तुला राशि

Table of Contents

तुला राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – तुला
  2. राशि चिन्ह्न – तराजू
  3. राशि स्वामी – शुक्र
  4. राशि तत्व – वायु तत्व
  5. राशि स्वरुप – चर
  6. राशि दिशा – पश्चिम
  7. राशि लिंग व गुण – पुरुष, रजोगुणी
  8. राशि जाति – शुक्र
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रुर स्वभाव, त्रिधातु प्रकृति
  10. राशि का अंग – गुप्तांग
  11. अनुकूल रत्न – हीरा
  12. अनुकूल उपरत्न – अमेरिकन डायमंड, ओपल
  13. अनुकूल धातु – प्लेटिनम, चांदी
  14. अनुकूल रंग – सफेद
  15. शुभ दिवस – शुक्रवार
  16. अनुकूल देवता – श्रीलक्ष्मी, संतोषी माता
  17. व्रत, उपवास – शुक्रवार
  18. अनुकूल अंक – 6
  19. अनुकूल तारीखें – 6/15/24
  20. मित्र राशियां – मिथुन, मकर, कुंभ, धनु, कर्क
  21. शत्रु राशियां – सिंह
  22. व्यक्तित्व – अन्वेषक, खोजी, मास्टर माइंड
  23. सकारात्मक तथ्य – आत्मविश्वासी, आकर्षक वाणी
  24. नकारात्मक तथ्य – ईष्र्या, घमंड, अति धूर्तता

 

तुला राशि की चारित्रिक विशेषताएं

 

तुला राशि का स्वामी शुक्र है। शुक्र तड़क-भड़क एवं सौंदर्य का कारक ग्रह है। तुला राशि के व्यक्ति नकारात्मकता एवं सकारात्मकता में संतुलन करते हैं। इस राशि का राशि चिन्ह तुला तराजू है। तराजू दो वस्तुओं के संतुलन का परीक्षण करते हुए हल्की वह भारी वस्तु का बोध कराती है। अतः इस राशि वाले व्यक्ति की संतुलन शक्ति बड़ी गजब की होती है। अपनी फुर्तीली निर्णय आत्मक शक्ति के कारण तुला राशि के लोग शीघ्र ही लोगों पर छा जाते हैं। तराजू व्यापार का परिचायक है। इस राशि के लोग बड़े कुशल व्यापारी होते हैं तथा लोक व्यवहार में चतुर होने के कारण इनको व्यापारिक सफलता शीघ्र मिल जाती है। तुला राशि पुरुष जाति सूचक एवं क्रूर स्वभाव राशि मानी जाती है। सच्चा एवं खरा परीक्षण करने की क्षमता आप रखते हैं और सहज ही किसी व्यक्ति के चलावे में नहीं आते। आप राजनीति के क्षेत्र में भी सफलता प्राप्त कर सकते हैं। जन्म कुंडली में यदि शुक्र की स्थिति अच्छी है तो आप कुशल अभिनेता भी बन सकते हैं। सामान्यतया तुला राशि में उत्पन्न जातक सुंदर स्वस्थ एवं सुदर्शन व्यक्तित्व के स्वामी होते हैं। उनकी प्रवृत्ति हास्य प्रिय होती है तथा बच्चों के प्रति उनके मन में प्रबल स्नेहा का भाव विद्यमान रहता है। सुंदर दृश्य एवं वस्तुओं के प्रति भी इनमें आकर्षण रहता है। स्वाभाविक रूप से यह अन्य जनों को किसी भी प्रकार का कष्ट नहीं देते तथा सबके साथ समानता का व्यवहार करते हैं जिससे समाज में यह सम्मानित प्रतिष्ठित तथा प्रसिद्ध होते हैं। कला के प्रति इनका भावनात्मक लगाव रहता है तथा अच्छे कार्यों से यह अपनी आजीविका अर्जित करते हैं नीति ज्ञान में यह चतुर होते हैं। अतः राजनीति के क्षेत्र में इनको नेतृत्व प्राप्त हो जाता है परंतु इनका कोई निश्चित सिद्धांत नहीं होता है। तुला के प्रभाव से आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा। जो लोगों को प्रभावित करने में समर्थ होगा। आपकी प्रवृत्ति हास्य प्रिय होगी। बच्चों के प्रति आपके मन में स्नेह का भाव रहेगा तथा प्राकृतिक दृश्यों के प्रति आपके मन में आकर्षण रहेगा। साथ ही कला से आपका भावात्मक संबंध रहेगा। आप सभी लोगों से समानता का व्यवहार करेंगे तथा आपके मन में किसी भी प्रकार का भेदभाव नहीं रहेगा। अपने कार्य क्षेत्र में आपका प्रभाव रहेगा तथा आपके अधिकारी एवं सहयोगी आपसे प्रश्न तथा संतुष्ट रहेंगे। आप किसी नवीन सिद्धांत या ग्रंथ की भी रचना कर सकते हैं जिससे आपको यश की प्राप्ति होगी। आप अत्यंत बुद्धिमान होंगे तथा अपनी बुद्धिमता से सांसारिक कार्यों को संपन्न करेंगे। इनमें आपको उचित सफलताएं भी मिलती रहेंगी। आप की प्रवृत्ति विलासी होगी तथा भौतिकता के प्रति अत्यधिक आकर्षण रहेगा। भ्रमणप्रिय होने के कारण समय-समय पर यात्रा भी करते रहेंगे। कला एवं संगीत में आप निपुण होंगे तथा कार्य करने में अत्यंत ही दक्ष होंगे। शुक्र ऐश्वर्याशाली एवं बिलासपुर ग्रह है। गौर वर्ण, मध्यम कद तथा सुंदर आकर्षक चेहरा इस राशि वाले जातक के प्रारंभिक लक्षण है। यह राशि चर संज्ञक वायु तत्व प्रधान एवं पश्चिम दिशा की स्वामिनी है। प्राकृतिक स्वभाव वृषभ तुल्य होते हुए भी इस राशि वाले विचारशील ज्ञान प्रिय कुशल कार्य संपादक एवं राजनीतिज्ञ होते हैं। आप में सहनशीलता का भाव विद्यमान होगा और धैर्य पूर्वक कार्यों को संपन्न करके उनमें सफलता की प्रतीक्षा करने में समर्थ होंगे। साथ ही सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग से आपको समय-समय पर जनार्दन होता रहेगा। आपने शारीरिक बल की भी प्रचुरता रहेगी। फलतः परिश्रम एवं पराक्रम का प्रदर्शन करके आप जीवन में मनोवांछित सफलताओं को अर्जित करेंगे। जिससे समाज में आपका प्रभाव रहेगा तथा सभी लोग आपका आदर करेंगे साथ ही यशवी दूर-दूर तक व्याप्त रहेगा। धर्म के प्रति आपके मन में पूर्ण श्रद्धा रहेगी तथा अवसर अनुकूल आप धार्मिक कृत्यों को नियम पूर्वक संपन्न करेंगे जिससे आपको वांछित लाभ एवं सहयोग मिलता रहेगा। विवाह उपरांत इनके जीवन में कुछ महत्वपूर्ण परिवर्तन देखें जा सकते हैं। समुद्री यात्रा आपके लिए कोई विशेष लाभप्रद नहीं है। यदि आपका जन्म तुला राशि में चित्रा नक्षत्र तीन व चार चरण (रा री) में है तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि व्यग्र, गण राक्षस, वर्ण शूद्र, हंसक एक्वार्यूब, नाड़ी अंत्य, पाया चांदी, प्रथम तीन चरण का वर्ग हिरण तथा अंतिम चरण का वर्ग सर्प है। स्वाति नक्षत्र में जन्मे लोग अति उत्साही बहुमुखी प्रतिभा के धनी होते हैं।

 

यदि आपका जन्म तुला राशि में विशाखा नक्षत्र के तीन चरणों (ती तू ते) में है तो आपका जन्म 16 वर्ष बृहस्पति की महादशा में हुआ है। आपकी योनि व्याघ्र, गण राक्षस, वर्ण शूद्र, हंसक वायु, नाड़ी अंत्य, पाया तांबा एवं वर्ग सर्प है। विशाखा नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति विरोधियों का सफाया बहुत चतुराई से करते हैं शुक्र एक विलासी शीतल एवं सौम्य ग्रह है। यह रात्रि को हल्की श्वेत जलक तार किरणें भी खेलता है। अतः श्वेत रंग एवं साफ-सुथरी ऐश्वर्य प्रदान वस्तुओं का व्यापार आपके अनुकूल कहा जा सकता है। आपके लिए अनुकूल रत्न हीरा है।

 

उपाय

4 1/4 रत्ती का ओपल रत्न शुक्र यंत्र में जड़वा कर धारण करें। सुगंधित द्रव्यों का प्रयोग करें। घर की महिलाओं तथा पत्नी बहन बच्ची एवं माता का सम्मान करें। रविवार एवं मंगलवार के अलावा पीपल को सीखें। गाय की सेवा करें। सुगंधित रुमाल पास में रखें।

 

सन 2021 में तुला राशि का वार्षिक भविष्यफल

तुला राशि के लिए यह वर्ष अच्छा नहीं है। हर मोर्चे पर मुश्किलों का सामना करना पड़ सकता है। शनि की ढैया का प्रभाव इस वर्ष आपकी राशि पर रहेगा। चंद्रमा दशम स्थान में स्वर्ग रही है। अतः आजीविका एवं कामकाज में आप इस वर्ष कीर्तिमान स्थापित करेंगे। जहां तक स्वास्थ्य की बात है। इस वर्ष आपका स्वास्थ्य कुछ ढीला रह सकता है। आपको कई मामलों में इस वर्ष धैर्य एवं संयम का परिचय देना चाहिए। क्योंकि समय गति इतनी पक्ष में नहीं है। पुरानी बीमारी से इस वर्ष कष्ट के योग बने हुए हैं, वही आपको इस वर्ष स्वास्थ्य के प्रति काफी सावधान एवं सचेत रहना चाहिए। छोटी मोटी स्वास्थ्य संबंधी परेशानी एवं समस्या को नजरअंदाज बिल्कुल नहीं करें। तुरंत चिकित्सकीय परामर्श लें। इस वर्ष वर्ष आरंभ में राशि अधिपति केतु के साथ युति कर स्थित है। अतः शल्य चिकित्सा सर्जरी का योग भी बन रहा है। पेट दर्द, सिर दर्द, सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी मौसमी बीमारियों का असर तो रहेगा ही साथ ही किसी बड़ी व्याधि के प्रति भी सचेत रहें। तुला राशि के जातक व्यापार कुशल होते हैं। इसी व्यापारिक व व्यावसायिक कुशलता का परिचय देते हुए आप व्यापार में नई-नई संभावनाओं एवं अवसरों को तलाशएंगे। हालांकि ग्रह स्थिति या कुछ विपरीत है। अतः शुरुआत में आपको इतनी सफलता शायद ही मिल पाए। लेकिन आप अपने कार्य एवं कर्तव्य निष्ठा से हर स्थिति परिस्थिति को अपने पक्ष में कर लेंगे। नौकरी में बॉस एवं अधिकारियों के बीच शत्रुओं एवं सहकर्मियों के कारण कुछ गलतफहमियां पैदा होंगी। आपको अपनी वाणी तथा व्यवहार में थोड़ी सी उदारता एवं लचीलापन लाना पड़ेगा। इस वर्ष विद्यार्थियों के लिए समय अति उत्तम है। देवगुरु बृहस्पति चैथे एवं पंचम स्थान में गतिशील रहेंगे। अतः विद्यार्थी अपने लक्ष्यों की तरफ प्रवृत्त होंगे। पति-पत्नी में आपसी सामंजस्य व तालमेल बहुत बढ़िया रहेगा। मंगल वर्ष आरंभ में सप्तम स्थान में स्वग्रही है। आप देखेंगे कि हर मुश्किल स्थिति में परिवार के लोग आपके साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़े हैं। इस वर्ष घर के किसी वरिष्ठ व्यक्ति या बुजुर्ग का स्वास्थ्य गड़बड़ आ सकता है। कामकाज व आजीविका के क्षेत्र में व्यापार के क्षेत्र में आप मार्केटिंग के लिए नई रणनीति बनाएंगे। लॉटरी, जुआ, सट्टा, शेयर्स, एनसीडीएक्स में भूल कर भी पैसा नहीं लगाएं। आप इस वर्ष किसी मुसीबत में फंसे हुए रिश्तेदार या मित्र की मदद आर्थिक रूप से कर लेंगे। आप तुला राशि के जातक हैं। तुला राशि के जातक कई निर्णय भावुकता में लेते हैं। यही भावुकता आपके लिए घातक हो सकती है। 11 मई से 29 सितंबर के मध्य वक्री शनि का प्रभाव आपकी राशि में पड़ेगा। इस समयावधि में किसी अनहोनी की स्थिति दिखलाई पड़ रही है। बिना पढ़े किसी भी कागज पर हस्ताक्षर नहीं करें। आप किसी कानूनी पर्ची लगी या उलझन का शिकार हो सकते हैं। आपका पैसा किसी राजकीय संस्था या गैर राजकीय संस्था में उलझ सकता है। लाख प्रयास एवं मेहनत के बावजूद आपको कोई रास्ता नजर नहीं आएगा। अंततः न्यायालय की शरण से ही समस्या का समाधान होगा। इस वर्ष शत्रु एवं षड्यंत्र भी सक्रिय रहेंगे। हालांकि वे लाख कोशिश के बावजूद भी आपका बाल भी बांका नहीं कर पाएंगे। इस वर्ष आप धन अर्जन करेंगे। अपने साधनों का उचित इस्तेमाल एवं दोहन करके आप रुपया कमाएंगे। खर्चों में थोड़ी मितव्ययिता रखें। शनि की ढैया आपकी राशि पर वर्ष पर्यंत है। अतः हर क्षेत्र में सावधान रहें। शनि की ढैया के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए शनि मुद्रिका धारण करें।

 

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य

तुला राशि के व्यक्तियों के लिए यह वर्ष स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव के संकेत कर रहा है बृहस्पति शनि का योग अकस्मात ही किसी रोग का कारण बनेगा 900 से संबंधित परेशानी हो सकती है दीर्घकालिक बीमारियों में नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाते रहें लापरवाही एवं अति विश्वास में कोई घातक एवं गंभीर बीमारी पेश आ सकती है खानपान नित्य योग व्यायाम जैसी चीजों पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है यात्रा व शादी विवाह में खानपान का विशेष ध्यान रखें किसी रिश्तेदार या मित्र को लेकर अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं इस वर्ष रोग प्रतिरोधक क्षमता आपकी कुछ कमजोर रहेगी जिस कारण वायरल डिजीज का प्रकोप रह सकता है आयुर्वेद प्राकृतिक चिकित्सा यूनानी एक्यूप्रेशर जैसी वैकल्पिक चिकित्सा पद्धतियां आपके आकर्षण का विषय रहेंगी। रोग निवृत्ति के लिए ओम हयूं जूम सह महामृत्युंजय बीज मंत्र का जाप करें।

 

व्यापार व्यवसाय एवं धन

कारोबार में इस वर्ष आंशिक सफलता ही मिल पाएगी। व्यापार में विस्तार की योजनाएं कार्य रूप में परिणित होंगी। हालांकि उसका लाभ फिलहाल इतना नहीं मिल पाएगा। व्यापार एवं कामकाज में नई तकनीक हुनर एवं मशीनरी का उपयोग करके आप उत्पादन को बढ़ा देंगे, परंतु उत्पादन बढ़ने के साथ-साथ कहीं ना कहीं गुणवत्ता जरूर दब जाएगी। यद्यपि तुला राशि के जातक व्यापार निपुण होते हैं। अपनी व्यापारिक बुद्धि एवं दिमाग का उपयोग करके आप हानि को भी लाभ में परिवर्तित कर सकते हैं। आपके व्यावसायिक प्रतिद्वंदी एवं प्रतिस्पर्धी आप से आगे निकल सकते हैं। व्यापार में निवेश एवं विस्तार को फिलहाल टालें। समय गति विपरीत है। आप किसी राज्य की मुसीबत का शिकार हो सकते हैं। आपके शत्रु आपके प्रतिस्पर्धी आपकी शिकायत कर सकते हैं। इस वर्ष शनि की दृष्टि छठे भाव में होगी। अतः शत्रु जनित पीड़ा एवं परेशानी रहेगी। रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी विश्वास नहीं करें। आपका कोई निजी व्यक्ति ही आपकी पीठ में छुरा घोंप सकता है। कामकाज में किसी बड़ी पार्टी से आपका कोई बड़ा ऑर्डर दिया बड़ी डील हो सकती है। नौकरी इसमें सभी से अच्छे संबंध बनाकर रखें। सहकर्मियों के काम में उनका हाथ बटाएं। जहां तक धन एवं संपत्ति की बात है। संपत्ति के रखरखाव पर खर्चा हो सकता है। व्यापार में किसी से व्यर्थ में विवाद नहीं करें। व्यापार का विवाद कोर्ट कचहरी तक भी पहुंच सकता है। कोर्ट के विवाद बाहर ही आपसी समझाइश या मध्यस्थता से निपटा लें। हालांकि इस वर्ष बैंक आदि से भी लोन प्राप्त हो ही जाएगा। रुपयों पैसों का सदुपयोग करें। अन्यथा पैसा तितर-बितर हो जाएगा।

 

घर परिवार संतान व रिश्तेदार

पारिवारिक सुख शांति की दृष्टि से यह साल बहुत ही उपलब्धियों को देने वाला है। परिवार का हर सदस्य आपकी आर्थिक स्थिति एवं असमंजस को देखकर अपने खर्चों में कटौती करेगा। जीवन के हर मुश्किल मोड पर आप अपने परिजनों को अपने साथ खड़ा पाएंगे। संतान का व्यवहार आदतें सोहबत आदि का ध्यान रखें। दांपत्य संबंधों व पति पत्नी में यदा-कदा तनाव हो सकता है। भाइयों से संपत्ति संबंधी विवाद बंटवारे का विवाद आपसी सूझबूझ एवं सामंजस्य से आप संभाल लेंगे। बीमारी पर खर्चा हो सकता है। घर के वरिष्ठ सदस्य माता-पिता एवं बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। रिश्तेदार आप के बढ़ते हुए प्रभाव एवं वर्चस्व से ईष्र्या करेंगे। इस वर्ष शनि स्वग्रही है। मंगल स्वग्रही है अतः घर में किसी नए मेहमान का आगमन हो सकता है।

 

विद्या अध्ययन पढ़ाई व कैरियर

तुला राशि के विद्यार्थियों को इस वर्ष अधिक मेहनत करने की आवश्यकता है। कैरियर एवं नौकरी में कदम कदम पर सावधानी की आवश्यकता है। पूरी तरह से एकाग्रचित् होकर अपने लक्ष्य प्राप्ति में जुट जाएंगे। कामकाज में लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। बॉस एवं अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। आपके सहकर्मी आपके काम में आपकी सहायता करेंगे। इंटरव्यू, साक्षात्कार, ग्रुप डिस्कशन में बात हो सकती है। विभागीय परीक्षा नौकरी से संबंधित परीक्षा में सफलता मिलेगी। नौकरी में आप दूसरे व बेहतर अवसरों को तलाशेंगे। मैकेनिक, पॉलिटेक्निक, इंजीनियरिंग, डिजाइन, फैशन डिजाइन के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों का भाग्य व भविष्य उज्जवल है। सफलताओं के लिए आपको धीरज व धैर्य का परिचय देना चाहिए। लक्ष्य के प्रति समर्पण व एकाग्रता आपका मूल मंत्र रहेगा। ढैया का प्रभाव आपकी राशि पर है। अतः कई चीजों को लेकर विद्यार्थियों के मन में कंफ्यूजन बना रहेगा। अपने चित् व बुद्धि को स्थिर करें।

 

प्रेम प्रसंग व मित्र

प्रेम प्रसंगों व संबंधों के लिहाज से यह वर्ष उत्तम नहीं है। प्रेम प्रसंगों में पढ़कर इस वर्ष आप अपने कैरियर एवं अध्ययन के साथ समझौता कर सकते हैं। इस वर्ष प्रेम प्रसंग उजागर होने का खतरा बना हुआ है जिस कारण से परिवार में अशांति का वातावरण रहेगा। पारिवारिक जीवन एवं प्रेम संबंधों में तालमेल बनाना इस वर्ष बड़ी चुनौती रहेगी। मित्र को मुसीबत या संकट में देखकर आप बेकाबू को उठेंगे। मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। अमर्यादित व संयमित प्रेम संबंध सीधा मुसीबत को निमंत्रण है। अतः मर्यादा व सीमा का ध्यान रखें।

 

वाहन खर्च व शुभ कार्य

बार-बार वाहन खराब होने की समस्या से आप समस्या ग्रस्त रहेंगे। चैथे भाव में शनि का परिभ्रमण वाहन द्वारा परेशानी की स्थिति को दर्शा रहा है। समय समय पर वाहन का रखरखाव एवं मरम्मत करवाते रहें। फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें। एक खास बात और कि आपके साथ कोई ऑनलाइन ठगी या फ्रॉड हो सकता है। अपना क्रेडिट कार्ड, डेबिट कार्ड का ओटीपी किसी को नहीं दें। वाहन को एकदम उत्तम स्थिति में रखें अन्यथा कोई दुर्घटना या अप्रिय घटना घटित हो सकती है। इस वर्ष शुभ कार्य की स्थिति व संभावना कम ही है। ऑनलाइन खरीदारी के चक्कर में कोई गलत चीज या प्रोडक्ट आपके गले पड़ सकता है। घर में किसी शुभ कार्य में विघ्न उपस्थित होंगे। हालांकि किसी रिश्तेदार के यहां शादी विवाह व शुभ प्रसंग में आपकी शिरकत हो सकती है।

 

हानि कर्ज व अनहोनी

इस वर्ष धन हानि व अनहोनी के योग हैं। आर्थिक मामलों में रिश्तेदार एवं भागीदार पर भरोसा करता ही नहीं करें। 11 मई से 29 सितंबर के मध्य आपके अपने ही आपके साथ विश्वासघात करेंगे। कोई बड़ा ऑर्डर कैंसिल हो सकता है या कोई बड़ी पार्टी आपकी कार्यशैली से परेशान होकर आपके साथ व्यावसायिक रिश्ते समाप्त कर सकती है। इस वर्ष लोन तो स्वीकृत हो जाएगा। मैं आपको एक के बाद एक परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। ऋण के दबाव के कारण काम पर पकड़ ढीली पड़ेगी। शत्रु व षड्यंत्रओं से सावधान रहें। आप के विरुद्ध कोई गुप्त योजना कारीत हो सकती है।

 

यात्राएं

इस वर्ष यात्राएं निरर्थक साबित होंगी। यात्राओं से उपलब्धि हासिल हो नहीं पाएगी। उल्टा शारीरिक कष्ट ही होगा। धार्मिक एवं तीर्थ यात्रा में व्यवधान आएंगे।

 

उपाय

वर्ष के अधिकाधिक शुभ परिणाम एवं प्रतिफल प्राप्त करने के लिए ओपेल युक्त शुक्र यंत्र गले में धारण करें। भाग्य की प्रबलता के लिए मोगरे के साथ पुष्प साथ शुक्रवार तक जलाशय में प्रवाहित करें। माता दुर्गा का आशीर्वाद लें। सुगंधित द्रव्यों का अधिकाधिक प्रयोग करें। शुक्रवार को नहाने के पानी में थोड़ा सा कच्चा दूध भी डाल करना है तथा अमेरिकन डायमंड या शुद्ध हीरा चांदी की अंगूठी में जड़वा कर अनामिका अंगुली में धारण करें।

 

सन 2021 में तुला राशि का साप्ताहिक भविष्यफल

 

जनवरी 2021

ग्रह स्थिति

वर्ष आरंभ में केतु शुक्र वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य बुध धनु राशि का तृतीय भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, मंगल मेष राशि का सप्तम भाव में, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का दशम भाव में चलायमान है।

1 जनवरी से 7 जनवरी तक वर्ष का आरंभ आपके लिए खुशियां सम्मान लेकर आएगा। 1 और 2 को आप प्रसन्न चित्त रहेंगे। आप आए प्राप्ति के लिए अतिरिक्त मेहनत करेंगे। मेहनत का शुभ एवं बढ़िया प्रतिफल प्राप्त होगा। घर में कुछ बदलाव कर पाएंगे। 3 और 4 को आप अपने बच्चों को शिष्टता एवं व्यवहारिक ज्ञान देंगे। अपने माता-पिता का पूरा मान एवं आदर करेंगे। पुराना रोग ठीक होगा। आप उदार एवं दयालु होंगे। आपका व्यवहार स्वामी रहेगा। आप व्यस्त और खुशहाल रहेंगे। 5 और 6 को समय सही नहीं है। आस पड़ोस से संबंधों में कटुता आएगी। प्रेम संबंधों मे और सफलता हासिल करेंगे। आपके कार्य की लोग बुराई करेंगे। 7 को समय ज्ञानवर्धक रहेगा। नई मुलाकातें सार्थक रहेंगी। चारों तरफ से शुभ सूचनाएं मिलेंगी।

 

8 जनवरी से 15 जनवरी तक दिनांक 8 को सन्मुख चंद्रमा सफलता दायक रहेगा। इस समय दिया गया इंटरव्यू सफलता दिलाएगा। 9 से 11 तक मन में असीम शांति की प्राप्ति होगी। आपके अधूरे कार्य गति पकड़ेंगे। आपके मकान संबंधी कार्य में आ रही बाधाएं शीघ्र ही दूर होंगी। आप पारंपरिक तरीकों से अपने धन संबंधी मामलों को आगे बढ़ाएंगे। आपके मित्र आपका साथ देंगे। परिवार में सुख शांति बनी रहेगी। आपके मन में दूसरों की मदद का भाव रहेगा। 12 और 13 को अच्छी कमाई से मन प्रसन्न रहेगा। घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद आप की उन्नति में सहायक बनेगा। काम व निजी मोर्चे पर बदलाव अमल में लाएंगे। अपनी जरूरतों को सीमित रखना होगा। 14 और 15 को समय ठीक नहीं है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं, संतान पक्ष से चिंता बनेगी, आपका मन असंतुष्ट रहेगा, घर का वातावरण तनावपूर्ण रहेगा।

 

16 जनवरी से 23 जनवरी तक

दिनांक 16 और 17 को आपके घर मेहमानों का आगमन होगा। व्यापार में तरक्की हो सकती है। नौकरी में चली आ रही दिक्कतें दूर होंगी। परिवार में प्रेम भाव बढ़ेगा। तीर्थयात्रा या धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। 18 से 20 के मध्य समय उत्तम संपत्ति दायक दिवस है। आप की रचनात्मक क्षमता मुख्य रहेगी। अत्यंत सतर्क होकर कार्य करने की जरूरत है। आप में हिम्मत आत्मविश्वास और आशा का संचार होगा। 21 और 22 को समय सुख शांति दायक रहेगा। संपत्ति निवेश आदि कार्य होगा। उदारवादी दृष्टिकोण एवं लचीले रुख के कारण नए नए लोगों को आप अपने व्यापार से जोड़ देंगे। सूझ-बूझ एवं संतुलित दृष्टिकोण से सही एवं सकारात्मक निर्णय प्राप्त होंगे। 23 को समय सुस्ती का रहेगा। आप में धैर्य की कमी रहेगी।

 

24 जनवरी से 31 जनवरी तक

दिनांक 24 और 25 को कष्ट सूचक समय है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। किसी से विवाद हो सकता है। घर में भी वातावरण अशांत रहेगा। जीवन में खुशियों की कमी रहेगी। 26 और 27 को समय अनुकूल आ जाएगा। आपको अपने बड़े बुजुर्गों से सहानुभूति प्राप्त होगी। आप प्रवीणता और कुशलता से काम संभालेंगे। आप गृह कार्य को कुशलता से निपटाएंगे। 28 और 29 को आपको मान सम्मान की प्राप्ति होगी, साथ ही आप दूसरों को सम्मान देंगे। खरीददारी व खानपान में व्यस्त रह सकते हैं। धर्म-कर्म में आपकी विशेष रूचि रहेगी। 30 और 31 को सर्व लाभकारी समय है चारों तरफ से लाभ मिलेगा। आप बच्चों को समय देंगे। युवा वर्ग अपने करियर की तरफ ध्यान दे पाएंगे।

फरवरी 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, शुक्र सूर्य शनि बृहस्पति मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बुध कुंभ राशि का पंचम भाव में, मंगल मेष राशि का सप्तम भाव में, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 फरवरी से 7 फरवरी तक

दिनांक 1 से 3 के मध्य का समय सही नहीं है। आप वाहन ध्यान से चलाएं अन्यथा दुर्घटना घटित हो सकती है। पुराना रोग भरेगा। आप कुछ अनसुलझे सवालों में उलझ सकते हैं। घर परिवार पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। आप पर जिम्मेदारियों का बोझ बढ़ सकता है। दिनांक 4 और 5 को माता-पिता के साथ दो पीढ़ियों के बीच होने वाली परेशानियों से छुटकारा मिलेगा। आप लोगों की चापलूसी में लगे रहेंगे। वैवाहिक जीवन में थोड़ी समस्याएं आएंगी लेकिन आप अपने परिवार की देखभाल करेंगे और उनसे प्रेम करेंगे। आप घर की मरम्मत और सुधार करेंगे। काम को पूरे उत्साह से संपन्न करेंगे। 6 और 7 को आपका सामाजिक दायरा बढ़ेगा। कानूनी मामले निपटाएंगे। आय के मामलों में आप आगे रहेंगे। मानसिक रूप से आप सुकून प्राप्त करेंगे। ससुराल पक्ष से आपको फायदा होगा।

 

8 फरवरी से 15 फरवरी तक

दिनांक 8 और 9 को आधा दिन शानदार परिणामों को देने वाला होगा। आपकी मेहनत और परिश्रम रंग लाएगा। जो भी आप सोचेंगे उसे पूरा करके ही दम लेंगे। शत्रु व विरोधियों की आपके सामने एक नहीं चलेगी। किसी वस्तु की खरीददारी में व्यस्त रहेंगे। आप हर काम को सरलता एवं सुगमता से पूरा कर देंगे। 9 की शाम से 11 के मध्य समय बहुत चिंताकारी रहेगा। समय व्यर्थ के कामों में व्यतीत होगा। बॉस एवं अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। आप यह महसूस करेंगे कि परिवार ही आपकी ताकत है और परिवार पर आप की पकड़ ढीली पड़ेगी। 12 और 13 को समय अनुकूल रहेगा। आप कुछ नया सीखने की चाह रखेंगे। आपने गजब की सहनशक्ति रहेगी तथा काम में लंबे समय तक साहित्य रहेगा। 14 और 15 को उक्त नीति घरेलू बजट आदि बनाने में व्यस्त रहेंगे।

 

16 फरवरी से 23 फरवरी तक

दिनांक 16 को समय अतिरिक्त कार्य करके आए कमाने का रहेगा। मान-सम्मान, यश एवं प्रतिष्ठा का ग्राफ ऊपर की ओर चलेगा। 17, 18 और 19 को सप्तमस्त चंद्रमा मंगल के साथ युति करेगा अतः लक्ष्मी की प्राप्ति होगी। भौतिक ऐसो आराम से जीवन व्यतीत करेंगे। लोगों में आपकी इज्जत बढ़ेगी। आप व्यस्त रहेंगे। आप अपने शौक पूरे करेंगे। खेलकूद में रुचि बढ़ेगी। 20 और 21 को समय बहुत शुभ रहेगा। बनते बनते कार्यों में रुकावट आएगी। कोई ऐसी बात हो जाएगी जिससे आपका मूड ऑफ होगा। उच्चाधिकारियों से संबंध अच्छे बनेंगे। 22 और 23 को समय में सुधार आएगा। आप घर के कार्यों को बड़ी ही सहजता एवं सुगमता से पूरा करेंगे। अटके धन की प्राप्ति होगी एवं संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होंगी। भागीदारी में लाभ होगा सुख-सुविधाओं की प्राप्ति होगी। समय अच्छे से व्यतीत होगा।

 

24 फरवरी से 28 फरवरी तक

दिनांक 24 से 26 के मध्य का समय अनुकूल है मेहमानों का आगमन हो सकता है। आप व्यापार को आगे बढ़ाने का हर संभव प्रयास करेंगे। आपकी मुलाकात दिलचस्प लोगों से होगी जो कि आपकी तरक्की में सहायक होंगे। आप अपनी सारी बाधाओं को पार करते हुए आगे बढ़ेंगे। 27 और 28 को आधा दिन लक्ष्मी प्राप्ति का समय है। आपको तात्कालिक और भाभी लाभ की प्राप्ति होगी। 28 को शाम से समय ठीक नहीं है। आप जिस कार्य में हाथ डालेंगे नुकसान होगा। किसी अप्रिय घटना की स्थिति बन रही है। आप परेशान हो उठेंगे।

मार्च 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, बृहस्पति शनि बुध मकर राशि का चतुर्थ भाव में, सूर्य शुक्र कुंभ राशि का पंचम भाव में, मंगल राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का बारहवें भाव में चलाएं मान है।

 

1 मार्च से 7 मार्च तक

1 और 2 को दोपहर तक समय ठीक नहीं है। बड़े हुए बेतहाशा खर्च से आप परेशान हो जाएंगे। फिजूल खर्च पर नियंत्रण करें कामकाज में आप लक्ष्य को हासिल नहीं कर पाएंगे। इससे तनाव उत्पन्न होगा और यही तनाव आपकी पारिवारिक सुख शांति में अड़चन पैदा करेगा। 2 की शाम से 4 के मध्य का समय सफलतादायक है। आप जितना श्रम करेंगे उतना लाभ अवश्य प्राप्त होगा। इस समय की गई यात्रा लाभदायक रहेगी। घर में किसी न किसी रूप में लक्ष्मी का आगमन होगा। आपको ऐसा महसूस होगा कि आपके मस्तिष्क में विचारों की नई प्रेरणा जागृत हो रही है। 5 और 6 को मानसिक शांति प्राप्त होगी। आप तमाम भागदौड़ से राहत की सांस लेंगे। 7 को पैसों की आवक होगी समय श्रेष्ठतम है।

 

8 मार्च से 15 मार्च तक

दिनांक 8 को आपके सारे कार्य सफल होंग। परिवार में भी आपकी सलाह मान्य होगी। विद्यार्थी वर्ग अपना काम समय पर और अच्छे तरीके से निपटाएंगे। नौकरी एवं व्यापार में तरक्की के आसार हैं। 9 से 11 के मध्य समय खराब रहेगा। आपकी प्रतिष्ठा का ग्राफ कमजोर हो सकता है। वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें। आप देने एवं रोजमर्रा के कार्यों में इतने ज्यादा व्यस्त रहेंगे कि स्वयं के लिए भी समय नहीं निकाल पाएंगे। आप अपने बजट में सावधानी रखें। मुकदमें अदालत के निर्णय में कहीं निष्कर्ष पर नहीं पहुंच पाएंगे। 12 और 13 को आप अपनी वाणी एवं आवाज के जादू से सभी को सम्मोहित करेंगे। आपकी खुशी के कोटे में बढ़ोतरी होगी। 14 और 15 को समय अति सुखद रहेगा। भाग्य साथ देगा।

 

16 मार्च से 23 मार्च तक

दिनांक 16 से 18 के मध्य का समय विद्यार्थियों के लिए बढ़िया है। अपना बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे। आप एक बार जो मन में ठान लेंगे वह पूरा करके ही दम लेंगे। आप अपने बच्चों से मित्रवत व्यवहार करेंगे। घर के वरिष्ठ सदस्यों का साथ रहेगा। आप उन्हें पूरा आनंद व आदर देंगे। इस समय आप स्वयं को आत्मविश्वास और शक्ति से लबालब और दुनिया के शिखर पर महसूस करेंगे। 19 और 20 को थोड़ी सावधानी बरतना आपके लिए अच्छा रहेगा। धन व घर के मामलों में खुद को असुरक्षित महसूस करेंगे। समाज के कुछ लोग आपके विरुद्ध होंगे। आपको घरेलू कार्य बोझिल महसूस होंगे। स्वास्थ्य पर ध्यान देना होगा। 21 से 23 के मध्य सरकारी कामकाज गति पकड़ेंगे। पारिवारिक रिश्ते मजबूत होंगे। आप धैर्यवान होंगे। विफलता के बावजूद आप हताश नहीं होंग,े पुनः उठेंगे, आगे बढ़ेंगे और सफलता प्राप्त करेंगे।

 

24 मार्च से 31 मार्च तक

दिनांक 24 और 25 को आप मान सम्मान की प्राप्ति करेंगे। आप खुद को सुरक्षित महसूस करेंगे। आप अत्यंत सतर्क रहते हुए काम करेंगे और प्रशंसा के पात्र बनेंगे। 26 और 27 को समय अत्यंत शुभ एवं लाभकारी रहेगा। वैवाहिक जीवन मधुर होगा। चारों तरफ से लाभ की प्राप्ति होगी। जो प्रयास आप पूर्व में कर रहे थे उनके अच्छे परिणाम सामने आएंगे। आराम के साथ कार्य भी होगा। या यूं कहें कि काम भी पूरे होंगे तो आप आराम के लिए भी समय निकाल लेंगे। 28 और 29 को समय शुभ है। हाथ में आता-जाता पैसा फिसल सकता है। आप स्वयं को अकेला महसूस करेंगे। सावधानी रखें क्योंकि सावधानी हटी और दुर्घटना घटी। 30 और 31 को वैवाहिक समारोह में शरीक होंगे। अविवाहितों के विवाह के प्रस्ताव आएंगे। आप मे संतुष्टि का भाव रहेगा।

अप्रैल 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, शनि बृहस्पति मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बुध शुक्र सूर्य मीन राशि का षष्टम भाव में, राहु मंगल वृषभ राशि का अष्टम भाव में चलायमान है।

 

1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक

दिनांक 1 और 2 को बहुत ही साधारण दिवस रहेगा। आप अपने दैनिक क्रियाकलाप सामान्य रूप से संपन्न करेंगे। आपको अपने जीवनसाथी का पूरा पूरा सहयोग एवं प्यार मिलेगा। 3 और 4 को धन प्राप्ति के संकेत मिल रहे हैं। आप अपने काम को बढ़ाने के लिए नई-नई योजनाएं बनाएंगे जो कि सार्थक होगी। वैवाहिक आर्यों की योजना बनेगी या उसके लिए खरीददारी भी करेंगे। आप लोगों की समस्या सुनेंगे एवं उनके हलके प्रयास भी करेंगे। परिवार के साथ घूमने-फिरने जा सकते हैं। संतोष शांति एवं सद्भाव यह सब आपके पास रहेंगे। 5 और 7 को समय बहुत खराब है। आपको नजर या तो कार लग सकती है। अचानक कहीं से चिंता आ जाएगी। आप परेशान हो जाएंगे। दांपत्य जीवन में भी परेशानी आएगी। आपके मित्र ही आपके शत्रु बन जाएंगे। सावधान एवं सतर्क रहें।

 

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक

8 और 9 को विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम सुखद आएंगे। किए गए कार्यों का नतीजा सुखद रहेगा। परिवार और बच्चे उपेक्षित नहीं होंगे। इस समय आप अस्तित्व की असाधारण ऊंचाइयों पर होंगे। 10, 11 और 12 को उत्तम संपत्ति दायक दिवस रहेगा। आप प्रकृति का आनंद लेंगे। आप के संपर्कों का दायरा बढ़ेगा। घर-परिवार संबंधी और समाज की प्रवाह करेंगे। इन सबके बीच आप आध्यात्मिक और बौद्धिक ऊंचाइयों को प्राप्त करेंगे। धैर्य के साथ किया गया काम अच्छे नतीजे देगा। अतिरिक्त आय के भी निश्चित योग हैं। मीडिया संबंधी मामलों, कला, सिनेमा, लेखन, प्रकाशन आदि काम के लिए उत्तम समय है। 13 और 14 को शांति की प्राप्ति होगी। आपके विरोधी शांत रहेंगे। आप अधिक से अधिक काम में जुटे रहेंगे। 15 को समय थोड़ा सा तनाव भरा रहेगा।

 

16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक

16 और 17 को परेशानी भरा समय है। अतिरिक्त आय के चक्कर में अतिरिक्त काम की व्यस्तता भी रह सकती है। धैर्य और समझ के साथ कामले और जल्दबाजी न करें। यात्रा में कष्ट होगा। 18 और 19 को उच्च तकनीक एवं टेक्नोलॉजी के संबंध में चमक-दमक रहेगी। जोखिम भरे काम करेंगे। आपके भीतर मानवीय दयालुता होगी। संपर्क की दृष्टि से आप में जोरदार ऊर्जा होगी। इससे आपको खुशी और लाभ दोनों मिलेंगे। 20 और 21 को मान प्रतिष्ठा वर्धक समय है। भौतिक सुख-सुविधा की प्राप्ति होगी। आगंतुकों का स्वागत जोर-शोर से करेंगे। आप धार्मिक यात्रा कर सकते हैं। परिवार के साथ बाहर जाएंगे। भाई-बहन का साथ मिलेगा। 22 और 23 को सर्वर लाभकारी दिवस रहेगा। आप जो भी कार्य करेंगे उसमें लाभ की प्राप्ति होगी। आप अत्यधिक व्यस्त रह सकते हैं।

 

24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक

दिनांक 24 और 25 को समय ठीक नहीं है। आपका स्वास्थ्य कमजोर रह सकता है। जीवन में निराशा का भाव रहेगा। जीवनसाथी से अनबन हो सकती है। विद्यार्थी वर्ग हताश हो सकते हैं। 26, 27 और 28 को समय पूर्णतया अनुकूल आ जाएगा। आप इस समय वाहन सुख प्राप्त करेंगे। आप इस समय प्रसन्नचित्त रहेंगे। आप की मुख्य समस्याएं एवं परेशानियां पीछे छूट सकती है। आपकी सकारात्मक सोच आप को आगे ले जाएगी। आपके जीवन को संभालेंगे। जीवन के उजले पक्ष को देखेंगे। नए कपड़ों की खरीदारी होगी। 29 और 30 को मानसिक रूप से शांति का अनुभव करेंगे। परिवार में मधुरता आएगी। आपको लाभ की प्राप्ति भी होगी। आप लोगों को अपनी तरफ आकर्षित करेंगे। धन लाभ होगा। ज्ञान में भी बढ़ोतरी होगी।

मई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा धनु राशि का तृतीय भाव में, शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का पंचम भाव में, सूर्य, शुक्र मेष राशि का सप्तम भाव में, बुध, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, मंगल मिथुन राशि का नवम भाव में चलायमान है।

 

1 मई से 7 मई तक

1 व 2 को आधा दिन शानदार फलों को देने वाला होगा। शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में होने से मधुर फल देगा। यात्रा लाभदायक रहेगी। आपके मिलने जुलने वाले आपसे प्रसन्न रहेंगे। 2 कि शाम से 4 के मध्य का समय संभलकर चलने का रहेगा। अपने क्रोध एवं वाणी पर कंट्रोल रखें। गलत बोलने से आपके बनते कार्य अटक जाएंगे। आप हमें आलस्य का भाव रहेगा। आप के सम्मान में कमी आएगी। आपकी कोई प्रिय या कीमती वस्तु चोरी या गुम हो सकती है। लाभ में कमी आएगी। 5 और 6 को समय महत्वपूर्ण रहेगा। आपका कोई विशेष कार्य इस समय पूरा होगा। मन में असीम शांति की प्राप्ति होगी। आप दूसरों की मदद करने की स्थिति में रहेंगे। साथ को आप की रचनात्मक प्रतिभा उतरेगी। आप समय का सदुपयोग करेंगे। गोपनीय मामलों का निपटारा होगा।

 

8 मई से 15 मई तक

दिनांक 8 और 9 को समय शानदार फलों को देने वाला रहेगा। अतिरिक्त आय की प्राप्ति होगी। समय हंसी मजाक, मनोरंजन में व्यतीत होगा। आप जो भी कार्य करेंगे उसका तत्काल फल प्राप्त होगा। बच्चों को भी मनचाही वस्तु प्राप्त होगी। व्यवसाय क्षेत्र में भी लाभ मिलेगा। आप कार्य को नए ढंग से करेंगे। आप में सहनशक्ति गजब की रहेगी। 10 और 11 को बेहतर समय है। आप घूमने फिरने के मूड में रहेंगे। कहीं रेस्टोरेंट में भोजन का आनंद ले सकते हैं। स्वास्थ्य उत्तम रहेगा। नई वस्तु की खरीदारी करेंगे। आप सारे कार्यों को आराम एवं शांति से निपटाएंगे। दिनांक 12, 13 और 14 को आधा दिन कष्टप्रद रहेगा। आप व्यर्थ में ही किसी से उलझ सकते हैं। चंद्रमा का अष्टमस्त परिभ्रमण इतना शुभद नहीं है। आप अंदर से अपने आप को काफी कमजोर महसूस करेंगे। कोर्ट केस या सरकारी कामकाज में स्थितियां विपरीत बनेंगी। 14 की सायं से 15 तक समय ठीक रहेगा।

 

16 मई से 23 मई तक

दिनांक 16 को विजय सूचक दिवस रहेगा। आपके किसी काम की बुरी बुरी प्रशंसा होगी। आप दोगुने जोश एवं उत्साह से काम पर लगेंगे। आप 17 से 19 के मध्य स्वयं को कामयाबी की बुलंदी पर खड़ा पाएंगे। घरेलू जीवन में आप आनंद लेंगे। घरेलू एवं रोजमर्रा के कामों में व्यस्त रहेंगे। आप अपने कार्यों की समीक्षा करेंगे। 20 और 21 को आपको अपने प्रयासों के प्रति संतोष रहेगा। आर्थिक स्थिति सुदृढ़ रहेगी। कहीं से पुराना दिया उधार रुपया वसूल होगा। व्यापार में आय एवं आमदनी बढ़ाने पर आप गंभीरता से प्रयास करेंगे। जिस चीज को पाने के लिए आप प्रयास करेंगे उसे पाकर ही दम लेंगे। 22 और 23 को समय घोर कष्ट एवं निराशा का है। बनते-बनते कामों में रुकावटें एवं अब अवरोध आएंगे। कुछ गलत निर्णय इस समय आप से हो जाएंगे और इसका खामियाजा आप को भुगतना पड़ सकता है।

 

24 मई से 31 मई तक

दिनांक 24 और 25 को समय अनुकूल आ जायेगा। आप अपने गुरु की आराधना एवं उपासना में लगे रह सकते हैं। आप में उदारता दयालुता एवं सहनशीलता का भाव रहेगा। आप अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हुए उनका निर्वाह करेंगे। 26 और 27 को मिश्रित फलों की प्राप्ति होगी। लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर निपटाएंगे। किसी विशेष कार्य की कार्य योजना बनाएंगे। अविवाहितों के विवाह की बात आगे बढ़ेगी। 28 और 29 को धनदायक समय रहेगा। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। कठोर परिश्रम से आप सब कुछ हासिल कर लेंगे। 30 और 31 को आप पुरानी दकियानूसी बातों में पड़े रहेंगे जिससे आप पीछे रह जाएंगे। वैवाहिक समारोह में भाग दौड़ अधिक रहेगी। किए गए कार्यों का यश नहीं मिलेगा। मन खिन्न रहेगा।

जून 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति चंद्रमा कुंभ राशि का पंचम भाव में, सूर्य, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, मंगल, बुध, शुक्र मिथुन राशि का नवम भाव में चलायमान है।

 

1 जून से 7 जून तक

दिनांक 1 से 3 के मध्य का समय सामान्य फलप्रद है। कार्यकुशलता एवं कार्य क्षमता में इजाफा होगा। नौकरी में थोड़ी परेशानी एवं दिक्कतें आएंगी। आप हर प्रकार की स्थिति का डटकर बड़ी ही निडरता से सामना करेंगे। गृहिणीया अपने कार्य में महारत हासिल करेंगी। 4 और 5 को वसीयत संबंधी कार्यो का निपटारा होगा। धन की प्राप्ति के लिए समय गति ठीक है सामाजिक पद प्रतिष्ठा में इजाफा होगा। घर एवं ऑफिस की जिम्मेदारियों को भली प्रकार पूरा करेंगे। आप अपनी जड़ों को मजबूत करेंगे एवं जड़ों से जुड़े रहेंगे। ईश्वरीय आराधना एवं भक्ति में मन लगेगा। 6 और 7 को शांति दायक समय रहेगा सारे कार्य शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होंगे। आप इस समय कहीं बाहर जाने का प्रोग्राम बना सकते हैं। यात्रा सुखद एवं सफल रहेगी।

 

8 जून से 15 जून तक

दिनांक 8 से 10 के मध्य का समय सही नहीं है। आप कहीं मुसीबत में फंस सकते हैं। आपकी दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी। आप में किसी भी बात को लेकर सब्र नहीं रहेगा। कहीं से अशुभ समाचारों की प्राप्ति होगी जिससे मन उदास रहेगा। 11, 12 और 13 को समय अच्छा आ जाएगा। हालांकि आप अपना काम पूरा नहीं कर पाएंगे, किंतु इसका आपको कोई दुख नहीं होगा। आप सुख सुविधा जुटाने में व्यस्त रह सकते हैं। आपको प्रिय वस्तु की प्राप्ति होगी। आप अपने पसंदीदा जगह पर जाकर समय व्यतीत करेंगे। कहीं मंदिर या शांति लायक जगह पर जाएंगे। 14 और 15 को समय मान सम्मान एवं प्रतिष्ठा को बढ़ाने वाला होगा। आप स्वयं को सजाने संवारने में लगे रहेंगे। आप अपने स्वास्थ्य के प्रति सजग रहेंगे। रूटीन चेकअप करवाएंगे। साथ ही अपने जीवनसाथी से भी आप की ट्यूनिंग अच्छी रहेगी।

 

16 जून से 23 जून तक

दिनांक 16 और 17 को समय लाभकारी है। चारों तरफ से लाभ की प्राप्ति होगी। बैंक, निवेश जैसे आर्थिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। नौकरी पेशा व्यक्ति की पदोन्नति हो सकती है या वेतन वृद्धि होगी। युवा वर्ग मनपसंद काम मिलने से प्रसन्न रहेंगे। 18 और 19 को समय ठीक नहीं है। आपकी चिंता में बढ़ोतरी होगी। फोन कॉल्स में समय व्यर्थ नष्ट होगा। वित्त संबंधी मामलों में विवाद का सामना करना पड़ेगा। आप किसी साजिश षड्यंत्र के शिकार हो सकते हैं। आपके हाथों से कोई ऐसा काम हो सकता है जिसका पछतावा रहेगा। इस समय कोई अनुबंध या ऑर्डर रद्द हो सकता है। 20 और 21 को समय अनुकूल रहेगा। धन लाभ के आसार हैं। व्यापार में बढ़ोतरी होगी। नौकरी में सहकर्मी आपका सहयोग करेंगे। 22 और 23 को बेरोजगारों को काम की तलाश पूरी होगी। हंसी खुशी में समय व्यतीत होगा।

 

24 जून से 30 जून तक

दिनांक 2425 और 26 को समय पूर्णतया अनुकूल है। अपने आत्मविश्वास एवं क्षमता के सहारे दूसरों को पीछे छोड़ने में सफल रहेंगे। सामाजिक मुद्दों तथा कल्याणकारी कार्यों को पूरी सहानुभूति से अंजाम देंगे। 27 और 28 को पुनः कोई हादसे का शिकार हो सकते हैं। आपके साथ कोई विश्वासघात हो सकता है। आप परेशान होंगे। आप में सहनशक्ति की कमी रहेगी। आप धैर्य खो बैठेंगे। आप अपने कर्तव्यों का निर्वाहन ठीक से नहीं कर पाएंगे। फिलहाल अपने गलत कार्यों को बंद कर दें। 29 और 30 को समय ज्ञानवर्धक है। विद्यार्थियों को मनपसंद स्कूल कॉलेज में प्रवेश मिल जाने से मन प्रसन्न रहेगा। वाद-विवाद एवं प्रतियोगिता में सफलता मिलेगी। नया मेहमान आ सकता है।

जुलाई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा मीन राशि का षष्ठम भाव में, राहु बुध वृषभ राशि का अष्टम भाव में सूर्य मिथुन राशि का नवम भाव में मंगल शुक्र कर्क राशि का दशम भाव में चलायमान है।

 

1 जुलाई से 7 जुलाई तक

दिनांक 1 और 2 को बदलते मौसम का आनंद लेंगे। समय धन कमाने का है। आप अपने कार्य को नंबर वन तरीके से करेंगे। शादी विवाह के कार्यों की तैयारियों में लगे रहेंगे। आप घर के वरिष्ठ सदस्यों की सलाह से सारे कार्य करेंगे। 3, 4 और 5 को आधा दिन शांतिपूर्ण रहेगा। परिवार में सुखद वातावरण बनेगा। दांपत्य संबंधों में मधुरता का भाव रहेगा। घर में कोई सुअवसर आएगा। घरेलू कार्य सुख शांति से संपन्न होंगे। इस समय किसी प्रियजन से मुलाकात हो सकती है। 5 की दोपहर से 7 के मध्य अष्टमस्त चंद्रमा घातक रहेगा। आपका पैसा कहीं फंस सकता है। लाख प्रयत्नों के बावजूद पैसा निकलने की सूरत नजर नहीं आएगी। कानूनी पचड़े में फंस सकते हैं। आर्थिक नुकसान के कारण मन बेचैन रह सकता हैं अशुभ समाचारों की प्राप्ति होगीं।

 

8 जुलाई से 15 जुलाई तक

दिनांक 8 से 10 के मध्य समय सरकारी विजय सूचक है। आप जिस काम में हाथ डालेंगे सफलता हासिल करेंगे। आप अपना बेहतर करेंगे। व्यापार आगे बढ़ेगा। पैसों की भी आवक होगी। आप खरीद फरोख्त में व्यस्त रहेंगे। 11 और 12 को समय अच्छा है आप अपने व्यवसाय में नया प्रयोग करेंगे नौकरी में सही अवसर की ताक में रहेंगे। आप सत्य निष्ठा एवं ईमानदारी के जज्बे के साथ आगे बढ़ेंगे। 13, 14 और 15 को समय कीर्ति दायक सफलता दायक एवं धनदायक रहेगा। मन की सारी महत्वाकांक्षा पूरी होंगी। सरकारी एवं कोर्ट कचहरी के कार्य गति पकड़ेंगे। आप अपने कार्य को तल्लीनता से करेंगे। मकान संबंधी कार्य होगा। पड़ोसियों तथा पुराने मित्रों से अच्छे संबंध बनेंगे। काम को लेकर नई नई योजनाएं बनेंगी। भागीदार व व्यापारी वर्ग से अच्छा व्यवहार एवं तालमेल बैठाकर चलेंगे।

 

16 जुलाई से 23 जुलाई तक

दिनांक 16 और 17 को आपके स्वास्थ्य का पाया कमजोर रह सकता है। व्यापार के लिए किए गए नीतिगत निर्णय भी गलत साबित होंगे। वाहन आदि खराब हो सकता है। आर्थिक मामलों में आपका हाथ थोड़ा तंग रह सकता है। 18 और 19 को समय अनुकूल आ जाएगा आर्थिक लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा। आपके प्रयासों का मीठा फल आपको मिल जाएगा। कड़ी मेहनत एवं प्रतिष्ठा हासिल करने में समय लगेगा अनुकूल समय का पूरा पूरा लाभ उठाएंगे। 20 और 21 को मानसिक संतोषकारी समय है। जो भी काम आपने सोच रखा है वह येन केन प्रकारेण पूरा भी कर ही लेंगे। लंबे समय से अटके कार्य पूर्ण होंगे। आपके भीतर ऊर्जा एवं प्रेरणा शक्ति का संचार होगा। 22 और 23 को समय पूर्णतया पक्ष में रहेगा। आप नई जगह जाएंगे। परिवार में प्रेम बढ़ेगा।

 

24 जुलाई से 31 जुलाई तक

दिनांक 24 और 25 को विपरीत समय रहेगा। धन तो आएगा परंतु पास में ठीक नहीं पाएगा। आप अपनी वाणी पर नियंत्रण नहीं रख पाएंगे और झगड़े का कारण बनेंगे। समय के अनुसार चलेंगे, अन्यथा हर दाव उल्टा ही पड़ेगा। 26 और 27 को बेहतर समय है। घर में मेहमानों का आगमन वातावरण सुखद बनाएगा। आप हर कार्य सजगता से करेंगे। आप अपने अधिकारियों को संतुष्ट करेंगे। यात्रा सफल रहेगी। आप अपने प्रियजनों के साथ रिश्ते को मजबूत करेंगे। रचनात्मकता के लिहाज से समय अति उत्तम है। 28, 29 और 30 को नए वस्त्र आभूषण खरीद सकते हैं। आप अपनी खुशियों को साझा करेंगे। करियर और व्यवसाय को विशेष महत्व देंगे। युवा वर्ग अति उत्साहित होंगे। कामकाज गति पकड़ेंगे। 31 को मौसम का आनंद उठाएंगे। डेटिंग पर जा सकते हैं।

अगस्त 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा मेष राशि का सप्तम भाव में, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, सूर्य बुध कर्क राशि का दशम भाव में, मंगल, शुक्र सिंह राशि का 11 वे भाव में चलायमान है।

 

1 अगस्त से 7 अगस्त तक

1 को समय अच्छा है। आपका सारा ध्यान मंत्र, प्रार्थना और चिंतन में व्यतीत होगा। आप सादगीपूर्ण जीवन जिएंगे। 2 और 3 को स्थितियां विपरीत बनेंगी। आपके अधिनस्थ और संबंधी आपके लिए मुश्किलें पैदा करेंगे और स्थितियां काबू में नहीं रहेंगी। कड़ी प्रतियोगिता के कारण आपको व्यवस्थित और अधिक से अधिक मेहनत करनी पड़ेगी। शनि के प्रभाव से शारीरिक कष्ट होगा। 4, 5 और 6 को बिगड़े कार्य सुधरेंगे आपके मित्र आपका साथ देंगे। कुछ महत्वपूर्ण कार्य भी संपन्न होंगे। विदेश जाने के इच्छुक जातकों के पासपोर्ट, वीजा संबंधी कार्य गति पकड़ेंगे। पुराने रोग ठीक होंगे। गले से संबंधित समस्या रह सकती है। 7 को त्यौहार विशेष की तैयारी में लगे रह सकते हैं। आप ध्यान योग मनन पर ध्यान देंगे तो स्वास्थ्य उत्तम रहेगा।

 

8 अगस्त से 15 अगस्त तक

दिनांक 8 और 9 को मान प्रतिष्ठा वर्धक समय रहेगा। आर्थिक मामले परेशान कर सकते हैं लेकिन धनेश मंगल की स्थिति अच्छी होने से आप उनसे पार पा लेंगे। फिर भी याद रखिए कि कर्ज, फंड, खरीद बिक्री, उधार लेन-देन आपके लिए मुश्किलें पैदा कर सकते हैं। 10 और 11 को आधा दिन बहुत शानदार फलों को देने वाला होगा। कार्य योजना में बदलाव या परिवर्तन करके अच्छे नतीजे प्राप्त होंगे। संवाद या यात्रा के लिए बेहतर समय है। 11 की सायं से 13 की दोपहर तक का समय है संभल कर चलने का है खान-पान में सावधानी बरते नौकर वर्ग से परेशानी रहेगी। कामवाली बाई के समय से ना आने से मन की भावना व शारीरिक कष्ट बढ़ सकते हैं। किसी मूल्यवान वस्तु के खोने धन हानि या चोरी होने की आशंका है अतः सावधानी बरतें। 13 की सायं से 15 तक समय बहुत बढ़िया रहेगा।

 

16 अगस्त से 23 अगस्त तक

दिनांक 16 और 17 को समय सामान्य फल पर रहेगा। आप इस समय काम के साथ-साथ आराम भी करेंगे। कोई मन प्रिय घटना घटित होगी। बच्चों पर ध्यान दे पाएंगे। घर परिवार एवं पड़ोसियों के साथ प्रेम भाव बढ़ेगा। 18 और 19 को किसी भी स्थिति में आप श्रेष्ठ स्थान पर रहेंगे। आप पूरे जोशो खरोश के साथ अपने काम को निपटा देंगे। मीडिया, प्रचार प्रसार या टेलीविजन से जुड़े लोगों को लाभ होगा। नौकरी में उन्नति के आसार हैं। 20 और 21 को चतुर्थ चंद्रमा की स्थिति कष्टकारी रहेगी। अचानक कोई मुसीबत आ सकती है जिससे आप अंदर तक खिंज जाएंगे। व्यापार में सोच समझकर कदम उठाएं। आपके खर्च में बेतहाशा बढ़ोतरी हो सकती है। आपको अपना काम करने के लिए कुछ पैसा ज्यादा खर्च करना पड़ सकता है। 22 और 23 को ज्ञानवर्धक दिवस रहेगा सामाजिक दायरा बढ़ा सकते हैं।

 

24 अगस्त से 31 अगस्त तक

दिनांक 24, 25 और 26 को गणेश व्यक्तियों का साथ रहेगा। आमदनी के लिहाज से खर्च बढ़ेगा। आप निजी तौर पर आत्म सुधार की कोशिश में लगे रहेंगे। अपने करियर पर ध्यान दे पाएंगे। निजी तौर पर अच्छे दिखेंगे स्वास्थ्य अच्छे कपड़े तथा काम पर ध्यान देंगे। 27, 28 और 29 को आधा दिन शांतिपूर्ण तरीके से व्यतीत होगा। आपका परिवार आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण होगा। आप अपनी जड़ों की ओर लौटेंगे। सामाजिक लोगों की निगाहें आप पर होंगी। आप एकाग्रचित्त होकर पूरे कौशल से अपने काम को अंजाम देंगे। 29 की दोपहर से 31 के मध्य समय ठीक नहीं है। आपको लोग आपकी धन दौलत से चाहेंगे आपके प्रेम से नहीं। स्वार्थवश लोग आपसे मिलेंगे जिससे आपका मन खिन्न रहेगा। संतान पक्ष से विरोध रहेगा।

सितंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में। शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में। बृहस्पति कुंभ राशि का पंचम भाव में। राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में। चंद्रमा मिथुन राशि का नवम भाव में। सूर्य मंगल सिंह राशि का ग्यारहवें भाव में। बुध, शुक्र कन्या राशि का बारहवें भाव में चलाएं मान है।

 

1 सितंबर से 7 सितंबर तक

दिनांक 1 से 3 के मध्य नए कार्य की रूपरेखा बनेगी। कार्य योजना सफल होगी। आप में काम करने का जुनून रहेगा। आप अपने विरोधियों को धूल चटाने में सक्षम रहेंगे। आपकी इच्छा भी बेहतर बनेगी। 4 और 5 को समय बेहतरीन होगा। आप को सरकार की तरफ से इनाम या सम्मान की प्राप्ति होगी। माता-पिता या अभिभावक से निजी रिश्तो को मजबूत करने का उचित समय है। बृहस्पति की पंचम भाव स्थिति के कारण संतान से अच्छे संबंध बनेंगे। आपको ऐसे स्त्रोत से धन प्राप्त हो सकता है जिसकी आपने पहले कभी कल्पना भी नहीं की होगी। आप दृढ़ इच्छाशक्ति के चलते हर कार्य पर फतेह प्राप्त करेंगे। 6 और 7 को अति उत्तम समय रहेगा। लाभ की प्राप्ति होगी। यह सप्ताह शानदार फलों को देने वाला रहेगा। भागीदारी में भी लाभ की प्राप्ति होगी। सुख की प्राप्ति होगी।

 

8 सितंबर से 15 सितंबर तक

दिनांक 8 और 9 को हानिकारक स्थिति बनेगी। ज्यादा लालच नुकसान का कारण बन सकता है। लड़ाई झगड़े की भी संभावना बनेगी। जहां तक संभव हो शांत रहें। बिना वजह आपको झुकना पड़ सकता है। नई जिम्मेदारियां उठानी पड़ सकती है। 10 और 11 को समय पूर्ण रूप से अनुकूल रहेगा। प्रेमी प्रेमिका के बीच मधुर संबंध रहेंगे। घर में मेहमानों का आगमन होगा। युवा वर्ग अति उत्साह एवं उमंग से परिपूर्ण रहेंगे। 12 और 13 को अपना सारा कार्य शांतिपूर्ण ढंग से निपटा लेंगे। अपने आत्मविश्वास एवं क्षमता के सहारे दूसरों को पीछे छोड़ने में सफल रहेंगे। लक्ष्यों की तरफ कदम बढ़ाएंगे। कुछ विशेष कार्यों को करने में विशेष रूचि रहेगी। 14 और 15 को आप आमदनी बढ़ाने हेतु प्रयासरत रहेंगे। आप पहले से अधिक अधिकार संपन्न होंगे। नया कार्य फायदा देगा। व्यापारी यात्राएं होंगी।

 

16 सितंबर से 23 सितंबर तक

दिनांक 16 से 18 के मध्य मृत्यु तुल्य कष्ट की प्राप्ति होगी। कमर के नीचे भाग के रोग उभर सकते हैं। राजकीय कार्यों में बाधा आएगी। मेहनत के बावजूद नतीजा शून्य रहेगा। किसी वरिष्ठ सदस्य से कहासुनी हो सकती है। 19 और 20 को विद्यार्थियों के लिए सफलतादायक एवं ज्ञान अर्जित करने का समय है। लंबे समय से चली आ रही चिंता समाप्त होगी। घर परिवार में आपकी व्यस्तता रहेगी। व्यापार में दूरदर्शिता से भरे हुए निर्णय आप लेंगे। जिससे आंशिक रूप से आपको धन लाभ भी होगा। 21 और 22 को नैतिकता से जुड़े मामले आकर्षित करेंगे। देश एवं समाज के लिए कुछ करने की चाह मन में रहेगी। 23 को आप भावुकता में आकर दिल से निर्णय लेंगे जो कि आपके हित में होंगे। जीवन की गाड़ी पटरी पर दौड़ेगी।

 

24 सितंबर से 30 सितंबर तक

24 और 25 को समय सुखदायक रहेगा। आप दूसरों की सहायता के लिए हाथ बढ़ा सकते हैं। सास-बहू, ननद-भाभी में प्यार बढ़ेगा। एक दूसरे की मदद करेंगे। 26 और 27 को समय ठीक नहीं है। वाहन, मोबाइल या इलेक्ट्रॉनिक आइटम खराब होने से परेशानी का सामना करना पड़ेगा साथ ही युवा वर्ग हताश एवं निराश हो सकते हैं। कार्यभार अधिक होने से थकान का अनुभव करेंगे। अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। 28, 29 और 30 को समय अनुकूल है दुनिया के प्रति मानसिक और आध्यात्मिक रूप से आपके दृष्टिकोण में सकारात्मक परिवर्तन आएगा। आप अपने कामकाज को लेकर इस समय गंभीर रहेंगे तथा सारे कार्य व फैसले सही लेंगे। अर्थ लाभ होगा।

अक्टूबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में बुध, शुक्र तुला राशि का लग्न में, केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का दशम भाव में, सूर्य, मंगल कन्या राशि का बारहवें भाव में चलाएं मान है।

 

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक

दिनांक 1 और 2 को मान प्रतिष्ठा वर्धक समय है। आप व्यापार या घर में अपनी शर्तों पर ही समझौता करना चाहेंगे। जिससे मन में संतुष्टि का भाव रहेगा। 3 और 4 को भाग्योदय के अवसर मिलेंगे। नई योजना की शुरुआत कर सकते हैं। राजकीय मामले सूजन के नया घर अथवा वाहन खरीदने का मन बनेगा। कोर्ट-कचहरी के मामले किसी की मध्यस्थता से सुधरेंगे। बुजुर्गों का ध्यान रखें कार्यस्थल पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए कठोर कदम उठाएंगे। अधिकारी वर्ग आपकी कार्यशैली से प्रभावित होंगे। 5, 6 और 7 को दोपहर तक का समय ठीक नहीं है। टालमटोल की आदत नुकसानदाई हो सकती है। निजी काम में बाहरी दखल से तनाव बढ़ेगा। आय-व्यय में तालमेल के अभाव में परेशानी होगी। नए संपर्कों से सावधान रहें। 7 की शाम से अनुकूल समय आ जाएगा।

 

8 अक्टूबर से पद अक्टूबर तक

दिनांक 8 और 9 को समय गति पक्ष में रहेगी। पारिवारिक कार्यक्रम सुखद रहेंगे। ईश्वर के प्रति आस्था बढ़ेगी। अनुभवी लोगों के साथ काम करेंगे जिससे काम में निखार आएगा। 10 और 11 को समय सामान्य फल पद रहेगा। मुश्किल हालात में धैर्य बनाए रखें। कारोबारी यात्रा संभव है। आपके किए गए कार्यों की सराहना होगी जरूरतमंदों की मदद करके खुश होंगे। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेगा। 12 और 13 को बेहतरीन कार्य होंगे धन आगमन होगा। आगे बढ़ने के अवसर मिलेंगे। आप इस समय कम मेहनत में अधिक की प्राप्ति करेंगे। 14 और 15 को समय ठीक नहीं है। परिवार की जिम्मेदारी ठीक से नहीं निभापाएंगे। कार्यों में विलंब होगा। महत्वपूर्ण फैसले लेने में देरी करने से शुभ अवसर हाथ से निकल सकते हैं।

 

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक

दिनांक 16 और 17 को समय ज्ञानवर्धक रहेगा। सामूहिक कार्यों में अपनी राय थोपने के बजाय दूसरों की सलाह मानने में भलाई है। नौकरी तलाशने में सफलता मिलेगी। 18 से 20 के मध्य उत्तम संपत्तिदायक समय है। पराक्रम में वृद्धि होगी। विद्यार्थी कुछ नया सीखने की चाह रखेंगे। आप वित्तीय प्रबंधन एवं बजट में महारत हासिल करेंगे। किसी पार्टी या समारोह में शामिल होंगे। आप जीवन की सार्थकता जैसे गंभीर विषयों पर अनुसंधान करेंगे। 21, 22 को आप किसी संस्था से जुड़कर वृद्ध आश्रम अस्पताल या स्कूल में सेवा करेंगे आर्थिक लाभ प्राप्त करेंगे। आप काम करने के नए तरीके अपनाएंगे। 23 को समय कठिन है। विरोधी राह में मुश्किलें खड़ी करने की कोशिश करेंगे। पेट दर्द संबंधी समस्या हो सकती है।

 

24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक

दिनांक 24 और 25 को समय खराब रहेगा। विलासिता की आदतों से दूरी बनाएं। गलत संगत दुख का कारण बनेगी। मूड ऑफ रहेगा। पैसा हाथ में आने से पहले जाने का रास्ता बनेगा। 26 और 27 को शत्रु वर्ग आपकी आलोचना कर सकते हैं किंतु आपको उससे कोई फर्क नहीं पड़ेगा। धार्मिक क्रियाकलापों में व्यस्तता रहेगी। मित्र एवं परिजनों के लिए समय निकालेंगे। आप उनकी हर संभव मदद भी करेंगे। 28 से 30 के मध्य मिले-जुले और सामान्य फलों की प्राप्ति होगी। आजीविका और आय के स्त्रोतों में बढ़ोतरी होगी। आप नौकरी एवं व्यापार में बेबाक एवं ठोस निर्णय लेंगे जिससे बेबाक व्यक्तित्व की छाप लोगों के मन और मस्तिष्क पर पड़ेगी। प्रेम एवं विवाह के मोर्चे पर स्थितियां आपके पक्ष में रहेंगे। आप काम के लिए जोखिम उठाने को तैयार रहेंगे, किंतु आप ऐसे कार्यों से दूर रहे तो ही अच्छा है। 31 को सर्व लाभकारी समय रहेगा।

नवंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में मंगल तुला राशि का लग्न में सूर्य बुध केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में शुक्र धनु राशि का तृतीय भाव में शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में बृहस्पति कुंभ राशि का पंचम भाव में राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में चंद्रमा कन्या राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 नवंबर से 7 नवंबर तक

1 को आधा दिन अच्छा फल देगा। 1 की शाम से 3 के मध्य समय खराब है। आपका समय व्यर्थ के कामों में व्यतीत होगा। स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान देने की जरूरत है। आपके अपने ही लोग आपको धोखा दे सकते हैं। फिलहाल यात्रा टालें। लेन-देन करते वक्त सावधानी बरतें। किसी भी कागजात पर दस्तावेज पर हस्ताक्षर करते वक्त सावधानी बरतें। कुछ मामले उलझ सकते हैं। 4 और 5 को समय बेहतर रहेगा। सामाजिक समारोह में हिस्सा लेंगे। नए संपर्कों का लाभ मिलेगा। आप सामाजिक कल्याण के कार्यक्रमों से जुड़कर शांति महसूस करेंगे। साझेदारी में बेहतर शुरुआत संभव है। 6 और 7 को सामान्य दिवस रहेगा अपनों के साथ मतभेद दूर होंगे। युवाओं को मनचाहा काम मिलेगा। परिवार का साथ खुशी देगा। घर की सुख-सुविधा एवं रखरखाव पर खर्च की रूपरेखा बनेगी।

 

8 नवंबर से 15 नवंबर तक

8 और 9 को धन प्रदायक दिवस रहेगा। आप अपनी चतुराई से अटके कार्य निकलवाएंगे। बुजुर्गों के स्वास्थ्य की चिंता रहेगी। प्रॉपर्टी संबंधी विवाद सुलजने से राहत मिलेगी। वित्तीय मामले गति पकड़ेंगे। 10 और 11 को कार्यों में बाधा आएगी। अधिकारियों के आदेशों की अनदेखी महंगी पड़ सकती है। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव बने रहने से काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। यात्रा में कष्ट संभव है। वाहन पर खर्च होगा। कोई महत्वपूर्ण सोदे हाथ से निकल सकते हैं। वाणी मधुर रखें। 12, 13 और 14 को आधा दिन बेहतर रहेगा। सपने साकार करने का समय है। मित्रों को आप सलाह देंगे जिससे उन्हें लाभ होगा। पुराने सौदों का नवीनीकरण कर सकते हैं। शांत रहते हुए कार्य करेंगे। 14 की दोपहर से 15 तक समय सुखद रहेगा। कहीं से शुभ एवं सुखद समाचारों की प्राप्ति होगी। समझदारी के साथ कार्य करेंगे।

 

16 नवंबर से 23 नवंबर तक

दिनांक 16 से 18 के मध्य समय शांतिप्रद रहेगा। आप हर कार्य बड़ी ही तल्लीनता से करेंगे। काम करने के तरीकों में सुधार आएगा। कार्यक्षेत्र में नया प्रयोग आपको लाभ दिला सकता है। अटका धन वसूल कर लेंगे। लक्ष्य प्राप्ति के लिए कड़ी मेहनत करनी पड़ सकती है। पुराने कर्ज से छुटकारा मिल जाएगा। 19, 20, 21 के मध्य समय ठीक नहीं है। अचानक परेशानी आ सकती है। काम में संतुष्टि नहीं मिल पाएगी। आप थकान महसूस करेंगे। वैवाहिक कार्यक्रम में परेशानी उठानी पड़ेगी। आपको मान सम्मान भी नहीं मिलेगा। घर के किसी सदस्य को लेकर अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। 22 से 23 सरकारी विजय सूचक दिवस रहेगा। आप काम को करने की चाह रखेंगे जिससे काम सुधरेंगे।

 

24 नवंबर से 30 नवंबर तक

दिनांक 24 से 26 के मध्य समय अनुकूल रहेगा। लोग आपके दीवाने होंगे। इस समय आपके विरोधी लाख चाहकर भी कुछ बिगाड़ नहीं कर पाएंगे। घर की जिम्मेदारियों को भी आप अच्छे से निभाएंगे 27 और 28 को कामकाज में आपकी धाक एवं दबदबा बरकरार रहेगा। व्यापार में कुछ बड़े एवं ठोस निर्णय लेंगे जिसका प्रभाव एवं लाभ आपको आगे चलकर मिलेगा। पिछले काफी समय से जो काम रुका हुआ एवं अटका पड़ा था वह अल्प प्रयास से सफल हो जाएगा। 29 और 30 को किसी पार्टी या मांगलिक कार्यों में शरीक होंगे। मन उदास रहेगा। आपके चेहरे पर फीकी हंसी रहेगी। आप की छवि लोगों के सामने धूमिल हो सकती है। कार्यों में उतावलापन छलकेगा। बनते कार्य एन वक्त पर रुक जाएंगे शत्रु पक्ष हावी रह सकता है।

दिसंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में मंगल तुला राशि का लग्न में, बुध, सूर्य, केतु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, शुक्र धनु राशि का तृतीय भाव में, शनि मकर राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का पंचम भाव में, राहु वृषभ राशि का अष्टम भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक

दिनांक 1 से 2 तक का समय आनंद में रहेगा। आप कहीं सत्संग कथा में आनंद का अनुभव करेंगे। आप धार्मिक क्रियाकलापों में लगे रहेंगे। पैसा पास में आएगा। आप में सब्र रहेगा। 3 और 4 को द्वितीय वस्त्र चंद्रमा संतोषकारी रहेगा। 4 को ग्रह युति के कारण कार्य योजनाएं बनेंगी। किंतु धरातल पर नहीं आ पाएंगे। यात्रा सुखद रहेगी अपनों से मिलकर प्रसन्न होंगे। उपहार आदि की प्राप्ति भी संभव है। संतान आज्ञा में रहेगी। 5 और 6 को समय धन प्रदायक रहेगा। नया निवेश होगा। घूमने पार्टी या थिएटर में जाने का अवसर मिल सकता है। लंबी थी या विवादित मुद्दों को बखूबी निपटा देंगे। खानपान मौसम आदि का मजा लेंगे लक्ष्मी का शुभागमन होगा। 7 को विपरीत परिस्थितियां बनेंगी। मेहमानों के आगमन से काम में बढ़ोतरी होगी। दिनचर्या अस्त-व्यस्त रहेगी।

 

8 दिसंबर से 15 दिसंबर तक

दिनांक 8 और 9 को खर्च की अधिकता के कारण आर्थिक बजट बिगड़ेगा। कहीं से ऋण लेना पड़ सकता है। मन भारी रहेगा। किसी पार्टी आदि में आपके साथ दुर्व्यवहार हो सकता है। 10 और 11 को समय में सुधार आ जाएगा। कोर्ट कचहरी में विजय हासिल करेंगे। अच्छे व्यंजनों का स्वाद लेंगे। इस समय आप सभी के साथ अच्छा व्यवहार करेंगे। गृहिणीया अपने घर की देखरेख में लगी रहेंगी। घर को सजाने संवारने हेतु खरीदारी भी करेंगी। 12 और 13 को उत्तम संपत्तिदायक दिवस रहेगा। दूरदराज के क्षेत्रों में रहने वालों से संपर्क बढ़ेगा। खुद पर नियंत्रण रखकर आप बेहतर परिणाम प्राप्त कर लेंगे। 14 और 15 को सुख शांति बनी रहेगी सामूहिक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। धार्मिक कार्यों में रुचि रहेगी। परिवार के प्रति दायित्व भली-भांति निभाएंगे।

 

16 दिसंबर से 23 दिसंबर तक

16 को दोपहर तक का समय अच्छा रहेगा। 16 के पश्चात 18 तक समय थोड़ा कष्टप्रद रहेगा। अशुभता हावी रहेगी। कार्यों में देरी से मन उदास रहेगा। आप कटु सत्य का सामना करेंगे जिससे मन दुखी होगा। आपकी आदत स्वार्थी पनकी रहेगी जिससे आपकी प्रतिष्ठा एवं छवि दोनों धूमिल होगी। आपके करीबी एवं शुभचिंतक दोनों मुसीबत से बचाएंगे। 19, 20 और 21 को समय अनुकूल रहेगा। भरोसेमंद एवं विश्वासपात्र साथियों का साथ रहेगा। इस समय आप समस्याओं का समाधान करने में सफल होंगे। दूरस्थ लोगों से संपर्क साधेंगे। आपका ध्यान घर के नवीनीकरण पर होगा आप अपनी भीतरी और बाहरी छवि का मूल्यांकन बहुत गंभीरता से करेंगे। महत्वपूर्ण यात्राओं का योग है। 22 और 23 को समय सुखद रहेगा। आप कुछ ज्वलंत मुद्दों को सुलझा लेंगे।

 

24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक

दिनांक 24 से 26 के मध्य समय अनुकूल रहेगा। सर्वलाभकारी दिवस रहेगा। मुचल फंड, निवेश आदि करेंगे। हास-परिहास एवं मनोरंजन के कार्यो में अधिक समय व्यतीत होगा। किसी आयोजन पार्टी समारोह में शरीक हो सकते हैं। 27 और 28 को समय खराब रहेगा। आप लक्ष्य से भटक सकते हैं। आप में सहनशक्ति की कमी रहेगी। प्रेम के मामलों में आप धोखा खा सकते हैं। आप दूसरों की समस्याओं से चिंतित हो सकते हैं। इस आदत से आप तनाव पाल लेंगे। 29 और 30 को समय सर्वश्रेष्ठ रहेगा। आप पुराने दिनों को याद कर के भावुक भी होंगे तथा सुखद यादों का लुफ्त भी लेंगे। आप सफलता की ओर अग्रसर होंगे। 31 को काम और धन संबंधी मामले आगे बढ़ेंगे। संपत्ति और घरेलू मसले मुख्य मुद्दे रहेंगे।

 

तुला राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण

तुला राशि के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले जातक का मकान ऐसी गली में होगा जो पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की ओर जा रही होगी। मकान का खुला भाग आंगन उत्तर दिशा में होगा। पश्चिम दिशा की और गहरा जल संग्रह तालाब होगा। दक्षिण की ओर सुंदर वृक्ष वाटिका होगी तथा मकान के पूर्व दिशा की ओर खुला का लाभ होगा। मकान के खुले भाग में वृक्ष एवं गमले होंगे। जबकि उत्तर दिशा की ओर शिव जी का मंदिर होगा।

 

द्वितीय चरण

तुला राशि के द्वितीय चरण में जन्मे जातक का जन्म ऐसे मकान में होगा जिसका राजमार्ग दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होगा। मार्ग का खुला भाग पूर्व दिशा की ओर होगा। मकान के दोनों बाजू सुंदर मकानों से जुड़े होंगे। मकान में मेष, कर्क एवं धनु राशि वाले हिस्से में मंदिर होगा। गृह स्वामी पुरुष देवता का उपासक होगा।

 

तृतीय चरण

तुला राशि के तृतीय पाद में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान गली में होगा। गली पूर्व और पश्चिम दिशा की ओर होगी। खुली जमीन, आंगन दक्षिण दिशा में होगी। मकान में वृश्चिक, मिथुन और मीन राशि के संभाग में शिव मंदिर होगा। खुले आंगन में वृक्ष पौधे एवं गमलों का संग्रह होगा। मेष तुला एवं मकर राशि के संभाग में तालाब या कुआं होगा। जातक ग्रह देवता के रूप में शक्ति (काली) की उपासना करेगा।

 

चतुर्थ चरण

तुला राशि के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले जातक का मकान दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर जाने वाले मार्ग पर होगा। खुली जमीन, आंगन पश्चिम दिशा में होगी। मकान के पूर्वी भाग में बगीचा या कुआं होगा। घर के पास बाहर एक मोड़ होगा। गली में एक मंदिर होगा। ग्रह देवता के रूप में व्यक्ति पुरुष प्रधान देवता का पूजन करेगा।

तुला राशि और शनि 

                 ऊँ शन्नो देवीरभिष्टभ आपो भवन्तु पीतये

                       शय्योरभि स्रवन्तु नः।

अर्थात् देदीप्यमान जल (जल रुप शनि देव) हमारे पान के लिए (पीने के लिए) सुख रूप हो तथा रोगों का नाश करें।

ब्रह्मांड में शनि को सबसे रहस्यमय एवं चर्चित ग्रह माना गया है। नीलवर्ण के शनिदेव भगवान सूर्य तथा छाया (सुवर्णा) के पुत्र हैं। बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह है। ज्योतिष में इन्हें न्याय का देवता कहा गया है। यह व्यक्ति को उसके किए का दंड देते हैं। अनुकूल दशा, अंतर्दशा में व्यक्ति ने जो दुराचार, अनाचार, पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है, तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा, शनि की साढ़ेसाती व ढैया में मिल जाता है।

                      शनि की साढ़ेसाती व ढैया

किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि के दूसरे भाग में गोचर वर्ष परिभ्रमण करता है तो शनि की ’साढ़ेसाती’ कहलाती है। यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे 7 वर्ष चलती है। इसमें व्यक्ति को भयंकर दुख उठाना पड़ता है। शनि की गोचर व स्थिति आपकी राशि से चैथे एवं आठवें भाव में होने से शनि की ’ढैया’ कहलाती है। साढ़ेसाती का प्रभाव साडे 7 वर्ष तक एवं ढैयाका प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है। शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है। अतः तीनों राशियों में साढे 7 साल तक रहेगा। शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी दृष्टि कहलाती है। स्वयं की राशि में होने पर उसका भोग कहलाती है। शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक शनि की ’लात’ कहलाती है। शनि की दृष्टि में जातक मानसिक तनाव को भोगता है। यात्राएं व्यर्थ की खूब होती है। कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है। भोग में शनि व्यक्ति की आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है। वही लात में शनि उदर विकार, पैरों एवं धन को लेकर संघर्ष करवाता है। साथ ही कमर के नीचे के रोग भी देता है।

 

सन 2021 में तुला राशि पर शनि का प्रभाव

इस साल आपकी राशि पर शनि की ढैया का प्रभाव रहेगा। चैथे भाव में शनि के कारण स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव की स्थिति रहेगी। दीर्घकालिक बीमारी, ब्लड प्रेशर, डायबिटीज, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों में सावधानी की आवश्यकता है। कार्यों एवं करियर में रुकावटें तो आएंगी, परंतु आप किसी रूकावट अड़चन या बाधा की परवाह नहीं करेंगे। हर परिस्थिति हर हालात का मुकाबला डट कर करेंगे। इस वर्ष किसी को उधार नहीं दें अन्यथा वापस लेने में मुश्किलें पेश आ सकती है। आर्थिक मामलों में आपका हाथ जरा सा तंग ही रहेगा। शत्रु एवं विरोधी हावी होंगे। भागीदार एवं कर्मचारियों की घर गतिविधि एवं हर हरकत पर नजर रखें। गोपनीय सूचना या व्यावसायिक दस्तावेज लीक हो सकते हैं। अफसर या अधिकारी को खुश रखना भी आपके लिए किसी चुनौती से कम नहीं होगा। रुपयों पैसों के मामले में आपका हाथ जरा तंग रहेगा। कहीं पर आपका पैसा भी फंसा हुआ ही रहेगा। रिश्तेदारों एवं कुटुंबी जनों से छोटी मोटी बातों पर विवाद हो जाएगा। हालांकि इस मुश्किल स्थिति में जीवनसाथी का भरपूर सहयोग एवं साथ मिलेगा। नौकरी में पदोन्नति प्रमोशन एवं इच्छा अनुसार तबादले की स्थितियां लंबित होगी।

शनि की ढैया के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए शनि शांति के उपाय करें शनि मुद्रिका धारण करें।

शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत, मंत्र, रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं। शास्त्र कहता है-

             ’औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह, नक्षत्र, तारिका।

             भाग्य भवेत सिद्धि, अभाग्यं निष्फल भवेत।।

सबसे पहले औषध, उसके बाद मणि और तत्पश्चात् मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है।

रत्न (मणि) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न (नीली), त्रिलोह (सोना,चांदी,तांबा) की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर पहनें।
  2. शनि मंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में पैन्डेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्म है।

धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोडे की नाल या समुद्री नाव की कील में लोहे की अंगूठी बनाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार या शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें। शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें।
  2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुलि) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है। यह ’शनि मुद्रिका’कभी किसी को नुकसान नहीं करती। प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से भी अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्र चिकित्सा

किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं। शनि का तंत्रोक्त मंत्र निम्नलिखित है- ’ऊँ प्रां प्रीं सः श्नैश्चराय नमः।।’

व्रत-उपवास

शनिवार का व्रत रखें। इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें।

दान

शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य ही करना चाहिए।

  1. कीडी, नगरा सींचे। चींटियों को भोजन कराएं।
  2. काल कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल, चरण पादुका (जूते), काला वस्त्र, मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए।

             शनि की पीडा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें।
  3. शनि मंदिर में शनि की मुर्ति पर तिल का तेल चढाएं।
  4. शनि भगवान के सामने खडे रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खडे रहकर दर्शन करें, जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पडे।
  5. शनि न्याय के देवता हैं, अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें, जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है।

 

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This Post Has 13 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    Tula Rashi – Taraju
    Swami – Shukra
    Tatva – Vayu.
    Best information sir very nice

    1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

      VERY , VERY NICE & DETAIL INFORMATION
      WORLD NO 1 INFORMATION .

  2. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    NO 1 INFORMATION

  3. Kailash vats

    राशि tatvतो समझ में आया

    1. Piyush Sawant

      As per my reading information given is great and details.
      Information about Charan Shani dev is great
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      Useful for Tula rashi..
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  4. Sitaram Keshri

    वृषभ और तुला राशि में
    स्वामी, अनुकूल रत्न, रंग, देवता,अंक, तारीख,व्रत उपवास समान है।

  5. Udit shreemal

    Nice

  6. Geetanjali

    Great sir 🙏

  7. GANESH BHOPE GURUJI

    Tula rashi taraju jaise samtol rakhta hai mera astrology hone ke karan rashi gun dharm achhe tarase pata to bi yaha pe all jankar mili thanks sir ji

  8. Pranali_B

    Rashi tatv char,char ka arth nhi smja. Rashi ank 6 sir ish rashi ke sb logo ka yehi ank rhta hai kya ye kaise possible hai

  9. Chandranath Mukherjee

    Bahut kumil raha hai

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