मकर राशि

Table of Contents

                 मकर राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – मकर
  2. राशि चिन्ह्न – मगरमच्छ
  3. राशि स्वामी – शनि
  4. राशि तत्व – पृथ्वी तत्व
  5. राशि स्वरुप – चर
  6. राशि दिशा – दक्षिण
  7. राशि लिंग व गुण – स्त्री, तमोगुणी
  8. राशि जाति – वैश्य
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, वात प्रकृति
  10. राशि का अंग – घुटना (टखने)
  11. अनुकूल रत्न – नीलम
  12. अनुकूल उपरत्न – कटेला
  13. अनुकूल धातु – लोहा, त्रिलोह
  14. अनुकूल रंग – नीला, आसमानी, काला
  15. शुभ दिवस – शनिवार
  16. अनुकूल देवता – शनिदेव
  17. व्रत, उपवास – शनिवार
  18. अनुकूल अंक – 8
  19. अनुकूल तारीखें – 8/17/26
  20. मित्र राशियां – कुंभ
  21. शत्रु राशियां – सिंह
  22. व्यक्तित्व – परोपकारी, दयालु, प्रशासक
  23. सकारात्मक तथ्य – व्यावहारिक धरातल पर चलने वाला कठोर                  परिश्रमी, सही सलाह देने वाला
  24. नकारात्मक तथ्य – सन्देहास्पद प्रवृत्ति,           कठिनता से मानने वाला

 

                 मकर राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मकर राशि का स्वामी शनि है। शनि प्रधान व्यक्ति मेहनत से नहीं घबराते हैं। मकर राशि के जातक व्यवहारिक तथा बलवान होते हैं, परंतु पैरों में कभी-कभार तकलीफ रहती है। शनि पाप ग्रह है, तथा उनका रंग काला है। इस राशि वाले व्यक्ति प्रायः काले नाक चपटी, पैनी आंखें, शरीर से यह पतले फुर्तीले तथा कुछ लंबे कद के होते हैं। यह चल, संज्ञक एवं पृथ्वी तत्व प्रधान राशि है। इसका प्राकृतिक भाव उच्च पद अभिलाषी प्रकृति की होती है।क्रोध इनको धीरे-धीरे आता है, एवं शांत भी यह देरी से होते हैं। जहां यह अपना पक्ष कमजोर देखते हैं वहां पर यह नंबर हो जाते हैं। मकर राशि में उत्पन्न जातक शांति तथा उदार प्रवृत्ति के होते हैं, तथा अन्य जनों के प्रति उनके मन में प्रेम तथा सहानुभूति का भाव विद्यमान रहता है। इनके मुख मंडल पर विचार शीलता शांति एवं गंभीरता सदैव बनी रहती है। यह अत्यंत ही कर्मशील एवं परिश्रमी होते हैं। फलतः सांसारिक महत्व के कार्यों को संपन्न करके उनमें सफलता अर्जित करते हैं। इनमें कार्य करने की क्षमता प्रबल होती है, तथा यही इनकी सफलता का रहस्य होता है। समाज एवं देश सेवा के प्रति यह उद्धत रहते हैं। यह साहस एवं संघर्षशील होते हैं। तथापि मन में यदा-कदा उदासीनता के भाव उत्पन्न होते हैं, जिससे सुख-दुख में समान भाव की अनुभूति करते हैं। परिश्रमी एवं अध्ययन शील होने के कारण ये अनुसंधान विज्ञान या शास्त्रीय विषयों का ज्ञान अर्जित करके एक विद्वान के रूप में सामाजिक पहचान प्राप्त करते हैं। आप स्वस्थ एवं बलशाली पुरुष होंगे। आप में आदर्शवादिता का भाव होगा, तथा अपने आदर्शों पर चलने के लिए आप स्वतंत्र होंगे। देश सेवा का भाव भी आप में विद्यमान रहेगा, तथा शत्रु एवं प्रतिद्वंद्वियों से भी उदारता का व्यवहार करेंगे। फलतः वे भी आप से प्रभावित होंगे। आप बुद्धिमत्ता पूर्वक अपने कार्यकलापों को संपन्न करके धन ऐश्वर्य वैभव एवं सुख अर्जित करेंगे संगीत के प्रति आपकी विशेष रूचि रहेगी, तथा इस क्षेत्र में परिश्रम पूर्वक कोई विशिष्ट उपलब्धि भी अर्जित कर सकते हैं। आप श्रेष्ठ कार्यों को करने में रुचि लेंगे तथा एक चतुर व्यक्ति के रूप में जाने जाएंगे। आपकी पुत्र संतति प्रसिद्ध रहेगी तथा उनसे आप को इच्छित सुख एवं सहयोग मिलता रहेगा।

पिता के प्रति आपके मन में पूर्ण सम्मान तथा आदर की भावना होगी तथा उनकी सेवा करने में हमेशा तत्पर रहेंगे। आपकी आर्थिक स्थिति भी सुदृढ़ होगी तथा प्रचुर मात्रा में धन एवं लाभ अर्जित करके एक धनवान के रूप में सामाजिक प्रतिष्ठा प्राप्त करेंगे। आप युवावस्था में संघर्षशील रहेंगे और वृद्धावस्था में सुख एवं शांति प्राप्त करेंगे। धर्म में आस्था होने के कारण समयानुसार धार्मिक कार्यकलापों को भी संपन्न करेंगे। इससे आपको मानसिक शांति प्राप्त होगी। मित्र एवं बंधु वर्ग के आप प्रिय होंगे तथा इनसे आपको पूर्ण लाभ एवं सहयोग प्राप्त होगा। आप किसी बात पर निर्णय सोच विचार कर लेंगे। आपऊंची योजनाएं बनाने में सदा तत्पर रहेंगे। कमाते बहुत हैं पर धन पास में टिकता नहीं। हर समय द्रव्य का अभाव महसूस करते हैं। पत्नी व आपके विचारों में और समानताएं आपके वैवाहिक सुख को कटुतर बनाने में सहायक हैं। आपकी राशि का चिह्न मगरमच्छ है। मगरमच्छ के आंसू वाली कहावत लोक प्रसिद्ध है। ऐसे व्यक्ति दिन स्वरूप एवं दयनीय स्थिति का बोध कराते हैं, लेकिन कपटी होते हैं। यह बहुभोगी एवं विषय वासना में आसक्त रहने वाले व्यक्ति होते हैं। भोजन के बाद फिर आराम करने की इच्छा रहती है। यह कहते कुछ है व करते कुछ हैं।

यदि आपका जन्म मकर राशि के उत्तराषाढ़ा नक्षत्र के (भो, जा, जी) चरणों में हुआ है, तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-नकुल, गण-मनुष्य, वर्ण-क्षत्रिय, हंसक-अग्नि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा है। इस नक्षत्र का द्वितीय चरण का वर्ग मूषक अन्य दोनों चरणों का वर्ग से है। अतः नक्षत्र में जन्मा जातक बहुत नम्र बहुत मित्रों वाला धार्मिक कृतज्ञ भाग्यशाली होता है। उत्तराषाढ़ा सूर्य का नक्षत्र है जोकि चंद्रमा का मित्र है, इसलिए यह शुभ फल कहा जाता है।

यदि आपका जन्म मकर राशि के श्रवण नक्षत्र के (जू, जे, जो, खा) में हुआ है, तो आपका जन्म 10 वर्ष की चंद्रमा की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-कपि, गण-देव, वर्ण-वैश्य, हंसक-भूमि, नाड़ी-अन्त्य, पाया-तांबा तथा प्रथम तीन चरण का वर्ग से हैं, एवं अंतिम चरण का वर्ग बिलाव है। श्रवण नक्षत्र में जन्मे लोग अपने कार्य क्षेत्र में ऊंचा नाम कमाते हैं, और वह उपकार एवं धार्मिक कार्यों में धन समय एवं श्रम का समुचित उपयोग करेंगे।

यदि आपका जन्म मकर राशि के धनिष्ठा नक्षत्र के प्रथम एवं द्वितीय चरण (गा, गी) में हुआ है, तो आपका जन्म साथ वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है। आपकी योनि-सिंह, गण-राक्षस, हंसक-भूमि, नाड़ी-मध्य, पाया-तांबा एवं वर्ग बिलाव है। धनिष्ठा नक्षत्र में जन्मा व्यक्ति निडर एवं निर्भीक होता है। यह संगीत प्रेमी होते हैं, और समाज में उनकी प्रतिष्ठा होती है। मकर राशि वाले व्यक्ति प्रायः एकांत प्रिय एवं भीड़-भाड़ से दूर रहना पसंद करते हैं। इनमें स्वार्थ की प्रवृत्ति कुछ विशेष रहने के कारण इनको धार्मिक एवं राजनीतिक क्षेत्र में सफलताएं कम मिलती है। यह अत्यधिक गोरे होंगे या काले। इसी प्रकार या तो यह कट्टर आस्तिक होंगे या फिर एकदम नास्तिक।आपके अनुकूल फलदायक रत्न नीलम है।

 

उपाय

आपकी राशि का अधिपति शनि है। अतः सात प्रकार के अनाज एवं दोनों को मिलाकर पक्षियों को चुकाएं, काले कुत्ते को रोटी खिलाना भी आपके लिए लाभप्रद रहेगा। गहरे रंग के कपड़ों का प्रयोग करें, बैंगनी रंग एवं नीला रंग उपयुक्त रहता है। नीलम, नीली या शनि यंत्र धारण करें। शनिवार का व्रत करें।

             सन 2021 में मकर राशि का वार्षिक भविष्यफल

वर्ष 2021 मकर राशि के जातकों के लिए कुछ चुनौतियों से परिपूर्ण रहेगा। शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव एवं देव गुरु का आपकी राशि एवं कुंभ राशि में परिभ्रमण भी शुभ फल पर रहेगा। इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती वर्ष पर्यंत चलेगी। स्वास्थ्य का विशेष रूप से ध्यान रखें। हालांकि शारीरिक एवं मानसिक स्वास्थ्य इस वर्ष सामान्य ही रहेगा। कभी-कबार स्वास्थ्य में हल्की-फुल्की सर्दी, खांसी, जुकाम, बुखार आदि की समस्या रह सकती है। दीर्घकालिक बीमारियों डायबिटीज, हार्ट डिजीज आदि में समस्या रह सकती है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण करवाते रहें। इस वर्ष वर्ष आरंभ में मंगल स्वग्रही है। अतः चल-अचल संपत्ति, वाहन, भूमि, भूखंड आदि की खरीद के योग बनेंगे। इस वर्ष शत्रु एवं षड्यंत्र सक्रिय रहेंगे। किसी न किसी रूप में आपके लिए परेशानी खड़ी कर सकते हैं। हालांकि वे आप का अहित कुछ भी नहीं कर पाएंगे, बिगाड़ कुछ नहीं पाएंगे। इस वर्ष व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में आपको ज्यादा सावधानी रखने की आवश्यकता है। इस वर्ष काम में आप नई तकनीक या नई मशीनरी या तरीका उपयोग में ला सकते हैं इसका सीधा प्रभाव आपके व्यापार एवं मुनाफे पर पड़ेगा। इस वर्ष आपको मार्केटिंग पर ज्यादा ध्यान देने की आवश्यकता है। शुभ और महत्वपूर्ण कार्यों को आप उत्साह एवं परिश्रम से संपन्न करेंगे। अतः अधिकांश अतः कार्यों मे आपको सफलता भी प्राप्त होगी। इस वर्ष आप दीन दुखियों एवं अन्य जरूरतमंद लोगों की सेवा में तत्पर रहेंगे। पारिवारिक रूप से जरूर कुछ क्लेश हो सकता है। किसी घनिष्ठ व्यक्ति से मामूली बात पर बोलचाल कहासुनी या झगड़ा हो सकता है। विद्यार्थियों का ध्यान पढ़ाई से थोड़ा हट सकता है। एकाग्रता का अभाव रहेगा। 11 मई से 29 सितंबर के मध्य शनि वक्री स्थिति में चलायमान रहेंगे। इस दरमियान आपके महत्वपूर्ण काम अटक सकते हैं, साथ ही स्वास्थ्य में भी परेशानी की स्थिति बन सकती है। किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई अप्रिय या अशुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। मैं आपको सलाह दूंगा कि इस दौरान वाहन भी सावधानीपूर्वक चलाएं। इस वर्ष देव गुरु बृहस्पति 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य दूसरे स्थान में गोचरवश चलायमान रहेंगे। अतः इस दौरान पैसा तो आएगा परंतु उसे सहेजना या संभाल कर रखना बड़ी चुनौती होगी। नौकरी में बॉस एवं अफसर आप पर मेहरबान रहेंगे। आप किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। व्यापार में विस्तार की जो योजना आप काफी समय से बना रहे थे, वह थोड़े से अवरोधों के बाद कार्य रूप में परिणित होगी। इस वर्ष घर के किसी बड़े बुजुर्ग माता-पिता एवं वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। पिता-पुत्र, सास-बहू, ननंद-भोजाई में अनबन 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य हो सकती है।दांपत्य जीवन में मधुरता का रसगुलेगा। इस वर्ष घर में किसी मेहमान का आगमन हो सकता है। इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव रहेगा। अतः सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग की उपेक्षा न करें तथा यत्न पूर्वक इनका सहयोग करें।आवास में परिवर्तन के विषय में भी विचार कर सकते हैं। इस वर्ष मेहनत एवं परिश्रम आप जमकर करेंगे। काफी हद तक उसके अनुकूल लाभ एवं प्रतिफल कम ही मिलेगा। व्यापार एवं कामकाज की हर छोटी से छोटी चीज को गंभीरता से लेंगे।

 

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य

ईश्वर से शारीरिक स्वास्थ्य एवं सुख के मामले में समय गति मिश्रित फलकारी है। यद्यपि किसी गंभीर एवं घातक बीमारी की संभावना या आशंका नहीं है, परंतु दीर्घकालिक बीमारी, डायबिटीज, हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों मे नियमित जांच परीक्षण करवाते रहे। यदा-कदा मौसमी बीमारियों, सर्दी, खांसी, जुकाम आदि से परेशानी हो सकती है। स्त्री जातकों को स्त्री जनित बीमारियों से सावधान रहना चाहिए। वाहन इस वर्ष सावधानीपूर्वक चलाएं। यात्रा में खानपान एवं अपनी दिनचर्या को व्यवस्थित रखें। नशा, शराब, तंबाकू, बीड़ी, जर्दा आदि का त्याग कर दें, अन्यथा आगे चलकर किसी गंभीर एवं घातक बीमारी का शिकार हो सकते हैं।

 

व्यापार व्यवसाय एवं धन

व्यापार कारोबार में आपको एक के बाद एक चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। व्यापार में आप जबरदस्त मेहनत करेंगे। परिश्रम एवं मेहनत से आप किसी भी परिस्थिति पर विजय प्राप्त कर सकते हैं। व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में चुनौतियों का वर्ष है। संघर्षपूर्ण स्थिति जरूर रहेगी। व्यापार में बार-बार व्यवधान उपस्थित होंग। राजकीय परेशानी, आयकर, जीएसटी आदि को लेकर भी परेशानी रहेगी। इस वर्ष सरकार एवं उच्च अधिकारी वर्ग की उपेक्षा नहीं करें। उन्हें सहयोग करें। व्यापार में कुछ परिवर्तन अमल में लाएंगे। इस वर्ष धन की आई चलाई रहेगी। पैसा कमाएंगे परंतु पास में ठीक नहीं पाएगा। व्यापार में विस्तार को लेकर बनाई हुई योजना खटाई में पड़ जाएगी। कभी कामकाज में लापरवाही के कारण अफसरों की डांट सुननी पड़ सकती है। सहकर्मियों से तालमेल बनाकर रखें। व्यापार में भागीदारी या कर्मचारी की हर गतिविधि हर हरकत एवं कार्यकलाप पर पैनी नजर रखें। आपकी व्यवसायिक सूचना एवं जानकारी लीक हो सकती है। रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा नहीं करें फिर वह चाहे आपका भाई या रिश्तेदार ही क्यों ना हो। कोई बड़ा ऑर्डर डील तो होगी, परंतु पैसा रुक-रुक कर आएगा। आप श्री यंत्र कनकधारा यंत्र एवं कुबेर यंत्र तीनों को एक साथ अपने व्यापार स्थल के पूजा के स्थान या तिजोरी में रख दें फिर देखें कैसे चमत्कारिक रूप से धन आता है।

 

घर परिवार संतान एवं रिश्तेदार

हालांकि यह वर्ष मकर राशि के जातकों के लिए बहुत ही मुश्किल वर्ष है, परंतु आप यह देखेंगे कि इस मुश्किल वर्ष में आपके साथ आपका परिवार कंधे से कंधा मिला कर खड़ा है। दांपत्य संबंधों में मधुरता रहेगी। संतान का दाखिला इच्छा के अनुरूप शिक्षण संस्थान में हो जाएगा, परंतु बड़े हुए आर्थिक खर्च एवं व्यापारिक मंदी के कारण आपको चिंता में पड़ सकते हैं। हालांकि परिवार के सभी सदस्य आप की स्थिति को समझते हुए अपने खर्चों में कटौती करेंगे। वर्ष के अंत में घर में किसी मांगलिक प्रसंग एवं आयोजन की गूंज सुनाई दे सकती है। परिवार के वरिष्ठ सदस्य बड़े बुजुर्गों के स्वास्थ्य को लेकर सावधानी आवश्यक है। 11 मई से 29 सितंबर के मध्य शनि के वक्री स्थिति में होने के कारण सास-बहू, ननंद-भोजाई में नोकझोंक एवं तकरार की स्थितियां बनेंगी। जीवनसाथी के मध्य भी गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती है। आप अपने बुद्धिबल, होशियारी एवं विवेक से हर परिस्थिति को संभाल ही लेंगे। आप रिश्तेदारों की मदद के लिए प्रतिपल तैयार एवं तत्पर रहेंगे। रिश्तेदार आपको शायद ही सहयोग कर पाए। रिश्तेदार आपसे ईर्ष्या एवं द्वेष करेंगे।

 

विद्या अध्ययन पढ़ाई एवं करियर

राजकीय सेवा के लिए प्रयासरत विद्यार्थियों को इस वर्ष मेहनत अधिक करनी पड़ेगी। मकर राशि के जातक मेहनत से घबराते नहीं है, तथा अपने सिद्धांतों एवं उसूलों पर अडिग रहते हैं। हालांकि इस कारण कई बार आपको नुकसान भी होगा यह अवश्य विद्यार्थियों के लिए मिश्रित फलों को देने वाला है। पढ़ाई तो आपकी इस वर्ष ठीक-ठाक रहेगी, परंतु यदि आप कोई करियर ओरिएंटेड कोर्स कर रहे हैं तो उसमें व्यवधान आएंगे। 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य देव गुरु बृहस्पति वक्री स्थिति में चलायमान रहेंगे। विभागीय परीक्षा प्रमोशन संबंधी परीक्षा में सफलता के योग हैं। इंटरव्यू एवं ग्रुप डिस्कशन में आप आगे रहेंगे। परंतु इस वर्ष मैं आपको यह सलाह देना चाहता हूं कि यदि आप प्रतियोगी परीक्षा के लिए तैयारी कर रहे हैं, प्रयासरत हैं तो पहले से ज्यादा परिश्रम एवं मेहनत करने की आवश्यकता है। इस वर्ष के अंत में आपको जो नौकरी चल रही है उसमें इंक्रीमेंट प्राप्त हो सकता है।

 

प्रेम प्रसंग एवं मित्र

इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव आपकी राशि पर है। अतः प्रेम संबंधों के मामले में सावधान रहें प्रेम संबंधों के उजागर होने का खतरा बना हुआ है। व्यावसायिक नौकरी एवं स्वास्थ्य में आने वाली परेशानियों के कारण आप दांपत्य जीवन में प्रेम का लुफ्त नहीं उठा पाएंग। आपका प्रेम-पत्र, व्हाट्सएप चैट, टेलीफोन आदि के कारण प्रेम संबंध उजागर हो सकता है। 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य इस प्रकार की स्थिति हो सकती है। प्रेमी प्रेमिका के मध्य किसी तीसरे व्यक्ति के कारण गलतफहमियां उत्पन्न हो सकती है। जिसे आप बाद में सुलझा भी लेंगे। जहां तक मित्रों की बात है इस वर्ष किसी पुराने मित्र से या किसी प्रभावशाली मित्र के सहयोग से आपका रुका हुआ काम बनेगा। मित्रों का दायरा बढ़ेगा एवं मित्र जरूरत के वक्त आपके काम भी आएंगे।

 

वाहन खर्च एवं शुभ कार्य

वर्ष आरंभ में चतुर्थेश मंगल चतुर्थ स्थान में स्वग्रही है। अतः इस वर्ष वाहन पर खर्च होगा। फिर वह खर्च चाहे नया वाहन लेने के रूप में हो या पुराने वाहन को ठीक करवाने के लिए हो। इस वर्ष भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद फरोख्त करेंगे। भूमि भवन जमीन आदि की खरीद से पूर्व कागजात का निरीक्षण परीक्षण करें। किसी वकील या विशेषज्ञ से चेक करवा लें। जहां तक शुभ कार्य की बात है। नवंबर-दिसंबर में शुभ कार्य की स्थिति रह सकती है। इस वर्ष फिजूलखर्ची को रोके अन्यथा कर्ज लेने की नौबत भी आ सकती है। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद के लिए लोन लेना पड़ सकता है। जून-जुलाई में वर्ष के मध्य भाग में किसी वाहन द्वारा क्षति की स्थिति में देख पा रहा हूं। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं तथा सीट बेल्ट हेलमेट जैसे सुरक्षा उपकरणों का प्रयोग अवश्य ही करें।

 

हानि कर्ज एवं अनहोनी

इस वर्ष शनि की साढ़ेसाती का प्रभाव आपकी राशि पर रहेगा। अतः कर्मचारी एवं भागीदार से अप्रैल से सितंबर के मध्य हानि एवं क्षति की स्थिति रहेगी। संतान की शिक्षा बुजुर्गों का स्वास्थ्य आदि के लिए ऋण लेना पड़ सकता है। जो बाद में धीमे-धीमे उतर भी जाएगा। आप निजी तौर पर आपके स्वास्थ्य का पूर्ण रुप से ध्यान रखें। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। अन्यथा कोई अनहोनी की स्थिति बन सकती है। रुपयों पैसों के मामले में किसी पर भी विश्वास या भरोसा नहीं करें। अगर आप सरकारी नौकरी में हैं तो सावधान आपके विरुद्ध कोई षड्यंत्र या गुप्त योजना कारित हो सकती है।

 

यात्राएं

इस वर्ष 11 मई से पूर्व राशि पति शनि के मार्गत्त्व के कारण परिवार सहित किसी तीर्थ स्थल या धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम बन सकता है। व्यापार एवं कामकाज को लेकर की गई यात्राएं कोई खास सफलतादायक नहीं रहेगी।

 

उपाय

राशि के अधिकाधिक शुभ परिणाम प्राप्त करने के लिए शनि का व्रत करें। चीटियों को भोजन करवाएं। भिखारी को उड़द दाल की कचोरी खिलाए। नीली युक्त शनि यंत्र गले में धारण करें। बैंगनी रंग का सुगंधित रुमाल पास में रखें। शनिवार को घर के बाहर दहलीज पर तिल के तेल का दीपक करें।  कंबल एवं ऊनी वस्त्र का दान करें।

2021 में मकर राशि का साप्ताहिक भविष्यफल

जनवरी 2021

ग्रह स्थिति

वर्ष आरंभ में बृहस्पति शनि मकर राशि का लग्न में, मंगल मेष राशि का चतुर्थ भाव में, राहु ऋषभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का सप्तम भाव में, केतु शुक्र वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में, सूर्य बुध धनु राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 जनवरी से 7 जनवरी तक

1 व 2 को पति पत्नी में सामान्य से बहुत ही बढ़िया रहेगा। कुछ नवीन एवं शोध पूर्ण कार्यों को करने की प्रवृत्ति रहेगी। आपका अधिक अधिक समय घर परिवार में व्यतीत होगा। व्यापार एवं कारोबार में आप बेहतर इसके लिए प्रयास करेंगे। प्रयास सफल बहुत कम ही हो पाएंगे।3 एवं 4 को वाहन द्वारा क्षति संभव है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। धन हानि की प्रबल संभावना है। कोर्ट-कचहरी संबंधी जो विषय चल रहा था वह लंबित होगा। आपके अपने लोग ही विश्वासघात कर सकते हैं। 5 से 7 जनवरी के मध्य समय गति आपके पक्ष में आती है। भावुकता में आकर आप कोई गलत निर्णय ले सकते हैं। व्यवसाय एवं कामकाज के मामले में काफी गंभीरता से सोचने की जरूरत है। करियर में नवीन अवसर प्रतीक्षारत हैं, आवश्यकता है उन अवसरों को हाथ बढ़ाकर पकड़ने की।

 

8 जनवरी से 15 जनवरी तक

8 को किसी बुजुर्ग एवं अनुभवी व्यक्ति की सलाह काम आएगी। रिश्तेदारों एवं मित्रों से संबंध और अधिक प्रदान करने की ओर ध्यान देंगे। आप इस समय रचनात्मक रूप से काफी सक्रिय रहेंगे। नए-नए विचार एवं आइडियाज आपको आएंगे। लक्ष्य के प्रति समर्पण एवं चाहा आपको आगे तक ले कर जाएगी। 9 से 11 जनवरी के मध्य प्रेम प्रसंगों में सफलता मिलेगी। व्यापार एवं रोजगार के आप गंभीरता एवं संजीदगी से कुछ महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे। नौकरी में बॉस एवं वरिष्ठ आपके काम से संतुष्ट रहेंगे। महिलाओं से आपको सहानुभूति रहेगी तथा सहयोग भी करेंगे। 12 एवं 13 को हाथ में आता आता रुपया रुक एवं अटक जाएगा। किसी सरकारी मुसीबत में आप पढ़ सकते हैं। किसी प्रियजन की सेहत बिगड़ जाने से आपका मूड ऑफ होगा। 14 एवं 15 को गृह स्थितियां पक्ष में आती है किसी से शुभ समाचार प्राप्त होंगे शत्रु की गतिविधि एवं कार्यकलाप पर दृष्टि रखें।

 

16 जनवरी से 23 जनवरी तक

16 एवं 17 को मिले जुले परिणाम एवं प्रतिफल मिलेंगे। खुद को चारों तरफ से उलजनों एवं परेशानियों से गिरा पाएंगे। परंतु उन उलजनों एवं परेशानियों को आप एक-एक करके हल कर लेंगे। चिंताएं एवं तनाव कम होंगे। किसी प्रियजन का स्वास्थ्य अचानक बिगड़ सकता है। पारिवारिक गतिविधियों में कुछ व्यस्तता का आलम रहेगा। 18 से 20 के मध्य व्यापार एवं व्यवसाय में आप अपनी ऊर्जा शक्ति एवं उपलब्ध साधनों का प्रयोग करके अपने मुनाफे को बढ़ा देंगे। कामकाज को गंभीरता से लेंगे परिवार के लोगों की हर छोटी मोटी जरूरत का ध्यान रखेंगे एवं उसे पूरा भी करेंगे। 20 की शाम से 22 जनवरी के मध्य आप किसी से व्यर्थ में ही उलझ जाएंगे माता-पिता, सास-ससुर से अनबन हो सकती है। कहीं से कोई अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। 23 जनवरी को प्रतियोगिता एवं प्रतिस्पर्धा में सफलता मिल जाएगी। ज्ञान में बढ़ोतरी होगी।

 

24 जनवरी से 31 जनवरी तक

24 एवं 25 को व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में आप गंभीरता से ध्यान देंगे। परिणाम भी उसके अनुरूप ही आएंगे। शुभ फलों के साथ-साथ अल्प मात्रा में अशुभ फल भी प्राप्त होंगे। 26 एवं 27 को पूजा पाठ मंत्र धर्म अध्यात्म की ओर झुकाव रहेगा। कामकाज का दबाव ज्यादा रहेगा। रूटीन थोड़ा सा डिस्टर्ब रहेगा। 28 एवं 29 को महत्वपूर्ण और नया प्रोजेक्ट मिल सकता है जो आने वाले भविष्य पर प्रभाव डालेगा। घर परिवार एवं जीवन साथी आपकी प्राथमिकता पर रहेंगे।30 व 31 को कहीं से अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। हाथ में आता आता रुपया रुक जाएगा। आर्थिक पक्ष तंग रहेगा।

फरवरी 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शुक्र सूर्य बृहस्पति शनि मकर राशि का लग्न में, बुध कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, मंगल मेष राशि का चतुर्थ भाव में, राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का नवम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 फरवरी से 7 फरवरी तक

1 से 3 फरवरी के मध्य प्रतिष्ठा छवि को लेकर गंभीर रहेंगे। दूसरे आपके बारे में क्या सोचते हैं क्या विचार रखते हैं ऐसी बातें आपके लिए महत्व रखेंगे। राजकीय कार्यों में अल्प प्रयास से सफल होंगे। इस वर्ष शनि आपकी स्वयं की राशि में है। अतः आत्मविश्वास एवं मनोबल आपका काफी उच्च रहेगा। मित्रों एवं रिश्तेदारों से काफी गर्मजोशी से पेश आएंगे। 4 एवं 5 को नौकरी कार्यक्षेत्र में परिवर्तन की संभावनाएं एवं आसार हैं। आप अपनी प्राथमिकताओं एवं महत्वाकांक्षाओं को एक बार फिर तय करेंगे। संपर्कों का दायरा काफी विस्तृत होगा। प्रेम-प्रसंगों में सफलता मिलेगी। 6 एवं 7 को आपसी सूझबूझ एवं बुद्धिमता के बल पर आप बड़ी से बड़ी समस्या को चुटकियों में सुलझा लेंगे। 7 की शाम से प्रतिकूल समय है। कहीं से अप्रिय एवं शुभ समाचार प्राप्त होंगे।

 

8 फरवरी से 15 फरवरी तक

8 एवं 9 को व्यापार एवं कार्य क्षेत्र में हुई गलती के परिणाम नुकसान प्रद हो सकते हैं। किसी रिश्तेदार या मित्र से संबंधित कोई अप्रिय समाचार प्राप्त हो सकते हैं। शत्रु एवं विरोधी हावी होंगे। कोई गोपनीय बात उजागर हो सकती है। 10 एवं 11 को सोचे गए कार्य एवं महत्वाकांक्षा के काम पूरे होंगे। योग्यता एवं काबिलियत के बल पर आप वह सब हासिल कर लेंगे, जिसकी आपने तमन्ना की थी। आत्मविश्वास एवं हौसला गजब का रहेगा। 12 से 14 फरवरी तक का समय मध्यम फलकारी है। खुद को आर्थिक रूप से सुदृढ़ बनाने के बारे में सोचेंगे। इस समय आपका आर्थिक बजट गड़बड़ा सकता है। अफसर एवं वरिष्ठ अधिकारी की चाटुकारिता करनी पड़ सकती है। 15 को व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में आपकी धात एवं दबदबा बरकरार रहेगा। आर्थिक पक्ष सुदृढ़ होगा।

 

16 फरवरी से 23 फरवरी तक

16 फरवरी को तीसरे भाव में चंद्रमा का परिभ्रमण पराक्रम में वृद्धि कराएगा। साथ ही कैरियर एवं कामकाज में भी जबरदस्त सफलता के योग बन रहे हैं। आपका उत्साह जोश बढ़ेगा। 17 से 19 फरवरी के मध्य आप अपने किसी घनिष्ठ व्यक्ति से उलझ पड़ेंगे। सट्टेबाजी, लॉटरी, जुआ से दूरी बनाकर रखें। कई लोग आपके बारे में गलत अवधारणाएं बनाएंगे। आप की आलोचना करेंग। आपको अपना व्यवहार संतुलित एवं शांत रखने की आवश्यकता है। 20 और 21 को विद्यार्थी अपने अध्ययन पर फोकस करेंगे। जिस काम को आप हाथ में लेंगे उसे पूरा करके ही दम लेंगे। 22 व 23 को किसी रिश्तेदार या मित्र से संबंधित कोई शुभ समाचार मिलेगा। भाइयों से संपत्ति संबंधी विवाद का निपटारा हो जाएगा।

 

24 फरवरी से 28 फरवरी तक

24 एवं 25 को आप घरेलू एवं रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्त रहेंगे। कामकाज में हर छोटी से छोटी चीज को गंभीरता से लें। दो नंबर के एवं अनुचित कार्यों को फिलहाल बंद ही रखें। परिवार में आपकी भूमिका बड़ी ही सकारात्मक रहेगी। आर्थिक हालात ढीले ही रहेंगे। 26 से 28 के मध्य किसी अप्रिय घटना की संभावना नजर आ रही है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। ऑफिस एवं कार्यक्षेत्र में कोई गुप्त योजना या षड्यंत्र आपके विरुद्ध हो सकता है। आपके अपने ही आपके साथ विश्वासघात करेंगे।

मार्च 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में बृहस्पति शनि बुध मकर राशि का लग्न में, सूर्य शुक्र कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, मंगल राहु विश्व राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का नवम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 मार्च से 7 मार्च तक

एक वादों को राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। यात्राएं आर्थिक लाभ प्रदान करेंगी। ग्रह स्थितियां आपके पक्ष में है। परिवार में कोई खुशी का अवसर आ सकता है। मंगल राहु की युति से अध्ययन एवं करियर से ध्यान भटकेगा। कोर्ट-कचहरी संबंधी मामलों में हालात एवं स्थितियां आपके पक्ष में बनेंगे।3 और 4 को आर्थिक स्थिति एवं हालात पक्ष में रहेंगे। कार्यों में विघ्न एवं बाधाएं तो आएंगी, परंतु आप तमाम भीगने एवं बाधाओं को पार करते हुए कर्तव्य पथ पर अग्रसर होंग। महत्वपूर्ण निर्णय को फिलहाल टाल ना ठीक नहीं है। 5 एवं 6 को कोई गुप्त योजना या गोपनीय सोदे पर बातचीत की संभावना है।आर्थिक पक्ष पहले से मजबूत बनेगा। 7 को कहीं से कोई अप्रिय समाचार प्राप्त होगा। समय गति विपरीत है।

 

8 मार्च से 15 मार्च तक

8 को आमदनी कम एवं खर्चा अधिक की स्थिति रहेगी। आपके अपने ही आपके साथ विश्वासघात करेंगे। मौज मस्ती, हास परिहास में व्यर्थ समय एवं धन का अपव्यय ही होगा। 9 से 11 के मध्य रुपयों पैसों की आवक के लिहाज से समय गति एकदम उपयुक्त है। कोई नया काम आरंभ हो सकता है। बुद्धि रचनात्मक एवं सृजनात्मक कार्यों की ओर प्रवृत्त होगी। 12 व 13 को कई मामलों में सावधानी रखने की आवश्यकता है। आप ऐसे किसी चक्रव्यू एवं जाल में उलज सकते हैं जिससे बाहर निकलना आपके लिए दुष्कर होगा। 14 एवं 15 को किसी को उधार दिया हुआ या रुका हुआ रुपया प्राप्त हो जाएगा। कार्यक्षेत्र में आप का दबदबा एवं रुतबा कायम रहेगा।

 

16 मार्च से 23 मार्च तक

16 से 18 मार्च तक का समय निराशा एवं कष्ट का सूचक है। कार्यों में अकारण रुकावटें एवं व्यवधान उपस्थित होंगे। विरोधियों एवं शत्रुओं से सावधान रहने की आवश्यकता है। अकारण ही लोग आपसे उड़ जाएंगे कार्यों में अकारण रुकावटें एवं अवरोध आएंगे। 19 एवं 20 को रुपया कांच में दिखाएं देगा परंतु आएगा नहीं। नई परियोजना प्रोजेक्ट आदि में आप पैसा लगा सकते हैं। ज्यादा समय इस समय आप घर परिवार को देंगे। 21 से 23 मार्च के मध्य विद्यार्थी अपनी पढ़ाई एवं अध्ययन के प्रति गंभीर होंगे। सेमिनार, अध्ययन, इंटरव्यू आदि में भाग लेना पड़ सकता है। आप लोगों से संपर्क एवं संवाद कायम करेंगे। लापरवाही से आप दूसरों की भावनाओं को ठेस पहुंचा सकते हैं। सेमिनार, सम्मेलन, मीटिंग आदि में भाग लेने का अवसर मिल सकता है।

 

24 मार्च से 31 मार्च तक

24 एवं 25 को पति पत्नी में आपसी संबंध एवं तालमेल बहुत ही बढ़िया रहेगा। मेहमानों एवं रिश्तेदारों से मेल मुलाकात होगी। आप कार्यों की व्यस्तता के बीच अपने लिए तथा परिवार के लिए समय निकाल ही लेंगे। 26 एवं 27 को आप किसी मुसीबत या उलझन में पड़ सकते हैं। धन एवं हानि के प्रबल योगा योग बन रहे हैं। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। किसी गुप्त योजना या साजिश के शिकार हो सकते हैं। 28 एवं 29 को राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। कोर्ट केस में स्थिति आपके पक्ष में बनेगी। 30 एवं 31 को संपर्कों का दायरा विस्तृत होगा। राजनीति में आपके संबंध बनेंगे।

अप्रैल 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि गुरु मकर राशि का लग्न में, बुध सूर्य शुक्र मीन राशि के तृतीय भाव में, राहु मंगल वृषभ राशि का पंचम भाव में, केतु चंद्रमा वृश्चिक राशि का 11 वें भाव में चलायमान है।

 

1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक

एक बातों को आप आमदनी को देखकर खर्चों को व्यवस्थित करेंगे जिससे आर्थिक व्यवस्था सुदृढ़ एवं मजबूत होगी। पुराने निवेश का परिणाम आपके लिए बेहतर आएगा। आप निरंतर उपलब्धियां प्राप्त करेंगे। फलित ईशा करने वाले भी कम नहीं रहेंगे।3 एवं 4 को शत्रु एवं विरोधी ईष्र्यावश शिकायत कर सकता है। कामकाज में कोई गलती हो सकती है जिसका खामियाजा आप को भुगतना पड़ सकता है। पति-पत्नी के मध्य आपसी तालमेल बढ़िया रहेगा। कामकाज में आप घर में जोशी एवं उत्साह का परिचय देंगे।5 से 7 के मध्य चंद्रमा आपकी राशि में चलायमान है। बड़े-बुजुर्गों की सेवा के लिए आप समय निकालेंगे। भविष्य के लक्ष्यों को आप निर्धारित कर योजना बनाएंगे।

 

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक

8 एवं 9 को शुभ एवं अशुभ दोनों ही प्रकार के फल मिलेंगे। संपत्ति संबंधी विवाद किसी की मध्यस्थता से हल हो जाएंगे। भाइयों से कुछ अनबन विचार भेद एवं मतभेद की स्थिति रहेगी। 10 से 12 अप्रैल तक का समय लाभप्रद स्थितियों को देने वाला है। व्यापारिक एवं व्यावसायिक संबंधों में और ज्यादा घनिष्ठता आएगी। कोई बड़ा ऑर्डर या बिग डील हो सकती है। नौकरी में बहुत एवं अधिकारियों से संबंध मधुर बनेंगे। 12 की शाम से 14 अप्रैल तक का समय निराशा एवं कष्ट का सूचक है। किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई अप्रिय या अशुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। कार्य क्षमता एवं कार्य कुशलता में कमी आएगी जिसका लाभ आपके प्रतिद्वंदी को मिल सकता है। 15 को आप आत्म विश्लेषण एवं आत्म मंथन के नाजुक दौर से निकलेंगे। ज्ञान में बढ़ोतरी होगी।

 

16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक

16 एवं 17 को मेहमानों का आगमन होगा। तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद आप अपने लिए तथा परिवार के लिए समय निकालेंगे। बदनामी होने या केस होने की आशंका एवं संभावना है। सावधान एवं सतर्क रहें। 18 एवं 19 को प्रेम रिश्ते नातों के कारण आप का खर्च बढ़ सकता है। लोगों से मिलना-जुलना, जीवन का हर संभव तरीके से आनंद उठा पाएंगे। शत्रु एवं विरोधी सक्रिय तो होंगे परंतु अहित कुछ नहीं कर पाएंग। 20 एवं 21 को घर परिवार में आपकी व्यस्तता रहेगी। दैनिक एवं रोजमर्रा के काम करेंगे। अपनी क्षमताओं एवं योग्यताओं का बेहतर उपयोग करने हेतु भविष्य की योजना बनाएंग। 22 एवं 23 को आपके साथ कोई अप्रिय घटना घटित हो सकती है। कार्यों में रुकावट एवं बाधाएं आएंगी। इस समय आर्थिक नुकसान की भी प्रबल योगायोग बन रहे हैं। सावधान रहें।

 

24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक

24 अप्रैल को कहीं से कोई अप्रिय संदेश या सूचना प्राप्त हो सकती है। वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। बदनामी एवं अपयश के योग हैं। 25 एवं 26 को धन संबंधी मामले में सही से अनुसंधान एवं अध्ययन के बाद ही कोई कदम उठाएं। परिवार एवं दोस्तों के साथ खुशनुमा वक्त गुजारेंगे। 27 एवं 28 अप्रैल को आपकी मृदुल का एवं विनम्रता से लोग आप की ओर आकर्षित होंगे। राजकीय काम किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से पूरे हो जाएंगे। आप दूसरों की भावनाओं को समझेंगे। 29 एवं 30 को आर्थिक लाभ के योग बन रहे हैं। पैसा पास में आएगा। बैंक, बीमा, निवेश जैसी आर्थिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे।

मई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य, शुक्र मेष राशि का चतुर्थ भाव में,बुध, राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में, मंगल मिथुन राशि का षस्टम भाव में केतु ग्यारहवें भाव में, चंद्रमा धनु राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 मई से 7 मई तक

12 को सुसमाचार आपकी काबिलियत योग्यता खुलकर लोगों के सामने आएगी। आपकी कोई प्रिय वस्तु चोरी हो जाने पर गुम हो जाने के योग्य है। अतः अपनी चीजों को संभाल कर रखें। कोई बड़ा ऑर्डर है आपके हाथों से फिसल सकता है। 34 को यात्राओं पर ज्यादा जोर रहेगा। परिश्रम एवं मेहनत रंग लाएगी। घरेलू कार्यों में व्यस्तता पूर्ण रूप से रहेगी। आप यह महसूस करेंगे कि यह समय चतुराई से धन निवेशकरने का है, जिससे आय बढ़ाई जा सके। 5 एवं 6 को मिले जुले परिणाम एवं प्रतिफल मिलेंगे। सामर्थ्य से अधिक काम करने से कुछ तनावग्रस्त हो जाते हैं। कार्य का बोझ अधिक रहेगा। 7 को रोजी-रोजगार से संबंधित बेहतरीन समय है। आर्थिक स्थिति एवं पक्ष में सुधार होगा।

 

8 मई से 15 मई तक

8 एवं 9 मई को धन संबंधी मामलों को बेहतर ढंग से समझाएंगे। शारीरिक रूप से भी रोग निवृत्ति के योग इस वर्ष बने हुए हैं। धीमी गति से ही सही परंतु आप अपने लक्ष्यों की ओर आगे बढ़ेंगे। अनावश्यक विवाद एवं संकटों से बचें। नौकर-चाकर, वाहन एवं भौतिक ऐश्वर्य के साधनों में बढ़ोतरी होगी। 9 की शाम से 11 मई के मध्य आप व्यर्थ में ही किसी से उलझ पड़ेंगे। क्रोध एवं आवेश में नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। घर के किसी वरिष्ठ व्यक्ति का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। पति-पत्नी के मध्य गलतफहमियां उत्पन्न होगी। 12 से 14 मई तक का समय फिर थोड़ा ठीक है। किसी ज्ञानवर्धक एवं रोचक साहित्य को पढ़ने में समय व्यतीत होगा। विवाह, शादी या सामाजिक समारोह में शरीक हो सकते हैं। 15 को कहीं से कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा।

 

16 मई से 23 मई तक

16 को शत्रु एवं विरोधी सक्रिय रहेंगे परंतु आपका कुछ भी अहित नहीं कर पाएंगे। आप अपनी प्रतिभा एवं रचनात्मक क्षमता को उजागर करने हेतु भी प्रयासरत रहेंगे। 17 एवं 18 को आप किसी मित्र या रिश्तेदार की तरफ सहायता का हाथ बढाएंगे। घर परिवार में व्यस्तता कुछ अधिक ही रहेगी। धर्म, अध्यात्म की तरफ आपका झुकाव एवं रुझान बढ़ेगा। खर्चों पर नियंत्रण रखने की आवश्यकता है। 19 की शाम से 21 के मध्य आप स्वयं को चक्रव्यूह में गिरा हुआ पाएंगे। हाथ में आया कोई बड़ा हो गया काम आपके हाथ से निकल सकता है। कानूनी मसले पर किसी विशेषज्ञ से सलाह मशवरा करना पड़ सकता है। 22 से 23 को ग्रह स्थितियों में बदलाव के साथ-साथ परिस्थितियों में बदलाव आएगा। नई परियोजना प्रोजेक्ट का लाभ आपको मिल जाएगा।

 

24 मई से 31 मई तक

24 एवं 25 मई को स्वास्थ्य में सुधार होगा। सभी आपकी तारीफ और प्रशंसा करेंगे। आप किसी परेशानी एवं मुसीबत में अपने मित्र को अपने साथ खड़ा पाएंगे। अपनी प्राथमिकताओं एवं महत्वाकांक्षाओं की सूची बनाएंगे। 26 एवं 27 को रचनात्मकता के हिसाब से आप काफी आगे रहेंगे। यहां तक कि शत्रु भी आपकी बुद्धिमता एवं आपके काम का लोहा मानेंगे। मित्रों एवं परिचितों के साथ गर्मजोशी से पेश आएंगे। खुद को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सुंदर बनाने के लिए प्रयासरत रहेंगे। 28 एवं 29 को कोई अप्रिय एवं शुभ समाचार मिलेगा। किसी की मैयत में शरीक होना पड़ सकता है। 30 एवं 31 को सोचे गए काम पूरे होंगे। आपकी छवि में निखार आएगा।

जून 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति चंद्रमा कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में, बुध मंगल शुक्र मिथुन राशि का अष्टम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का 11 वे भाव में चलायमान है।

 

1 जून से 7 जून तक

1 से 3 जून तक का समय मिश्रित फलकारी है। मध्यम परिणाम मिलेंगे। आपके पुराने मित्र आपके आत्मविश्वास में वृद्धि करेंगे। मित्रों और रिश्तेदारों एवं कुटुंबी जनों के साथ व्यस्त रहेंगे। मानसिक चिंताओं एवं तनाव से कुछ राहत महसूस करेंगे। 4 व 5 जून को आर्थिक रूप से आप सक्षम एवं सुदृढ़ स्थिति में रहेंगे। बाकी सर एवं पार्टनर से संबंधों में प्रगाढ़ता आएगी। कोई बड़ा व्यापारिक अनुबंध हो सकता है या व्यापार में कोई बड़ा ऑर्डर आपको प्राप्त हो सकता है। 6 और 7 को आपकी होशियारी काम नहीं आएगी। ऐसा कोई काम आपके द्वारा हो जाएगा जिससे आपकी बदनामी हो सकती है वाणी एवं क्रोध पर नियंत्रण रखें। आप आर्थिक संकट में पड़ सकते हैं आपको किसी से उधार लेने की आवश्यकता पड़ सकती ह।

 

8 जून से 15 जून तक

8 को आमदनी कम रहेगी परंतु अपने खर्चों को व्यवस्थित एवं संतुलित रखें अन्यथा आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है जिसे आप गुप्ता एवं गोपनीय रखना चाहते थे। 9 और 10 को आपके रुके हुए काम किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से पूरे हो जाएंगे। राहु सूर्य तथा चंद्रमा की युति से परिवार को लेकर जरूर कुछ चिंता के हालात एवं स्थितियां रहेंगी। मेहमानों का आगमन होगा। 11 से 13 जून के मध्य कहीं से कोई महत्वपूर्ण सूचना एवं संदेश प्राप्ति का योग बनता है। किसी रिश्तेदार मित्र से चली आ रही गलतफहमियां समाप्त होंगी। उचित एवं अनुकूल समय का भरपूर लाभ उठाएंगे। 14 और 15 को बड़े बुजुर्गों माता पिता का आशीर्वाद एवं स्नेह प्राप्त होगा। वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन में मधुरता का वातावरण रहेगा।

 

16 जून से 23 जून तक

16 व 17 को आप किसी गुप्त षड्यंत्र एवं साजिश का शिकार हो सकते हैं। भागीदार एवं कर्मचारी की गतिविधि पर नजर रखें। रुपयों-पैसों के मामले में आपके साथ कोई विश्वासघात हो सकता है। स्वास्थ्य के प्रति की गई लापरवाही के परिणाम घातक होंगे। व्यापारिक तनाव पैदा होगा। नौकरी में अफसर से तकरार हो जाएगी। 18 एवं 19 को ग्रह स्थितियां एक बार फिर आप के पक्ष में आएंगी। किसी महापुरुष से भेंट या तीर्थ स्थल की यात्रा होगी। स्वयं के उत्साह एवं प्रयासों से सारे काम सिद्ध होंगे। 20 एवं 21 को शारीरिक एवं मानसिक बल बढ़ेगा। हास-परिहास में समय व्यतीत होगा। व्यापार एवं कारोबार में लाभप्रद स्थितियों के कारण आपका मूड बहुत ही अच्छा रहेगा। 22 एवं 23 को आप व्यापारिक एवं कार्यक्षेत्र की उलजनों को सुलझा देंगे। अपने प्रभाव से चमत्कार पैदा करेंग। किसी महत्वपूर्ण एवं प्रभावशाली व्यक्ति से मुलाकात आपकी उन्नति के रास्ते खोल देगी।

 

24 जून से 30 जून तक

24 से 26 जून के मध्य कहीं से कोई अप्रिय शुभ समाचार मिलेगा। आपके अपने लोग ही आपके साथ विश्वासघात करेंगे। प्रत्येक काम में रुकावट एवं बाधा के चलते कई काम अधूरे में ही छूट जाएंगे। निरर्थक मामलों में उलझे रहेंगे। 27 एवं 28 को चंद्रमा आपकी स्वयं की राशि में आकर धर्म लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा। व्यापारिक विस्तार के लिए खर्च एवं धन का निवेश करना पड़ सकता है। किसी विशिष्ट व्यक्ति या प्रियजन से मुलाकात होगी। 29 या 29 को मिले जुले परिणाम एवं प्रतिफल मिलेंगे। अविवाहित लोगों को जरूर खुशी के समाचार मिल सकते हैं। डाक द्वारा ईमेल द्वारा कोई महत्वपूर्ण संदेश या सूचना प्राप्त होगी।

जुलाई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा मीन राशि का तृतीय भाव में, राहु, बुध वृषभ राशि का पंचम भाव में, सूर्य मिथुन राशि का अष्टम भाव में, मंगल शुक्र का राशि का सप्तम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 जुलाई से 7 जुलाई तक

1 व 2 को कहीं से रुका हुआ एवं अटका हुआ रुपया प्राप्त होगा। रोजी-रोजगार के उचित अवसर मिलेंगे। नौकर-चाकर, वाहन एवं भौतिक ऐश्वर्य के साधनों में बढ़ोतरी होगी। कार्य एवं व्यवसाय में अपने लक्ष्यों को तय करेंगे। यथार्थवादी बनेंगे। 3 से 5 तक का समय घोर निराशा एवं कष्ट का सूचक है। महत्वपूर्ण निर्णय को फिलहाल टाल दें। समय गति ठीक नहीं है। अतः गलत निर्णय हो सकता है। यह समय अग्नि परीक्षा का है। धैर्य एवं धीरज से काम ले । अनुचित एवं दो नंबर के कार्यों को फिलहाल बंद कर दें। 6 और 7 को आप हर चीज किफायत पर देंगे। आपकी मुलाकात किसी ऐसे व्यक्ति से होगी जो आपको सफलता के शिखर तक ले जाने में सहायक होगा। यानी विज्ञान में बढ़ोतरी होगी।

 

8 जुलाई से 15 जुलाई तक

8 से 9 जुलाई के मध्य आप घर परिवार की हर छोटी मोटी जरूरत का ध्यान रखेंगे। पति पत्नी दोनों एक दूसरे की भावनाओं को समझेंगे। परिस्थितियां काफी हद तक आप के पक्ष में रहेंगी। संबंधों के प्रति आप निष्ठावान बनेंग। किसी मित्र या रिश्तेदार से संबंधित कोई महत्वपूर्ण संदेश या अशुभ संकेत प्राप्त हो सकता है। 11 एवं 12 को आप अपनी चतुराई एवं बुद्धिमता से प्रतिकूलता को भी अनुकूलता में परिवर्तित कर सकते हैं। रोमांस एवं प्रेम प्रसंगों में सफलता मिलेगी। व्यस्तता तो रहेगी परंतु धन कम ही प्राप्त हो पाएगा। 13 से 15 जुलाई के मध्य कार्य क्षेत्र में नौकरी में आप से कोई गलती हो जाएगी जिससे बॉस एवं अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। पारिवारिक मामलों में आपको जोश की बजाय होश से काम लेना चाहिए।

 

16 जुलाई से 23 जुलाई तक

16 एवं 17 को यश कीर्ति मान सम्मान में वृद्धि के योग हैं। किसी धार्मिक या सामाजिक महत्व के कार्य में आपकी व्यस्तता रहेगी। आत्मा विश्वास एवं मनोबल के हिसाब से आप काफी ऊंचे पायदान पर रहेंगे। यही साथियों विश्वास इस समय आप का सबसे बड़ा अस्त्र रहेगा जिसके सहारे आप हर मुश्किल एवं उलझन का हल निकाल ही लेंगे। 18 एवं 19 को मित्रों एवं सहयोगीयों की मदद से रुके हुए एवं लंबित काम पूरे होंगे। राजनीतिक एवं सामाजिक क्षेत्र में दबदबा, रुतबा एवं वर्चस्व बढ़ेगा। 20 और 21 को उधार दिया हुआ रुपया वसूल होगा। आर्थिक उपलब्धियों के योग हैं। आय एवं धन प्राप्ति के स्त्रोतों में इजाफा होगा। 21 की शाम से 23 जुलाई के मध्य दिन हानि के योग है। व्यापार एवं कारोबार में कोई गलत निर्णय हो जाएगा। बिना पढ़े किसी भी कागज या दस्तावेज पर हस्ताक्षर नहीं करें। आप किसी उलझन साजिश में फंस सकते हैं।

 

24 जुलाई से 31 जुलाई तक

24 एवं 25 को ग्रह स्थितियों मैं परिवर्तन के साथ कई शुभ समाचार भी आपको प्राप्त होंगे। आय एवं धन अर्जित करने की नई-नई संभावनाओं पर आप विचार करेंगे। घर में किसी नवीन वस्तु या रोजमर्रा के उपयोग की वस्तुओं की खरीदारी कर सकते हैं। 26 एवं 27 को मिले-जुले मिश्रित फल प्राप्त होंगे। संतान संबंधी जो चिंता पिछले काफी समय से चली आ रही थी उससे छुटकारा मिल जाएगा। मानसिक शांति मिलेगी। हास-परिहास एवं मनोरंजन में अधिकतम समय व्यतीत होगा। 28 और 29 को शासकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। कोर्ट केस से संबंधित मामलों में स्थितियां एवं हालात दोनों ही पक्ष में रहेंगे। 30 और 31 को समय गति विपरीत है। अशुभ एवं अप्रिय समाचार मिल सकते हैं।

अगस्त 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा मेष राशि का चतुर्थ भाव में, राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में, सूर्य बुध कर्क राशि का सप्तम भाव में, मंगल शुक्र सिंह राशि का अष्टम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में है।

 

1 अगस्त से 7 अगस्त तक

1 को बिना वजह किसी से उलझ पड़ेंगे हाथ में आता हुआ आता रुपया रुक व अटक जाएगा। कई कार्यों में आपको निराशा का मुंह देखना पड़ सकता है। 2 से 4 अगस्त तक का समय फिर थोड़ी सी बेहतरी का है। आप अपनी दिनचर्या एवं व्यवहार में महत्वपूर्ण बदलाव लाएंगे। जो उधार पैसा आपने दे रखा है उसकी वसूली के लिए प्रयासरत रहेंगे। शरीर में आलस एवं थकान की स्थिति रहेगी। कामकाज की दृष्टि से समय मध्यम है। 5 रन 6 को सामाजिक संबंधों को बेहतर बनाने के लिए आप यात्राएं कर सकते हैं। रुके हुए काम पूरे हो जाएंगे। किसी घनिष्ठ मित्र से लंबे अरसे बाद मुलाकात होगी जिससे मन प्रसन्न हो जाएगा। 7 को जोश एवं उत्साह में आकर कोई ऊंची उड़ान नहीं भरे पुराना निवेश लाभ देगा।

 

8 अगस्त से 15 अगस्त तक

8 को परिवार में व्यस्तता अधिक रहेगी। मित्रों रिश्तेदारों एवं परिवार के लोगों के साथ खुशनुमा वातावरण में समय व्यतीत हो जाएगा।9 से 11 के मध्य धन हानि के योग बन रहे हैं। लॉटरी, जुआ, सट्टे आदि में पैसा लगा सकते हैं। सावधान रहें जन हानि के योग स्पष्ट परिलक्षित हो रहे हैं। विरोधियों एवं प्रतिद्वंद्वियों से भी दो-दो हाथ हो सकते हैं। 12 एवं 13 अगस्त को घनिष्ठ व्यक्ति या मित्र से एक काफी अर्से बाद मुलाकात होगी। जिससे आपका मन प्रसन्न हो जाएगा। योजनाएं और प्रोजेक्ट पर भी तीव्रता से काम होगा। बैंक-बैलेंस में धीमे-धीमे सुधार होगा। 14 और 15 को आपको मान सम्मान की प्राप्ति होगी। राष्ट्रप्रेम एवं देश प्रेम का जज्बा जोर मारेगा। पूर्व में जो आपने निवेश कर रखा है उसमें लाभ की प्राप्ति होगी।

 

16 अगस्त से 23 अगस्त तक

16 व 17 को रचनात्मक कार्यों में आपकी रुचि बढ़ेगी। आर्थिक पक्ष धीमे-धीमे पहले से अधिक मजबूत होगा। आप कामकाज व करियर नौकरी में इतने व्यस्त रहेंगे कि आपको दूसरों के लिए समय ही नहीं मिल पाएगा। माता-पिता एवं घर के बड़े बुजुर्गों का स्नेह व आशीर्वाद प्राप्त होगा। 18 व 19 को आप कई मामलों में दिमाग की बजाए दिल से काम लेंगे और उसमें ठगे भी जा सकते हैं। भावनाओं के आवेश में आकर जो भी निर्णय आप करेंगे उसमें अंततः आपको नुकसान ही होगा। धन हानि के प्रबल योग हैं। अतः सावधान रहें। 20 और 21 को परिवार एवं कुटुंब के लोग आप की वाहवाही एवं प्रशंसा करेंगे। भूमि, जायदाद संबंधी मामले किसी की मध्यस्थता से हल हो सकते हैं। 22 एवं 23 को समय गति खास ठीक नहीं है। हालांकि चिंताओं से कुछ राहत मिलेगी। शरीर में थकान एवं आलस्य अधिक रहेगा।

 

24 अगस्त से 31 अगस्त तक

24 से 26 अगस्त के मध्य आप जमकर मेहनत करेंगे एवं उसका लाभ भी उठाएंगे। फिर वह लाभ चाहे रुपयों-पैसों के रूप में हो या प्रतिष्ठा एवं सम्मान के विषय में हो। रोजी-रोजगार से संबंधित कोई नया या बड़ा हो पर आपको मिल सकता है। 27 से 29 अगस्त के मध्य कल वाद-विवाद एवं लड़ाई झगड़े होने की संभावना है। परिवार में तनावपूर्ण वातावरण रहेगा। कामकाज एवं नौकरी में हुई गलती के कारण बॉस एवं अधिकारी की डांट फटकार आपको सुननी पड़ती है। 30 एवं 31 को लक्ष्यों की प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होंगे। विद्यार्थी अपनी पढ़ाई पर एकाग्र होंगे। मेहमानों का आगमन होगा।

सितंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का षष्ठम भाव में, सूर्य मंगल सिंह राशि का अष्टम भाव में, बुध, शुक्र कन्या राशि का नवम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 सितंबर से 7 सितंबर तक

1 से 3 के मध्य शत्रु व विरोधी सक्रिय होंगे लेकिन आप का अहित कुछ भी नहीं कर पाएंगे। कहीं से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। कठोर परिश्रम एवं कड़ी मेहनत से आप वह सब हासिल कर लेंगे जो आपने सोच रखा है। पुराने किए गए निवेश का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। 4 एवं 5 को कामकाज की स्थिति रहेगी। हालांकि स्वास्थ्य को लेकर चल रही नकारात्मकता समाप्त होगी। नौकरी में लक्ष्यों को हासिल करने का दबाव रहेगा। कोई खास उपलब्धि आपको इस दरमियान मिल नहीं पाएगी। संतान की गतिविधि आप को चिंता में डाल देगी। 6 और 7 को हाथ में आता था रुपया रुक जाएगा। अपने व्यवहार को नियंत्रित एवं संयमित करें अन्यथा आपका अपमान या बेइज्जती हो सकती है। चंद्रमा का आठवां परिभ्रमण धन हानि का कारण बनेगा।

 

8 सितंबर से 15 सितंबर तक

8 व 9 को अध्ययन अध्यापन शोध व अनुसंधान के लिए समय उत्तम है। सरकारी कार्यों में तीव्रता आएगी। आपकी किसी वरिष्ठ अधिकारी या राजनेता से मुलाकात आपके भाग्य के द्वार खोल देगी। महिला मित्रों से जरूर सावधान रहें। पति-पत्नी, प्रेमी-प्रेमिका से संबंधों में बेहतरी आएगी। 10 एवं 11 को दिनचर्या एवं रोजमर्रा में बदलाव लाएंगे। भविष्य के लिए एक सुनियोजित योजना बनाएंगे। परिवार इस समय आपकी प्राथमिकता पर होगा। बैंक एवं पर्स में धन का प्रभाव बना रहेगा। लचीले रुख एवं उदारवादी दृष्टिकोण के सहारे आप अपने कई काम निकाल ही लेंगे। 12 एवं 13 को आर्थिक लाभ प्राप्त होगा। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी संभव है। धन की आवक से आत्मविश्वास बना रहेगा 14 और 15 को कोई झूठा आरोप या कलंक आप पर लग सकता है। समय गति विपरीत है। सावधान व सतर्क रहें।

 

16 सितंबर से 23 सितंबर तक

16 को चंद्रमा द्वादश स्थान में गतिशील है। खर्च में वृद्धि होगी खर्चों को नियंत्रित करें अन्यथा कर्ज लेने की भी नौबत आ सकती है। वित्तीय मामलों में काफी सावधानी बरतें हैं। 17 एवं 18 को उत्साह से लबरेज रहेंगे एवं कोई भी चुनौती स्वीकार करने के लिए तैयार एवं तत्पर रहेंगे। कामकाज में पूरी लगन, ईमानदारी एवं निष्ठा से काम करेंगे। घर ऑफिस की मरम्मत एवं रखरखाव पर ज्यादा ध्यान देंगे। 18 से 20 के मध्य चिंताओं से कुछ राहत मिलेगी। हालांकि समय इतना कोई खास बढ़िया नहीं रहेगा फिर भी आपके मन में कुछ गजब का जोश एवं उत्साह रहेगा। सलाह सुने सबकी पर करें मन की। 21 व 22 को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सुनियोजित रूप से योजना बनाएंगे। आपके रुके हुए काम बन जाएंगे। 23 को समय विपरीत है। मेहनत एवं परिश्रम व्यर्थ ही जाएगा शत्रु एवं विरोधी हावी रहेंगे।

 

24 सितंबर से 30 सितंबर तक

24 और 25 को कहीं से अप्रिय समाचार मिलेंगे। प्रेम-प्रसंग उजागर हो सकता है। पारिवारिक सुख शांति में अवरोध आएंगे। स्वास्थ्य में गड़बड़ हो सकती है। क्रोध एवं वाणी पर संयम रखें। धन हानि के योग बन रहे हैं। 26 एवं 27 को धैर्य एवं ठंडे दिमाग से आप मुश्किल से मुश्किल परिस्थिति को अपने वश में कर लेंगे। ज्ञानवर्धक एवं रोचक साहित्य को पढ़ने में समय व्यतीत होगा। 28 से 30 को शुभ समाचार प्राप्त होंगे। जमीन-जायदाद, संपत्ति संबंधी मसला किसी की मध्यस्थता से सुलझ जाएगा। शत्रु एवं विरोधी अस्त होंगे।

अक्टूबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में बृहस्पति शनि मकर राशि का लग्न में, राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का सप्तम भाव में, सूर्य मंगल कन्या राशि का नवम भाव में, बुध, शुक्र, तुला राशि का दशम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक

1 व 2 को घर परिवार में व्यस्तता रहेगी। धन संबंधी मामलों में ढिलाई रहेगी। घरेलू नवीनीकरण साज-सज्जा अतिरिक्त कार्य एवं कुछ नया करने की इच्छा प्रतिबल रहेगी। अधिक कार्य करने से शारीरिक थकान एवं अस्वस्थता रह सकती है। आप अपना आत्म संयम बनाए रखें। योग, व्यायाम, खान-पान का ध्यान रखें। 3 व 4 को व्यापार में हानि हो सकती है। आपका कोई घनिष्ट व्यक्ति ही लेनदेन के मामले में आपके साथ कोई विश्वासघात कर सकता है। स्वास्थ्य भी कमजोर रहेगा। किसी घनिष्ठ व्यक्ति से संबंधित कोई अप्रिय समाचार प्राप्त हो सकते हैं। 5 से 7 के मध्य ग्रहण स्थितियां कुछ पक्ष में आएंगी। आपकी योग्यताएं एवं क्षमताएं खुलकर लोगों के सामने आएंगी। धन संबंधी मामलों को बेहतर ढंग से निपटाएंगे। प्रार्थना, पूजा, धर्म और ध्यान में अधिकतम समय व्यतीत होगा।

 

8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक

8 व 9 को कार्यभार अधिक रहेगा। आप यह महसूस करेंगे कि यह समय चतुराई से निवेश करने का है जिससे आगे चलकर आय में वृद्धि होगी। अनावश्यक विवाद से बचें। खानपान को संतुलित एवं व्यवस्थित रखें। पति-पत्नी में आपसी प्रेम एवं सामंजस्य बढ़ेगा। 10 एवं 11 को धन प्राप्ति के योग बने हुए हैं। ऐशो आराम एवं भौतिक सुख संसाधनों में वृद्धि होगी। आप इस समय भौतिक व आध्यात्मिक उपलब्धियां भी हासिल करेंगे। 12 एवं 13 अक्टूबर को अनावश्यक वाद-विवाद से बचें। किसी रिश्तेदार या परिजन से संबंधित कोई अप्रिय या अशुभ समाचार प्राप्त होगा। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखने की आवश्यकता है। आप कर्ज एवं ऋण में फंस सकते हैं। 14 एवं 15 को फिर ग्रह की स्थिति कुछ आपके पक्ष में आती हैं। आर्थिक लाभ प्राप्ति के योग बनते हैं।

 

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक

16 व 17 को कामकाज के हालात सामान्य रहेंगे। इस समय आप सहभागिता पत्राचार एवं संबंधों पर ध्यान देंगे। मानसिक थकान एवं पारिवारिक मामलों में जरूर कुछ निराशा का सामना करना पड़ सकता है। लक्ष्य की ओर अग्रसर होंगे। बेशक आप की रफ्तार कुछ धीमी रहेगी। 18 से 20 अक्टूबर के मध्य आर्थिक लाभ में जबरदस्त इजाफा होगा। कामकाज में नए-नए प्रयोग आप अमल में लाएंगे। उन प्रयोगों से धन लाभ भी होगा। आर्थिक रूप से आप सक्षम एवं मजबूत स्थिति में रहेंगे। आप दूसरों की समस्याओं को सुलझाने में लगे रहेंगे। लेकिन 21 एवं 22 को आप खुद किसी समस्या में उलझ कर रह जाएंगे। कहीं से कोई अप्रिय समाचार आपको प्राप्त हो सकता है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं।23 अक्टूबर को इसी समारोह आदि में आप व्यस्त हो सकते हैं। कामकाज की व्यस्तता अधिक रहेगी।

 

24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक

24 और 25 को परेशानी एवं मुसीबत एक-एक कर घटती हुई नजर आएगी। ऑफिस में लंबित पड़े हैं फैसलों को त्वरितता से निपटायेंगे। रुपयों-पैसों को लेकर हाथ जरा सा तंग रहेगा। 26 एवं 27 को अच्छे दोस्त और माता-पिता के साथ अपना काम एवं खुशियां दोनों साझा करेंग। किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा। कोर्ट केस एवं अदालती मामलों में सफलता मिलेगी। 28 एवं 29 को किसी वस्तु की खरीद-फरोख्त से पूर्व अच्छी तरह से जांच पड़ताल कर लें। आपके साथ कोई धोखा हो सकता है। स्वास्थ्य में सुधार आएगा। 30 एवं 31 को कहीं से अप्रिय या अशुभ समाचार प्राप्त होंगे। धन हानि के योग हैं। शत्रु पक्ष से भी सावधान रहें।

नवंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में बृहस्पति शनि मकर राशि का लग्न में, राहु वृषभ राशि का पंचम भाव में चंद्रमा सिंह राशि का अष्टम भाव में,बुध कन्या राशि का नवम भाव में, सूर्य, मंगल तुला राशि का दशम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का 11 वे भाव में, शुक्र धनु राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 नवंबर से 7 नवंबर तक

1 को आप किसी साजिश एवं षड्यंत्र का शिकार हो सकते हैं। सहकर्मी बॉस या अधिकारियों के कान आप के विरुद्ध भर सकते हैं। नौकरी में अजनबी एवं आप परिचित व्यक्तियों पर भरोसा करना भूल ही रहेगी। 2 एवं 3 नवंबर को परिस्थितियों में बदलाव की आशा की जा रही है। जिस काम को करने की आप पिछले काफी समय से सोच रहे थे वह अल्प प्रयास में पूरा होगा। अच्छे दोस्त, माता-पिता एवं परिवार का भरपूर साथ रहेगा। 4 एवं 5 नवंबर को भविष्य के प्रोजेक्ट एवं योजनाएं गति पकड़ेंगे। उदारवादी दृष्टिकोण एवं लचीले रुख का लाभ आपको कहीं ना कहीं मिल जाएगा। 6 एवं 7 को आर्थिक रूप से सक्षम एवं सूजन स्थिति में रहेंगे। नौकरी में सहकर्मी बॉस के साथ समन्वय कायम करके आप अपना काम निकाल ही लेंगे। व्यापार एवं कारोबार के हालात पहले से बेहतर बनेंगे।

 

8 नवंबर से 15 नवंबर तक

8 एवं 9 नवंबर को घर परिवार में किसी सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ा जाएगा जिस कारण आपको अस्पताल के चक्कर भी काटने पड़ सकते हैं। प्रतियोगिता एवं प्रतिस्पर्धा में आप अपने आप को कहीं ना कहीं पिछड़ा पाएंगे। अड़ियल रुख एवं कठोर दृष्टिकोण का खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है। 10 एवं 11 को किसी प्रभावशाली व्यक्ति की मदद से आपके कई काम पूरे हो जाएंगे शनि आपकी स्वयं की राशि में चलायमान है। जितनी अधिक इस समय मेहनत करेंगे उतना ही अधिक लाभ भी मिलेगा। 12 से 14 नवंबर तक का समय मध्यम फलकारी रहेगा। शुभ एवं अशुभ दोनों ही प्रकार के फल मिलेंगे। आत्मविश्वास एवं मनोबल गजब का रहेगा। 15 को कामकाज में परिस्थितियां पक्ष में रहेंगी। वहीं से रुका हुआ एवं उधार दिया हुआ रुपया प्राप्त होगा।

 

16 नवंबर से 23 नवंबर तक

16 से 18 नवंबर के मध्य आपको शत्रु एवं विरोधी से करारी शिकस्त मिलेगी। नौकरी में सहकर्मी बॉस आप के काम से संतुष्ट नहीं रहेंगे। खर्चों पर नियंत्रण रखें एवं जरूरत से ज्यादा पर नहीं फैलाएं। ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है जिससे बदनामी एवं अपयश का भय रहेगा। वैवाहिक एवं पारिवारिक जीवन में गलतफहमियां पैदा होंगी। 19, 21 तक का समय विद्यार्थियों के लिए अच्छा है। वह अपने अध्ययन अपने करियर के प्रति पहले से ज्यादा गंभीर होंगे। प्रतियोगी परीक्षा जॉब इंटरव्यू में प्रयासरत विद्यार्थियों की सफलता दिखाई दे रही है। किसी ज्ञानवर्धक साहित्य को पढ़ेंगे। 22 एवं 23 को प्रेम प्रसंगों में सफलता मिलेगी। लक्ष्य के प्रति पूर्णरूपेण समर्पण आपके सफलता की राह में आगे तक ले जाएगा। कहीं से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। साथ ही साथ अधिक उपलब्धियां भी प्राप्त होगी।

 

24 नवंबर से 30 नवंबर तक

24 को बड़े बुजुर्गों एवं वरिष्ठ लोगों का स्नेह एवं आशीष मिलेगा। येन केन प्रकारेण आप अपना अटका हुआ काम निकाल ही लेंगे। 25 एवं 26 को कारोबार एवं कामकाज की स्थिति ढीली ही रहेगी परंतु स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। पुरानी बीमारी एवं रोग में आराम आएगा। जो भी जीवन में मिले उसे भगवान का प्रसाद समझकर सहर्ष स्वीकारेंगे। 27 एवं 28 को कहीं से अप्रिय एवं शुभ समाचार प्राप्त होंगे। हाथ में आता-आता रुपया रुक व अटक जाएगा। ऐसी कोई बात हो जाएगी जिससे आपका मूड ऑफ हो जाएगा। 29 एवं 30 को प्रेम एवं सौहार्द का वातावरण घर परिवार में बना रहेगा। किसी धार्मिक या तीर्थ स्थान की यात्रा का प्रोग्राम बन सकता है। बड़े-बड़े अधिकारियों एवं राजनेताओं से संपर्क एवं संवाद बनेगा।

दिसंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में शनि मकर राशि का लग्न में, बृहस्पति कुंभ राशि का द्वितीय भाव में, राहु विश्व राशि का पंचम भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का नवम भाव में, मंगल तुला राशि का दशम भाव में, सूर्य बुध केतु वृश्चिक राशि का 11 वे भाव में चलायमान है।

 

1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक

1, 2 को सहभागिता पत्राचार संबंधों पर ध्यान देंगे। आप लंबित विषयों एवं कार्यों को बड़ी ही तीव्रता से और तेजी से निपटा देंगे। आप किसी सामाजिक समारोह विवाह आदि में शरीक हो सकते हैं, हालांकि लोग आप के बढ़ते हुए प्रभाव कीर्ति से ईष्र्या ही करेंगे।3 एवं 4 को कार्यक्षेत्र एवं व्यापार में नए-नए प्रयोग करेंगे। नौकरी में आपको बेहतर एवं नवीन अवसर सुलभ होंगे। आप कोई महत्वपूर्ण फैसला या निर्णय लेंगे। यात्रा और धन संपत्ति तथा भविष्य की योजनाओं में वृद्धि के संकेत हैं। 5 एवं 6 को प्रेम संबंधों के कारण परिवार में तनावपूर्ण स्थितियां बन सकती है। स्वास्थ्य कुछ कमजोर होगा कोई बड़ा काम या आर्डर आपके हाथों से निकल सकता है। धन हानि के योग हैं। 7 को आपकी राशि में चंद्रमा का परिभ्रमण आपकी उन्नति के मार्ग को प्रशस्त करेगा। मित्र एवं सहयोगी हर परिस्थिति में आपका साथ देंगे।

 

8 दिसंबर से 15 दिसंबर तक

8 व 9 को दफ्तर से जुड़े पेंडिंग मसलों को बड़ी ही तत्परता के साथ निपटाएंगे। नैतिकता, आदर्श एवं जीवन मूल्य आपके लिए काफी अहमियत रखेंगे। आप की प्रतिष्ठा का ग्राफ दिन प्रतिदिन ऊपर की ओर चढ़ेगा। 10 एवं 11 को व्यस्तता तो रहेगी लेकिन धन प्राप्ति के योग थोड़ा सा कमजोर ही है। आत्मा, परमात्मा, पुनर्जन्म, स्वर्ग, नरक, पित्र जैसे विषय आपको आकर्षित करेंगे। आत्म अवलोकन भी करेंगे। नए-नए मित्र बनेंगे। 12 एवं 13 को आप अपनी क्षमताओं योग्यता एवं काबिलियत का भरपूर लाभ उठाएंगे। कामकाज में नए-नए अवसर चलकर आपके द्वार पर आएंगे। निजी और व्यवसायिक संबंधों में काफी सकारात्मक प्रगति होगी। आर्थिक पक्ष सुधर रहेगा। 14 एवं 15 को आप व्यर्थ में ही किसी से उलझ पड़ेंगे। आपके साथ कोई आर्थिक धोखाधड़ी हो सकती है।

 

16 दिसंबर से 23 दिसंबर तक

16 को शत्रु एवं विरोधी सक्रिय रहेंगे। प्रत्येक काम सोच विचार कर ही करें। जल्दबाजी में कोई गलत निर्णय हो सकता है। किसी भी कागज या दस्तावेज पर हस्ताक्षर करने से पूर्व अच्छी प्रकार पढ़ लें। 17 एवं 18 दिसंबर को वित्त का प्रवाह बना रहेगा। किसी से किसी छोटी मोटी बात पर हल्की फुल्की कहासुनी या बोलचाल हो सकती है। पूर्ण रूप से आशावादी होकर काम करेंगे। आंशिक रूप से आप उसमें सफल भी होंगे। किसी ज्ञानवर्धक पुस्तक या साहित्य को पढ़ने में समय व्यतीत होगा। 19 से 21 दिसंबर के मध्य शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आपको कोई उपहार पुरस्कार या पारितोषिक मिल सकता है। जिस भी काम में हाथ डालेंगे सफलता का ही साथ रहेगा। प्रेम-प्रसंगों में सफलता मिलेगी। 22 एवं 23 को आप अपनी गलतफहमियां को ढूंढ लेंगे एवं उन्हें ठीक करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रहेगा। स्वास्थ्य ठीक रहेगा।

 

24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक

24 से 26 के मध्य आप किसी उलझन या मुसीबत में पड़ सकते हैं। आपकी कहीं कोई शिकायत हो सकती है। किसी राजकीय परेशानी है मुश्किल के योग बन रहे हैं। चंद्रमा का आठवें स्थान में परिभ्रमण है। अतः वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। 27 एवं 28 को आपकी लोकप्रियता का ग्राफ ऊपर की ओर चढ़ेगा। तमाम मुश्किलों एवं चुनौतियों का डटकर मुकाबला करेंगे जिससे हालात एवं स्थितियां पहले से बेहतर बनेगी। फंड निवेश पूंजी बीमा टैक्स जैसी गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। 29 एवं 30 को किसी बड़े व्यक्ति से मुलाकात धागे का मार्ग प्रशस्त करेगी। आप उत्साह एवं जोश में रहेंगे। शत्रु एवं विरोधी परास्त होंगे। 31 को आर्थिक रूप से सुदृढ़ रहेंगे। नव वर्ष 2022 की प्लानिंग एवं तैयारियों में व्यस्त रहेंगे।

मकर राशि एवं वास्तु विचार

 

प्रथम चरण

मकर राशि के प्रथम चरण में जन्मे जातक का मकान दक्षिणाभीमुख होगा तथा सामने की गली पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की ओर होगी। घर के सामने जल स्थान या मंदिर होगा। मकान के बाहरी क्षेत्र में वृक्ष होंगे। गृह प्रवेश के बाद गृहस्वामी के साले या बहनोई की मृत्यु शीघ्र होगी।

 

द्वितीय चरण

मकर राशि के दूसरे चरण में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान ऐसे मार्ग पर होगा जो कि दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की तरफ गतिशील होगा। मकान पूर्वाभीमुख होगा। मकान पर 3 परिवारों का पड़ा होगा। मेष, कर्क, तुला और मकर राशि के स्थल पर अग्नि का वास होगा। घर का स्वामी पुरुष देवता का उपासक होगा।

 

तृतीय चरण

मकर राशि के तृतीय चरण में जन्मे जातक का मकान गली में होगा। मकान उत्तराभीमुख होगा। मकान के सामने की गली पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की ओर गतिशील होगी। मकान के पास बगीचा सुंदर झाड़ियां होंगी।

 

चतुर्थ चरण

मकर राशि के चतुर्थ चरण में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान गली में होगा। मकान का दरवाजा पश्चिम दिशा की ओर होकर प्रवेश पूर्वाभीमुख होगा। मकान के सामने की गली उत्तर दिशा से दक्षिण दिशा की ओर गतिशील होगी। गृहस्वामी के दो चाचा और मामा भी होंगे परंतु कोई सगा नहीं होगा। मकान के ईशान कोण से अग्नि कोण में शिव मंदिर होगा या जल संग्रहण होगा। गृहस्वामी पुरुष देवता का उपासक होगा। संभवतः जातक का मकान पैतृक होगा।

मकर राशि और शनि

                 ऊँ शन्नो देवीरभिष्टभ आपो भवन्तु पीतये

                       शय्योरभि स्रवन्तु नः।

अर्थात् देदीप्यमान जल (जल रुप शनि देव) हमारे पान के लिए (पीने के लिए) सुख रूप हो तथा रोगों का नाश करें।

ब्रह्मांड में शनि को सबसे रहस्यमय एवं चर्चित ग्रह माना गया है। नीलवर्ण के शनिदेव भगवान सूर्य तथा छाया (सुवर्णा) के पुत्र हैं। बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह है। ज्योतिष में इन्हें न्याय का देवता कहा गया है। यह व्यक्ति को उसके किए का दंड देते हैं। अनुकूल दशा, अंतर्दशा में व्यक्ति ने जो दुराचार, अनाचार, पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है, तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा, शनि की साढ़ेसाती व ढैया में मिल जाता है।

                      शनि की साढ़ेसाती व ढैया

किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि के दूसरे भाग में गोचर वर्ष परिभ्रमण करता है तो शनि की ’साढ़ेसाती’ कहलाती है। यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे 7 वर्ष चलती है। इसमें व्यक्ति को भयंकर दुख उठाना पड़ता है। शनि की गोचर व स्थिति आपकी राशि से चैथे एवं आठवें भाव में होने से शनि की ’ढैया’ कहलाती है। साढ़ेसाती का प्रभाव साडे 7 वर्ष तक एवं ढैयाका प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है। शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है। अतः तीनों राशियों में साढे 7 साल तक रहेगा। शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी दृष्टि कहलाती है। स्वयं की राशि में होने पर उसका भोग कहलाती है। शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक शनि की ’लात’ कहलाती है। शनि की दृष्टि में जातक मानसिक तनाव को भोगता है। यात्राएं व्यर्थ की खूब होती है। कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है। भोग में शनि व्यक्ति की आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है। वही लात में शनि उदर विकार, पैरों एवं धन को लेकर संघर्ष करवाता है। साथ ही कमर के नीचे के रोग भी देता है।

 

सन 2021 में मकर राशि पर शनि का प्रभाव

 

सन 2021 में मकर राशि पर शनि की स्थिति रहेगी। शनि की साढ़ेसाती तृतीय चरण पर मकर राशि में रहेगी। शनि की साढ़ेसाती के कारण आपको स्वास्थ्य में परेशानियां एक के बाद एक लगी रहेंगी। स्वास्थ्य में सावधानी अति आवश्यक है। मकर राशि के जातक उधार प्रवृत्ति के होते हैं यही उदारता इस साल आपके लिए घातक रहेगी। लोग आपकी भावनाओं का गलत फायदा उठाएंगे। यदि इस वर्ष किसी संपत्ति, भूमि, वाहन आदि की खरीद का विचार कर रहे हैं, तो सावधान रहें किसी वकील किया विशेषज्ञ की सलाह के बाद ही कोई कदम उठाएं अन्यथा आपके साथ कोई विश्वासघात भी हो सकता है। शनि की दृष्टि पराक्रम स्थान पर सप्तम स्थान एवं दशम स्थान पर रहेगी। आजीविका एवं कैरियर में भी आपको परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। नौकरी में टारगेट हासिल करने का झंझट बना ही रहेगा। हालांकि इन सबके बीच पारिवारिक विवाद का निपटारा आपसी सहमति एवं किसी की मध्यस्थता से हो जाएगा। व्यापार एवं कारोबार में आप जमकर मेहनत एवं परिश्रम करेंगे लेकिन परिणाम एवं प्रतिफल इतने ठोस एवं सकारात्मक नहीं मिल पाएंगे। सरकार एवं उच्च अधिकारी वर्ग की उपेक्षा नहीं करें। उन्हें सहयोग करें अन्यथा आपके लिए परेशानियां पैदा हो सकती है। मित्र एवं रिश्तेदारों की परीक्षा का यह साल है। आपको अपने एवं पराए की पहचान होगी।

 

             शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत, मंत्र, रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं। शास्त्र कहता है-

             ’औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह, नक्षत्र, तारिका।

             भाग्य भवेत सिद्धि, अभाग्यं निष्फल भवेत।।

सबसे पहले औषध, उसके बाद मणि और तत्पश्चात् मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है।

रत्न (मणि) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न (नीली), त्रिलोह (सोना,चांदी,तांबा) की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर पहनें।
  2. शनि मंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में पैन्डेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्म है।

धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोडे की नाल या समुद्री नाव की कील में लोहे की अंगूठी बनाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार या शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें। शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें।
  2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुलि) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है। यह ’शनि मुद्रिका’ कभी किसी को नुकसान नहीं करती। प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से भी अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्र चिकित्सा

किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं। शनि का तंत्रोक्त मंत्र निम्नलिखित है- ’ऊँ प्रां प्रीं सः श्नैश्चराय नमः।।’

व्रत-उपवास

शनिवार का व्रत रखें। इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें।

दान

शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य ही करना चाहिए।

  1. कीडी, नगरा सींचे। चींटियों को भोजन कराएं।
  2. काल कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल, चरण पादुका (जूते), काला वस्त्र, मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए।

             शनि की पीडा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें।
  3. शनि मंदिर में शनि की मुर्ति पर तिल का तेल चढाएं।
  4. शनि भगवान के सामने खडे रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खडे रहकर दर्शन करें, जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पडे।
  5. शनि न्याय के देवता हैं, अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें, जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है।

 

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This Post Has 14 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    MAKAR RAAHI – MAGAR MACG
    TATVA – PRUTHVI TATVA
    SWAMI – SHANI
    DISHA – DAKSHI
    VERY NICE JYOTISH SHASHTRA. DETAILS KNOWLEDGE

  2. Anshu

    saral shabdo me uttam jankari

  3. Kailash vats

    बहुत अच्छी जानकारी

  4. Narendra Pachare

    Makar rashi ke bare me sari jankari hui,
    Shubhdin shanivar, rashiratna nilam etc
    Thank you sir

  5. Sneha

    Very nice

  6. Sitaram Keshri

    मकर राशि
    स्वामी -शनि , दिशा – दक्षिण , जाति – वैश्य , अनुकूल रत्न – नीलम , अनुकूल देवता -शनि। महत्वपूर्ण जानकारी है।

  7. Udit shreemal

    सरल शब्द और ज्ञानवर्धक।

  8. Geetanjali

    🙏🙏

  9. GANESH BHOPE GURUJI

    Pure dip me jankar
    Makar me swami shani maharaj ke karan niyam ka ullanghan nahi karne achhe insan

  10. Pranali_B

    Sir rashi jati ka arth kya hota hai ?

  11. Piyush Sawant

    Makar rashi Pruthvi tatha

    The information given is best
    Require more information especially of Pruthvi tatv…

    .
    Shani upay is common
    But useful

  12. Bahut acha jankari mila makar rashi ke baare me, brat, upwas sabhi ke baare me jankari mila, samasya aur samadhan bhi jaan pays

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Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa

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