आने वाली हर मुश्किल व परेशानी का सामना निडरता से करेंगें। अपने अनुचित कार्यो को स्थगित रखें तो ही बेहतर रहेगा। 18, 19 को समय खराब रहेगा। व्यवसाय में माल का अधिक स्टॉक हानि का कारण बन सकता हैं। वाहन में सावधानी आवश्यक है।घरेलू उपयोग की कोई वस्तु खराब हो सकती। 20, 21 को समय सफलदायक रहेगा। धन संबन्धि मामले लाभदायी होंगे। रुक हुआ काम गति पमड़ेगा। 22, 23 को मानसिक सन्तोषकारी समय रहेगा। आप अपनो के बीच मे समय व्यतीत करेंगे।

 24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक :- दिनांक 24 से 26 के मध्य का समय धनप्रदायक रहेगा। आप परेशान व जरूरतमंद की मदद करेंगे। आप धन – कर्म, ध्यान आदि से शान्ति और सुकून हासिल करेंगे। आप नई जिम्मेदारियों को सम्भालने के लिए तैयार रहेंगे। कारोबारी हालात बेहतर बनेंगें। आशा के अनुरूप कार्य होने से मन प्रसन्न होगा तथा दोबारा लाभ मिलेगा। 27, 28 को समय अनुकूल नही है। पढ़ाई में मन कम लगेगा। अस्थिरता रहेगी। संतान सम्बंधी मामलो में आपको ही समझौता करना पड़ेगा। परिश्रम व मेहनत का पूरा – पूरा लाभ नही मिल पाएगा। 29, 30 को समय सामान्य फलदायक रहेगा। धन संबंधि मामलो में एकदम से बदलाव आ सकता हैं। आपको आय के नए स्रोत मिलेंगे। आप गुप्त गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। परिवार में आप सबके चहेते बनेंगे। सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे।

मई 2021

ग्रह स्थिति:- मासारम्भ में केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, चंद्रमा धनु राशि का षष्ठम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बृहस्पति कुंभ राशि का अष्टम भाव मे, बुध + राहु वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव में, मंगल मिथुन राशि का बाहरवें भाव मे है।

1 मई से 7 मई तक :- दिनांक 1, 2 को समय अच्छा रहेगा।  आप किसी घनिष्ठ व्यक्ति के साथ समय बिताएंगे। वाहन प्राप्ति होगी। संतान के शुभ कार्यो में खर्च करेंगे। मानसिक रूप से स्वयं को चिंतामुक्त महसूस करेंगे। भौतिक और आर्थिक रूप से आप सम्पन्न होंगे। 3, 4 को सुख – शांतिदायक समय रहेगा। आप दान – धर्म, पूण्य आदि में अपना समय व्यतीत करेंगे। विशेषतया गौशाला में अपनी सेवाएं देंगे। रुपयो – पैसो के मामले में आप सन्तोष रखेंगे।5, 6 को सावधान रहते हुए काम करे, अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं। अपना रुख नरम रखें तथा अनावश्यक नोक – झोंक, विवाद तथा मुठभेड़ से दूर रहे।अपने स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान रखें। लोगो से मेलजोल बढ़ाए, अन्यथा लोग आपको घमण्डी समजेंगे। रिश्तेदारों के मध्य अपनी छवि सुधारे। 7 को समय अनुकूल आ जाएगा।

8 मई से 15 मई तक :- दिनांक 8, 9 को समय विजयसूचक रहेगा। आपके कार्यो का तुरन्त फल मिलेगा। आप बहुत ही खुशनुमा पल बिताएंगे। लाभ  के अवसर प्राप्त होंगे। आपके रुख, दुनिया को देखने का नजरिया तथा जिस माहौल में आप रहते हैं, उसमे बदलाव आएगा। 10, 11 को प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। नौकरी में तरक्की के योग है। बाहरी यात्रा का कार्यक्रम सुखद व लाभदायक रहेगा। आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी। अचानक लाभ की स्थिति बनेगी। शुभ फलों में वृद्धि होगी। 12, 13, 14 को दोपहर तक समय चन्द्रमा के ग्याहरवें परिभ्रमण के कारण सुखद व सर्वत्र लाभ की स्थिति बनाएगा। आप किसी बड़े – बुजुर्ग के सानिध्य में अपना कार्य बड़ी आसानी से कर पाएंगे। शारीरिक स्वस्थता रहेगी, जिससे आप अपने काम को दोगुनी रफ्तार से करेंगे। 14 की दोपहर से 15 के मध्य समय ठीक नही है। चिंता रहेगी।

16 मई से 23 मई तक :- दिनांक 16 को आप चिड़चिड़े रहेंगे। अपनी कार्ययोजना को गुप्त नही रख पाएंगे, जिससे असफ़लता हाथ लगेगी। कंजूस न होने के बावजूद आप आर्थिक मसलो पर गम्भीरतद से विचार करेंगे। 17, 18 ,19 को समय अनुकूल आ जाएगा। गृहणियां घर के कार्यो को तल्लीनता से समय पर पूरा कर प्रसन्नता का अनुभव करेंगी। पति – पत्नी में प्रेमभाव बढ़ेगा। कड़ी मेहनत में सफल होंगे।आप अपने समान विचार धारा के लोगो के साथ सम्पर्क बढ़ाएंगे, जिससे आपकी अच्छी निभेगी। आपका ध्यान घर – परिवार पर केंद्रित रहेगा। आप अपने परिवार को हर संकट और परेशानी से महफूज रखने का प्रयास करेंगे पढ़ाई करने वाले जातकों के लिए परिश्रम करने का समय है। 20, 21 को  समय अनुकूल रहेगा। कोर्ट – केस में आपको विजयहासिल होगी। आपकी उम्मीदे और आशाएं परवान चढ़ेगी।22, 23 को समय धनदायक रहेगा। प्रियजन से मुलाकात होंगी।

24 मई से 31 मई तक :- दिनांक 24, 25 को खर्च की अधिकता परेशानी का सबब बनेगी। आप स्वयं को दोराहे पर खड़ा महसूस कर सकते है। आप निराशा में डूब सकते हैं। आप को चोट लग सकती हैं या आप बीमार पड़ सकते है। 26, 27 को आप अपनी जीवनशैली में बदलाव लाएंगे। थोड़ी बहुत असफलताओ से घबराए नही, वरन असफलताओ को ताकत बनाए। यह समय सीमाबद्ध होकर आगे बढ़ने का हैं। चाहे वह करियर हो, घर हो या आर्थिक मसले। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वाले लोगो से संपर्क बनेगा। 28, 29 को कही से शुभ समाचार मिलेंगे। आपके लिए समय हंसी- मजाक और मनोरंजन में व्यतीत होगा। सन्तान पक्ष से खुशिया प्राप्त होगी। आय सम्बंधी मामलो में परिणाम आपकी उम्मीदों के मुताबिक होंगे। 30, 31 को चारों तरफ से शुभ समाचार प्राप्त होंगे इष्ट मित्रो से लाभ होगा। आप राहत की सांस लेंगे। ऋण मुक्त होंगे।

 

जून 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बृहस्पति +चन्द्रमा कुंभ राशि का षष्टम भाव मे, मंगल+बुध + शुक्र मिथुन राशि का बाहरवें भाव मे चलायमान हैं ।

1 जून से 7 जून तक :- मास की शुरुआत अच्छी नहीं कही जा सकती है। 1, 2, 3 को समय ठीक नही है। समय कठिनता से व्यतीत होगा। उलझनों में वृद्धि होगी। सुलझे मामले भी पुनः फंस सकते है। तथा अड़चनों की भरमार होगी। धैर्य रखने से बातें सुलझ सकती हैं।, किन्तु आप धैर्य रख नहीं पाएंगे। आपमे मन मे तरह – तरह की शंकाए व्याप्त रहेगी। क्रोध की अधिकता रहेगी।4, 5 को धार्मिक क्रियाकलापो में वुसत रह सकते हैं। भाग्य केसाथ रहेगा, जिससे प्रगति होगी। विदेश में रहने वालों को अपार सफलता प्राप्ति होगी। धन की वृद्धि होगी, जिससे सुख – शांती एवं प्रसन्नता रहेगी। नए कार्यो की ओर अग्रसर होंगे। लक्ष्य पर ध्यान रहेगा एवं कार्यो के प्रति रुचि बढ़ेगी। एक साथ कई विचार आएंगे एवं सफलता की राह ढूंढने में सफल होंगे। 6, 7 को समय बहुत अच्छा रहेगा। अटके कार्यो में भी तेजी आएगी तथा पक्ष में माहौल बनेगा।

8 जून से 15 जून तक :- 8 ,9,10 को समय सफलतादायक रहेगा। मंगलकारी समाचार प्राप्त होंगे।पुराने किए गए कार्यो का अब लाभ प्राप्त होगा एवं आप विरोधियो को भी अपने पक्ष में करने में सफल होंगे। आर्थिक मामलों में भी बड़ी सफलता मिल सकती है। 12,13 को द्वादशस्थ चंद्रमा की स्थिति कब्रब है। आप किसी विपत्ति में फंस सकते हैं। नई योजना में कोई खास उपलब्धि नही मिलेंगी। व्यय कुछ अधिक हो सकते हैं। आपमे अहंकार रहेगा, जिससे आपके दोस्त कम हो जाएंगे। 14 , 15 को समय अनुकूल रहेगा। सकारात्मक रहेगी एवं विविध रूप से लाभ के अवसर प्राप्त होंगे। मन मे अज्ञात भय रहेगा। लक्ष्य से ध्यान भटकेगा। प्रतिकूल परिस्थितियों से घिरे रहेंगे। आपको अपने उसूलो व आदर्शो के साथ समझौता करना गंवारा नही होगा। शत्रुओ व विरोधियों से सावचेत रहे। आप किसी राजकीय मुसीबत में पड़ सकते हैं।

16 जून से 23 जून तक :- दिनांक 16, 17 को समय अनुकूल रहेगा। आपमे आत्मविश्वास बढेगा। पुराना दिया हुआ या रुका हुआ पैसा प्राप्त हो सकता है। आपमि रचनात्मकता चरम पर रहेगी तथा लोगो का ध्यान खींचने में भी आप सफल रहेंगे। आर्थिक मामलों में खतरा नही हैं। कार्यो की प्रशंसा होगी। अपार सफलता की प्राप्ति होगी। स्थापित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने में समर्थ होंगे एवं संसाधनों का लाभ उठाने में भी सफल होंगें। प्रतिष्ठित लोगो के साथ मुलाकात होगी। 18, 19 को धनदायक दिवस रहेगा। विदेश में रहने वालों को अपार सफलताएं मिलेगी। परिवार में सरसता रहेगी एवं स्वयं को हर प्रकार से अनुकूल पाएंगे। 20, 21 को कलहकारी समय रहेगा। अनावशयक वस्तुओ की खरीद में धन खर्च होगा। कोर्ट- केस में आप उलझ सकते हैं। 22, 23 को समय अच्छा आ जाएगा। परिवार के सदस्य करीब आएंगे।

24 जून से 30 जु  तक :- दिनांक 24 को मेहमानों का आगमन मन को प्रफुल्लित करेगा। प्रेम व रोमांस में नई समभावनाए बन सकती है। कानूनी मामले, कागजादी मसले, दस्तावेजी पकड़ो पर अधिक ध्यान केंद्रित रहेगा। 25 , 26 को उत्तम सम्पत्तिदायक समय रहेगा। लाइफ स्टाइल में सुधार लाएंगे। व्यापार में लाभ होगा।  व्यर्थ के कामो को स्थगित रखते हुए आगे बढ़ेंगे। उच्च शिक्षा, शोध अध्ययन आदि में सफलता मिलेगी। 27, 28 को सप्तमस्थ चन्द्रमा शांतिदायक रहेगा। मित्र, रिश्तेदारों तथा पड़ोसियों से होने वाली भेट, मुलाकातों से आप ताजगी और नई ऊर्जा महसूस करेंगे। निवेश का प्रतिफल आपके पक्ष में आएगा। 29, 30 को समय सही नही है। भाइयो से अनबन रह सकती है। किसी अफसर की डांट – फटकार से आप दुःखी हो जाएंगे। लाभ कम हानि आदिम होगी। मन परेशान रहेगा।

जुलाई 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में मंगल + शुक्र कर्क राशि का लग्न में, केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बृहस्पति कुंभ राशि का अष्ठम भाव मे, चन्द्रमा मीन राशि का नवम भाव मे, राहु + बुध वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव मे, सूर्य मिथुन राशि का बारहवें भाव मे चलायमान हैं।

1 जुलाई से 7 जुलाई तक :- 1, 2 को समय आपके अनुकूल रहेगा। आपकी योग्यता की कद्र होगी। व्यापार व कामकाज को गम्भीरता से लेंगे। चारो तरफ से लाभ प्राप्त होगा। आप पार्टी, समारोह व आयोजन आदि में सम्मिलित होंगे, आपकी आपके नजदीकी रिश्तेदार या घनिष्ठ मित्र के बारे में कुछ आश्चर्यजनक बाते जानने को मिलेगी। मित्रो व सहयोगियों के पूर्ण सहयोग मिलेगा। स्वास्थ्य में उचित सुधार आएगा। जो भी कार्य हाथ मे लेंगे, उसे पूरा करके ही दम लेंगे। आप तमाम कार्य पूरे करेंगे। आप जमकर खर्च करेंगें व जमकर लाभ भी प्राप्त करेंगे। 3 से 5 के मध्य मानसिक शांति तथा मान- सम्मान की प्राप्ति होगी। जीवन की सार्थकता को पहचानेंगे। लचीला रुख कारगर रहेगा। 6, 7 को कारोबारी हालात काफी हद तक सुधर जाएंगे। बाहरी यात्रा लाभदायक रहेगी।

8 जुलाई से 15 जुलाई तक :- दिनांक 8 से 10 के मध्य खराब स्थिति बनेगी। आपकी सारी योजनाएं फेल हो जाएगी। शत्रु व विरोधियों से बचकर रहे। इस समय अपनो से भी सावधान रहें, क्योकि आपके अपने भी आपसे शत्रुवत व्यवहार करेंगे। आर्थिक नुकसान के आसार पक्के है म पिता – पुत्र में मतभेद उभरेंगे।11 ,12 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। बड़े पैमाने पर रुपयों का लेन- देन कर सकते है। कुछ अनिश्चित निवेश कर सकते है। बिगड़ते कार्यो को भी आप सुधार लेंगे। बेहतरी के लिए आप हमेशा बदलाव पर विचार करेंगे। फोन- कॉल्स, पत्र – व्यवहार, तथा नेट- चैटिंग आदि को अनदेखा करना आपके लिए प्रगति में सहायक बनेगा, क्योकि इससे समय की पूरी – पूरी बचत होगी। 13, 14,15 को समय सामान्य फलप्रद रहेगा।आप लाभ हानि का समन्वय करते हुए चलेंगे।आप इस समय प्रसन्न रहेंगे व परिवार में सभी के प्रिय बनोंगे।

16 जुलाई से 23 जुलाई तक :- दिनांक 16, 17 को शाम तक समय आपके पक्ष में रहेगा। आप अपने बच्चो व परिवार की हर जरूरत को पूरा करेंगे। पढ़ाई कर रहे जातको को मनपसन्द स्कूल, कॉलेज या अनुकूल विषय मिलने पर खुश रहेंगे। यात्रा होगी। आप जो चाहते थे वो आपको मिलेगा। लोग आप पर विस्वास करेंगे और आप उनकी आशा पर खरा उतरेंगे। 17 की शाम से 19 के मध्य समय विपरीत रहेगा। विद्या प्राप्ति में रुकावट की स्थिति बनेंगी जो कि जल्दी ही सही हो जाएगी। त्वचा संबंधि रोग उभार सकते है। कार्यो में विघ्न पड़ेगा। संगर्ष का साथ रहेगा। खान- पान में सावधानी रखें। 20, 21 को मानसिक रूप से आप शांति का अनुभव करेंगे। इन दिनों जद्दोजहद बढ़ेगी। परन्तु संगर्ष करने पर लाभ एवं सफलता भी मिलेगी। 22 ,23 को उत्तम सम्पत्तिदायक दिवस रहेगा। पारिवारिक आवश्यकताओ की पूर्ति होगी।

24 जुलाई से 31 जुलाई तक :- दिनांक 24 ,25 को मन मे स्थानांतरण का भय रहेगा, किन्तु मनमाफिक स्थान पर जाने के कारण दुःख में कमी रहवेगी। प्रतियोगी परीक्षा में सफलता मिलेगी। आप अपनी योग्यता व जौहर लोगी को दिखाने के लिए बेताब रहेंगे। 26 , 27 को समय ठीक नही है। शत्रुओ से चुनोतियाँ मिल सकती हैं। घरेलू जीवन मे परेशानी का अनुभव कर सकते है। तनाव व आलस्य से कामकाज में मन नही लगेगा। स्वास्थय संबंधि परेशानी का सामना करना पड़ सकता हैं। 28, 29,30 को समय अच्छा जाएगा। भाग्य अनुकूल होने से विपत्तियों से मुक्ति मिलेगी। शुभता रहेगी। किन्ही प्रतिष्ठित लोगो के साथ मुलाकात होगी। आवश्यक वस्तुओं में खर्च होने की संभावना है। आप सफलता की राह ढूंढने में सफल होंगे। 31 को समय अनुकूल रहेगा। आपको सम्मान की प्राप्ति होगी।

 

अगस्त 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में सूर्य + बुध कर्क राशि का लग्न में, मंगल + शुक्र सिंह राशि का द्वितीय भाव  में, केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बृहस्पति कुंभ राशि का अष्ठम भाव मे, चन्द्रमा मेष राशि का दशम  भाव मे, राहु  वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव में चलायमान हैं।

 

1 अगस्त से 7 अगस्त तक :- 1 को समय अच्छा रहेगा। इस समय आपके पास करने के लिए ढेर सारा काम और वक्त होगा। जीवन का पूरा – पूरा आनन्द उठाएंगे। लोगो से मिलता –  जुलता, जीवन का हर सम्भव तरीके स्व आनन्द उठा पाएंगे। 2, 3, 4 को दोपहर तक का समय बहुत ही शानदार तरीके से व्यतीत होगा। जागरूक रहकर काम करेंगे। बेहतर पारिवारिक संसाधन ओर ये प्राप्ति के लिए जागरूकता बढ़ेंगे। प्रकाशन, जन – सम्पर्क व्यवसाय को आगे बढ़ाएंगे। आप नए विचारों, नवीन आविष्कारो तथा गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। ये दिन भरपीर प्रसन्नता वाले रहेंगे। 4 की दोपहर से 6 के मध्य समय खराब रहेगा। सोचे हुए कार्यो में रुकावट आ सकती है। ज्यादातर आप आराम ही करे, घर से बाहर न निकले, किसी से अनावश्यक विवाद हो  सकता हैं। 7 को समय अच्छा आ जाएगा। सोचे गए कार्य पूरे होंगे।

 8 अगस्त से 15 अगस्त तक :-  दिनांक 8, 9 को समय अनुकूल रहेगा। इस दौरान आपके सामने उत्तराधिकार से सम्बन्धित वसीयत, जमीन, टैक्स, धन की देखभाल संबंधित मामले पेश आ सकते हैं। आप अन्य सहयोगियों के साथ सहयोग करेंगे। आय के ने स्रोतों की तलाश करेंगे तथा गोपनीयता बनाए रखेंगे, साथ ही अपनी ऊर्जा का बेहतर इस्तेमाल करना सीखेंगे। अपनी प्रतिभा और कल्पना शक्ति का पूर्ण इस्तेमाल करेंगे। 10, 11 को समय सामान्य फलप्रद रहेगा। आप अपने बच्चो के साथ समय बिताएंगे। कार्य की अधिकता के चलते आप अपने स्वास्थय पर ध्यान नही दे पाएंगे। कई बार पैर या एड़ी की समस्याओं तथा एलर्जी से परेशान हो उठेंगे। 12, 13 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। उच्च शिक्षा के मार्ग प्रशस्त होंगे। दूर की यात्रा सफल होगी। दाम्पत्य जीवन मे मधुरता आएगी। 14, 15 को आवेश से दूर रहे। कार्य बिगड़ेंगे।

 16 अगस्त से 23 अगस्त तक :- दिनांक 16,17 को समय अच्छा व्यतीत होगा। आप ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ेंगे। समाज व दोस्तो में आपका प्रभाव बना रहेगा। महा वर्ग से लाभ की प्राप्ति होगी। 18 ,19 को आप सभी कार्य सरलता से करेंगे। पिता से लाभ प्राप्त होगा। प्रियजन के साथ समय हंसी – खुशि व आनंद में व्यतीत होगा। शुभ समाचारो की प्रलती होगी।  20, 21 को सुख – शांति की प्राप्ति होगी। आप जटिल काम सरलता व कम समय में पूरे कर लेंगे।पारिवारिक मसले सुल्जाएँगे। रिश्तो में मिठास घुलेगी। 22 , 23 को अष्टमस्थ चंद्रमा घातक रहेगा। आप अचानक आए परिवर्तन और बदलाव से परेशानी महसूस करेंगे। बदली हुई परिस्थितियों से तालमेल बिठाने में थोड़ी दिक्कत पेश आएगी। लेन – देन के मामले को लेकर आप चिंतित रहेंगे। धन सम्बंधी मोर्चे पर आपको कर्ज, फंड जैसेमामलो से निपटना पड़ सकता है।

24 अगस्त से 31 अगस्त तक :-  दिनांक 24 को आधा दिन खराब रहेगा। 24 कि शाम से 26 के मध्य समय समय अनुकूल आ जाएगा। गतिशील रहने से लाभ होगा परन्तु उदासीनता व सुस्ती हानि ही देगी। यात्रा का अवसर प्रलर होगा जो लाभकारी रहेगा। आपको दूरदर्शी दृष्टिकोण अपनाना पड़ेगा। आप नई चुनोतियो को हैंडल के पाएंगे। वैसे इस समय आप स्वार्थी रहेंगे और ये स्वार्थ आपके लिए लाभदायक रहेगा। आध्यात्मिक क्रियाकलापों में व्यस्तता बढ़ेगी। 30, 31 को चारों तरफ से लाभ की प्राप्ति होगी। आप पढ़ाई में पूरा -पूरा मन लगाएंगे। साथ ही सफलता की स्थिति भी रहेगी। आप घर तथा व्यवसाय दोनों में पूरा ध्यान दे पाएंगे तथा सफलता भी प्राप्त करेंगे तथा आपकी इज्जत भी बढ़ेगी।

सितम्बर 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में सूर्य + मंगल सिंह राशि का द्वितीय भाव में, बुध + शुक्र कन्या राशि का तृतीय भाव  में, केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बृहस्पति कुंभ राशि का अष्ठम भाव मे,  राहु  वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का भैरव भाव मे  चलायमान हैं।

1 सितम्बर से 7 सितम्बर तक :- 1 से 3 के मध्य समय अनुकूल नही है। व्यय की अधिकता से धन की कमी महसूस होगी। बुरी संगत हानि देगी। दिया हुआ धन वापस नही मिलेगा। सरकार की तरफ से कष्ट प्राप्त होगा। स्वास्थ्य की तरफ अधिक ध्यान दे, अन्यथा कष्ट झेलना पड़ सकता है। गतिशील रहे, आलस्य का त्याग कर। 4, 5 को समय आपके अनुकूल आ जाएगा। धन या निवेश में साझेदारी न करे तो बेहतर होगा। आपको भावनात्मक सहारा प्राप्त होगा। पूजा – पाठ, तंत्र- मंत्र की तरफ झुकाव बढ़ सकता हैं, जिससे आपको शांति और नई ऊर्जा मिलेगी।आपकी वरीयता अपना करियर और अपना लक्ष्य हासिल करना रहेगा। आपको अपनी अभिव्यक्ति करने के लिए पूरी आजादी मिलेगी। 6, 7 को समय अच्छा रहेगा।  बेहतर स्वास्थय और क्षमता के लिए व्यायाम आदि ओर ध्यान देंगे।

 8 सितम्बर से 15 सितम्बर तक :-  दिनांक 8, 9 का समय अच्छा है। आप प्रसन्न रहेंगे। आप पर काम का दबाव होने के बावजूद आप एक्टिव रहेंगे।दुसरो की सहायता करके आप अपनी मदद करेंगे। आप रचनात्मक ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। आप कला के क्षेत्र में, अपनी अनूठी छाप छोड़ सकते है। 10, 11 का समय कलहकारी रहेगा। वैवाहिक संबंधो में तकरार की स्थिति रहेगी। अपनी या दूसरों की उम्मीद पूरी करने के लिए दबाव या तनाव में आ सकते हैं। आपको इससे बचना होगा। डॉक्टरों और अस्पतालों के चक्कर लगाना पड़ सकता है। 12, 13 को समय अनुकूल आ जाएगा। यात्रा और छुटियाँ आपके लिए आनन्ददायी होगी। पारिवारिक जनों से सामंजस्य बढ़ेगा, समस्याएं सूलझेगी। विविहादि के लिए प्रस्ताव आएंगे। 14 ,15 को सम्पति की प्राप्ति होगी। सत्ता पक्ष से सहयोग मिलेगा। अच्छे कार्यो में पैसा खर्च होगा।

16 सितम्बर से 23 सितम्बर तक :- दिनांक 16, 17, 18 को समय शांतिदायक रहेगा। सूचना गयम को साझा करेंगे तथा मिलकर मौज-  मस्ती करेंगे। बेहतर कार्य करने के लिए आप नई तकनीक का प्रयोग करेंगे। व्यक्तिगत स्तर पर सन्तुष्टि का अनुभव करेंगे। 19, 20 को समय कष्टकारी रहेगा। आपमि सहनशक्ति का अभाव रहेगा। खान – पान मनपसंद नही मिल  पाने से मन बेचैन रहेगा। पढ़ाई कर रहे जातक अपने सौ प्रतिशत नही दे पाएंगे। घर मे अतिथि के अचानक आ जाने से आप हतप्रभ रह जाएंगे या परेशान हो उठेंगे। यात्रा में कष्ट होगा। अजनबियों पर विशवास नही करे। 21, 22 को सरकारी विजयसूचक दिवस रहेगा। आंतरिक शांति के लिए आप प्रयासरत रहेंगे। चुनोतिपूर्ण स्थितियों से कुछ राहत महसूस होगी। संतान पक्ष से  खुशखबर प्राप्त होगी।

24 सितम्बर से 30 सितम्बर तक :- दिनांक 24, 25 को मान – सम्मान की प्राप्ति होगी। आप जो चाहते थे वह आपको मिलेगा,  लेकिन इसके लिए ईमानदारी व थोड़ी मेहनत की जरूरत होगी। सारा ध्यान स्वयं के ऊपर केंद्रित रहेगा। 26 ,27 पूर्णरूपेण पक्ष में रहेगा। सरकारी कार्यो में अफलता मिलेगी। शत्रु पक्ष कमजोर रहेगा। सम्पत्ति संबन्धी विवाद किसी की मद्यस्थता से हल हो जाएगा। आप चतुराई व विवेक से कम काम लेंगे। 28, 29, 30 को समय अनुकूल नही रहेगा।आप महत्वपूर्ण निर्णय गलत लेबलेंगे, जिसका भुगतान आपको करना पड़ेगा। आपके हाथों से कोई महत्वपूर्ण डील नई सकती है। अप्रिय घटना घटित हो सकती है। पेट दर्द या सिर दर्द से पीड़ित होंगे। भाइयो के मध्य अनबन की स्थिति रहेगी।

 

अक्टूबर 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में चंद्रमा कर्क राशि का लग्न में, सूर्य+ मंगल  कन्या राशि का तृतीय भाव  में,बुध + शुक्र तुला राशि का चतुर्थ बहाव मे,  केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, बृहस्पति + शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे, राहु  वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव में चलायमान हैं।

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक :-  यह मास का प्रथम सप्ताह बेहतरीन रहेगा। 1, 2 को आपका साहस बढेगा। जोश व उत्साह बना रहेगा। कड़ी मेहनत व पुरस्कारों का दौर रहेगा। 3, 4 को महत्वपूर्ण कार्य होंगे। पूरी ऊर्जा से आप अपने सभी लम्बित कार्यो को निपटाएंगे। आप अपने मन मे पहले से ही कहि ज्यादा काम करने की इच्छा रखेंगे। अधिकारी वर्ग आपके कार्यो से प्रसन्न रहेंगे। प्रचार – विज्ञापन के लिए यह समय उचित है। 5, 6, 7 को धनदायक दिवस रहेगा। समस्याएं सुलझती नजर आएंगी। मित्र वर्ग का सहयोग प्राप्त होगा। धार्मिक उत्सव, सभा, गोष्ठियों में भाग लेने का सुअवसर प्राप्त होगा। उत्तरों से लाभ होगा। विदेश सम्बंदि कोई समाचार मिलेंगे। वैवाहिक कार्यक्रम की तैयारियों में व्यस्त रहेंगे। 7 को शाम से विपरीत समय रहेगा।

8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक :-  दिनक  8, 9 को कलहकारी समय रहेगा। तालमेल न बैठा पाने के कारण लोग आपसे किनारा के सकते हैं। बेवजह परेशानी में पड़ सकते हैं। पैसा आता – आता रुक जाएगा। मुह का कौर छीन सकता है। सम्पत्ति संबंधि चिंता रहेगी। 10, 11 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। मेहमानों का आगमन सुखद अनुभूति रहेगी। अपनी छवी सुधारने व सम्पत्ति कमाने का मौका मिलेगा।आप सूचनाओं का आदान – प्रदान करेंगे। 12, 13 को समय पूर्णतया पक्ष में आएगा। माता  – पिता, रिश्तेदारों तथा बच्चो से संबन्धों में मजबूती आएगी। 14, 15 को शांतिदायक समय रहेगा। महिलाओं के आपसी सम्बन्ध मधुर वैचारिक मतभेद दूर होंगे। आपकी प्रसिद्धि बढ़ेगी ही, साथ ही धन भी प्रापर होगा।

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक :- दिनांक 16, 17 को अतिकष्टकारी समय आएगा। आपको व्यवसाय में परेशानी आएगी। आप किसी बात को लेकर तनाव में आ जाएंगे। गर में किसी बुजुर्ग का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। दो नंबर के गलत कार्यो में पहले से कहि ज्यादा काम करने की इच्छा रखेंगें। इस दौरान आप अपने घर और परिवार को पटरी पर लाने के लिए कड़ी मेहनत करेंगे। 21, 22 को आप पार्टियों, मनोरंजन, आमोद – प्रमोद तथा सामाजिक गतिविधियों में वयस्त रहेंगे। रोमांस, मित्रता और अच्छी संगत का भी आनन्द लेंगे। 23 को समय लाभदायक रहेगा। आप लोगो से हर सम्भव तरिके से संपर्क कायम करेंगे।

 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक :- दिनांक 24, 25 को समय अनुकूल आएगा। साझेदारी का विशेष महत्त्व रहेगा। आप पूरी चमक – दमक के साथ काम पर लौटेंगे। आप खाली वक़्त का इस्तेमाल अपने हुनर को चमकाने और  ज्ञानार्जन में करेंगे, जिसका लाभ आपको मिलेगा। 26, 27 को समय सही नही हैं। आपको मानसिक चिंताएं सताएगी। आपको कुछ कठिन लक्ष्य मिल सकते हैं।कुछ घरेलू मुद्दों का हल भी ढूंढना पड़ सकता है। कोई बड़ा फैसला अभी न ले। जोखिम न उठाएं। 28, 29, 30 को  समय सफलतादायक रहेगा। आप प्रियजनों को सारे तनाव सुनाकर तनावमुक्त हो जाएंगे। सम्मेलनों में भाग ले सकते है। करियर संबन्धी  कुछ बड़े व महत्वपूर्ण निर्णय आप लेंगे, जिसके प्रभाव आपके निमत भविष्य में पड़ेगा। भरोसेमंद दोस्तो की सलाह आपके लिए काफी अहमियत रखती है।

नवम्बर 2021

ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में  चन्द्रमा सिंह राशि का द्वितीय भाव मे, बुध कन्या राशि का तृतीय भाव में, सूर्य + मंगल तुला राशि का चतुर्थ भाव में,केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शुक्र धनु राशि का षष्ठम भाव मे, बृहस्पति+ शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे,राहु  वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव में चलायमान हैं।

 1 नवम्बर से 7 नवम्बर तक :-  1, 2, 3 को समय धनदायक रहेगा। आपकी उम्मीदें और आशाएं परवान चढ़ेगी। आपको लक्ष्य ओर मकसद हासिल करना है उसे आप साहस और संकल्प के साथ पूरा करेंगे। पत्नी और मित्रो से संवाद कायम करेंगे। सफलता प्राप्त करने के लिए लोगो के प्रति सहयोगी रवैया अपनाना पडेगा। 4, 5 को समय अनुकूल नही है। आर्थिक मसले हावी रहेंगे। आप शिकस्त हासिल करेंगे। रचनात्मक कार्य, बच्चो के । मामलों में कुछ समस्याएं पेश आ सकती हैं। आप ग्लैमर की तरफ आकर्षित होंगे जिससे आप पैसो को खर्च करेंगे। समाज मे कोई कार्य जो कि आपकी नजरो में तुच्छ होना वो आपको करना पड़ेगा। 6, 7 को समय ज्ञानवर्धक रहेगा। यह समय सामान्य फलप्रद रहेगा। आप सहज रहते हुए सारे काम करेंगे। घर – परिवार में प्रेम और सौहार्द बना रहेगा।

8 नवम्बर से 15 नवम्बर तक :- दिनांक 8, 9 को समय अच्छा रहेगा। कहीं से शुभ समाचारो की प्राप्ति होगी। समय हंसी – खुशी से भरपूर होगा। सन्तान से खुशियां मिलेगी। निजी तौर पर, आप आगे बढ़ने के बारे में सोचेंगे। 10, 11 को शांतिदायक समय रहेगा। आप पैसा कमाएंगे, किन्तु खर्च भी होंगे। घर – परिवार में प्रेम और सौहार्द बना रहेगा। सन्तान स्व खुशियां मिलेगी या बच्चे का जन्म हो सकता है। प्रतियोगी परीक्षा में बहग लेंगे और सफलता की प्राप्ति होगी। घरेलू बात पर उलझन बढ़ेगी। यात्रा में कष्ट की प्राप्ति होगी। आर्थिक पक्ष डांवाडोल रहेगा। अनुचित कार्यो का परिणाम सही नही होगा। 15 को समय अनुकूल आ जरगा। आप मिल सर हो जाएंगे।

16 नवम्बर से 23 नवम्बर तक :- दिनांक 16 को समय सरकारी कामकाज  करने का रहेग। आपकी मिलनसारिता की छाप हर तरफ छा जाएगी। आप खुश रहेंगे। 17, 18 को शमत एच रहेगा। भेंट, मुलाकातों का दौर जारी रहेगा। पारिवारिक व सामाजिक कार्यो में व्यस्तता हद से ज्यादा रहेगी। बैंक, बीमा, टैक्स जैसी गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। साहसिक व जोखिम  भरे कंक में आ आनन्द का अनुभव करेंगे। 19 से 21 के मध्य का समय अच्छा है। भाग्योन्नति के आवास मिलेंगे। राजकीय कार्यो में सफलता मिलेगी। आपकज मेहनत सार्थक होगी। वार्तालाप व बातचीत के माध्यम से हर समस्या को हल करने का प्रयास करेंगे। 22, 23 को समय ठीक नही होगा। आप वाचाल होंगे और आपका यही गन दुर्गुण बन जाएगा। अधिकारी वर्ग नाराज होंगे।

 24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक :- 24, 25, 26 को सन्मुख चन्द्रमा की स्थिति रहेगी। आप अपना भाग्य चमकने का हर सम्भव प्रयास करेंगे। आप अपने सामर्थ्य के अनुसार अपना काम पूरा करेंगे। कड़वे – मीठे अनुभवों से आप भविष्य की सीख लेकर आगे बढ़ेंगे। धन लाभ की सम्भावम प्रबल है। चापलूसों से सावधान रहें। 27, 28 को धर्म- कर्म व जनहित के कार्यो में आप धन को व्यय करेंगे। कामकाज सुचारू रूप से चलेगा। आप कोई महत्वपूर्ण सौदा कर सकते है। साझेदारी, साझा प्रयास, सम्पर्को के शेयर आप अपने लक्ष्य की इर कदम बढ़ा सकते है। 29, 30 को समय प्यार और हंसी- खुशि से भरपूर होगा। आप दूसरों के काम करने के तरीके से प्रभावित होंगे व स्वयं भी उसे अपनाएंगे। माता – पिता की तरफ ध्यान ज्यादा रहेगा। वे भी आपको प्यार व आशीर्वाद देंगे। समय अच्छी तरह से व्यतीत होगा।

 

दिसम्बर 2021

 ग्रह स्थिति :- मासारम्भ में  चन्द्रमा कन्या राशि का तृतीय भाव मे, मंगल तुला राशि का चतुर्थ भाव में,सूर्य + बुध  +केतु वृष्चिक राशि का पंचम भाव मे, शुक्र धनु राशि का षष्ठम भाव मे, शनि मकर राशि का सप्तम भाव मे,राहु  वृषभ राशि का ग्याहरवें भाव में स्थित है।

1 दिसम्बर से 7 दिसम्बर तक :- दिनांक 1, 2 को आप मेहनत तो खूब करेंगे किन्तु परिणाम सुनी रहेगा। आपके यह लोगो की आवाजाही खूब रहेगी, निससे आपका अपने लक्ष्य से ध्यान भटकेगा। गर का वातावरण कुछ तनावपूर्ण रहेगा। छोटी- सी बात आपको दुःख दे सकती है। तेजी – मंदी, लॉटरी, जुआ, सट्टे में हानि होने की संभावना है। 3, 4 को समतां पक्ष की तरफ से खुशखबर प्राप्त हो सकती हैं। गूढ़  व गोपनीय विषय आपको आकर्षित करेंगे। कामकाज में सामान्य गति रहेगी। आप जीवन का आनन्द उठाने की कोशिश करेंगे। विद्यार्थी वर्ग अपना पूरा ध्यान अपनी पढ़ाई पर केंद्रित के पाएंगे। 5, 6 को उत्तम सुखों की प्राप्ति होगी, जिसमे वाहन, भोजन, वस्त्र आदि शामिल हैं। अपनी आय बढाने व अपनी इच्छा शक्ति में चलते आप अधिक काम व परिश्रम करेंगे। 7 को सप्तमस्थ चन्द्रमा  सुखों प्राप्ति करवाएगा।

8 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तक :- दिनांक 8, 9 को समय अच्छा है। विरासत में कुछ मिलेगा। भाइयो के मध्य चल रहे विवादों का निराकरण किसी की मद्यस्थता से हल हो जाएंगे। घर के सदस्य आपके प्रति आदर भाव रखेंगे। समय की गति के अनुसार काम करेंगे। 10, 11 कक आप मृत्यु तुल्य कष्ट को भोगेंगे। मन अशांत रहेगा। किसी गहरी चिंता में डूबे रहेंगे। वक्त या समय के अनुसार चले, अन्यथा आप पिसाब रह जाएंगे और आपको भारी नुकसान झेलना पड़ सकता है। आपके हाथों कोई गलत कार्य हो सकता है।व12, 13 को समय मे सुधार आएगा। आपकज मेहनत रंग लाएगी। कीच महत्वपूर्ण व घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन करेंगे। प्रेम- प्रसंगों में सफलता मिलेगी, किन्तु विद्यार्थी वर्ग इन पकड़ो में न पड़े तो ही अच्छा है। 14, 15 को मैन – प्रतिष्ठा में इजाफा होगा।

16 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तक :- दिनांक 16 -18 को मध्य लाभ की स्थिति रहेगी। आपके पुराने मित्र व रिस्तेदार आपको ऊर्जा और हिम्मत देंगे। इस समय व्यापारिक यात्रा हो सकती है।कार्य का वहन आप भली प्रकार से करेंगे। आपको अपनी क्षमताओं व हिम्मत पर पूरा- पूरा भरोसा होगा। 19 से 21 के मध्य वाहन सम्बंधी समस्याए आएगी। वाहन खराब हो सकता हैं।परिवार या करीबी रिश्तेदार से सम्बंधित को अप्रिय घटना घटित हो सकती है। आपकी लापरवाही के चलते व्यापार में नुकसान हो सकता है या आपको नौकरी में बॉस या अधिकारी की फटकार सुननी पड़ सकती हैं। मित्रो से अनबन होगी। 22, 23 को समय पूर्णतया अनुकूल आ जाएगा। भूमि की खरीद / बेचान का प्रस्ताव आपको रोमांचित कर देगा। अविवाहितो की सगाई संबन्धी बात आगे बढ़ेगी। कार्य पूर्ण होंगे।

24 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक :-  24 से 26 के मध्य रोजगार सम्बन्धित कार्य आगे बढ़ेंगे। आर्थिक पक्ष मजबूत रहेगा। आप दोगुने जोश व उत्साह से अपने कार्यो  को सम्पादित करेंगे। इन सबका फल आपकक पैसा, सम्मान के रूप में प्राप्त होगा  किसी सम्मेलन आदि में किसी संस्था द्वारा आप सम्मानित हो सकते हैं। 27, 28 को आप बेहद प्रसन्न रहेंगे।आप अपने परिवार, बच्चो को समय देंगे। माता- पिता या घर के बड़े- बुजुर्गों का प्यार व आशीर्वाद प्राप्त होगा। आप हर कार्य उनकी सलाह से पूरे करेंगे ओर सफलता हासिल करेंगे।29, 30 को समय खराब है। काम के प्रति असन्तोष रहेगा। परेशानियो का मुकाबला नही कर पाएंगे। आपके खिलाफ कोई विभगिय जाच हो सकती है। आपके प्रतिद्वन्दी आपसे ईर्ष्या रखेंगें। टेलीफोन द्वारा कोई विचलित कर सकता है। 31 को आप पुराने वर्ष को अलविदा प्रसन्नचित्त मन से करेंगे। बढ़िया खानपान व आनन्द के स्टब नवबर्ष2022 का सवहत करेंगे।

कर्क राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण

कर्क राशि के प्रथम पद में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान ऐसी गली में होगा , जो कि दक्षिण दिशा से उत्तर की ओर जा रही होगी | मकान का खुला स्थान पस्चिम दिशा की और होगा | मकान के पास एक सुंदर बगीचा , फुल , हरयाली  होगी |  मकान के मार्ग में गणपति का मंदिर होगा | तुला , कुम्भ , ओर मेष राशि के संभाग में जलस्थान अथवा दुर्गा माता का मंदिर होगा |

 

द्वितीय चरण

कर्क राशि के द्वितीय पद में जन्मे व्यक्ति के मकान की गली पूर्व दिशा से पस्चिम दिशा की ओर होगी | मकान की खुली जमीन दक्षिण दिशा में होगी , वहा मोड होगा | मकान के सामने अन्य कोई मकान नही होगा | मकान के अन्य परिवार भी रह रहा होगा  | मकान के मेष वह तुला राशि के संभाग में मंदिर होगा | कुम्भ राशि के संभाग में मंदिर एवं मकान के मार्ग में प्रतिष्ठित साधु संत (यथावेलपीठ ) का स्थान होगा |

 

तृतीय चरण

कर्क के तृतीय पद में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान ऐसी गली में होगा , जो कि दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होगी | मकान का खुला भाग पूर्व दिशा में होगा | मेष , तुला एवं मीन राशि के संभाग मे मंदिर होगा | मकान के कर्क एवं वर्षिचक राशि के संभाग की ओर बाजार होगा | परिवार में (शूद्र) देवता (मधुर वीरा) इतियादी का पूजन होगा |

 

चतुर्थ चरण

कर्क राशि के चतुर्थ पद में जन्म लेने वाले व्यक्ति का जन्म पूर्व दिशा से पस्चिम दिशा की ओर जाने वाली गली के मकान में होगा | मकान का खुला आंगन उत्तर दिशा में होगा | मकान के नैत्रत्य ( दक्षिण – पस्चिम ) कोण में विष्णु का मंदिर , पूर्व दिशा में भगवान शिव का मंदिर , उत्तर दिशा में माँ दुर्गा का मंदिर या तालाब होगा |

कर्क राशि और शनि

ॐ शन्नो देवीरभिष्टथ आपो भवन्तु पीतये शय्योरभि स्रवन्तु नः । ऋग्वेद 10/9/4 , यजुर्वेद 36/12 अर्थात् देदीप्यमान जल ( जल रूप शनि देव ) हमारे पान के लिए ( पीने के लिए ) सुखरूप हों तथा रोगों का नाश करें । ब्रह्माण्ड में शनि को सबसे रहस्यमय व चर्चित ग्रह माना गया है । नील वर्ण के शनि देव , भगवान सूर्य तथा छाया ( सुवर्णा ) के पुत्र हैं । बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्माण्ड का सबसे बड़ा ग्रह है । ज्योतिष में ‘ न्याय का देवता ‘ कहा गया है । ये व्यक्ति को उसके किए का दण्ड देते हैं । अनुकूल दशा , अंतरदशा में व्यक्ति ने जो दुराचार , अनाचार , पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है , उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा , अंतरदशा , नन की खुली प्रत्यन्तर दशा , शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या में मिल जाता है ।

 शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या

किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि से दूसरे स्थान में गोचरवश परिभ्रमण करता है , तो ‘ शनि की साढ़ेसाती ‘ कहलाती है । यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढ़े सात वर्ष ( सात वर्ष छह महीने ) चलती है , इसमें व्यक्ति को भयंकर दु : ख उठाना पड़ता है । शनि की गोचरवश स्थिति आपकी राशि से चौथे व आठवें भाव में होने से ‘ शनि की ढैय्या ‘ कहलाती है । साढ़ेसाती का प्रभाव साढ़े सात वर्ष तक व ढैय्या का प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है । शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है । अत : तीनों राशियों में साढ़े सात साल तक रहेगा । शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी दृष्टि कहलाती है ।   स्वयं की राशि में होने पर उसका ‘ भोग ‘ कहलाती है । शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी शनि की ‘ लात ‘ कहलाती है ।

शनि की ‘ दृष्टि ‘ ( बारहवें स्थान ) में जातक मानसिक तनाव को भोगता है , यात्राएं व्यर्थ की खूब होती हैं । कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है । ‘ भोग ‘ ( स्वयं की राशि ) में शनि व्यक्ति को आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है । वहीं ‘ लात ‘ में शनि उदर विकार , पैरों व धन को लेकर संघर्ष करवाता है । साथ ही कमर के नीचे के रोग भी देता है ।

सन 2021 में कर्क राशि पर शनि का प्रभाव

 इस साल शनि महाराज आपकी राशि से सातवें स्थान में गतिशील रहेंगे। शनि का प्रभाव अच्छा रहेगा। पति पत्नी में सामंस्य व तालमेल बहुत बढ़िया रहेगा। आप अपनी उर्जा अपनी मेहनत और परिश्रम का उपयोग सकारात्मक कार्यों में करेंगे जो काम पिछले काफी समय से लंबित चल रहा था। उसके गतिमान होने के योग इस वर्ष बन रहे हैं। शत्रु या विरोधी परास्त होंगे। व्यापार में विवेकपूर्ण निर्णय से आप नुकसान को लाभ में परिवर्तित कर देंगे। भाग्य उन्नति के लिए किए गए प्रयास सार्थक रहेंगे। नौकरी में पदोन्नति का मार्ग प्रशस्त   होगा ।  किसी रिश्तेदार या मित्र से चली आ रही गलत फहमियां समाप्त हो जाएगी। वाणी व क्रोध पर आपको जरूर नियंत्रण रखना चाहिए। संतान से संबंधित किसी महत्वपूर्ण चिंता का समाधान होगा। स्वास्थ्य में इस वर्ष हल्की-फुल्की उतार-चढ़ाव में देख पा रहा हूं। किसी गंभीर का घातक बीमारी की आशंका व संभावना इस साल नहीं है। कठोर परिश्रम व कड़ी मेहनत आपके लिए इस साल का मूल मंत्र रहेगा। बॉस अधिकारी कभी-कभार आपके काम से असंतुष्ट या ना खुश रह सकते हैं, लेकिन आप उन्हें समय रहते मना ही लेंगे और वर्ष खुशगवार व खुशियों भरा रहेगा।

 

शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत,मंत्र , रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं । शास्त्र कहता है-

   औषधि मणि मंत्राणाम् , ग्रह , नक्षत्र , तारिका ।           भाग्य भवेत सिद्धि , अभाग्यं निष्फल भवेत ।

    सबसे पहले ओषध, उसके बाद मनी और तत पश्चात मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है ।

रल ( मणि ) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न ( नीली त्रिलोह ( सोना , चांदी , तांबा ) की अंगूठी में आभमंत्रित करवा कर पहनें ।

2 , शनि यत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकर ( पैन्डेट ) की आकृति में पहन सकते हैं , यह उपाय भी उत्तम है ।

 धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल या समुद्री नाव की कील से लोहे की अंगूठी बनाएं । उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार से शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें । शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें ।
  2. यह अंगूठी मध्यमा ( शनि की अंगुलि ) में ही पहने तथा इसके लिए पुष्य , अनुराधा , उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है । यह ‘ शनि मुद्रिका ‘ कभी किसी को नुकसान नहीं करती । प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं ।

मंत्र चिकित्सा

   किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं । शनि का तंत्रोक्त  मंत्र निम्नलिखित है-

‘ ॐ प्रां प्रीं स : श्नैश्चराय नमः ।। ‘

व्रत – उपवास

शनिवार का व्रत रखें । इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करे।

दान

      शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य करना चाहिए।

  1. कीड़ी , नगरा सींचे । चींटियों को भोजन कराएं । – 2.काला कंबल , उड़द की दाल , काले तिल , तेल , चरण पादुका ( जूते ) , काला वस्त्र , मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए ।

 शनि की पीड़ा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं ।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें ।
  3. शनि मंदिर में शनि की मूर्ति पर तिल का तेल चढ़ाएं ।
  4. शनि भगवान के सामने खड़े रहकर दर्शन नहीं करें ,किनारे में खड़े रहकर दर्शन करें , जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पड़े ।
  5. शनि न्याय के देवता हैं , अत : उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता । दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें , जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है ।

 

 

Share on facebook
Facebook
Share on twitter
Twitter
Share on whatsapp
WhatsApp
Share on linkedin
LinkedIn
Share on pinterest
Pinterest

This Post Has 11 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    Karka Rashi – khekada
    TATVA – Jalatatva
    Swami – chandrama
    DISHA – utter
    Amusing information very nice.

  2. Kailash vats

    राशियों के विषय में अच्छी जानकारी

  3. Narendra Pachare

    Karma rashi ki jankari mili sir
    Chinha kekda
    Swami chandrama
    Tatwa jal
    Disha uttar
    Thank you sir

  4. Sitaram Keshri

    कर्क राशि
    स्वामी -चंद्रमा , दिशा – उत्तर , जाति -ब्राह्मण , अनुकूल रत्न -मोती , अनुकूल देवता -शिवजी ।

  5. Udit shreemal

    Nice information

  6. Geetanjali

    Thank you sir 👍

  7. GANESH BHOPE GURUJI

    Karka rashi ki saral shabdome puri jankar samaj aai

  8. Pranali_B

    Nice information

  9. Kark Rashi ka swami Chandrama hai, isliye Moti iska ratna hai, nice information sir, ty 🙏

  10. Karke rashi ke baare me bistrit jankari mila yaha par, dosh aur ratna dwara uska nivaran, aur bhi jankari mila brat upvas karke bhi kuch upai ho sakta hai

Leave a Reply

Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa

Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa

" India's Highest 5* Rating Vaastu Consultant Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa (Gold Medalist) is one of the most renowned and Best Vastu Consultants in India. "

Testimonials

Our Services

vastu for homes

Vastu For Homes

Vastu for business

Vastu For Business

Vastu for careers

Vastu For Career

Vastu for hotels

Vastu For Hotels

Vastu for Business

Vastu For Shops

vastu for factories

Vastu For Factories