मिथुन राशि

Table of Contents

मिथुन राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – मिथुन
  2. राशि चिन्ह    – स्त्री पुरुष का जोड़ा, गदा व वीणा हाथ में
  3. राशि स्वामी    – बुध
  4. राशि तत्व – वायु तत्व
  5. राशि स्वरूप – दो स्वभाव
  6. राशि दिशा – पश्चिम
  7. राशि लिंग व गुण – पुरुष( कुमार)
  8. राशि जाति – शूद्र
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रूर स्वभाव, त्रीधातु प्रकृति
  10. राशि का अंग – कंधा
  11. अनुकूल रत्न – पन्ना
  12. अनुकूल रंग – हरा
  13. शुभ दिवस – बुधवार
  14. अनुकूल देवता – गणपति
  15. व्रत ,उपवास – बुधवार  
  16. अनुकूल अंक – 5
  17. अनुकूल तारीख – 5/14/23
  18. मित्र राशियां – मेष, तुला, कुंभ, सिंह, कन्या
  19. शत्रु राशियां – कर्क

मिथुन राशि की चारित्रिक विशेषताएं

 

 मिथुन राशि का स्वामी बुध है , अतः मिथुन राशि के जातक ( व्यक्ति ) विनम्र , उदार व हास्यप्रिय प्रवृत्ति के होते हैं । बुध के प्रभाव के कारण ऐसा जातक बुद्धिमान होता है । इनमें स्वाभिमान का भाव भी परिलक्षित होता है । मिथुन राशि का चिह्न स्त्री – पुरुष का जोड़ा है । अतः इस राशि के लोग विपरीत लिंगी के प्रति सहज ही आकर्षित होते हैं । ऐसा व्यक्ति शास्त्र कर्म को जानने वाला , संदेश , वचन में निपुण , बातचीत में होशियार , चतुर बुद्धि , हास्य करने वाला विनोदी व दूसरे के भावों को आसानी से समझने वाला मनुष्य होता है । सारावली तो मिथुन राशि के जातक के बारे में यहां तक कहती है- मिथुनादिमे दृगाणे पृथत्तमाडो धनान्वितः प्रांशुः । कितवो गुणी विलासी , नृपाप्तमानो वचस्वी स्यात् ।। अर्थात् मिथुन राशि का व्यक्ति मोटे मस्तक वाला , धनी ऊंचा , वाचाल , धूर्त , गुणी , विलासी , राजा से सम्मान प्राप्त करने वाला और बेहतरीन वक्ता होता है ।

            मिथुन राशि में उत्पन्न जातक विनम्र , उदार एवं हास्य प्रवृत्ति के होते हैं तथा बुद्धिमता के भाव उनके चेहरे से परिलक्षित होते हैं । इनमें स्वाभिमान का भाव विद्यमान रहता है तथा वे भौतिक सुख – साधनों एवं धनैश्वर्य से सम्पन्न रहते हैं । वे कार्यों को अत्यन्त ही सोच- समझकर सम्पन्न करते हैं , सरकार या उच्चाधिकारी वर्ग से उनका सम्पर्क बना रहता है , संगीत एवं कला के प्रति इनको रुचि रहती है तथा नवीन सिद्धांतों या मूल्यों का प्रतिपादन करने में समर्थ रहते हैं । इसके अतिरिक्त गणित , लेखन या संपादन के क्षेत्र में इनको सफलता प्राप्त होती है । अतः इसके प्रभाव से आपका शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा तथा मानसिक संतुष्टि भी बनी रहेगी । अपने समस्त सांसारिक महत्त्व के कार्यों को आप बुद्धिमतापूर्वक  सम्पन्न करेंगे । साथ ही जीवन में स्वपरिश्रम एवं योग्यता से आपको भौतिक सुख – संसाधनों की प्राप्ति होगी तथा धनैश्वर्य से सुसम्पन्न होकर अपना जीवन व्यतीत करेंगे। यह द्विस्वभाव राशि है , अत : इस राशि वाले व्यक्ति प्रत्येक वस्तु के के दोनों पहलुओं पर बहुत अच्छी तरह सोच – विचार कर फिर निर्णयात्मक कदम उठाते हैं । यह राशि दिवाबली मध्यम संतति और शिथिल शरीर का प्रतिनिधित्व करती है । इस राशि के व्यक्तियों को क्रोध कम आता है , प्राय : ये शान्त व गम्भीर स्वभाव के होते हैं ।

यदि ये क्रोधित हो जाएं , तो क्रोध शान्त होने पर पश्चाताप करते हैं।  इस राशि का चिन्ह ‘ गदा व वीणा सहित पुरुष – स्वर की जोडी ‘ है । अत : इस राशि वाले व्यक्ति संगीत – वाद्य आदि कलाओं में रुचि रखते है ।

             मिथुन राशि के लोग यदि अच्छे की सोहबत में रहते हैं , तो अच्छे परिणाम देते हैं ,वहीं ख़राब की सोहबत में ऐसे लोग खराब हो जाते हैं । नपुंसक बुध के प्रभाव से मिथन राशि के लोगों पर संगत का असर ज्यादा होता है । ये लोग शीघ्र ही दुसरे लोगों के प्रभाव व आकर्षण केन्द्र में आ जाते हैं , जो इनकी सबसे बडी कमजारी है ।

           मित्रों के प्रति आपके मन में पूर्ण निष्ठा रहेगी तथा सरकारी कार्यों में प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से अपना सहयोग प्रदान करेंगे । आपका व्यक्तित्व आकर्षक होगा तथा वाणी में भी मधुरता रहेगी ।साथ ही शांत , विनम्र एवं हास्य प्रवृत्ति के कारण अन्य जनों को प्रभावित तथा आकर्षित करने में समर्थ रहेंगे । कला एवं संगीत के प्रति आप रुचिशील रहेंगे । प्रयत्न के इस क्षेत्र में मान – प्रतिष्ठा भी प्राप्त हो सकती है । लेखन , गणित , सम्पादन या व्यापार संबंधी कार्यों में आप उन्नति प्राप्त करके समाज में प्रतिष्ठित व्यक्ति के रूप में स्वयं को स्थापित करने में समर्थ रहेंगे ।

यदि आपका जन्म मिथुन राशि में ‘ मृगशिरा नक्षत्र ‘ के 3.4 चरण ( का , की ) अक्षरों में है , तो आपका जन्म 7 वर्ष की मंगल की महादशा में हुआ है । आपकी योनि – सर्प , गण – देव , वर्ण- शुद्र  युज्जा – पूर्व , हंसक – वायु , नाड़ी – मध्य , पाया – सोना और वर्ग – बिलाव है । इस नक्षत्र का प्राकृतिक स्वभाव विद्याध्ययनी और शिल्पी है । इस राशि वाले बालक बहुत ही चतुर व सुन्दर होते हैं । प्रायः ये मध्यम कद के छरहरे बदन के होते हैं । आर्थिक दृष्टिकोण से मितव्ययी एवं सोच – विचारकर खर्च करने वाले होते हैं । इनकी प्रगति  में निरन्तर बाधाएं आती रहती हैं तथा इनका जीवन परिवर्तनमय रहता है । ‘ Change is Charm of Life ‘ के सिद्धांत का प्रतिपादन करने वाले ये व्यक्ति प्राय : एक धंधे को छोड़कर दूसरे धंधे में हाथ डालते देखे गए हैं ।

    यदि आपका जन्म मिथुन राशि में ‘ आर्द्रा नक्षत्र ‘ के ( कु . घ , ड , छ ) अक्षरों में है , तो आपका जन्म 18 वर्ष की राहु की महादशा में हुआ है । आपकी योनि – श्वान , गण – मनुष्य , वर्ण – शूद्र युज्जा – मध्य , हंसक – वायु , नाड़ी – आद्य . पाया – चांदी का एवं प्रथम तीन चरण – बिलाव एवं अंतिम चरण – सिंह वर्ग का है ।  नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति क्रय – विक्रय में निपुण होते हैं ।  आर्द्रा नक्षत्र का स्वामी रुद्र होने से इनमें संहारक शक्ति विशेष होती है ।

        यदि आपका जन्म मिथुन राशि के ‘ पुनर्वसु नक्षत्र ‘ के प्रथम तीन चरणों ( के , को , हा ) में हुआ है , तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा में हुआ है ।आपकी योनि – मार्जार , गण – देव , वर्ण – शूद्र , युज्जा – मध्य , हसक – वायु , नाड़ी – आद्य , पाया – चांदी , प्रथम दो चरण – बिलाव एवं तृतीय चरण हिरण वर्ण का है । पुनर्वसु नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्ति धन एकत्रित करने में निपुण होते हैं । अपनी इन्द्रियों व इच्छाओं पर इनका विशेष नियंत्रण होता है ।

आपका व्यक्तित्व भी आकर्षक होगा । फलत : अन्य लोग आपसे प्रभावित तथा आकर्षित रहेंगे । जीवन में समस्त सांसारिक सुखों का उपयोग करने में आप सफल होंगे तथा धनेश्वर्य एवं वैभव से भी सुसम्पन्न रहेंगे । आप एक विद्वान पुरुष होंगे , फलतः अपनी विद्वता से समाज में मान – सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करेंगे ।धर्म के प्रति भी आपके मन में श्रद्धा का भाव विशेष होगा , निष्ठापूर्वक आप धार्मिक कार्यकलापों को सम्पन्न करेंगे । साथ ही अवसरानुकूल सामाजिक जनों के मध्य उदारता तथा दानशीलता के भाव का भी प्रदर्शन करेंगे . फलतः सामाजिक प्रभाव तथा प्रतिष्ठा में सतत वृद्धि होती रहेगी । मर्म के आप ज्ञाता होंगे तथा गूढ़ – से – गूढ विषय को हल करने में समर्थ होंगे ।

        व्यापार के प्रति आपकी विशेष रुचि होगी , इनके द्वारा आप धनवान एवम् विख्यात होंगे।संगीत एवं कला में भी आप समयानुसार अपनी रुचि का प्रदर्शन करते रहेंगे । आप सांसारिक ऐश्वर्य से युक्त होंगे तथा सामान्यतया आपका जीवन सुख एवं प्रसन्नता से युक्त ही रहेगा । इस प्रकार आप शांत , उदार , हास्य प्रवृत्ति युक्त एवं विद्वान पुरुष होंगे तथा जीवन में समस्त सुखों को अर्जित करके प्रसन्नतापूर्वक उनका उपयोग करेंगे ।

         बुध हरित वर्ण का है , यह हल्के रंग की किरण फेंकता है । आपका शुभ रत्न ‘ पन्ना ‘ है तथा बुधवार आपके लिए अनुकूल परिस्थितियों का परिचायक है । बुध की और अधिक शुभता प्राप्त करने के लिए आप रत्नजड़ित बुध यंत्र भी गले में धारण करें । उपाय : – मिथुन राशि में उत्पन्न व्यक्तियों को विष्णु पूजन , यज्ञ व विष्णु सहस्रनाम का पाठ करना चाहिए । बुध का रत्न पन्ना ‘ या ‘ ओनेक्स ‘ धारण करें । मूंग की दाल का अत्यधिक सेवन करें । जबरजद या मरगज भी धारण किया जा सकता है । बुधवार का व्रत करना भी मिथुन राशि के लोगों के लिए लाभप्रद रहता है ।

सन् 2021 में मिथुन राशि का वार्षिक भविष्यफल

 

यह वर्ष मिथुन राशि के जातकों के लिए चुनौतियों से  परिपूर्ण रहेगा ।शनि का वर्ष पर्यंत आठवें स्थान में गोचरवश परिभ्रमण एक ओर स्वास्थ्य में परेशानी का कारण बनेगा , वहीं दूसरी ओर आर्थिक समस्याएं भी एक के बाद एक मुंह फाड़े खड़ी रहेंगी । इस वर्ष मिथुन राशि के व्यक्तियों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा । आठवें स्थान का शनि शरीर में रोग की स्थिति को बनाए रखेगा । वर्ष 2021 आपके लिए उन्नति प्रद नहीं रहेगा । कदम – कदम पर मुश्किलें व परेशानियां आपकी प्रतीक्षा कर रही हैं । इस वर्ष स्वास्थ्य में बार – बार परेशानियां व समस्याएं आएंगी , जिस कारण आपका आत्मविश्वास भी डांवाडोल होगा । कार्यों में मन नहीं लग पाएगा , इस कारण व्यवसाय में भी आप पिछड सकते हैं । हालांकि गम्भीर व घातक बीमारी की संभावना नहीं है , घुटनों का दर्द , पेट से सम्बन्धित व्याधि , पैरों में तकलीफ , एलर्जी जैसी व्याधियां आपको परेशान करेंगी । मधुमेह , ब्लडप्रेशर , हार्ट डिजीज जैसी व्याधियों में निरंतर चैकअप करवाते रहें । राशि के अधिपति बुध महाराज वर्षारंभ में आपकी राशि को पूर्ण दृष्टि एका वर्चस्व बढ़ेगा । से देख रहे हैं , बुद्धिमत्ता व विवेक से आप मुश्किल से मुश्किल परेशानी का हल निकाल लेंगे । परिस्थितियां चाहे कैसी भी हों आप कभी भी मुश्किल परिस्थितियों से विचलित नहीं होंगे । बुध + सूर्य की सप्तम स्थान में स्थिति पराक्रम वृद्धि के संकेत कर रही है । आपके सम्पर्को व सम्बन्धों का दायरा काफी विस्तृत होगा । आत्मविश्वास भी आपमें गजब का रहेगा ।

           इस वर्ष भाग्येश शनि आठवें हैं । अत : आपकी पदोन्नति में काफी रुकावटें आयेंगी । कार्यक्षेत्र व कार्यों में भी बिना वजह ही विघ्न उपस्थित होंगे ।शनि स्वगृही हैं ,अत : इस वर्ष आप मेहनत व परिश्रम खूब अधिक करेंगे , परंतु उसका लाभ व प्रतिफल आपको उस अनुपात में मिल नहीं पाएगा ।व्यवसाय व व्यापार में बड़ा पैसा कहीं पर अटक या फंस सकता है। गुप्त शत्रु व षड्यंत्रों के कारण परेशानियां रहेंगी ।

राजकीय नौकरी वाले व्यक्तियों व जातकों को एक एक कदम फूक – फूक कर रखना चाहिए । आप किसी साजिश या षड्यंत्र का हिस्सा बन सकते हैं । अपरिचित व अजनबी व्यक्तियों से किसी भी प्रकार का व्यवहार नहीं करें । हालांकि इस वर्ष आप यह देखेंगे और महसूस करेंगे कि इस मुश्किल परिस्थिति में आपके परिवार वाले आपके साथ कन्धे से कन्धा मिलाकर डटे हुए हैं । जीवनसाथी से भरपूर सहयोग व मनोबल बढ़ेगा । आपको योग्यता व क्षमता का लोहा दुनिया मानेगी । रिश्तेदार आपका मजाक उड़ाएंगे । मित्र इस मुश्किल वक्त पर आपका उत्साहवर्धन करेंगे । आर्थिक मामलों में आपको काफी ध्यान रखना चाहिए । कर्मचारी व व्यापार से जुड़े लोगों पर नजर रखें । विद्यार्थियों को अपनी पढाई व अध्ययन पर गम्भीरता से ध्यान देना चाहिए । जो लोग राजकीय सेवा के लिए प्रयासरत हैं , उन्हें और अधिक बेहतर ढंग से मेहनत करने की आवश्यकता है । इस वर्ष इन्कमटैक्स , जी.एस.टी. , कस्टम एक्साईज आदि से जुड़ी समस्या पेश आ सकती है , अत : कागजी कार्यवाही पूरी रखें । बारहवें स्थान में राहु के कारण यात्राओं का योग प्रबल रहेगा । इस वर्ष अस्पताल से सम्बन्धित व्यय की स्थिति भी मैं साफ तौर पर देख पा रहा हूँ । घर के किसी बड़े – बुजुर्ग व वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है । धर्म स्थलों व आध्यात्मिक यात्राओं का कम भी इस वर्ष जारी रहेगा ।      

            शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य : – इस वर्ष शनि की ढैया के कारण शारीरिक स्वास्थ्य ठीक नहीं रहेगा । इस वर्ष रोग प्रतिरोधक क्षमता कम रहेगी । फलतः मौसमी बीमारियों का प्रकोप कुछ अधिक ही रहेगा । वायु विकार , जोड़ों का दर्द , हड्डियों से सम्बन्धित तकलीफ , कमर दर्द , पीठ दर्द जैसी बीमारियां रहेंगी । स्त्री जातकों को स्त्रीजनित रोगों के कारण परेशानी रह सकती है । इस वर्ष मैं आपको सलाह दूगा कि स्वास्थ्य में लापरवाही न करें , परिणाम घातक हो सकते हैं । उच्च रक्तचाप व निम्न रक्तचाप के जातकों को सावधानी व सतर्कता की आवश्कता है । वाहन चलाते समय लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं । 11 मई से 29 सितम्बर तक शनि वक्र रूप में चलायमान रहेंगे । इस समय अकस्मात कोई रोग उत्पन्न हो सकता है । यदि कोई दुर्व्यसन है । तो उसे छोड़ दें । शराब , गुटखा , बीड़ी , सिगरेट आदि के कारण परेशानी हो सकती है । रोग निवृत्ति के लिए ‘ ॐ रोग मुक्तेय नमः मंत्र का नित्य जाप करें । स्वास्थ्य की नियमित जांच करवाते रहें ।

      व्यापार , व्यवसाय व धनः- इस वर्ष आय तो होगी ,परंतु व्यय भी अधिक ही होगा । व्यय पर नियंत्रण रखने की

 आवश्यकता है।काम – काज को स्थापित करने के लिए आपको खूब जोर लगाना पड़ेगा ।मेहनत व परिश्रम करने के उपरांत भी सफलता उस रूप में शायद ही प्राप्त हो पाए ।आर्थिक कश्मकश खींचतान बनी रहेगी । सूर्य की आपकी राशि पर वर्षारंभ में दृष्टि के कारण व बारहवें स्थान में राहु के कारण आप हर हाल में हर कीमत पर सफलता चाहेंगे । भागीदार व सहयोगी आपकी व्यापारिक सोच व व्यावसायिक बुद्धि के आगे नतमस्तक रहेंगे ।पैसा आएगा , परंतु रुक – रुक कर । निवेश में सावधानी व सतर्कता रखने की आवश्यकता रहेगी । आपको अपने हुनर व तजुर्बे को और अधिक चमकाने का प्रयास करना चाहिए । जमीन , कपड़ा , तेल . कमीशन व व्यापार से जुड़े जातकों को मुनाफा होगा ।व्यापार में इस वर्ष लेन – देन से सम्बन्धित मामलों में किसी पर भी भरोसा नहीं करें । फिर वह चाहे रिश्तेदार ही क्यों न हो । सहकर्मी , भागीदार व कर्मचारी के कार्यकलाप व गतिविधि पर नजर रखें , विश्वास में ही विश्वासघात हो सकता है । व्यापार के विस्तार की योजनाएं आप बनाएंगे , परंतु योजनाएं कागजों तक सिमट कर रह जाएगी , वह व्यावहारिक धरातल पर खरी नहीं उतर पाएंगी । इस वर्ष काम – काज व आजीविका में अपने कर्तव्यों व जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी निष्ठा व ईमानदारी से करें ।व्यापार में ग्राहकों से तथा नियमित व्यवहार वाले लोगों से सम्पर्क व सम्बन्ध मधुर रखें । इस  वर्ष फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें,

 तथा निवेश सम्बन्धी निर्णय काफी ठोक – बजाकर लें ।

       घर – परिवार , संतान व रिश्तेदार : –

यह वर्ष संतान के करियर से सम्बन्धित काफी महत्त्वपूर्ण कहा जाएगा ।संतान के करियर , शिक्षा , विवाह आदि से जुड़ा महत्त्वपूर्ण निर्णय इस वर्ष होगा । घर में हल्का – फुल्का तनाव यदा – कदा पति – पत्नी के मध्य हो सकता है ।संतान की शिक्षा , मनोवांछित शिक्षण संस्थान में दाखिला , विषय का चयन आदि को लेकर थोड़ा असमंजस बना रहेगा , जो बाद में किसी विशेषज्ञ की सलाह से हल हो जाएगा । मई से 29 सितम्बर के मध्य घर के किसी वरिष्ठ व बुजुर्ग सदस्य का स्वास्थ्य शनि के वक्रत्व काल में गड़बड़ा सकता है । भाइयों व बहिनों से सम्पत्ति व बंटवारे सम्बन्धी विवाद गहरा सकता है । रिश्तेदार व सम्बन्धी आपके बढ़ते हुए प्रभाव व प्रभुत्व से ईर्ष्या करेंगे । यदा कदा सास – बहु से सम्बन्धों में तकरार हो सकती है ।

 परिवार के वरिष्ठ लोगों माता – पिता , बड़े – बुजुगों का आशीर्वाद व प्रेरणा आपकी उन्नति में सहायक होगी ।

विद्याध्ययन पढ़ाई व करियर : – बृहस्पति वर्ष पर्यन्त आपके नवम भाव में विचरण करेंगे . फलतः मिथुन राशि के जातको की पढ़ाई में अवरोध आएगे । शनि की ढैया भी कहीं – न – कही फल प्राप्ति में बाधक बनेगी । आप मेहनत व परिश्रम तो करेंगे । परंतु फल प्राप्ति में संशय रहेगा । नौकरी से सम्बन्धित परीक्षा में बात बिल्कुल अंतिम समय पर जाकर बिखर सकती है । लिखित परीक्षा में पास कर जाएंगे तो साक्षात्कार , इटरव्यू में बात फस सकती है । आपको इस वर्ष लक्ष्य के प्रति पूर्ण एकाग्रचित्त होकर समर्पित भाव से आगे बढ़ना चाहिए । हास – परिहास व मनोरंजन आदि फालतू चीजों का इस वर्ष परित्याग करना ही उत्तम रहेगा।मैनेजमेण्ट , बैंकिग , आर्थिक क्षेत्र , सी.ए. , सी.एस. आदि । अध्ययनरत जातकों के लिए वर्ष कुछ अनुकूल कहा जा सकता है ।

         प्रेम प्रसंग एवं मित्र : – शुक्र वर्षारंभ में छठे स्थान में की के साथ है । मित्रों से इस वर्ष खास उम्मीद नहीं की जा सकती मित्र आपसे लाभ लेने के लिए आत्मीयता बढ़ाएंगे , मतलब पर मित्रों से सावधान रहे । जहां तक प्रेम सम्बन्धों की बात है . वर्ष खूब प्रस्ताव आएगे । प्रेम सम्बन्धों में मधुरता का रस घुलग । प्रेमी – प्रेमिका दोनों ही एक दूसरे की भावना और परिस्थितियों के अनुसार आचरण करेंगे । प्रेम की मिठास आपको तरोताजा और उत्साहित कर देगी ।

        वाहन , खर्च व शुभकार्य : – जहाँ तक वाहन की बात है । इस वर्ष वाहन को लेकर परेशानी रहेगी । मंगल वर्षारंभ में एकादश स्थान में है , तथा बुध की आपकी राशि पर दृष्टि है । बार – बार वाहन की मरम्मत व रख – रखाव के खर्चों से तंग आकर आप वर्ष के उत्तरार्द्ध में जून के पश्चात् नवीन वाहन की खरीद का मन बना सकते हैं । परिवार के किसी सदस्य की बीमारी पर खर्चा होगा । आप बहुत सोच – समझकर व्यय करेंगे , फिर भी आपको ऋण लेन पड़ सकता है । इस वर्ष के अंत में कोई शुभ व महत्त्वपूर्ण कार्य  की स्थिति बन सकती है । परिवार में निकट रिश्तेदारी में महत्त्व प्रसंग के चलते व्यय की स्थिति भी बन सकती है ।

        हानि , कर्ज व अनहोनी : – इस वर्ष वाहन सावधानीपूर्वक चलाने की आवश्यकता है । 11 मई से 29 सितम्बर तक का समय अष्टमस्थ शनि का वक्रत्व काल रहेगा । इस समय कोई आग्रेन घटना घटित हो सकती है । कोई अप्रिय समाचार आपको दुःखी कर सकता है । इस वर्ष खर्चों को चलाने के लिए , व्यापार में कुछ नवीन करने के लिए व्यापारिक व्यवस्थाओं को दुरूस्त करने के

लिए ऋण लेना पड़ सकता है । उद्योग व व्यापार में अप्रत्याशित कारणो से धन हानि का भी योग बनता है । कोई बड़ा अनुबंधन करने से पूर्व अच्छी तरह सोच – विचार कर लें ।

                यात्राएं : – इस वर्ष धार्मिक स्थान की यात्राएं परिवार के साथ होंगी । काम – काज व नौकरी से सम्बन्धित की गई यात्राओं के सकारात्मक परिणाम नहीं आएगे । तीर्थ यात्रा के योग इस वर्ष बन रहे हैं ।

           उपाय : – आपका राशि स्वामी बुध है । गणपति महाराज की आराधना करें । गणपत्य अथर्वशीर्ष का पाठ करें । रोजाना दूर्वा चढ़ाए , महत्त्वपूर्ण मिशन व काम पर जाने से पूर्व ‘ ॐ गं गणपतयै नमः ‘ का उच्चारण करके निकलें । ऑनेक्स युक्त सिद्ध बुधयंत्र गले में धारण करें । एक धन लक्ष्मी कौड़ी भी आप तिजोरी , गल्ले में स्थापित करें । 27 बुधवार तक व्रत करें ।

 

             सन् 2021 में मिथुन राशि का  साप्ताहिक भविष्यफल

 

 

जनवरी 2021

          ग्रह स्थिति : – वर्षारम्भ में चंद्रमा कर्क राशि का द्वितीय भाव में , केतु – शुक्र वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , सूर्य – बुध धनु राशि का सप्तम भाव में , बृहस्पति शनि मकर राशि का अष्ठम भाव में , मंगल मेष राशि का ग्यारहवें भाव में राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

           1 जनवरी से 7 जनवरी तक : – आपके लिए नववर्ष की शुरुआत थोड़ी ढीली रह सकती है ,1, 2 को सामान्य समय रहेगा । आप बहुत ही शांतिपूर्ण ढंग से पूजा – पाठ व धार्मिक कार्यों में शिरकत करेंगे और नववर्ष का स्वागत शांतिपूर्ण ढंग से करेंगे । अच्छा खानपान आपको आकर्षित करेगा । 3,4 आमदनी में बढ़ोतरी होगी । आप प्रसन्नचित्त रहकर कार्य करेंगे । आपका वैभव , ऐश्वर्य बढ़ेगारहन – सहन में सुधार करेंगे । अपनी रुचि के अनुसार आप कार्य कर पाएंगे । व्यापार व नौकरी में लाभ की प्राप्ति होगी । 5,6 को पारिवारिक सदस्य आपसे बैर – भाव रखेंगे । आप ज्यादा बोलने की वजह से स्वयं ही अपनी बात में फंस जाएंगे । जीवन में आगे बढ़ने के रास्ते बंद प्रतीत होंगे । 7 को समय में सुधार आ जाएगा ।

8 जनवरी से 15 जनवरी तक : – 8 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा । आप कुछ नवीन कार्यों की रूपरेखा बनाएंगे । सम्पत्ति संबंधी मसलों का समाधान आपसी सहमति से निकलेगा । 9 से 11 के मध्य कही से शुभ व अच्छे समाचार प्राप्त होंगे । किसी धार्मिक समारोह में शामिल होंगे । आपके स्वभाव में दया करुणा , उदारता का भाव विद्यमान रहेगा । सहयोगी व रिश्तेदार आपकी मनमानी के चलते आपसे दूरी बना लगे । किसी अनुभवी व वरिष्ठ जन की सलाह से आप अच्छा काम करेंगे । पड़ोसियों का भरपूर सहयोग रहेगा । 12,13 को समय शांतिप्रद रहेगा । सारे दैनिक कार्य आसानी से पूरे कर लेंगे । समय बहुत ही सामान्य तरीके से व्यतीत होगा । 14,15 को समय ठीक नहीं है । आप में सहनशक्ति की कमी रहेगी । आपके मित्र ही आपके बैरी हो जाएंगे ।

     16 जनवरी से 23 जनवरी तक : – दिनांक 16,17 को विजयसूचक दिवस रहेगा । आप जिस कार्य में हाथ डालेंगे सफलता मिलेगी । इंटरव्यू आदि में सफलता हासिल करेंगे । 18 , 19 , 20 को भौतिक और आर्थिक लिहाज से आप दयालु और सहयोगात्मक रवैया अपनाएंगे । आप घूमने – फिरने का व रेस्तरा का आनंद लेंगे । दूसरे लोग आपके साथ सहयोगात्मक रवैया अपनाएगे । उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत जातकों को सफलता मिलेगी । 21,22 को आप हर कार्य सोच – समझकर व बुद्धिमत्ता पूर्ण करेंगे । दुनिया आपको बुद्धिमत्ता का लोहा मानेगी । 23 को दिन खराब है । आपको स्वयं को फिट रखने की जरूरत है । आसपास के लोगों से सामंजस्य नहीं बिठा पाएंगे । आपकी प्रिय वस्तु गुम हो सकती है ।

24 जनवरी से 31 जनवरी तक : – दिनांक 24 व 25 को आधा दिन ठीक नहीं है । समय की चाल गड़बड़ा जाएगी । यात्रा में कष्ट और परेशानी उठानी पड़ सकती है । समय विपरीत है , अत : सावधान रहने की जरूरत है । 25 की शाम से समय अनुकूल आ जाएगा । 25.26.27 को सम्मुख चन्द्रमा की स्थिति आपके पक्ष में रहेगी । कुछ अच्छे मौके आनंद के आएंगे । आप दोहरी भूमिका में रहेंगे । घर और बाहर दोनों जगह आप सक्रिय रहेंगे । 28, 29 को दिमागी रूप से आप शांत और स्थिर रहेंगे । आप चैन की सास लेंगे । कुछ निश्चित निर्णय लेने से पहले आप उसके बारे में आगे – पीछे भी सोचेंगे ।कोई शंका आपके मन में नहीं होगी । 30 , 31 को धनदायक शुभ दिन है । मासंत का यह समय अति उत्तम फलों को देने वाला होगा । जीवन में आनंद उठा पाएंगे ।

फरवरी 2021

     ग्रह स्थितिः- मासारम्भ में चंद्रमा कन्या राशि का चतुर्थ भाव में केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शनि – शुक्र बृहस्पति सूर्य मकर राशि का अष्ठम भाव में , बुध कुंभ राशि का नवम भाव में , मंगल मेष राशि का ग्यारहवें भाव में , राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

    1 फरवरी से 7 फरवरी तक : – दिंनाक 1 , 2 को व 3 को आधा दिन सही नहीं है । आप परेशान हो उठेगे । दिमाग में तरह – तरह की शंकाएं व्याप्त रहेंगी । मन बेचैन रहेगा । कई तरह की उठा – पटक रहेगी । आप कोई भी काम सही ढंग से नहीं कर पाएंगे । 3 की दोपहर से 5 के मध्य का समय ज्ञानवर्द्धक है । आप कुछ नया सीखने की चाह रखेंगे । विद्यार्थी वर्ग अपनी पढ़ाई पर पूरा – पूरा ध्यान देंगे । समय सानंद व्यतीत होगा । आपमें कुछ अच्छा करने की चाह होगी । 6 , 7 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा । अच्छी खबर की प्राप्ति होगी । जिससे मन प्रसन्न हो जाएगा । आपके जीवन में उत्तम सुखों की प्राप्ति होगी । नई पुस्तक , नया वस्त्र खरीदेंगे ।

       8 फरवरी से 15 फरवरी तक : – दिनांक 8,9 को समय अनुकूल है । आप सत्संग व सत्कर्म करेंगे । आप अच्छे खान – पान आनंद लेंगे । इस समय नया काम करेंगे या पुराने काम को नये ढंग से करेंगे । जीवन में आई सारी मुसीबतें दूर होने का यह समय है । 10,11 से सितारे गर्दिश में रहेंगे । आपको पिछले समय में की गई गल्ती का खामियाजा अब भुगतना पड़ेगा । आपके मित्र या रिश्तेदार आपके साथ धोखा कर सकते हैं । आपका मन खिन्न हो जायेगा । आप लापरवाह भी बहुत होंगे । 12 , 13 , 14 को सरकारी कार्य गति पकड़ेंगे । शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा । व्यापारिक भागदौड़ व व्यस्तताओं के बीच घर व परिवार आपकी पहली प्राथमिकता होगी । व्यापार व पारिवारिक जीवन में बेहतर तालमेल बिठाने में आप सफल रहेंगे ।

 

बनाए निकलेगा ( र प्राप्त होगा । स्वभाव में दया सहयोगी व रिश्तेदार यह लेंगे । किसी अनुभव  लगे । समय बहुत ही सामान री तकः- दिनांक 16. 17 2 जिस कार्य में हाथ डाली ₹ में सफलता हासिल कर र्थिक लिहाज से आप दयालु और आप घूमने – फिरने का व रेस्तरा का थ सहयोगात्मक रवैया अपनाएग जातकों को सफलता मिलेगी ।परिवार को पूरा समय देंगे व परिवार के लोगों से बेहतर संवाद कायम करेंगे । 15 को समय उत्तम फलप्रद है।

        16 फरवरी से 23 फरवरी तक : – दिनांक 16 को मान प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी । रिश्तेदारों से कोई खास लाभ नहीं होगा । वे आपकी आलोचना या निंदा करेंगे । आप 17 से 19 के मध्य अपना काम पूरी गम्भीरता , ईमानदारी व निष्ठा से अंजाम देंगे ।

बच्चों के साथ नरमाई से पेश आएं और प्रेम से काम लें ।

अपनी काबिलियत का पूरा – पूरा लाभ मिलेगा । आर्थिक क्षेत्र बैकिंग , कॉमर्स कानूनी शिक्षा . सी.ए. वगैरह के विद्यार्थियों के समय ठीक है ।20.21 पुनः परेशान करने वाली तारीख़ रहेगी ।बच्चों का पढ़ाई से ध्यान भटकेगा । स्मरण शक्ति बढ़ाने का लिए , मेडिटेशन करें । 22 , 23 को धनागमन होगा । आय बढेगी । नौकरी में तरक्की के आसार बनेगे ।

     24 फरवरी से 28 फरवरी तक : दिंनाक 24 से 26  के मध्य समय सामान्य फलों को देने वाला होगा । दैनिक व रोजमर्रा के कार्यों को सरलता व सुगमता से निपटाएंगे । बुरी आदतें , बुरी संगत से दूर रहें । इस समय आपको संगीत , साहित्य और कला आकर्षित करेंगे । मित्रों का साथ रहेगा । 27 , 28 को बहुत ही शानदार समय है । आप ऑफिस की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे । जमीन जायदाट संबंधी मसलों का निपटारा आपसी सहमति से हो जाएगा । दफ्तर कार्यक्षेत्र में आपका दबदबा , रुतबा व पराक्रम बढ़ेगा । घर के लिए महत्त्वपूर्ण वस्तुओं की खरीद करेंगे । 28 को शाम से तकलीफे बड़े सकती है । आखों से संबंधित रोग उभर सकते हैं ।

 मार्च 2021

         ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में चंद्रमा कन्या राशि का चतुर्थ भाव में , केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में बृहस्पति – बुध – शनि पद समय रहत मकर राशि का अष्ठम में , सूर्य – शुक्र कुंभ राशि का नवम भाव में , मंगल राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

       1 मार्च से 7 मार्च तक : -1,2 को समय घातक है । चतुर्थ  चन्द्रमा की स्थिति कष्ट देगी । रुपयों – पैसो के मामले में किसी पर भी विश्वास नहीं करें । आपकी चिता आप के स्वास्थ्य पर भारी पड़ेगी । 3 , 4 को ज्ञानवर्द्धक समय रहेगा । जीवन में आगे बढ़ने के सुअवसर प्राप्त होंगे । आप कर्म प्रधान व्यक्ति होगे और काम करने में विश्वास करेंगे । नवीन अनुसंधान होंगे । निवेश संबंधी  निर्णय बिल्कुल सही जाएगा । युवा वर्ग मनपसंद नौकरी मिलने से प्रसन्न रहेंगे । आप अपनी आय को बढ़ाने हेतु कुछ कठोर निर्णय लेंगे । आत्म संतुष्टि का अनुभव करेंगे । करियर में उन्नति होगी । 5,6 को समय उत्तम फलों को प्राप्त करने का रहेगा । मेहनत व परिश्रम का पूरा – पूरा लाभ मिलेगा । को शांतिपूर्ण स्थिति रहेगी । समय शुभ है ।

        8 मार्च से 15 मार्च तक : – 8 को जीवन बहुत मजेदार व  सुखों से युक्त रहेगा । आपके प्रयासों का फल मीठा प्राप्त होगा । 9 से 11 के मध्य समय खराब है । यात्रा में कष्टानुभूति होगी । कर्ज

आदि न चुकाने पर परेशानी में पड़ सकते हैं । कार्य के सिलसिले बाहर जाना पड़ सकता है , जहां कार्य पूर्ण न होने से मन व्यथित हो जाएगा । 12,13 को विजय सूचक दिवस रहेगा । आप व्यापार में नया सौदा कर सकते हैं । आप नशे या किसी गलत आदत से बचें । कहीं होटल , रेस्तरां में झगड़ा या झड़प हो सकती है । सावधान रहें । 14.,15 को मान – सम्मानवर्धक तारीखें हैं । संतान की शिक्षा , विवाह या करियर पर बड़ा खर्च हो सकता है , लेकिन घबराएं नहीं , क्योंकि यह भविष्य है आपका ।

               16 मार्च से 23 मार्च तक : – दिनांक 16 , 17 , 18 को  सर्वलाभकारी समय रहेगा ।परीक्षा दे रहे जातक सब कुछ भूलकर मेहनत करेंगे , इंटरव्यू साक्षात्कार आदि में सफलता प्राप्ति के योग हैं । जो चिंता पिछले समय से चली आ रही है , कुछ हद तक समाप्त हो जाएगी । 19 , 20 को किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई शाम से तकलीफ अप्रिय समाचार प्राप्त हो सकता है । मन खिन्न होगा । जीवन में परेशानी का दौर पुनः जारी रहेगा । गाड़ी में पेट्रोल खत्म होने या गाड़ी खराब होने जैसी समस्या भी आ सकती है । विद्यार्थी वर्ग का मूड ऑफ रहेगा । 21 से 23 के मध्य समय बहुत बढ़िया फलकारी है।संतान पर बड़ा निवेश कर सकते हैं । पति – पत्नी में वैचारिक में , बृहस्पति – बुध मतभेद समय रहते सुलझ जाएंगे । बुद्धिबल का इस्तेमाल करके आप नकारात्मकता को कम कर लेंगे ।

         24 मार्च से 31 मार्च तक : – दिनांक 24,25 को मानसिक संतुष्टि की प्राप्ति होगी । शारीरिक स्वास्थ्य उत्तम रहेगा । आप के मामले में कि आगामी कार्यों की योजना बनाएंगे । अपने बुरे दिन को याद करके उससे प्रेरणा लेकर अपने उज्ज्वल भविष्य की ओर बढ़ेगे । 26 , 27 को धनप्रदायक दिवस रहेगा । आप अच्छी कमाई कर लेंगे । आगे बढ़ने का हर मौका आपके हाथ में रहेगा । आप अपने स्वास्थ्य से किसी प्रकार का खिलवाड़ नही करेंगे । आपके सारे कार्य समय पर पूर्ण हो जाएंगे । 28 , 29 को घर चा दुकान से संबंधित कार्य अधूरे रह सकते हैं । बिना मतलब ही किसी से उलझ पड़ेंगे । आप हर कार्य में नुक्स या खोट निकालेंगे । 30 , 31 को समय बहुत बढ़िया रहेगा । आपमें कुछ अच्छा करने का जुनून रहेगा ।

अप्रैल 2021

ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में चंद्रमा+ केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शनि+ बृहस्पति मकर राशि का अष्ठम भाव में , सूर्य +बुध +शुक्र मीन राशि का दशम भाव  में, राहु – +मंगल वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

1 अप्रैल से अप्रैल तकः- दिनांक 1,2 को उत्तम सम्पत्तिदायक समय है । धन संबंधी मामलों में वृद्धि और विवेक से फैसला लेंगे , जो कि बहुत ही सही होगा । आपमें गजब की दृढ़ता और इच्छाशक्ति रहेगी । हिम्मत और साहस के बल पर आप बहुत आगे बढ़गे । 31 को सप्तमस्थ चन्द्रमा सुख शांति का अनुभव कराएगा । भौतिक और आर्थिक लिहाज से आप दयालु और सहयोगात्मक रवैया अपनाएंगे । मानसिक संतुष्टिकारक समय रहेगा । दिनांक 5 से 7 तक समय ठीक नहीं है । आप अनावश्यक कामों में लगे रहेंगे और परेशान होते रहेंगे । मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल जाना पड़ सकता है । मन में नकारात्मकता हावी रहेगी । आप किसी यड्यत्र या चक्रव्यूह में फेस सकते हैं । सावधान रहने की जरूरत है ।

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक : – दिनांक 8,9 को विजय सूचक दिवस रहेगा । आपके द्वारा किए गए कार्यों के सुखद परिणाम प्राप्त होंगे । घर में नया लुक देने के लिए किसी जानकार की सलाह लेंगे । ईश्वर पर भरोसा रखने वालों के लिए सारी रुकावटें दूर होंगी । 10 , 11.12 को एक ओर जहां काम व करियर होगा . दूसरी ओर वहीं घर – परिवार की जिम्मेदारियां भी आप पर होगी और आप इन दोनों के बीच संतुलन कायम कर पाएंगे । आप कोई भी फैसला दिल से करेंगे । लाभ की प्राप्ति होगी । आप एक अविष्कारक के रूप में सामने आएंगे । 13,14 को सर्वलाभकारी समय है । आप हर कार्य में फायदा देखकर ही आगे बढ़ेंगे । प्यार , व्यवसाय और घरेलू जीवन में आप खतरा उठाने के लिए तैयार रहेंगे । 15 को समय ठीक नहीं है । ध्यान से रहें . अन्यथा हानि होगी ।

     16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक : – दिनांक 16 , 17 को समय चिन्ताकारी रहेगा । आप बिना मतलब की चिन्ता ज्यादा करेंगे । काम में व्यवधान आएगा । आपका मनोबल कम होगा । आर्थिक नुकसान होगा । आर्थिक पक्ष में खींचतान रहेगी । शत्रु प्रबल रहेंगे । 18 , 19 को समय अनुकूल आ जाएगा । जीवनसाथी से संबंधों में सुधार आएगा । कामकाज में नए व बेहतर अवसर सुलभ होंगे । किसी पुराने मित्र में से मुलाकात करेंगे । जीवन में आगे बढ़ने के लिए सुअवसर की तलाश करेंगे । 20,21 को मानसिक शांति मिलेगी । आप मनोरंजन के लिए समय निकालंगे । आप खुलकर खर्च करेंगे । नौकरी व कार्यक्षेत्र में कोई जिम्मेदारी आपको सौंपी जाएगी । 22 , 23 को धनदायक दिवस रहेगा। धन की आवक रहेगी । जीवनसाथी से प्रेम बढ़ेगा ।

होगा । आपमें गजब के में फंस सकते है क 8,9 को विरु गए कार्यों के सुख के लिए किसी जानकाः ने वालों के लिए सा ओर जहां काम व कन्धि जम्मेदारियां भी आप

    24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक : – दिनांक 24 से 26 के मध्य कलहकरी रहेगा । आप अपनी रचनात्मक प्रतिभा के बल पर सफलता की ओर बढ़ेंगे , लेकिन आपका बुरा चाहने वाले आपको पीछे धकेलेंगे । 27 , 28 को समय अच्छा आ जाएगा । विद्यार्थियों को मनपसंद रिजल्ट की प्राप्ति होगी । आप अपना काम सोच – समझकर व शांतिपूर्ण तरीके से निपटाएंगे । किसी ज्ञानवर्द्धक साहित्य को पढ़ने में समय व्यतीत करेंगे । व्यापार में उत्तरोत्तर उन्नति होगी । 29 , 30 को वैवाहिक समारोह में शिरकत करेंगे । आप अपने बच्चों के लिए चिंतित रह सकते हैं , किंतु आपकी सोच के अनुरूप उनका आचरण आपको चिंता मुक्त कर देगा ।

मई 2021

      ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में मंगल मिथुन राशि का लग्न में , केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , चंद्रमा धनु राशि का सप्तम भाव में , शनि मकर राशि का अष्ठम भाव में , बृहस्पति कुंभ राशि का नवम भाव में , सूर्य + शुक्र मेष राशि का ग्यारहवें भाव में , बुध + राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में है ।

     1 मई से 7 मई तक : – दिनांक 1 , 2 को सप्तमस्थ चन्द्रमा अनुकूल फलदायक रहेगा । शुभ कार्य होंगे । भौतिक सुख – सुविधा से युक्त रहेंगे । आप दूसरों की समस्या को सुलझाएंगे । मित्र , प्रियजन और परिवार के सदस्य आपके करीब आएंगे । आप जिन्दगी का भरपूर लुत्फ उठाएंगे । साथ ही आप अपनी लाइफ स्टाइल में परिवर्तन करेंगे । आप 3,4 को परेशान रहेंगे । कष्ट की प्राप्ति होगी । तनाव रहेगा । परिवार में किसी सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर परेशानी रहेगी । आपके सहयोगी के साथ विचार नहीं मिलेंगे । कुछ गलत निर्णय आपसे हो सकते हैं , जिसका खामियाजा आपको भुगतना पड़ सकता है । 5,6 को समय में बदलाव आएगा । कुल मिलाकर आपके जीवन के हर मोर्चे पर सुधार आएगा । 7 को समय अच्छा रहेगा ।

      8 मई से 15 मई तक : – दिनांक 8 , 9 को मान प्रतिष्ठावर्धक समय है । सरकारी कर्मचारी को राहत मिलेगी । सभी बाधाओं को पीछे छोड़कर आगे बढ़ना चाहते हैं ।10 , 11 को सर्वलाभकारी समय रहेगा । आप नई जिम्मेदारियों को संभालेंगे । आपको हर मोर्चे पर सुधार दिखाई देगा । आप अपनी योजना में सफल होंगे । आपकी परेशानी कम तो होगी लेकिन चिंता का भाव  आपके चेहरे पर नजर आएगा । 12 , 13 , 14 को आपका वाहन खराब हो सकता है । काम में लेटलतिफी के चलते बॉस की

डाट – फटकार सुनने को मिलेगी । आपका आत्मविश्वास डगमगाएगा । घर – परिवार पर ध्यान नहीं दे पाएगे । घर में मेहमानों का आगमन परेशानी का सबब बनेगा । परिवार में विवाद का सामना करना पड़ सकता है । 15 को समय अनुकूल आ जाएगा ।

       16 मई से 23 मई तक : – दिनांक 16 को सन्मुख चन्द्रमा आर्थिक स्थिति मजबूत बनाएगा । 17,18,19 को पति – पत्नी में आपसी सामंजस्य विद्यमान रहेगा । संतान आपका पूरा – पूरा ध्यान रखेगी । दैनिक कार्यों में किसी की मदद मिल जाएगी । आप कम मेहनत कर पाएंगे और आराम अधिक करेंगे । 20,21 को बहुत शानदार समय रहेगा । सामाजिक क्षेत्र में आपका वर्चस्व व प्रतिष्ठा बढ़ेगी । कार्यक्षेत्र में अपना बढ़िया प्रदर्शन करेंगे । आपका अधिकतर समय घर , परिवार , रिश्तेदारों व मित्रों के मध्य व्यतीत होगा । अपनी जीवनचर्या में परिवर्तन लाएंगे । परिवर्तन सकारात्मक रहेगा । 22 , 23 को समय ठीक नहीं है । आप किसी मुसीबत या संकट के शिकार होंगे । किसी मशीनरी के खराब होने से प्रोडक्शन खराब होगा , जिसका नुकसान भुगतना पड़ेगा ।

 24 मई से 31 मई तक : – दिनांक 24,25 को विद्यार्थियों को विद्याध्ययन के क्षेत्र में सफलता प्राप्त होगी । व्यस्तताओं के बावजूद आप मित्रों व परिवार के लिए समय निकाल ही लेंगे । योग्य गुरु या शिक्षक का मार्गदर्शन मिलेगा । आपको उनसे काफी कुछ  सीखने को मिलेगा । 26 , 27 को उत्तम सम्पत्तिदायक समय है । मित्र व सहयोगी से आपकी काफी दिनों से हुई मुलाकात से हर्षित हो जाएंगे । समय मिश्रित फलकारक रहेगा । 28 , 29 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा । आपका अधिकतर समय परिवार रिश्तदारों व मित्रों के बीच व्यतीत होगा । नए – नए लोगों से सम्पर्क बनेगा । 30, 31 को परेशानी भरा समय रहेगा । आपके मित्र ही आपके शत्रु बन जाएंगे । सावधान व सतर्क रहें । स्वास्थ्य गड़बड़ रह सकता है ।

जून 2021

      ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में मंगल +शुक्र + बुध मिथुन राशि के लग्न में , केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शनि मकर राशि का अष्ठम भाव में , बृहस्पति +चंद्रमा कुभ राशि का नवम भाव में  सूर्य+ राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

        1 जून से 7 जून तक : – दिनांक 1 से 3 के मध्य समय आपके पक्ष में रहेगा । विजय हासिल होगी । व्यस्तता के बावजूद आप अपने परिवार को समय देंगे । परिवार में हर्षोल्लास का वातावरण रहेगा । आपकी मेहनत व परिश्रम रंग लाएगा । व्यापार व कामकाज में कुछ ठोस व महत्त्वपूर्ण निर्णय लेंगे ।4,5 को  आपके कार्यों का सम्मान प्राप्त होगा । आप सभी मसलों पर हल बड़ी शान्तिपूर्वक ढंग से निकालेंगे । घर – परिवार के सदस्यों में मेल – जोल बढ़ेगा । धन आगम का रास्ता आसान व सुगम होगा । आपकी मेहनत व परिश्रम रंग लाएगा । व्यापार व कामकाज में कुछ ठोस व महत्त्वपूर्ण निर्णय लेंगे ।4,5 को  आपके कार्यों का सम्मान प्राप्त होगा । आप सभी मसलों पर हल बड़ी शान्तिपूर्वक ढंग से निकालेंगे । घर – परिवार के सदस्यों में मेल – जोल बढ़ेगा । धन आगम का रास्ता आसान व सुगम होगा । आपकी योग्यता व काबिलियत लोगों के सामने आएगी । 6 , 7 को समय अति उत्तम फलदायी रहेगा । ज्यादा सोच – विचार नहीं करें , सब कुछ ईश्वर का दिया हुआ है , ऐसा मानकर स्वीकार करें । मित्रता और पेशेगत संबंधों में मजबुती आएगी।

8 जून से 15 जून तक :- दिनांक 8, 9, 10 को समय बहुत खराब रहेगा। पति-पत्नी में झगड़ा हो सकता है। समय व्यर्थ के कामों में नष्ट होगा। वाणी पर क्रोध पर नियंत्रण रखें। झगड़े का वह आर्थिक रूप से खींचतान की स्थिति बनी रहेगी। 11,12,13 को समय अच्छा आ जाएगा। जितना अधिक परिश्रम करेंगे उतना अधिक लाभ मिलेगा। किसी की मध्यस्थता से सारे विवाद हल हो जाएंगी। करियर में कामकाज में जो चिंता थी, वह भी समाप्त हो जाएगी। कहीं से रुका हुआ पैसा प्राप्त होगा। परिवार के साथ बाहर जा सकते हैं। 14 15 को मानसिक रूप से सुख की प्राप्ति करेंगे। व्यापार में कामकाज में चिंता थी, वह समाप्त हो जाएगी। आप छुट्टी के मूड में रहेंगे। आप किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। क्षेत्र में लचीलापन आएगा।

16 जून से 23 जून तक:-  16 , 17को शुभ समय रहेगा। व्यवसायिक महत्व की यात्रा कामकाज को लेकर यात्रा होगी। आपको वसीयत व  उत्तराधिकारी संबंधित मामले में उपहार मिल सकता है। किसी समारोह में शिरकत कर सकते हैं। 18, 19  को प्रतिकूल समय है। किसी भी व्यक्ति को भूलकर भी रुपया उधार ना दें अन्यथा वापस निकलवाने में आप को पसीने आ सकते हैं। जनसंपर्क को का दायरा विस्तृत होगा किंतु आपको उनसे परेशानी होगी। 21 को समय में सुधार आएगा। नए काम का मन बनाएंगे। नेटवर्किंग व सेल्स से संबंधित व्यक्तियों को नए अवसर मिल सकते हैं। आप समय का सदुपयोग करेंगे। 22, 23 को राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। कारोबार में प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी। घर में नवीन वस्तुओं की खरीद करेंगे। 24 जून से 30 जून तक दिनांक 24 से 26 के मध्य का समय तक रहेगा। पिता-पुत्र में जो गलतफहमियां थी वह समय रहते सुलझ जाएगी।रिश्तेदारों व मित्रों का भावनात्मक संबल मिलेगा।

24 जून से 30 जून तक:-  27, 28 को चिंता बढ़ेगी। किसी कार्य में मन नहीं लगेगा। हर कार्य उल्टा होगा। आप किसी संकट में पड़ सकते हैं। जीवन में चारों तरफ अंधकार नज़र आएगा। शत्रुओं से सावधान रहें। संतान पक्ष की चिंता सताएगी। 29,30 को समय विजयसूचक रहेगा। सरकारी कामकाज में सफलता के आसार हैं। हम जिस कार्य में हाथ डालेंगे, सफलता हासिल करेंगे। रूपयो- पैसों की आवक हो सकती है। आप लोगों के साथ संजीदगी व सवेंदशीलता के साथ पेश आएंगे।

जुलाई 2021

     ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में सूर्य मिथुन राशि का लग्न में मंगल + शुक्र कर्क राशि का द्वितीय भाव में , केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शनि मकर राशि का अष्ठम भाव में , बृहस्पति कुंभ राशि का नवम भाव में , चंद्रमा मीन राशि का दशम भाव में राहु +बुध वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है । 

       1 जुलाई से 7 जुलाई तक : – दिनांक 1 , 2 को समय अच्छा आएगा । साधु – संतों , महात्माओं व महंत आदि से मुलाकात होगी । सरकार की तरफ से कोई सम्मान , ईनाम की प्राप्ति करेंगे । सारा समय जरूरी कार्यों में व्यतीत होगा । 3,4 व 5 को आधा दिन सुकून भरा रहेगा । व्यक्तित्व का विकास होगा । आध्यात्मिक विकास भी होगा । तमाम क्षेत्रों के कामकाज में ऊर्जावान होंगे । इसके साथ ही आप और अधिक खुश और सकारात्मक होंगे । पैसे का आगमन भी होगा । आप अपनी खुशियां पा सकेंगे । आभूषण कपड़े जैसी आरामदायक चीजों और मनोरंजन का सुख भी लेंगे । 5 की शाम से 7 के मध्य समय अनुकूल नहीं रहेगा । अचानक चिंता आएगी । कार्यों में विलम्ब होगा । स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा ।

       8 जुलाई से 15 जुलाई तक : – 8 से 10 के मध्य का समय अनुकूल आ जाएगा । व्यस्त रहते हुए भी सामाजिक कार्यों में लीन जिससे आपकी समस्या दिल से दूर रहेगी ।आप महसूस कि आपको अपना मन अपने परिवार फाइनेंस , भागीदारी और  सहयोग की तरफ लगाने की जरूरत है । इनमें से किसी मामले की उपेक्षा करना ठीक नहीं , इसके लिए आप ठोस कार्य करेंगे । 11,12 को मानसिक संतोषकारी समय रहेगा । इस समय आप आराम के मूड में रहेंगे । सहकर्मी आपके काम में सहयोग करेंगे । आपके अंदर कोई हुनर या काबिलियत छिपी है तो वह लोगों के

प्रेम – प्रसंग उजागर होने का खतरा है । 13 से 15 मध्य का समय सुखदायक रहेगा । लक्ष्य के प्रति समर्पण व एकाग्रचित्तता मूल मंत्र रहेगा ।

        16 जुलाई से 23 जुलाई तक : – दिनांक 16, 17 को समय अनुकूल नहीं रहेगा । यात्राओं से कुछ हासिल नहीं कर पाएंगे । यात्राएं निरर्थक व अनुपयोगी साबित होंगी । हल्की – फुल्की स्वास्थ्य से संबधित समस्या रह सकती हैं । किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई अनहोनी घटना घटित हो सकती है । 18 , 19 को ज्ञानवर्द्धक समय रहेगा । आप कुछ नया सीखेंगे । कुछ अच्छा काम करने की मन में इच्छा रहेगी । परिवार में हंसी – खुशी का वातावरण बनेगा । तुलसी के पौधे को नित्य सींचे , जिससे घर में वातावरण सुखद रहेगा । 20 , 21 को धन या पैसों की प्राप्ति होगी । बड़े – बुजुर्गों व परिवार के वरिष्ठ सदस्यों का आशीष व स्नेह प्राप्त होगा । 22 , 23 को  समय शान्तिप्रद रहेगा । आप पढ़ाई में मन लगाएंगे ।

     24 जुलाई से 31 जुलाई तक : – दिनांक 24 , 25 को समय खराब रहेगा । मित्र को मुसीबत या परेशानी में देखकर आप भावुक हो जाएंगे । मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे । अमर्यादित संबंध सीधा ही मुसीबत को निमंत्रण है , अतः मर्यादाओं और सीमा का ध्यान रखें ।

 । बार – बार वाहन खराब होने की समस्या आप समस्याग्रस्त रहेंगे । 26 , 27 को समय विजय सूचक रहेगा ।  किसी परिचित के माध्यम से व्यापार में आपको बड़ा ऑर्डर प्राप्त होगा , लेकिन पेमेंट थोड़ा ढीले होगा । नए करार होंगे । 28 , 29 , 30 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा । किसी समारोह में विशेष व महत्त्वपूर्ण व्यक्ति से मुलाकात होगी , जिनसे आपको फायदा होगा । आमदनी बढ़ेगी । 31 को समय लाभदायक रहेगा । आर्थिक लाभ होगा । भाइयों से प्रेम बढ़ेगा ।

अगस्त 2021

     ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में सूर्य + बुध कर्क राशि का द्वितीय भाव में,मंगल + शुक्र सिंह राशि का तृतीय भाव में, केतु +वृश्चिक राशि का षष्टम भाव में , शनि मकर राशि का अष्ठम भाव में , बृहस्पति कुंभ राशि का नवम भाव में, चंद्रमा मेष राशि का ग्यारहवें भाव में , राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में गतिशील है ।

    1 अगस्त से 7 अगस्त तक : – दिंनाक 1को समय अच्छा रहेगा । 2, 3 , 4 को आधा दिन बहुत ही खराब रहेगा । पेट से संबंधित समस्या रहेगी । धन हानि हो सकती है । आपका विश्वास डगमगाएगा । आप अपनी  बेकाबू जुबान और अहम को नियंत्रित

करने की कोशिश करें । खरीद – फरोख्त के मामले में आप ठगे जा सकते हैं । पैसा पास में टिकेगा नहीं । कोई नुकसान हो सकता है । परिवार दिनांक 5 , 6 को आप बेहतर व्यवहार कौशल सीखेंगे । ससुराल से या पीहर से प्रिय समाचार प्राप्त होंगे । अध्ययनरत बच्चों के परीक्षा परिणाम पक्ष में आएंगे । खर्च की अधिकता रहेगी , किन्त आप अपने कार्यों में नयापन लाएंगे । आप पुनः कमाई का जरिया तलाश लेंगे । 7 को समय अच्छा है ।मानसिक रूप से शान्ति मिलेगी । आप हंसी -मजाक आदि से अपने निकटतम लोगों का मन प्रसन्न करेंगे । कला , विज्ञान व मशीनरी से जुड़े जातक सफलता प्राप्त करेंगे । 

       8 अगस्त से 15 अगस्त तक : – दिनाक 8 , 9 को शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी । आप वाक्पटु होगे । पति – पत्नी में अच्छी समझ होगी । किसी त्योहार विशेष की तैयारियों में लगे रहेंगे । आप में भरपूर सहनशक्ति रहेगी । मित्रों का साथ रहेगा । 10 , 11 को समय अनुकूल है । आय बढ़ेगी । दैनिक कार्य सरलता से पूरे हो जाएगे । आपकी उम्मीदें व आशाएं परवान चढ़ेगी । परिवार में नया सदस्य आएगा । घर में नवीनता लाएंगे । आप किसी वस्तु की तलाश कर रहे हैं , वह पूरी होगी । आप बहुत ही खुशमिजाज रहेंगे । आप खेलकूद , नए क्रियाकलाप में भी आगे रहेंगे । आप यदि लेखक हैं । तो लेखन के क्षेत्र में नाम कमाएगे । 12,13 को चतुर्थ चन्द्रमा को स्थिति अनुकूल नहीं है । व्यापार में कोई बड़ा ऑर्डर या अनुबंध रद्द होने से अधिक नुकसान होगा । सुख – सुविधाओं में कमी आएगी । 14 , 15 को समय सामान्य रहेगा । आपकी इच्छाएं पूर्ण होंगी ।

        16 अगस्त से 23 अगस्त तक : – दिनांक 16,17 को समय भौतिक सुख – सुविधाओं को जुटाने वाला होगा । आप जरूरतमंद की मदद करेंगे । आप जीवन की सार्थकता को तलाशने में लगे रहेंगे । कुछ साहसी फैसलों के कारण आपको सफलता मिलेगी ।  18 , 19 को समय अनुकुल है सप्तमस्थ चन्द्रमा सुख – शांतिप्रद रहेगा ।किए गए कार्यों का अनुकूल परिणाम आपको प्राप्त होगा । आपको इस समय सुखानुभूति होगी । आप अपनों के साथ रहेंगे ।आप अपने कार्यों में नयापन लाएंगे । 20,21 को समय की चाल । विपरीत रहेगी । वाणीव क्रोध पर नियंत्रण रखें । अपने अनुचित । व दो नम्बर के कार्यों को फिलहाल बंद रखें । अन्यथा समाज में आपकी बदनामी या अपयश हो सकता है । फिजूलखर्च पर नियंत्रण  रखें। 22 , 23 को विजयसूचक दिवस रहेगा । आप अपना हर कार्य बहुत सोच – समझकर करेंगे , जिससे कार्य सफल होगा ।                        

   24 अगस्त से 31 अगस्त तक : – दिनांक 24 से 26 के मध्य समय अनुकूल रहेगा । भौतिक और आर्थिक लिहाज से आपको दयाल और सहयोगात्मक रवैया अपनाना पड़ेगा । आप दूसरों की समस्या सुलझाने में मदद देकर खुद अपनी मदद करेंगे । मित्र , प्रियजन और परिवार के सदस्य आपके करीब आएंगे । आप अपनी लाइफ स्टाइल में सुधार करेंगे । आप ईश्वरीय भक्ति आराधना में व्यस्त रहेंगे । घर में मेहमानों का आगमन खुशियां लाएगा । आप मनोमथन व मनोरंजन के लिए वक्त निकालेंगे । किसी पर ज्यादा भरोसा न करें और अति आत्मविश्वास से बचें । कुछ जटिल मुद्दों और कानूनी मसलों का समाधान होगा । 27 , 28 , 29 को समय अति शुभद रहेगा । भविष्य की आपकी योजनाएं क्रियान्वित होंगी । 30. 31 को समय खराब रहेगा । वित्तीय मामलों में जोखिम ना लें ।

सितम्बर 2021

            ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में चंद्रमा मिथुन राशि का लग्न में , सूर्य मंगल सिंह राशि का तृतीय भाव में , बुध +शुक्र कन्या राशि का चतुर्थ भाव में , केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शनि मकर राशि का अष्ठम भाव में , बृहस्पति कुंभ राशि का नवम भाव में , राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

        1 सितम्बर से 7 सितम्बर तक : – मास का प्रथम सप्ताह अति सुखद , शुभद व धनप्रदायक रहेगा ।। से 3 के मध्य सन्मुख चन्द्रमा उन्नतिकारक रहेगा । घर – परिवार के सभी सदस्य आपको मान – सम्मान , आदर देंगे । घरेलू और व्यावहारिक जीवन में बदलाव , नई उम्मीदें व लम्बे समय तक स्थायित्व लेकर आएगा । आपको इस समय कुछ नया सीखने को मिलेगा । 4,5 को सम्पत्ति संबंधी कार्य आगे बढ़ेंगे । पुराने चले आ रहे विवाद खत्म होंगे । अपने अनुभवों से प्रेरणा लेकर आप एक सुदृढ़ भविष्य की ओर आगे बढ़ेंगे । उदारवादी दृष्टिकोण व लचीले रुख के कारण नए – नए लोगों को आप स्वयं से जोड़ लेंगे व अपने व्यापार को बढ़ाएंगे । 6,7 को अति शुभ दिन है । आपको अचानक धन लाभ होगा । किसी कार्यक्रम में शरीक होंगे वहां आपके कारण चार चांद लग जाएंगे । आपका दृष्टिकोण सकारात्मक रहेगा ।

             8 सितम्बर से 15 सितम्बर तकः- दिनांक 8,9 को समय ठीक नहीं है । आपकी कोई वस्तु खो जाने , चोरी हो जाने या गुम हो जाने का खतरा है । आपके मित्र ऐन वक्त पर आपको धोखा दे सकते हैं । व्यापार या कारोबार में कोई बड़ा नुकसान या हानि हो सकती हैं ।10 , 11 को ज्ञानवर्द्धक दिवस रहेगा । आप जीवन में नयापन लाएंगे । आपको अपने कार्यों का सामान्य प्रतिफल

मिलेगा । घर में हंसी – खुशी का वातावरण रहेगा । सभी के प्रति अच्छा व्यवहार आपकी परेशानी को कम करेगा । 12 , 13 को आपका ध्यान केवल अपने लक्ष्य पर रहेगा । माता – पिता व घर के बड़े – बुजूगों का आशीष आगे बढ़ने में सहायता देगा ।14,15 को जीवनसाथी का पूरा सहयोग व भावनात्मक सम्बल मिलेगा । विद्यार्थी अपनी पढ़ाई में जुटे रहेंगे ।

           16 सितम्बर से 23 सितम्बर तकः- दिनांक 16 से 18 के मध्य समय ठीक नहीं है । कई मामलों में सावधानी व सतर्कता से काम करें । व्यर्थ के तर्क – वितर्क में समय नष्ट होगा । किसी रिश्तेदार से सम्बन्धित कोई अप्रिय समाचार मिल सकता है । ठेकदारी का पैसा कहीं सरकारी दफ्तर में फस सकता है । 19 , 20 को ग्रह – स्थितियों में बदलाव आएगा । करियर या भविष्य की खुशहाली के लिए बनाई गई योजनाएं गति पकड़ेंगी । पति – पत्नी दोनों एक – दूसरे को वक्त देंगे । बुद्धिमानी से किया गया धन का निवेश लाभ देगा । 21, 22 को सम्मान सूचक तारीखें हैं । परिवार में कोई भोजन प्रसादी का आयोजन रख सकते हैं । सामाजिक व पारिवारिक क्षेत्र में आपका दबदबा व रुतबा रहेगा । नवीन अनुसंधान 23 को करेंगे ।

     24 सितम्बर से 30 सितम्बर तक : – दिनांक 24,25 को आधा दिन लाभकारी रहेगा । चारों तरफ से लाभ की प्राप्ति करेंगे । पुराने मित्र से मुलाकात होगी । अपने बुद्धिबल से जीवन में उन्नति को प्राप्त करेंगे । 25 की शाम से 27 के मध्य सम्भलकर रहना होगा । कामकाज में जरा – सी चूक या लापरवाही से उच्च अधिकारी नाराज हो सकते हैं । मेहनत तो खूब करेंगे , परंतु उसके उतने सकारात्मक परिणाम नहीं मिल पाएंगे । शत्रुओं व षड्यन्त्रों से सावधान रहें । 28 से 30 के मध्य अनुकूल समय रहेगा । सितारे पक्ष में रहेंगे । कोर्ट – केस में सफलता मिल ही जाएगी । कार्यक क्षेत्र में सौदा करने या मीटिंग्स में जाना पड़ेगा । संतान पक्ष से खुशियां प्राप्त होगी ।

अक्टूबर 2021

        ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में चंद्रमा कर्क राशि का द्वितीय भाव में , सूर्य +मंगल कन्या राशि का चतुर्थ भाव में , बुध + शुक्र तुला राशि का पंचम भाव में,    केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शनि + बृहस्पति मकर राशि का अष्ठम भाव में , राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।

। सभी माता – पिता बता देगा । क सम्बल वित नांक 16 से पानी व सतर्कत 1661 21 YEARS since गा । किसो शिल कता है । देकर है । 19.28 विष्य की । पति – पत्नी ? गया धन का तारीखें हैं । पर ते हैं । सामाजिक रहेगा । नवीन अन

       1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक : – दिनांक 1 ,2 को मानसिक संतुष्टिकारक समय है । आपको अच्छी खबर मिलेगी । स्वास्थ्य अच्छा रहेगा । आपके व्यवहार में दयालुता तथा गर्मजोशी आएगी । 3,4 को धनदायक समय रहेगा । आपको कार्य के सिलसिले में बाहर जाना पड़ सकता है । व्यवसाय या पेशे में गठबंधन अथवा साझेदारी कर सकते हैं । आपके जीवन में नया मोड़ आएगा । आपका प्रेम जीवन शांत , ठहरा हुआ और वायदों से परिपूर्ण होता नजर आएगा । 5 , 6,7 को समय अच्छा नहीं है । भावनाओं में ना बहें , उद्वेग में स्वयं का ही नुकसान कर बैठेंगे । फालतू की चिंता बनी रहेगी । कोई भी कार्य समय पर पूरा नहीं होगा , कायों में विलम्ब होगा । मेहमानों के आने की संभावना है । आप परेशान हो उठेंगे । आपका धन कहीं अटक सकता है ।

           8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक : – दिनांक 8,9 को अपनी प्रतिभा के दम पर कार्यक्षेत्र में अलग पहचान बनाएंगे । वैवाहिक संबंधों में मधुरता आएगी । घर को सजाने – संवारने में गृहणियां महारत हासिल करेंगी । 10 , 11 को उत्तम सम्पत्तिदायक दिवस रहेगा । कहीं से शुभ समाचार प्राप्त होंगे । आत्मसम्मान में वृद्धि होगी । आपको लगेगा कि हर कार्य बहुत आसान है , मिनटों में पूर्ण होता नजर आएगा । 12,13 को सप्तमस्थ चन्द्रमा शांतिदायक रहेगा । आपमें कामकाज को लेकर गंभीरता आएगी । परिवार में अपनों के बीच समय बिताएंगे । 14 , 15 को स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें आएंगी । आपका मन उदास रह सकता है । आपके सीधेपन का लोग गलत फायदा उठाएंगे । आप अपनी जिम्मेदारी ठीक से निभा नहीं पाएंगे ।

         16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तकः- दिनांक 16 , 17 को सरकारी विजय सूचक दिवस रहेगा । आप अपने परिचितों का दायरा बढ़ाएंगे । आप लोगों से संवाद कायम करने के महत्त्व को महसूस करेंगे । यात्राएं करने तथा योजना बनाने की संभावना है । धन अर्जित करने सम्बन्धित सम्भावनाएं अचानक बढ़ेगी । परिवार के सदस्यों की राय लेकर योजना बनाएं और उस पर अमल करें । 18 से 20 के मध्य समय शानदार व्यतीत होगा । काम के बेहतर नतीजों से आप राहत महसूस करेंगे । आपको भौतिक और आर्थिक लिहाज से दयालु और सहयोगात्मक रवैया अपनाना पड़ेगा । आप जिन्दगी का भरपूर लुत्फ उठाना चाहेंगे । 21 , 22 को की गई यात्रा सुखद रहेगी । आप किसी त्योहार , पार्टी आदि की तैयारी में लगे रहेंगे । 23 को समय अनुकूल रहेगा , किन्तु स्वास्थ्य खराब होगा ।

      24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकः- 24 , 25 को समय -सही नहीं हैं। अनावश्यक तर्क – वितर्क से बचे । फिजूल की दिखावेंबाज़ी से परहेज़ करें । आपको यह महसूस होगा कि जिंदगी की मिठास गायब हो गई है । आप जो भी कार्य करेंगे उसका प्रतिफल तुरंत मिलगा । आप दोगुने उत्साह से काम करेंगे । आपको कुछ प्रतिस्पर्धा का सामना करना पड़ेगा । आप टीमवर्क तथा सामूहिक गतिविधियों के जरिए सफलता हासिल करने में सफल होंगे । आप जरूरतम लोगों की मदद करेंगे । 28 , 29,30 को समय सामान्य रहेगा । आप सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे । आप नया वाहन ल की योजना बना सकते हैं । आप शॉपिंग का लुत्फ उठाएंगे । घर के कार्यों में भी पूरी – पूरी रुचि लेंगे । 31 को पैसा कमाएगे । आपक कार्य करने के जन्वे को देखकर अधिकारी प्रसन्न होंगे । आपकी आय में बढ़ोतरी होगी ।

नवम्बर 2021

         ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में चद्रमा सिंह राशि का तृतीय भाव में,बुध कन्या राशि का चतुर्थ भाव में , सूर्य+ मंगल तुला राशि का पंचम भाव में , केतु वृश्चिक राशि का षष्ठम भाव में , शुक्र धनु राशि का सप्तम भाव में , बृहस्पति+शनि मकर राशि का अष्टम भाव में , राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है ।      

         1 नवम्बर से 7 नवम्बर तक : – दिनांक 1को आधा दिन सुखदायक रहेगा । दाम्पत्य जीवन में मधुरता का रस घुलेगा । अटक कार्य पूरे होंगे । दिनांक 1 की साय से 3 के मध्य समय अनिष्टकारक रहेगा । ऑनलाइन खरीददारी में आपके साथ धोखा हो सकता है । वाहन की समय – समय पर रख – रखाव व सर्विस करवाते रहें । खचा व फिजूलखर्ची पर नियंत्रण रखें । क्रेडिट कार्ड , डेबिट कार्ड व अन्य कोई दस्तावेज किसी को नहीं दें , अन्यथा आपके साथ धोखा हो सकता है । 4,5 को घर किसी नन्हें मेहमान की किलकारी  गूंज सकता है । संतान से सम्बन्धित किसी शुभ कार्य की स्थिति रह सकती है । संतान की शिक्षा में अच्छा खासा निवेश हो सकता हैं । 6,7 को सम्पत्ति की आवक होगी । नई – नई संभावनाएं व्यापार व नौकरी में तलाशने के लिए आप खूब यात्राएं करेंगे ।

       8 नवम्बर से 15 नवम्बर तक : दिनांक 8,9 को सप्तमस्थ चंद्रमा सुख – शांतिदायक रहेगा ।सहनशीलता का भाव विद्यमान रहेगा और  धेर्या पूर्वक कार्यों को संपन्न करके सफलता की प्राप्ति करेंगे । 10,11 को समय खराब रहेगा । गाड़ी सावधानी से चलाए , दुर्घटना घटित हो सकती है । स्वास्थ्य भी नरम रह सकता ।

परिस्थितियां असामान्य रहेगी ! पुराने मित्र से मुलाकात संभव है । कोई पुराना रोग उभर सकता है , शीघ्र इलाज कराएं । 12,13,14को सरकारी कामकाज में सफलता मिलेगी । अपनों का साथ रहेगा । आप गिफ्ट , कपड़े , आभूषण आदि की खरीददारी में व्यस्त रह सकते हैं । 15 को आपका दृष्टिकोण जीवन के प्रति सकारात्मक रहेगा । विश्व स्तर के मामलों में भी आप आगे बढ़ेंगे । आप समुदाय व समाज कल्याण के कार्य करेंगे ।

        16 नवम्बर से 23 नवम्बर तक : – दिनांक 16 , 17 , 18 को सर्वलाभकारी दिवस रहेगा । विद्यार्थी वर्ग अपनी पढ़ाई पर ध्यान दे पाएंगे । युवा वर्ग अपने करियर पर ध्यान दे पाएंगे । आप अध्यात्म , गूढ़ रहस्य और धर्म के प्रति आकर्षित होंगे । घर में रहने वाली महिलाएं बाहर अपना बेस्ट परफॉर्मेंस देंगी । 19 , 20 , 21 को समय अनुकूल नहीं रहेगा । नौकरी में बॉस नाराज हो सकते हैं । आप अति परेशान हो उठेगे । अपनी आय बढ़ाने पर ध्यान देना होगा , क्योंकि खर्च के अनुपात में आमदनी नहीं बढ़ने से तनाव बढ़ेगा । आप इस समय अपना रुख नरम रखें तथा अनावश्यक नोक – झोंक , विवाद तथा मुठभेड़ से दूर रहें या कम से कम अपनी बेकावू जुबान और अहं को नियंत्रित करने की कोशिश करें । 22 , 23 को समय अच्छा आ जाएगा । आप राहत की सांस लेंगे ।

         24 नवम्बर से 30 नवम्बर तक : – दिनांक 24 से 26 के मध्य का समय सामान्य फलप्रद रहेगा । आप तनावमुक्त रहेंगे । आप खेल के क्षेत्र में महारत हासिल करेंगे , साथ ही अपने कुछ शौक भी पूरे करने की कोशिश में रहेंगे । मन प्रफुल्लित रहेगा । 27 , 28 को आर्थिक स्थिति मजबूत बनेगी । अपने कार्य में विजयश्री हासिल करेंगे । अपने मित्र व भाई का आप पूरा – पूरा सहयोग प्राप्त करेंगे । ससुराल पक्ष से , सम्बन्धों में मधुरता आएगी । वैवाहिक कार्यों की धूम रहेगी । आराम और सुख – साधनों की चीजों में वृद्धि होगी । 29 , 30 को समय कष्टप्रद रहेगा । आप अपने ज्ञान में बढ़ोतरी करेंगे । आप उचित दाम पर खरीददारी नहीं कर पाएंगे । पूरे धैर्य व शान्ति से आप अपना कार्य पूरा नहीं करेंगे । अपने लक्ष्य को पाने की पुरजोर कोशिश रहेगी ।नए वस्त्र की खरीददारी होगी , किन्तु  ठगी होने का भय रहेगा ।

दिसम्बर 2021

       ग्रह स्थिति : – मासारम्भ में चंद्रमा कन्या राशि का चतुर्थ भाव में, मंगल तुला राशि का पंचम भाव में , सूर्य +केतु + बुध वृश्चिक राशि का पष्ठम भाव में , शुक्र धनु राशि का सप्तम भाव में , शनि

मकर राशि का अष्टम भाव में , बृहस्पति कुंभ राशि का नवम भाव में , राहु वृषभ राशि का बारहवें भाव में है ।

1 दिसम्बर से 7 दिसम्बर तक : – दिनांक 1,2 का समय अनुकूल रहेगा । कहीं से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी । आप अपना कार्य समय पर पूरा कर ले लेंगे । अपने कार्यों में समय – समय पर सवार करते रहेंगे । 3,4 को उत्तम सम्पत्तिदायक समय रहेगा । आय बढ़ेगी । समय की चाल अनुकूल रहेगी । आपको रिश्तदारों से अधिक मित्र व सहकर्मियों का सहयोग व सम्बल मिलेगा । कुछ खास मित्रों को सलाह लाभप्रद होगी । घर में लम्बे समय से अटके शादी , सगाई आयोजन की योजना बनेगी । जीवनसाथी से प्रेमभाव बढ़ेगा । 5,6आश्चर्यजनक परिणाम प्राप्त होंगे । पार्टियों में चमकते – दमकते रहेंगे ।लोगों को आपसे उम्मीदें बढ़ जाएगी और आप उस पर खरा उतरेंगे ।  7 को समय खराब है । स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा ।

      8 दिसम्बर से 15 दिसम्बर तकः- दिनांक 8,9 को अष्टम चन्द्रमा घातक रहेगा । आपके जीवन में बेचैनी का एक दौर आएगाऔर मानसिक रूप से आपको तनाव की गिरफ्त में ले लगा मानसिक अशांति से आपके स्वास्थ्य पर विपरीत असर पड़ेगा ।10 , 11को सरकारी विजय सूचक दिवस रहेगा । मान –  प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी । व्यापार में छोटे – मोटे बदलाव कर पाएंगे । पदोन्नति अथवा वेतनवृद्धि की संभावनाएं बन रही हैं । अध्ययनरत जातकों में लिए अच्छे परिणाम संतोषजनक रहेंगे । प्रोफेशन एवं व्यापार उत्तम रहेगा ।वहीं कामकाजी महिलाओं के लिए समय थोड़ा उठा – पटक वाला रहेगा । 12,13 को समय अच्छा रहेगा । प्रेम – प्रसंगों में सफलता आएगी । नौकरी में चल रही समस्या समाप्त होगी । 14 , 15 को सर्व लाभकारी समय रहेगा । कार्यक्षेत्र में मूल्यांकन करने का समय है ।

       16 दिसम्बर से 23 दिसम्बर तकः- दिनांक 15 को अति शुभ समय है । सजावट व नवीन वस्तुओं की खरीददारी करेंगे । 16 से 18 के मध्य बहुत ही चिन्ताजनक स्थिति बनेगी । जीवनसाथी से अनबन की स्थिति बनेगी । कामकाज में विशेष लाभ नहीं होगा ।आपकी इच्छा शक्ति में जबरदस्त गिरावट आ सकती हैं । 21 को आप अपना काम पूरे मन व लगन से करेंगे । बड़ी उम्र के लोगों के प्रति आपकी जिम्मेदारियां बढ़ जाएंगी । धर्म – कर्म ध्यान आदि करेंगे , जिससे आप शान्ति और सुकून महसूस करेंगे । आप काम या नौकरी शुरू कर सकते हैं । आप खुलकर खर्च करेंगे और दूसरों को सहयोग देने के लिए तत्पर रहेंगे । 22 , 23 को संघर्ष

संतोषकारी रहेगा । आप ग्रहकार्य में दक्षता हासिल करेंगे । आप कुछ ऐसे कार्य करेंगे जिसकी चर्चा होगी ।

      24 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तकः- दिनांक 24 से 26 को दोपहर तक का समय अच्छा है । कठिन से कठिन कार्य भी समय पर पूरा हो जाएगा । आपकी मुलाकात कुछ दिलचस्प लोगों से होगी । आपके जीवन में आनन्द , उल्लास , खुशी ये शीघ्र ही प्रवेश करेंगे । 26 की दोपहर से 28 के मध्य समय परेशानी भरा रहेगा । लोग आपके सीधेपन का फायदा उठाएंगे । बच्चे अपना सारा कार्य आप पर डाल देंगे । आपका मन उदास रह सकता है । आपकी कार्यों में रुचि नहीं होगी । 29 , 30 को विद्यार्थी वर्ग अपना होमवर्क पूर्ण करने में व्यस्त रह सकते हैं । रुके व अटके कार्य गति पकड़ेंगे । स्वास्थ्य संबंधी दिक्कत तो रहेगी , लेकिन शीघ्र ही निदान भी हो जाएगा । 31 को धनागमन होगा । कामकाज में नए – नए प्रयोग अमल में लाएंगे । आप अपनी वाक्पटुता व चतुराई से अपना काम निकाल लेंगे । सुख – सुविधाओं की प्राप्ति होगी ।

               मिथुन राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण

यदि व्यक्ति का जन्म मिथुन राशि के प्रथम पाद में होगा तो उसका जन्म ऐसे मकान में होगा , जिसके सामने का मार्ग दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होगा । मकान का खाली भाग ( ब्रह्मस्थान ) पूर्व दिशा की ओर होगा । मार्ग में गणपति का मंदिर होगा । मकान के बाहर कार पार्किंग का स्थान होगा । मकान में पुरुष प्रधान देवता का पूजन होगा ।

 द्वितीय चरण

 यदि जातक का जन्म मिथुन राशि के द्वितीय पाद में है , तो उसका जन्म ऐसे मकान में होगा , जिसके सामने पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की ओर का मार्ग होगा । दक्षिण की ओर फव्वारा या झरना होगा । यहां पर ईशान में दुर्गा का मंदिर होगा । मकान में  शक्ति के रूप में देवी की पूजा होगी ।

तृतीय चरण

यदि जातक का जन्म मिथुन राशि के तृतीय पाद में हो तो जातक के मकान के सामने दक्षिण दिशा से राजमार्ग होगा । मकान में खुली जगह ( ब्रह्मस्थान ) पश्चिम की तरफ होगी । जातक ऐसे

मकान में रहेगा ,जो कि उसके दादा द्वारा बनवाया हुआ होगा । वृष राशि के स्थान में शिव मंदिर होगा । अग्निकोण में देवी ( मरियमय ) मंदिर होगा ।दक्षिण दिशा में छोटा झरना या फव्वारा होगा ।

चतुर्थ चरण

मिथुन राशि के चतुर्थ पाद में जन्म लेने वाले व्यक्ति है । मकान के सामने का मार्ग पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की होगा । मकान का खुला भाग ( ब्रह्मस्थान ) उत्तर दिशा की ओर होगा । जातक जिस मकान में रह रहा होगा , वह मकान उसके दादा का होगा ।  जातक के जन्म में परिवार के खर्च में असाधारण वृद्धि होगी ।मकान में अनेक प्रकार के छोटे ( शूद्र ) देवताओं का पूजन होगा ।

 

                     मिथुन राशि और शनि

 ॐ शन्नो देवीरभिष्टथ आणे भवन्तु पीतये शय्योरभि स्रवन्तु नः ।

                  – ऋग्वेद 10/9/4 , यजुर्वेद 36/12

अर्थात् देदीप्यमान जल ( जल रूप शनि देव ) हमारे पान के लिए ( पीने के लिए ) सुखरूप हों तथा रोगों का नाश करें ।

         ब्रह्माण्ड में शनि को सबसे रहस्यमय व चर्चित ग्रह माना गया है । नील वर्ण के शनि देव , भगवान सूर्य तथा छाया ( सुवर्णा ) के पुत्र हैं । बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्माण्ड का सबसे बड़ा ग्रह है । ज्योतिष में इन्हें ‘ न्याय का देवता ‘ कहा गया है । ये व्यक्ति को उसके किए का दण्ड देते हैं । अनुकूल दशा , अंतरदशा में व्यक्ति ने जो दुराचार , अनाचार , पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है , तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा , अंतरदशा , प्रत्यन्तर दशा , शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या में मिल जाता है ।

                            शनि की साढ़ेसाती व ढैय्या

       किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि से दूसरे स्थान में गोचरवश परिभ्रमण करता है , तो ‘ शनि की साढेसाती ‘ कहलाती है । यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे सात वर्ष ( सात वर्ष छह महीने) चलती हैं, इसमें व्यक्ति को भयंकर दुख उठाना पड़ता हैं। शनि की गोचरवश स्थति आपकी राशि से चौथे व आठवें भाव में होने से ‘शनि की ठय्या’ कहलाती हैं । साढ़े सात वर्ष तक व ढय्या का प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता हैं । शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है । अत : तीनों राशियों में साढ़े सात तक रहेगा ।

        शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी ‘ दृष्टि ‘ कहलाती है । स्वयं की राशि में होने पर उसका ‘ भोग ‘ कहलाती है । शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक शनि की ‘ लात ‘ कहलाती है ।

        शनि की ‘ दृष्टि ‘ ( बारहवें स्थान ) में जातक मानसिक तनाव को भोगता है , यात्राएं व्यर्थ की खूब होती हैं । कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है । ‘ भोग ‘   ( स्वयं की  राशि ) में शनि व्यक्ति को आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है । वहीं ‘ लात ‘ में शनि उदर विकार , पैरों व धन को लेकर संघर्ष करवाता है , साथ शनि ही कमर के नीचे के रोग भी देता है ।

वर्ष 2021 में मिथुन राशि पर शनि का प्रभाव

      इस साल मिथुन राशि के जातकों पर शनि की ढैय्या का प्रभाव रहेगा । कार्यों में रुकावटें व अड़चनें आयेंगी । आर्थिक स्थिति व पक्ष भी ठीक नहीं रहेगा । व्यापार में नित नई  परेशानियां मुँह फाड़े खड़ी रहेंगी । आपके अपने लोग ही आपके साथ विश्वासघात या धोखा कर सकते हैं । शनि का आठवें स्थान में परिभ्रमण के कारण स्वास्थ्य में भी नित नई परेशानियां रहेंगी । लम्बे समय की व दीर्घकालिक बीमारियां शुगर , ब्लडप्रेशर , हार्ट डिजीज जैसी व्याधियों में ध्यान रखना जरूरी है । विद्यार्थियों का ध्यान अध्ययन से भटक सकता है । दशम स्थान पर शनि की दष्टि से एक और काम – काज में परेशानियां तो आएंगी परंतु साथ ही आर्थिक स्थिति व पक्ष डांवाडोल रहेगा । पैसा आने से पहले जाने का रास्ता तैयार रहेगा । धन का संचय नहीं हो पाएगा । घर – परिवार पर आपका पूरा – पूरा ध्यान रहेगा । परिवार के सदस्यों में बढ़िया तालमेल व तारतम्य रहेगा । पति – पत्नी दोनों एक दूसरे की भावनाओं को समझेंगे । वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं , वाहन के रख – रखाव पर ध्यान दें । स्वास्थ्य में छोटी – से – छोटी लापरवाही के परिणाम घातक व गम्भीर रहेंगे । अपने काम को गम्भीरता से लें , कोई बड़ा ऑर्डर या काम आपके हाथों से निकल सकता है । प्रेम – प्रसंगों में इस साल सफलता के योग बन रहे हैं । परन्तु अपने काम , व्यापार तथा अध्ययन के साथ किसी प्रकार का समझौता नहीं करें ।शनि ढैय्या के लिए अभिमंत्रित शनि मुद्रिका धारण करें ।

शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत,मंत्र , रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं । शास्त्र कहता है-

   औषधि मणि मंत्राणाम् , ग्रह , नक्षत्र , तारिका ।   भाग्य भवेत सिद्धि , अभाग्यं निष्फल भवेत ।

    सबसे पहले ओषध, उसके बाद मनी और तत पश्चात मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है ।

रल ( मणि ) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न ( नीली त्रिलोह ( सोना , चांदी , तांबा ) की अंगूठी में आभमंत्रित करवा कर पहनें ।

2 , शनि यत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकर ( पैन्डेट ) की आकृति में पहन सकते हैं , यह उपाय भी उत्तम है ।

 धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल या समुद्री नाव की कील से लोहे की अंगूठी बनाएं । उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार से शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें । शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें ।
  2. यह अंगूठी मध्यमा ( शनि की अंगुलि ) में ही पहने तथा इसके लिए पुष्य , अनुराधा , उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है । यह ‘ शनि मुद्रिका ‘ कभी किसी को नुकसान नहीं करती । प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं ।

मंत्र चिकित्सा

   किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं । शनि का तंत्रोक्त  मंत्र निम्नलिखित है- ‘ ॐ प्रां प्रीं स : श्नैश्चराय नमः ।। ‘

व्रत – उपवास

शनिवार का व्रत रखें । इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करे।

दान

      शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य करना चाहिए।

  1. कीड़ी , नगरा सींचे । चींटियों को भोजन कराएं । – 2.काला कंबल , उड़द की दाल , काले तिल , तेल , चरण पादुका ( जूते ) , काला वस्त्र , मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए ।

 शनि की पीड़ा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं ।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें ।
  3. शनि मंदिर में शनि की मूर्ति पर तिल का तेल चढ़ाएं ।
  4. शनि भगवान के सामने खड़े रहकर दर्शन नहीं करें ,किनारे में खड़े रहकर दर्शन करें , जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पड़े ।
  5. शनि न्याय के देवता हैं , अत : उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता । दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें , जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है ।
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This Post Has 16 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    MITHUN RASHI – STRI PURUSH
    TATVA – VAYU
    DISHA – PACHIM.
    VERY NICE & DETAILS INFORMATION

  2. Ramu Singh

    Achhi jankari

  3. Kailash vats

    मित्र राशि एवं शत्रु राशि का मतलब समझ में आया

  4. Sitaram Keshri

    मिथुन राशि
    स्वामी -बुध , दिशा -पश्चिम ,जाति -शूद्र , अनुकूल रत्न -पन्ना , अनुकूल रंग – हरा । महत्वपूर्ण जानकारी।

  5. Udit shreemal

    Change is charm of life.

  6. Geetanjali

    Nice sir 🙏

  7. Piyush Sawant

    Each CHRAN information is best useful
    Details are very useful..For Mithun Rashi

  8. Udit shreemal

    Nice

  9. GANESH BHOPE GURUJI

    Mithun rashi ke bi bara me pure pur mathi jankar diya thanks air

  10. Pranali_B

    Mathematics, singing, government sector mai ye log ache hote hai

  11. Mamthaa Jain

    Grt

  12. Mithun rashi ke baare mein bistar se jankari mila, pura barsh ka result aur pratikar bhi diya hua hai

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Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa

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