मीन राशि

Table of Contents

                 मीन राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – मीन
  2. राशि चिन्ह – पूंछ और मुख मिली हुई दो  मछलियां
  3. राशि स्वामी – गुरु
  4. राशि तत्व – जल तत्व
  5. राशि स्वरुप – द्विस्वभाव
  6. राशि दिशा – उत्तर
  7. राशि लिंग व गुण – स्त्री, सतोगुणी
  8. राशि जाति – ब्राह्मण
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – सौम्य स्वभाव, कफ प्रकृति
  10. राशि का अंग – चरण युगल
  11. अनुकूल रत्न – पुखराज
  12. अनुकूल उपरत्न – सुनैला, पुखराज मार्का
  13. अनुकूल धातु – सोना
  14. अनुकूल रंग – पीला
  15. शुभ दिवस – गुरुवार/वीरवार
  16. अनुकूल देवता – विष्णु
  17. व्रत, उपवास – गुरुवार, रविवार
  18. अनुकूल अंक – 3
  19. अनुकूल तारीखें – 3/12/21/30
  20. मित्र राशियां – कर्क, वृश्चिक
  21. शत्रु राशियां – मेष, सिंह, धनु
  22. व्यक्तित्व – अध्यात्म प्रेमी, भावुक, अध्ययनशील                       मनोवृत्ति
  23. सकारात्मक तथ्य – विनम्रता, सज्जनशीलता, कल्पनाप्रिय
  24. नकारात्मक तथ्य – अधैर्यशीलता, लापरवाही,                       अनिश्चिन्तता

   

 मीन राशि की चारित्रिक विशेषताएं

      मीन राशि का अधिपति गुरू ज्ञान व बुद्धि का कारक ग्रह है।    ऐसे जातकों में शासन करने की क्षमता व बुद्धिमता विशेष श्रेणी की होती है। गुरू धर्म व अध्यात्म का सूचक है, गुरूता (बड़प्पन) का परिचायक है, अतः ऐसे व्यक्ति विशाल हृदय के धनी होते हैं, भावुक प्रवृत्ति के होते है।

      आपका राशि स्वामी बृहस्पति है। बृहस्पति के प्रभाव से मीन राशि केे जातक धार्मिक व आध्यात्मिक प्रवृत्ति के होते है।

      मीन राशि में उत्पस्न्न जातक स्वस्थ, बुद्धिमान तथा सौम्य स्वभाव के होते है। ये नवीन विचारों का सजन करने में समर्थ होते है। इनके विचारों से लोग प्रभावितो रहते है। भौतिक सुख-साधनों का उपयोग करने की इनमे प्रबल इच्छा रहती है। ये धनैश्वर्य से युक्त रहते है एवं विभिन्न स्रोतो से धनार्जन करके आर्थिक रूप से सुट्ठढ रहते है। साथ ही चिंतन एवं मननशीलता का भाव भी इनमें रहता है।

     देवगुरू बृहस्पति के प्रभाव से आप स्वस्थ एवं बलवान रहेंगे। आपकी बुद्धि अत्यंत ही तीक्ष्ण रहेगी। अतः विभिन्न शास्त्रीय विषयों का ज्ञानार्जन करके आप एक विद्वान के रूप में समाज में अपनी प्रतिष्ठा एवं आदर बढाने में समर्थ  होगें। एक विचारक के रूप में भी आप सम्माननीय होगें। यद्दपि ब्रह्मदि के विषय में चिंतनशील रहेगें, परंतु भौतिकता के प्रति भी आकर्षण रहेगा।

प्राकृतिक ट्टश्यों का अवलोकन करना इन्हें अच्छा लगता है। प्रेम के क्षेत्र में सरल एवं भावुक रहते हैं, परंतु व्यवहार कुशल होते है। अतः सांसारिक कार्यो में उचित सफलता अर्जित करके अपने उन्नति मार्ग को प्रशस्त करने में सफल रहते है। इसके अतिरिक्त नवीन वस्तुओं का उत्पादन करने आदि में इनकी रूचि का योगदान रहता है।

आपका स्वरूप दर्शनीय एवं व्यक्तित्व आकर्षक होगा। साहित्य , कला एवं लेखन के प्रति आपकी रूचि होगा। अभिमान के भाव की आपमें अल्पता होगी। तथा सबके साथ विनम्रता का व्यवहार होगा। आप सरकार या समाज से सम्मान प्राप्त करने में सफल होगें। आप में दयालुता का भाव भी विद्दमान होगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनो की सेवा तथा सहायता करने में भी तत्पर होगे। इसके अतिरिक्त साहित्य एवं कला के प्रति भी आपको अभिरूचि रहेगी।

पिता की सेवा करने में तत्पर रहेंगे। बाल्यावस्था में आपको संघर्ष करना पड़ेगा, परंतु युवावस्था के बाद भौतिक सुख-संसाधनों को अर्जित करके सुख एवं शांतिपूर्वक अपना समय व्यतीत करेंगे। पूत्र संतति से आप युक्त रहेंगे तथा इनसे आपको इच्छित सुख एवं सहयोग प्राप्त होगा।

    ऐसे व्यक्ति गौर वर्ण, कंचन देह, मछली के समान आकर्षण व सुंदर नेत्र वाले, ललाट चैड़ी व भरा पूरा चेहरा, लम्बे कद के मालिक होते हैं। यह राशि दिवाबली, जलतत्व प्रधान व सत्वगुणी हैं। ’पूर्वाभाद्रपद‘ के अंतिम चरण में जन्मे व्यक्ति धार्मिक बुद्धि सेे ओत-प्रोत, मेहमानप्रिया, सामाजिक अच्छाइयों व नियमों का पालन करने वाला, बातचीत में प्रवीण होते हैं। मीन राशि वाले व्यक्ति कूटनीति, रणनीति व षड्यंत्रकारी मामलों में एक प्रतिष्ठित भी रुचि नहीं लेते हैं। इनका प्राकृतिक स्वभाव उत्तम, दयालु व इनमें दानशीलता होती है।

     धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा होगी तथा आप समय-समय पर धार्मिक कार्य-कलापों एवं अनुष्ठानों को संपन्न करेंगे। इससे आपको आत्मिक शांति की प्राप्ति होगी। साथ ही बंधु एवं मित्र वर्ग में भी आप प्रिय एवं आदरणीय होंगे। इनसे आप को इच्छित लाभ एवं सहयोग मिलता रहेगा। आपको असली मित्र बहुत थोड़े हैं। एक मित्र जो किसी कारणवश आपके शत्रु हो जाए, उसके द्वारा भारी अघात पहुंचने का खतरा हैं, सतर्क रहें।

     यदि आपका जाना मीन राशि के ’पूर्वाभाद्रपद नक्षत्र‘ (दो) के चतुर्थ चरण में हुआ है, तो आपका जन्म 16 वर्ष की बृहस्पति की महादशा में हुआ है आपकी योनि-सिंह, गण-मनुष्य वर्ण-विर्प, हंसक-जल, पाया-लोहा, प्रथम दो चरण का वर्ग-सर्प तथा  अंतिम दो चरण का वर्ग-सिंह हैं। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले जातक कुशल वक्ता, परम धार्मिक, धनी व सुखी होते हैं। प्रायः जीवन में शत्रु न बनाकर मित्रों की संख्या बढ़ाने में विश्वास रखते हैं।

   यदि आपका जन्म मीन राशि के ’रेवती नक्षत्र‘(दे, दो, चा, ची ) में हुआ है, तो आपका जन्म 17 वर्ष की बुध की महादशा में हुआ हैं। आपकी योनि -गज, गण-देव, वर्प-विप्र, हंसक-जल, नाड़ी-अत्य, पाया-सुवर्ण, प्रथम दो चरण का वर्ग-सर्प तथा अंतिम दो चरण का वर्ग सही है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाला जातक प्रायः आमदानी से अधिक खर्च करता है। तथा समझौते वाले दृष्टिकोण में विश्वास रखता है।

 मीन राशि का चिन्ह ’मुख-पुंछ मिलत दो मछली‘है। आपको जल से निकली हुई वस्तु-नमक, हीरे-जवाहरात, समुद्र पार देशों से माल मंगाने तथा भेजने से तथा भेजने से तथा नवीन वस्तुओं का उत्पादन करने से विशेष धन लाभ हो सकता हैं। स्त्रियों के सम्पर्क से भी आपका भाग्योदय संभव है। 32 वर्श पश्चात् आपको पुत्र एवं नोखरी का योग बनता है। शत्रु आपसे भाग्योदय हेतु गुरु रत्न ’पुखराज‘ को स्वर्ण मुदिªका में धारण करें।

उपाय- मीन राशी का स्वामी बृहस्पति है, अतः पुखराज या सुनैला रत्न धारण करें। गुरुवार को थोड़ा-सा गुड़ व चना दाल एक आटे की लोई में डालकर गाय को खिलाएं। रविवार व मंगलवार के अलावा पीपल को सींचना भी मीन राशि वालों के लिए फायदेमंद है। पीले रंग का सुगन्धित रूमाल पास में रखें। गुरुवार को हल्दी युक्त दूध का सेवन करें।

 सन 2021 में मीन राशि का वार्षिक भविष्यफल।

 

     मीन राशि के लिए यह साल 2021 शानदार उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा। राशि स्वामी गुरु भी इस वर्ष आपकी राशि से एकादश पर द्वादश स्थान में चलाएमान रहेंगे। अतः लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा। स्वास्थ्य की  दृष्टि से इस वर्ष आप उत्तम स्वास्थ्य का उपयोग करेंगे। पुराना रोग, पुराने कष्ट से मुक्ति मिलेगी। दीर्घकालिक बीमारियों में भी आराम आएगा। शुगर, ह्रदय रोग, ब्लड प्रेशर में भी आराम आयेगा, परंतु नियमित परीक्षण करवाते रहें। देवगुरु बृहस्पति 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य वक्र स्थिति में चलाएमान रहेंगे, अतः इस समय उदर विकार, रक्त विकार, चर्मरोग व मौसमी बीमारियों से परेशानी संभव है। इस समय वाहन भी सावधानीपूर्वक चलाएं, कीसी शल्य चिकित्सा के योग भी बन रहे है। कार्य विस्तार की जो योजना पिछले काफी लम्बे समय स लम्बित चल रही थी, वह इस वर्ष अल्प प्रयास से ही एकबार पुनः गतिमान हो जायेगी। इस वर्ष नौकरी में आपको महत्वपूर्ण कार्यभार या पदभार सौंपा जा सकता है। जिससे आपका कद व महत्व दोनों ही बढ़ जाएंगे। लोग आपकी योग्यता व काबिलियत का लोहा मानेंगे। आय के साधनों में बढ़ोतरी होगी। अपने उदार स्वभाव व मृदुभाषिता से आप बॉस, सहकर्मियों, रिश्तेदारों व मित्रों सभी को प्रभावित कर लेंगे। व्यापार व व्यवसाय में आप पूरी संजीदगी वह गम्भीरता से छोटे- से-छोटा निर्णय रह सकती है, पारिवारिक सुख-शांति की स्थिति इस वर्ष अच्छी रहंगी। पति-पत्नि व्याप्त आपसी गलतफहमियों का निराकरण होगा, प्रेम व सामंजस्य का वातावरण बनेगा।

   इस वर्ष राशि स्वामी गुरु का 14 सितंबर तक मकर व कुंभ राशि में परिभ्रमण रहेगा, अतः आप इस वर्ष जमकर मेहनत करेंगे, उसके अनुरूप परिणाम व प्रतिफल भी मिलेगा। आप मीन राशि के जातक हैं तथा मीन राशि के व्यक्ति आध्यात्मिक व धार्मिक प्रवृत्ति के होते हैं। इस वर्ष धर्म अध्यात्म, ध्यान, योग, धर्म ग्रंथों के अध्ययन में आपका समय व्यतीत होगा। व्यापार में आप प्रोडक्शन व क्वॉलिटी में वृद्धि करने के बारे में सोचेंगे। अनुभवी व जिम्मेदार लोगों के मार्गदर्शन व सुझावों से आप आगे बढ़ेंगे। आप इस वर्ष अपना भाग्य व भविष्य खुद बनाएंगे। खर्चों पर नियंत्रण करने की आवश्यकता है। खर्चों पर नियंत्रण कर आप भविष्य के लिए पैसे जोड़ेंगे।

     विभागीय परीक्षा, जॉब, इंटरव्यू, प्रतियोगी परीक्षा, नौकरी से संबंधित परीक्षा आदि में आपको सफलता मिल जाएगी। बोस व अधिकारी के साथ आप तालमेल बढ़िया रहेगा। तेजी-मंदी, शेयर्स, लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि से दूर रहने की आवश्यकता है। संपत्ति संबंधी विवाद, बंटवारे से संबंधित विवाद किसी वरिष्ठ व्यक्ति की मध्यस्थता से हल हो जाएगा। भाइयों से जरूर कुछ बोलचाल, अनबन व कहा सुनी हो जाएगी। व्यावसायिक व प्रतिन्दियों प्रतिस्पर्धियों प्रयोग से आप को कड़ी चुनौती मिलेगी 6 अप्रैल तक बृहस्पति मकर राशि में चलाएंगे घर के किसी वरिष्ठ सदस्य व बुजुर्ग सदस्य के स्वास्थ्य को लेकर आपको अस्पताल जाना पड़ सकता है सामाजिक व लोक कल्याण से जुड़े मुद्दे आपको आकर्षित तो करेंगे परंतु सावधान रहें कोई आरोपियों कलंक लेन-देन व रूपयों- पैसे को लेकर लग सकते हैं। 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य किसी अन्य के संभावनाएं हैं। देवगुरु बृहस्पति में चलायमान रहेंगे। इस समय शत्रु वर्षा यंत्र भी सक्रिय रहेंगे। एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखने की आवश्यकता है। अनुचित व दो नंबर के कार्यों को इस समय बंद रखें इस वर्ष के मध्य में वाहन के योग भी बनते हैं।

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य:- इस वर्ष शारीरिक स्वास्थ्य में हल्के-फुल्के उतार-चढ़ाव रहेंगे। किसी गंभीर व घातक बीमारी की आशंका व संभावना नहीं है। मौसमी बीमारियों से जरूर सावधान रहें वाहन के प्रति लापरवाह घातक हो सकती है। वाहन को एकदम तैयार सदी में रखें, किसी भी छोटी-छोटी गड़बड़ को तत्काल ठीक करवा लें। नशा करके वाहन चलाने से आप अपने प्राण संकट में डाल सकते हैं। कोई पुराना रोग आदि यदि चल आ रहा है, तो 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य उसकी शल्य चिकित्सा द्वारा वह अपने रोग को गंभीरता से लेकर रोग को की निवृत्ति करवा लें। घर के किसी बुजुर्ग के स्वास्थ्य के कारण आपको अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। अपने खान-पान को व्यवस्थित रखें। नियमित योग व्यायाम पैदल घूमना फिरना वॉकिंग वगेरा के प्रति पूर्ण रूप से सजग रहें।

व्यापार, व्यवसाय व धनः- 2021 आपके लिए व्यापारिक दृष्टि से उपलब्धियों का वष है। आर्थिक संपदा व व्यापार में समुचित अवसर बाय प्रसार कर आपकी प्रतीक्षा कर रहे हैं। नए व्यापार के लिए यह साल एकदम उपयुक्त हैं। व्यापार विस्तार की योजना कार्य रूप में परिणत होने का समय अब आ गया हैं। अपनी योजनाओं को अमल में लाएं व समय का भरपूर लाभ उठाएं। इस वर्ष गुरु एकादश व द्वादश स्थान में परिभ्रमण कर रहे हैं। 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य लोन आपको प्राप्त हो जाएगा, शेयर बाजार, एन सी डी एक्स़, सट्टा बाजार, तेजी मंदी के व्यापार से ताल्लुक रखने वाले लोगों को सावधान रहने की आवश्यकता हैं। अपने कर्मचारी व पार्टनर की हर गतिविधि पर पैनी नजर रखें, अतिविश्वास में आपके साथ धोखा हो सकता हैं। नौकरी में आप तयशुदा लगों को हासिल कर लेंगे। आपको नौकरी में महत्वपूर्ण कार्यभार व जिम्मेदारी सौंपी जा सकती हैं। नौकरी में अपने काम व जिम्मेदारी को संजीदगी व गंभीरता से अंजाम दें। अजनबी व अपरिचित लोगों से व्यवहार करते हुए सावधान रहें। व्यापार में आपका अटका हुआ पैसा भी धीरे-धीरे वसूल हो जाएगा। आप उसी पैसे को वापस व्यापार में लगाकर मुनाफा हासिल कर लेंगे। आपका पूरा ध्यान मार्केटिंग सेलिंग पर रहेगा। किसी भी कागज पर या व्यापारिक व व्यावसायिक अनुबंधन पर हस्ताक्षर नहीं करें। 20 जून से 18 जून के मध्य वक्री गुरू के कारण हल्की-फुल्की समस्याएं भी आयेगी, आप आपने बुद्धिबल व चतुराई से हर समस्या व मुश्किल का हल निकल लेंगे। नित्य श्रीसुक्त का पाठ करें उसमें धन का आगमन होगा।

घर -परिवार , संतान व रिश्तेदारः- दाम्पत्य संबंधों में इस वर्ष मधुरता रहेगी। कभी-कभार पति-पत्नी में हल्के-फूल्के वैचारिक मतभेद रह सकते हैं। इस वर्ष अविवाहितों के विवाह की संभावना बनेगी। 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य गुरु के वक्रत्व के कारण परिवार में कुछ तनावपूर्ण स्थितियां बन सकती हैं। पारिवारिक सदस्यों, सास -बहू, ननंद- भोजाई, देवरानी -जेठानी, में हल्की फुल्की गलतफहमियां व तकरार पनप सकती हैं। लेकिन कोई बड़ा रूप यह तकरार नहीं ले पाएगी। घर परिवार के प्रति आपका नजरिया व रवैया काफी सकारात्मक रहेगा। माता-पिता व घर के बड़े बुजुर्गें की सेवा आप उन्हें भगवान समझकर करेंगे। 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य संतान के करियर, उसकी शिक्षा से जुड़ा महŸवपूर्ण निर्णय आप लेंगे। उसे किसी बड़े शिक्षण संस्थान, करियर ओरिएंटेड कोर्स में प्रवेश दिलाएंगे। रिश्तेदारों से कोई खास सहयोग की अपेक्षा नहीं की जा सकती। रिश्तेदार केवल सुख में आपके साथ खड़े रहेंगे तथा आपके प्रभाव व सम्पर्कों से लाभ लेने कि फिरकत में रहेंगे। घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का गिरता हुआ स्वास्थ्य भी आपका चिंता का कारण बनेगा।

    विद्याध्यान, पढ़ाई व कैरियर:- विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष उपलब्धियों से परिपूर्ण हैं। मीन राशि के जातक अध्ययन व शिक्षा के प्रति पूर्णरूपेण समर्पित होते हैं, इस वर्ष एकाग्रचित होकर आप अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे। अगर आप तकनीक से जुड़े किसी विषय के लिए प्रयासरत हैं, तो सफलता के योग बनते हैं, परंतु मेहनत आपको खूब करनी पड़ेगी, हास-परिहास, मनोरंजन, प्रेम प्रसंगों से दूरी बनाकर रखें। किसी प्रभावशाली व्यक्तित्व से आपकी मुलाकात आपके भाग्योन्नति का रास्ता खोल देगी, विभागीय परीक्षा, ग्रुप डिस्कशन, जॉब इंटरव्यू में आप सफलता हासिल कर लेंगे। इंटरव्यू में आपको आपके ज्ञान के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान का भी उपयोग करना पड़ेगा। आत्मविश्वास भी आपने गजब का रहेगा। बड़े निर्णय में किसी अनुभवी व्यक्ति का मार्गदर्शन व सलाह अवश्य लें। एकाग्रचित्तता को बढ़ाने के लिए नित्य गायत्री मंत्र की 1 माला (108 बार) करें तथा ध्यान, मेडिटेशन जैसी विधाओं विधाओं का भी आश्रय लें।

      प्रेम-प्रसंग व मित्र:- प्रेम-प्रसंगों में इस वर्ष सफलता मिलेगी। पंचमेशं चंद्रमा वर्षारंभ में पंचम स्थान में स्थित हैं, परंतु प्रेम-संबंधों में मर्यादाओं और सीमाओं का विशेष रूप से ध्यान रखें। व्हाट्सएप, फेसबुक, मैसेंजर आदि सोशल मीडिया द्वारा प्रेमी-प्रेमिका से संवाद होगा। लेकिन सावधान रहने की आवश्यकता हैं। प्रेम-प्रसंग व प्रेम संबंध उजागर होंगे, उसका विपरीत व प्रतिकूल प्रभाव आपके पारिवारिक जीवन पर पड़ेगा। जहां तक मित्रों के बात हैं, आप इस वर्ष किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। धन से, संपर्क से, हर प्रकार से आप मुसीबतजदा मित्र की सहायता करेंगे।

वाहन, खर्च व शुभ कार्य:- इस वर्ष नवीन वाहन के योग 6 अप्रैल से 14 सितम्बर के मध्य बन रहे हैं। चल-अचल संपत्ति में बढ़ोतरी की पूरी- पूरी संभावनाएं व योग हैं। आमदनी इस वर्ष ठीक ठाक रहेगी लेकिन साथ ही साथ खर्चों के भी योग हैं। फिजूलखर्ची को नियंत्रित करें। व्यापार में निवेश, मशीनरी व योजनाबद्ध विकास पर भी व्यय की स्थ्तिी बनेगी, परंतु व्यापार में मॉल, मशीनरी व योजना पर किया गया वयय आपको आगे चलकर लाभ देगा। जहां तक शुबकार्य कि बात हैं, इस वर्ष के उत्तरार्ध में घर-परिवार व रिश्तेदारी में किसी मांगलिक व शुभ कार्य की गूंज सुनाई दे रही हैं।

हानि, कर्ज व अनहोनी:- विश्वास में धन हानि के योग इस वर्ष दिखाई दे रहे हैं। रुपयों -पैसों व आर्थिक मामलों में किसी पर भी भरोसा नहीं करें। उधार लेन-देन से परहेज करें। किसी को भी उधार नहीं दें । हालांकि इस वर्ष वाहन भूमि भवन संपत्ति की खरीद-फरोख्त को लेकर ऋण लेना पड़ सकता हैं। हालांकि धीरे-धीरे आप ऋण से उऋण ( निवृत्त) भी हो जाएंगे। परंतु अनहोनी के प्रति में आपको आग्रह करना चाहूंगा कि आप की लापरवाही से इस वर्ष जरूर कोई अनहोनी हो सकती है। नशे से दूर रहे। वाहन चलाते समय सीट बेल्ट, हेलमेट जैसे सुरक्षा संसाधनों का उपयोग करें।

यात्राएं:- इस वर्ष लम्बी दूरी व अल्प दसूरसी की यात्राएं 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य 12 गुरु के कारण हो सकती है। आपका पूरा ध्यान आपके घर परिवार पर रहेगा परिवार के साथ किसी यात्रा का कार्यक्रम बना सकते हैं। व्यापार विस्तार व काम-काज को लेकर की गई यात्राएं भी इस दौरान सफल होगी।

उपाय:  अपने राशि स्वामी को बलवान करने के लिए पुखराज या सुनैला युक्त गुरु यंत्र गले में धारण करें। गुरुवार को साधु-संतों व महापुरुषों को भोजन कराएं। नित्य पीले का सुगंधित रुमाल पास में रखे। विष्णु सहस्त्रनाम‘ का पाठ करे। सफेद चंदन की लकड़ी को पत्थर पर घिसकर उसमें केसर मिलाकर माथे पर लेप या टीका लगाएं। मंदिर, मस्जिद, गुरुद्वारे या किसी भी धर्मस्थल पर निशुल्क सेवा करें। अपने शयनकक्ष में पीले वस्त्र में थोड़ी-सी चना दाल बांधकर रखें।

सन 2021 इसमें मीन राशि का सप्ताहिक भविष्यफल

जनवरी 2021

 

ग्रह स्थिती:- वर्षारम्भ में मंगल मेष राशि का दिृतीय भाव में, राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा कर्क राशी का पंचम भाव में, केतु शुक्र वृश्चिक राशि का नवम भाव मे, सूर्य बुध धनु राशि का दशम भाव में, ब्रहस्पति शनि मकर राशि का ग्याहरवें भाव में चलाएमान हैं।

   1 जनवरी से 7 जनवरी तक: आप सभी को नववर्ष की शुभकामनाएं। नववर्ष आपके जीवन में खुशियां लाए, इसी कामना के साथ वर्ष 2021 का प्रथम सप्ताह आपके लिए मंगलमय, ज्ञानवर्धक, धनवर्धक रहेगा। 1,2 को पिछले सारे तनाव समाप्त हो जाएंगे। पढ़ाई कर रहे जातक अपना कीमती समय अपनी पढा़ई करने व ज्ञानअर्जन में लगेंगे। आप इस अपने बड़ों से अच्छी बातें सीखेंगे। 3,4 को कहीं से अच्छे व शुभ समाचार प्राप्त होंगे। बच्चों की या आप यदि कुंवारे हैं तो आपकी सगाई, विवाह संबंधी बातें जोर पकड़ेगी । आप कमाई का नया साधन जुटाएंगे। अपनों के साथ समय व्यतीत करेंगे। कुछ गुप्त मीटिंग का क्रियाकलाप करेंगे। कुछ विदेशी लोगों से जान-पहचान बनेगी, जो आगे चलकर काम आएगी। 5,6 को समय शांतिपूर्ण तरीके से व्यतीत होगा। संतान संबंधी कोई महत्वपूर्ण निर्णय आप लेंगे 7 को तनाव बढ़ेगा।

8 जनवरी से 15 जनवरी तक:- दिनांक 8 को शत्रु व विरोधी आपका आलोचना करेंगे। वाहन चलाते वक्त टैफिक नियमों का पालन करें। इस समय तोलमोल कर बोलें, अन्यथा आनके द्वारा कही गई बात को लोग गलत अर्थ निकाल लेंगे। आप इस समय काम करने में आलस्य महसूस करेंगे। 9 से 11 के मध्य समय समय रहेगा। लंबे समय से चली आ रही बीमारी में राहत महसूस करेंगे। घर-परिवार में सुख-शांति रहेगी। समाज सेवा व लोककल्याण के कार्यों में आप व्यस्त रह सकते हैं। आपका पूरा फोकस भविष्य की योजनाओं पर रहेगा। 12,13 को नौकरी व कार्यशेत्र में बोस व अधिकारी आप पर मेहरबान होंगे। पदोन्नति व आर्थिक लाभ की संभावना प्रबल हैं। आप फ्रेश दिमाग से बढ़िया काम करेंगे। आपके कार्य की प्रशंसा होगी। 14, 15 का समय पूर्णरूपेण पक्ष में रहेगा। रहेगा अभी आप भरपर इस्तेमाल करेंगे।

 16 जनवरी से 23 जनवरी तक-

दिनांक 16, 17 को किसी अप्रिय या अशुभ घटना के घटित होने की आशंका है। पैसा हाथ में आता- आता रूक जाएगा। आपके मन में उच्चाटन या बेचैनी रहेगी। मेहनत व्यर्थ जाएगी। दिनांक 18, 19, 20 को रोमांस व प्रेम-प्रसंगों में सफलता मिलेगी। दोस्तों के साथ अधिक-से-अधिक समय व्यतीत होगा। आप नई-नई पुस्तके खरीदेंगे। साधु-संतों व महात्माओं से मुलाकात होगी। सूचनाओं का आदान-प्रदान होगा। फोन कॉलस से आप अपनों के द्वारा बातचीत में समय व्यतीत करेंगे व स्वयं को प्रफुल्लित व हलका महसूस करेंगे। 21, 22 को आप संतोष्टी का अनुभव करेंगे। आप अपनी जिम्मेदारियों को बखूबी समझते हुए काम व आर्थिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। रुपयों -पैसों को आवक होगी। भारी व गतिविधयों खाने से परहेज करें। व्यापार में नई योजना सक्रिय रहेगी। 23 को धनदायक दिवस रहेगा। आजीविका व आय स्रोतों में बढ़ोतरी होगी।

24 जनवरी से 31 जनवरी तकः- दिनांक 24, 25 को आधा दिन धनप्रदायक रहेगा। कठोर परिश्रम कड़ी मेहनत से आप वह सब हासिल कर लेंगे, जिसकी कभी आपने तमन्ना की थी। किसी आयोजन, समारोह या पार्टी आदि में शिरकत करेंगे। 25 की दोपहर से 27 के मध्य समय बहुत खराब आएगा। समय का सहीं उपयोग नहीं कर पाएंगे। आपके निजी मुद्दे कुछ ज्यादा ही परेशान करेंगे। आप पर कोई झूठा आरोन लग सकता है। आप सावधान होकर काम करें, आप सावधान होकर काम करें, तो बेहतर होगा। 28, 29 को समय की चाल पक्ष में रहेगी। आप इष्ट मित्रों को हर संभव सहायता देंगे। विद्याध्ययन संबंधी कार्य में व्यवस्था रहेगी। ध्यान, योग आदि करेंगे। 30, 31 को समय अच्छा आ जाएगा। आप अपना काम येन- केन प्रकारेण निकलवा ही लेंगे। रोजी-रोजगार के अवसर मिलेंगे।

फरवरी 2021

 गृह स्थितीः- मांसारम्भ में मंगल मेष राशि का दिृतीय भाव मे, राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का सप्तम भाव में, केतु वृश्चिक  राशि का नवम भाव मे, शुक्र शनि सूर्य बृहस्पति मकर राशि का ग्यारहवें भाव में, बुद्ध कुंभ राशि का बारहवें भाव में चलाएंमान है।

 1 फरवरी से 7 फरवरी तकः- 1,2,3 के दोपहर तक का समय आपके लिए हितकारी रहेगा। समय हास-परिहास में व्यतीत होगा। परिवार का साथ रहेगा। जीवन में आनंद-ही-आनंद व उलहास रहेगा। ईश्वर अराधना, कथा आदि सुनना अच्छा लगेगा। 3 की दोपहर से 5 के मध्य आपको कष्ट दुःख, प्रताड़ना का सामना करना पड़ सकता है। बिना मन के कोई भी काम करना आपको भारी पड़ेगा। व्यापार मे, नुकसान संभव है। कोई कीमती वस्तु गुम हो सकती है। स्वास्थ नरम रहेगा। कार्यों में विलंब का सामना करना होगा, जो कि सबसे बड़े नुकसान को इंगित कर रहा है। 6,7 को समय अच्छा है। आप अपने सारे सरकारी गैर सरकारी कार्य को पूरे कर लेंगे। आपको अपने कार्य में उत्साह, जोश व उमंग की प्राप्ति होगी। काम में लाभ मिलने से आपका जोश आत्मविश्वास दोनों बढ़ेगा। आप हर समय प्रसन्न वह हर्षित रहेंगे।

8 फरवरी से 15 फरवरी तकः- दिनांक 8, 9 को आपकी प्रतिष्ठा बढे़गी। आपमे काम करने की ललक को देखते हुए अधिकारी आपकी प्रशंसा करेंगे। व्यापार में दोगुना लाभ होगा। परिवार वालों का साथ रहेगा। वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। 10, 11 को चारों तरफ से लाभ खुशियां व ऊर्जा की प्राप्ति होगी। आप अपना समाजिक दायरें बढ़ाएंगे। आप सभी के प्रिय बनेंगे व दूसरो को हर संभव मदद देंगे। आप इस समय कोई नया कार्य करेंगे। रिश्तों में नहीं ताजकी और मजबूती आएगी। 12,13,14 को समय अनुकूल नहीं हैं। आप समय कोई भी बाद खुप्त नहीं रख पाएंगे। व्यर्थ की चिंता व व्यस्त के खर्च लगेंगे। बच्चों पर वह परिवार के लोगों पर गुस्सा करने की बजाय विवेक से काम लें। मित्र से व्यर्थ के बात पर विवाद, कलह हो सकता हैं। किसी को इस समय रुपया उधार ना दें, अन्यथा वापस निकलवाने के लिए आप के पसीने छूट सकते हैं। 15 को समय सफलतादायक रहेगा। आप पैसा कमाने के सफल प्रयास करेंगे।

 16 फरवरी से 30 फरवरी तकः- दिनांक 16 को सन्मुख चंद्रमा सफलता -दायक रहेगा। आप हर कार्य सफलतापूर्वक करेंगें। आप हर कार्य को बुद्धिमत्ता से करेंगें। 17,18, 19 को मानसिक सुखदायक समय रहेगा। आप किसी नए काम की शुरुआत करेंगे। काम करने में मन लगेगा। किसी व्यक्ति विशेष से खास मुलाकात होगी । रिश्ते, संबंधी की बात मंजिल तक पहुंचेगी। संतान आपकी आज्ञा में रहेगी। समय बिल्कुल आप के पक्ष में रहेगा। 20 ,21 को समय की चाल विपरीत आ जाएगी। आपका कोई विश्वास से पात्र व्यक्ति की ही आपके साथ धोखा करेगा। कार्यों में रुकावट से मन परेशान व बेचैन रहेंगा। व्यापारिक दिल होते -होते रूक जाएगी। पैसा अटक जाने से आप परेशान रह सकते हैं। राजकीय परेशानी झेलनी पड़ सकती हैं। 22,23 को हिम्मत व हौसले से मुश्किल से मुश्किल हालात को अपने पक्ष में कर लेंगे। मार्केटिंग व आर्थिक मसलों में आपको सफलता मिलेगी।

 24 फरवरी से 28 फरवरी तकः- दिनांक 24 से 26 के मध्य समय अच्छा रहेगा। इंटरव्यू, साक्षात्कार आदि में सफलता के योग हैं। मकान, भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद के योग बन रहे हैं। आय बढ़ेगी। 27, 28 को खान-पान आदि का ध्यान रखेंगे। व्यापारिक, व्यक्तिगत व पारिवारिक जीवन ने आप बैटर तालमेल स्थापित करने में सक्षम रहेंगे। मशीनरी से जुड़े सारे कार्य आप सकुशल फोन कर लेंगे। नए-नए व्यापारिक व व्यवसायिक अनुबंध होंगे। आपको अपनी व्यापार व कार्यशेत्र में योग्य, अनुभव वरिष्ठ व्यक्ति के अनुभव का लाभ मिलेगा।

मार्च 2021-

गृह स्थितीः- मांसारम्भ में मंगल राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का सप्तम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, बृहस्पति बुध शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में सूर्य शुक्र कुंभ राशि का बारहवें भाव में चलाएं मान है।

 1 मार्च से 7 मार्च तकः- 1 व 2 की दोपहर तक शांतिदायक समय रहेगा। निजी सपनों और महत्वकांशा के लिए शैतान करने का समय हैं। आप अपनी प्रोफेशन में डूब सकते हैं। 2 कि दोपहर से 4 की शाम तक का समय अच्छा नहीं हैं। आप अपने समय का सही उपयोग नहीं कर पाएंगे। कार्य शेत्र में जिम्मेदारियां बढ़ जाएगी। चलते वाहन में खराबी परेशानी का सबब बनेगी। अपने नए मित्रों की अच्छी तरह से जांच -परख कर लें, फिर विश्वास करें। विवाह -सगाई जैसे कार्य उसमें परेशानियां आएगी। 5,6 को आप अपनी खुद की अलग पहचान बनाएंगे। पुरस्कार, बोनस, भत्ते, धन आगमन के योग है। आप सपनों की दुनिया छोड़कर वास्तव दुनिया में आएंगे। परिवार के लो आप से प्रसन्न रहेंगे। 7 को समय अनुकूल रहेगा। प्रेम -प्रसंग के लिहाज से यह समय अनुकूल रहेगा। आपके खर्च में बेतहाशा वृद्धि हो सकती है। अधिक मसलों पर ध्यान दे पाएंगे। फोन कॉल्स पर लगे रहेंगे।

8 मार्च से 15 मार्च तकः- दिनांक 8 मान- सम्मान वृद्धिकारक दिवस रहेगा। आप अपने काम को ऐसे गम से पूरा करेंगे कि आप को उसी सराहना मिलेगी। 9, 10, 11 को समय अच्छा रहेगा। कई से शुभ समाचार आएगा। आप अपने परिवार के साथ समय बिताएंगे। संपत्ति संबंधी मामलों में अपने विश्वस्त मित्रों तथा परिवार के सदस्यों से सलाह रहना बेहतर होगा। साथ ही आप रचनात्मक रुप से भी सक्रिय रहेंगे। 12,13 को समय ठीक नहीं है। आप अपने काम पर ध्यान नहीं दे पाएंगे। आप सोच -विचार कर फैसला करें। आप अपने अहं त्याग दें। माता -पिता, बॉस कथा भोज रिश्तेदारों का स्वाद आपके लिए परेशानी का कारण बन सकता हैं। 14, 15 को सन्मुख चंद्रमा सुखदायक रहेंगा। यात्रा सुखद रहेंगी। आर्थिक सुदृढ़ रहेंगी। आय के अतिरिक्त भी कमाएंगे।

 16 मार्च से 23 मार्च तकः-दिनांक 16,17,18 को समय मिश्रित फलकारी रहेंगा। अच्छे के साथ-साथ खराब समाचार भी आएंगे। आपका आत्मविश्वास डांवाडोल रहेगा, किंतु फिर भी आप हताशा या निराश नहीं होंगा। आपना काम समय पर पूरा कर लेंगे। 19,20 को संपूर्ण तथा अनुकूल रहेगा। धन की प्राप्ति होगी। आप व्यापार में तरक्की करेंगे। आपसे अंतर शक्तियां उन्नत होगी। आप खुद शिक्षा ग्रहण की कथा शोध कार्य शुरू कर सकते हैं। साथी ही आप यात्रा, तीर्थ यात्रा पर जाने के अलावा समारोह में भी भाग ले सकते हैं। आपको पहले से अत्यधिक प्राप्त होगा। साथ ही आप यात्रा,तीर्थयात्रा पर जाने के अलावा समारोह में भी भाग लें सकतें है। आपको पहले से अधिक अधिकार प्राप्त होंगे। 21,22,23 को समय ठीक नहीं है। किसी से झगड़ा हो सकता है। आपके खर्च में बेतहाशा वृद्धि हो सकती हैं। आर्थिक मामलों पर गंभीरता से विचार करें, अन्यथा कर्ज लेना पढ़ सकता है। अपने वैवाहिक जीवन ने किसी अन्य को बीच में ना पढ़ने दे, अन्यथा आपका वैवाहिक जीवन खराब हो सकता हैं। माता-पिता का सम्मान करें उनका दिल ना दुखाएं।

 24 मार्च से 31 मार्च तकः- दिनांक तो 25 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा वैवाहिक जीवन मधुरता वाला रहेगा। शेयर संपत्ति आधी की खरीद और बिक्री में आपको लाभ होगा। आप अपनी बुद्धि वह चतुराई से सारे कार्य संपन्न करेंगे 26, 27 को अतिरिक्त कार्य करके आप आमदनी बढ़ाएंगे आपका जोश और उत्साह प्रियजनों से नेट खट्टा बढ़ेगा सम साझेदारी वाली दारी से निपटने में यदि और ठंडे दिमाग से काम लें यह संभव के ठीक उलट होगा किंतु आपको शांति रखनी ही होगी। 28, 29 को रूपयों पैसों के मामले में स्थिति मजबूत रहेगी। सावधानी अपेक्षित है। किसी पर भी हद से ज्यादा भरोसा, नुकसानदायक रहेगा। आपको सिर र्दद रहेगा।

 अप्रैल 2021

गृह स्थितीः- मांसारम्भ में सूर्य शुक्र बुध मीन राशि का लग्न में, राहु मंगल वृषभ राशि का तृतीय भाव में चंदमा केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शनि ब्रहस्पति मकर राशि का ग्यारहवें भाव ने चलाएंमान है।

1 अप्रैल से 7 अप्रैल तकः- दिनांक 1,2 को सरकारी विजयसूचक दिवस रहेगा। आर्थिक रुप से आपको कोई दिक्कत पेश नहीं आएगी। इस समय आपके पास प्रचंड फंड रहेगा और आप इसका सही इस्तेमाल करेंगे। 3,4 को समय अनुकूल रहेगा। अवरोध काम पुनः आगे बढ़ेगा। आपके काम में एकाग्रचित्तता रहेगी। आपके अपने इस समय साथ देंगे। इस समय आप पूर्ण आनंद उठाएंगे। मित्र साहयता देंगे। अटका धन प्राप्त होगा। 5 से 7 के मध्य आप अपने हुनर का इस्तमाल अपने काम को चमकाने में लगाएंगे। आप इस समय अपने कोर्ट -कचहरी या सरकारी काम को आगे बढ़ाएंगे। नौकरी में सफलता व तरक्की के योग हैं। नया वाहन खरीद सकते हैं या पुराने वाहन की मरम्मत करेंगे। मांगलिक कार्य सरलता से पूरे होंगे। मीडियाकर्मी को सफलता मिलेगी। परिवार के सदस्य एक- दूसरे से आपने सुख-दुःख साझा करेंगे। व्यापार में नई नई तकनीक का प्रयोग करेंगे। 7 की सायं समय खराब आएगा।

 8 अप्रेल से 15 अप्रैल तकः- दिनांक 8 , 9 को कब्ज, एसीडिटी या अन्य शायद पीडा रह सकती है। आप परेशान रहेंगे। कार्यों में रुकावट के स्थितियां रहेगी। आपके सगे संबंधी आपके साथ विश्वासघात करेंगे या आप का विरोध करेंगे। संतान की तरफ से अशोक समाचार परेशान करेंगे। आपके काम का शेर से और को मिल सकता है। 10, 11, 12 को आप राहत भरी सांस लेंगे। उम्मीद के अनुरुप कार्य होंगे। स्वास्थ में सुधार आएगा। आप काम करने की गति बढ़ाएंगे। आप एक कूटनीति की तरह काम करेंगे। आप की तीक्षन बुद्धि का दुनिया लोहा मानेगी। आपको आपके कार्य का प्रतिफल मिलेगा। 13, 14 को आप जीवन के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे। आपके बच्चे या माता पिता के बीज प्रेम बढ़ेगा। 15 को समय पुण्र्यतया अनुकूल है। लोग आपसे नजदीकियां बढ़ाएंगे। नौकरी में बोनस प्राप्त होगा। आप दूरदृष्टि रखते हुए काम करेंगे।

 16 अप्रैल से 23 अप्रैल तकः- दिनांक 16 व 17 की दोपहर तक संतान से सुख प्राप्त होगा। आपकी दिलचस्पी पैसा कमाने में रहेगी। आप कार्यों और व्यक्तिगत संबंधों से प्रगति करेंगे। आप 17 की दोपहर से 19 के मध्य अस्त- व्यस्त रहेंगे। कोई अप्रत्याशित घटना घटित होगी। समय नकारात्मक रहेगा। अचानक विमानों की आवाजाही से आप अव्यवस्थित रहेंगे। शत्रु आपके खिलाफ षड्यंत्र रचेंगे। जीवनसाथी का रवैया आपके लिए परेशानी खड़ी खड़ी करेगा। गलतफमियों के चलते आप मन ही मन व्यतीत होंगे। 20, 21 को मित्र, परिवार और रिश्तेदारों तथा पड़ोसियों से होने वाली बेस्ट मुलाकातों से ताजगी महसूस करेंगे। माता-पिता का साथ रहेगा। यात्रा सुखद होगी। विद्यार्थियों के परीक्षा परिणाम मानव अनुकूल आएंगे। 22,23 को खेलकूद, मनोरंजन के समय व्यतीत होगा। राजकीय काम संपन्न होगा। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण की खरीदारी होगी। बेरोजगारों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।

24 अप्रैल से 30 अप्रैल तकः- 24, 25, 26 की दोपहर तक समय शांतिदायक रहेगा। धन लाभ होगा। जीवनसाथी से प्रेमभाव बढ़ेगा। आप स्वयं पर ध्यान दे पाएंगे। अध्यात्म की तरफ पूरा रूझान रहेगा। मित्रों का सहयोग करेंगे। 26 की दोपहर से 28 के मध्य समय कष्टकारी है। दांत दर्द या पैरों से संबंधित पीड़ा दुःख देगी। आपकी प्रिय वस्तु चोरी हो सकती हैं। घर और बच्चों की बैटरी की चिंता सताएगी। आर्थिक पक्ष कमजोर रहेगा। 29,30 को वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। आपके अच्छे लेन-देन व व्यवहार की लोग तारीफ करेंगे। आप भी लोगों से मिलकर खुशियों का अनुभव करेंगे। आप नहीं योजना बनाने तथा उस पर अमल करने की सोचेंगे। आपके सद्विचार से आपकी भागीदारी भी लाभान्वित होंगे। कहीं हिल स्टेशन जाने की योजना बन सकती हैं। ठंडा-ठंडा पेय या आइसक्रीम का आनंद लेंगे।

मई 2021

 ग्रह स्थितिः- मासारम्भ में सूर्य शुक्र मेष राशि का द्वितीय भाव में, बुध राहु  वृषभ राशि का तृतीय भाव में, मंगल मिथुन राशि का चतुर्थ भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, चंद्रमा धनु राशि का दशम भाव में, शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का भाग्य भाव में चलाएंमान है।

1 मई से 7 मई तकः- 1,2 को समय की चाल पाक्ष में रहेगी। आप खुलकर खर्च करेंगे। धन संबंधी मामलों में बुद्धि व विवेक शेर फैसला लेना होगा। आप हर काम सहज रहते हुए करेंगे। 3,4 को समय बहुत ही शानदार रहेगा। आप सम्मान विचारधारा के लोगों के साथ भेंट- मुलाकात कर सकते हैं। आप अपनी मनपसंद वस्तुए खरीदेंगे जैस- पुस्तक, जेवरात, कपड़े आदि। आप इस समय असंभव को भी संभव करने के मूड में रहेंगे। आप खुद को ऊर्जा, दृढ़ संकल्प तथा आत्मविश्वास में भरपूर पाएंगे। आपको जमकर वाहवाही मिलेगी और सराहना प्राप्त होगी और आप बेहतर महसूस करेंगे। आप लक्ष्य बनाकर काम करेंगे। 5,6 को आप कुछ विवाद में पड़ सकते हैं। कार्य संबंधी व्यवस्था प्रभावित कर सकती हैं। परेशानी उठानी पड़ सकती है। घर- परिवार के मामले में आपको ज्यादा ध्यान देना होगा। 7 को अनुकूल समय आ जाएगा।

8 मई से 15 मई तकः- दिनांक 8,9 को सामाजिक कार्यों को पूरी सहानुभूति तथा जिम्मेदारी से अंजाम देंगे। नई योजनाएं बनाएंगे जो कि आपके कार्यों को या व्यापार को आगे बढ़ाएगी। आप इस समय जो वस्तु चाहेंगे वही प्राप्त करेंगे। 10,11 को आप अपनी योजनाएं में सफल होंगे। आप आत्मविश्लेषण में जुटे रहेंगे। आने वाले समय के बारे में सोचेंगे। घर पर रहकर आराम करना पसंद करेंगे। गृहणियां कुछ क्रिएटिव वर्क करेगी। 12, 13, 14 की दोपहर तक का समय पूर्ण रूप से आपके साथ रहेगा। आप पैसा कमाएंगे। मेहनत का पूरा पूरा फल प्राप्त होगा। आप आए बढ़ाने के लिए अतिरिक्त काम करने की सोचेंगे। आप ऐशो आराम की चीजें खरीदेंगे। आपके व्यवसायिक प्रतिद्वंदी आप से मात खाएंगे और आपकी छवि निकरेगी। आपकी उम्मीदें बढ़ जाएगी। 14 की दोपहर से 15 के मध्य समय विपरीत आएगा आप जरूरत से ज्यादा काम करके थक जाएंगे।

16 मई से 23 मई तकः- दिनांक 16 को आपकी कोई ऐसी बात जो सबके सामने नहीं करनी थी वह बात बताना आपके मुंह से निकल जाएगी।ै जिससे सुनने वालों की नजरों से आप गिर जाएंगे। आप की लोकप्रियता में कमी आयेगी। 17,18,19 को समय सामान्य रहेगा। आप प्रतियोगी परीक्षा में सफलता हासिल करेंगे। सोचे वह मनोरथ सफल होंगे। जरूरतमंदों की मदद करके प्रसन्न रहेंगे। आप अपने प्रियजनों को उपहार आदि देंगे। आप धार्मिक प्रवृत्ति के हैं, अतः हर कोई आपको अपना बनाने चाहत रखेंगे। 20,21 को समय बहुत अच्छा व्यतीत होगा। आपमें काम करने का जज्बा रहेगा जिससे अधिकारी वर्ग आपसे प्रसन्न रहेंगे। आपकी तरक्की हो सकती है। आप दोगुने उत्साह व जोश से काम करेंगे वह महारत हासिल करेंगे। काफी समय से लंबित दस्तावेजी कार्य, कानूनी मुद्दे, अनुबंध जैसे फैसले 22, 23 को शांति से पूर्ण होंगे।

24 मई से 31 मई तकः- दिनांक 24,25 को अष्टमस्थ चंद्रमा घातक र्है। स्वास्थ्य खराब रह सकता है। आप एक जगह टिक नहीं पाएंगे। यात्रा में कष्ट होगा। आपकी स्पष्टवादीता आपकी शत्रु बन सकती है। आप दुःखी रहेंगे। पिता-पुत्र में अनबन हो सकती है। मित्र या रिश्तेदार आपका शोषण करेंगे। 26, 27 हो आप जिम्मेदारी और कर्तव्य का भली-भांति निर्वहन करेंगे। पढ़ाई कर रहे जातक छुट्टियों से का पूर्ण आनंद लेंगे। आप न्याय प्रिय रहेंगे। अपने बच्चों में भी नहीं रखेंगे और संतान भी आपको जगत से प्रेम करेंगी।  प्रेमी/प्रेमिका का मिलन होगा। 28, 29 को सरकारी कार्यरत जातक शांति से अपना काम पूर्ण करेंगे। जीवनसाथी एक-दूसरे को सहयोग करेंगे। आप उनका सम्मान करेंगे। नए-नए चेहरे आपको आकर्षित करेंगे। 30, 31 को आपका भाग्य का सितारा चमकेगा। सारे कार्य इच्छा के अनुसार पूरे होंगे। कर्हीं खान-पान का आनंद लेंगे। मौज करेंगे।

जून 2021

 ग्रह स्थितिः- मासारंभ में राहु सूर्य वृषभ राशि का तृतीय भाव में, मंगल शुक्र बुध मिथुन राशि का चतुर्थ भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति चंद्रमा कुंभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 1 जून से 7 जून तकः- मासारम्भ की शुरुआत सही नहीं कही जा सकती है। 1,2,3 को समय चिंताकारी, हानिकारक रहेगा। आप पर झूठा इल्जाम लग सकता है। आप कटाक्ष के शिकार होंगे। आप हर इसी पर आंखें मूंदकर विश्वास ना करें, अन्यथा विश्वासघात हो सकता है। आपका कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। नौकरी में या इंटरव्यू में निराशा हाथ लगेगी। आप इस समय अकेलापन महसूस करेंगे। 4,5 को मित्रों व सहयोगियों का साथ मिलेगा। आप जो कुछ करेंगे उसका लाभ भविष्य में मिलेगा। आप रूढ़ीवाद़ी परंपरा को नहीं मानेंगे तथा अपने स्वतंत्र विचार घर वालों के सामने रखेंगे। संतान से खुशियां मिलेगी या बच्चों का आगमन हो सकता है। साझेदारी में लाभ होगा। विनम्र सकारात्मक तथा अपने लक्ष्य को हासिल करने में प्रयत्नशील होंगे। जो कि संतोष कार्य समय रहेगा। खुश खबर आएगी। बच्चों के साथ बाहर घूमने जा सकते हैं।

 8 जून से 15 जून तकः- दिनांक 8,9,10 को समय बहुत अच्छा आ जाएगा। आप मानसिक और शारीरिक उपचार के लिए रेकी ,योग, ध्यान जैसी चीजों की मदद ले सकते हैं। सम्मान,रूतबा, उपलब्धियों हासिल करने के लिए आप सकारात्मक पहल करेंगे। धन संबंधी मामलों का जोर रहेगा। 11, 12, 13 को विपरीत स्थितियों का सामना करना पड़ सकता है आपको काम में देरी या गड़बड़ी, यात्रा के दौरान लोगों द्वारा परेशानी खड़ी करने जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ सकता हैं। इससे आप पीड़ा महसूस करेंगे। 14, 15 को मेहमानों का आगमन होगा जीवन में खुशियां आएगी। आपका पूरा ध्यान आपके काम पर होगा। संकट के बादल छंट़ जाएंगे। नई संभावनाएं जन्म लेगी। कुछ दिलचस्प लोगों से मित्रता होगी। अध्यात्म के तरफ आपका रुझान बरकरार रहेगा।

16 जून से 23 जून तकः- 16 ,17 को उत्तम सम्पत्तिदायक दिवस रहेगा। आप अपने काम में व्यस्त रह सकते हैं। आप बड़ी होशियारी से अपने काम पर फोकस करेंगे, साथ ही परिवार पर भी पूरा पूरा ध्यान देंगे। आप बहुत कुछ प्राप्त करेंगे और अपनी उदार चित प्रवृत्ति के कारण लोगों के प्रिय होंगे। आपने आदमी योग्यता होगी। 18,19 को सप्तमस्त चंद्रमा शांतिदायक रहेंगे। नई परियोजनाओं और योजनाओं को सोच समझकर शुरू करेंगे। आप सकारात्मक दृष्टिकोण रखेंगे तथा नकारात्मक विचारों को दूर रखेंगे। आप सक्रिय रहेंगे। आय का नया सूत्र मिलेगा तथा धन संचय करेंगे और भविष्य भी दे गंभीरता से निवेश करेंगे। 20, 21 का समय सही नहीं है। आपको स्वास्थ संबंधी समस्या परेशान कर सकती हैं। लोगों से आपका संपर्क बढ़ेगा किंतु आप संतुष्ट नहीं होंगे। काम में ढिलाई या लापरवाही आपके लिए घातक हो सकती है। 22, 23 विजयसूचक दिवस रहेगा। आप खुश रहेंगे।

24 जून से 30 जून तकः- दिनांक 24 जून का समय उचित आएगा। कड़ी मेहनत से आप हर कार्य करेंगे साथ ही लाभ भी प्राप्त करेंगे। तमाम योजनाएं आपके दिमाग में आएगी तथा आपकी बौद्धिक क्षमता में इजाफा होगा। 25, 26 को समय सम्मान प्राप्ति का रहेगा। फिजूलखर्च से बचें आपको काफी लाभ होगा। आप अपने अंदर ऊर्जा महसूस करेंगे। 27, 28 को समय लाभ प्राप्ति का रहेगा। आप इस समय अपने वह सारे कार्य करेंगे जो आप काफी समय से करने की सोच रहे थे। सामाजिक और वैश्विक चिंताएं आपका ध्यान खीचेंगी। आप अपने व्यक्तिगत लक्ष्यों की पूर्ति के लिए मुर्गियों की परवाह नहीं करेंगे 29, 30 को समय ठीक नहीं है। आप ईष्या का भाव रखेंगे। आप दूसरों के तरक्की देखकर जलेंगे। आप इस समय कशमकश में रहेंगे। आपका झगड़ा आदि करेंगे पति-पत्नी में सामंजस्य नहीं बैठेगा।

जुलाई 2021

 ग्रह स्थिति- मातरम में चंद्रमा मीन राशि का लग्न में राहु बुध वृश्चिक राशि का तृतीय भाव में, सूर्य मिथुन राशि का चतुर्थ भाव में, मंगल शुक्र कर्क राशि का पंचम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शनि मकर राशि का 11वीं भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

1 जुलाई से 7 जुलाई तक- जुलाई मास का प्रथम सप्ताह पूरा शानदार फलों को देने वाला साबित होगा। 1,2 को किसी नए कार्य की रूपरेखा बनेगी। नौकरी में तरह सुधा लक्ष्यों को आप हासिल कर लेंगे। आप लक्ष्य प्राप्त करने के लिए आईडी कैसे जोड़ तक लगा देंगे। 3, 4, 5 को आपको मानसिक शांति मिलेगी। आप काम को अंजाम पर पहुंचाकर ही दम लेंगे। रूपयों- पैसों की आवक होगी। आप पैसों का सदुपयोग करेंगे। यह समय अति शुभ व सुखद रहेगा। आप इस समय प्रसन्न चित्त रहते हुए काम करेंगे। आपका विवाहित जीवन का पूर्ण आनंद उठाएंगे बच्चों से संबंधित प्रिया कलेक्शन करेंगे उनके मदद भी करेंगे। 6,7 को आर्थिक लाभ का मार्ग पुष्टि होगा। परिवार में लोगों को पसंद करेंगे। सामाजिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। भूमि भवन वाहन की खरीदी- बिक्री हो सकती है।

8 जुलाई से 15 जुलाई तक- 8, 9, 10 की दोपहर तक सही समय नहीं है। कानूनी दांवपेच में थोड़े ढीले पड़ सकते हैं, आप किसी वकील से ढंग से सलाह लें। आप किसी को सलाह देने से बचे। ना ही किसी को भी हुई सलाह का गलत उपयोग करें।  वाहन की समय-समय पर जांच कराएं चलते रास्ते वाहन खड़ा हो सकता है, जिससे परेशानी का अनुभव करेंगे। 10की दोपहर से 12 के मध्य समय सामान्य फलों को देना वाला होगा। आपके किए गए कार्यों से लोग प्रेरणा लेंगे। आप बहुत व्यवहार कुशल होंगे। आप व्यापारिक यात्रा करेंगे, जिसमें लाभ होगा खर्च का समय है, लेकिन आप का लाभ भी प्राप्त होगा। निश्चित होकर उचित कार्य में धन लगाएं व्यापार में आगे के लाभ के लिए पैसा लगाना होगा। 13 से 15 के मध्य समय अनुकूल रहेगा। आप प्रियजनों, परिवार, मित्र तथा परिजनों के साथ गर्मजोशी और प्रेम से पेश आएंगे। रोमांस या प्रेम के घड़ी आगे बढ़ेगी।

16 जुलाई से 23 जुलाई तक:- दिनांक 16 ,17 को समय शांत दायक रहेगा। पदोन्नति होगी। राह में आ रही बाधाएं एक बारिक दूर हो जाएगी। आप ईश्वर की कृपा से बहुत सी उपलब्धि हासिल करेंगे। आपको खुद को आर्थिक रूप से सुरक्षित और मजबूत बनाना होगा। 18,19 को सचेत रहते हुए कार्य करना होगा। आप किसी एक चीज में अपना ध्यान केंद्र नहीं कर पाएंगे। अपने लक्ष्य, अपनी मंजिल से भटक सकते हैं। लोगों से मिलने में आपको शर्म और झिझक महसूस होगी। आप किसी डर के चलते सहज नहीं हो पाएंगे। आप बच्चों के साथ नरमाई से पेश आएं, अन्यथा वह और जोश में कोई गलत कदम उठा सकते हैं। 20, 21 को समय बहुत ही अच्छा गुजरेगा। रिश्ते में नई ताजगी मजबूती देने का प्रयास करेंगे इसमें प्रेम विवाहित जीवन में शामिल है। 22 ,23 को बीमार और जरूरतमंद लोगों की मदद करेंगे द्य संपत्ति संबंधित मामलों का निपटारा होगा।

24 जुलाई से 31 जुलाई तकः- दिनांक 24, 25 को सर्व लाभकारी समय रहेगा। आप पैसा कमाएंगे। आप सगाई, विवाह आदि में व्यस्त रहें सकते हैं। आप लोगों और अपने काम दोनों का ध्यान रखेंगे। आपके लिए संभावनाओं के द्वार खुलेंगे। आप अपनी क्षमताओं में इजाफा करेंगे 26 और 27 को सावधान रहें। अपने क्रोध पर काबू रखें शोध समझे बिना ना बोलें, चुप रहे वरना आपका एक गलत वाक्य किसी दूसरे के जीवन में कॉल हल मचा सकता हैं। आप बिना सोचे समझे खुलकर खर्च करेंगे। 28 से 30 के मध्य अनुकूल आ जाएगा। अपनी जिंदगी का भरतपुर लुफ्त उठाना चाहेंगे। साथ ही आप अपने लाइफ स्टाइल में सुधार करेंगे। इस पूरी प्रक्रिया का भरपूर आनंद लेंगे। 31 को परिवार के सदस्य करीब आएंगे। आपको लोकप्रियता मिलेगी। समय का पूरा-पुरा लाभ उठाएंगे।

अगस्त 2021

ग्रह स्थिति- मांसारम्भ में चंद्रमा मेष राशि का द्वितीय भाव में, राहु मेष राशि का तृतीय भाव में, सूर्य प्लस बूथ कार्य का सिक्का पंचम भाव में, मंगल शुक्र सिंह राशि का प्रथम भाव में,  किट्टू वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का 12वीं भाव में है।

1 अगस्त से 7 अगस्त तक- दिनांक 1 को बिल्कुल सामान्य दिवस रहेगा। आप दैनिक कार्य सामान्य गति से पूरा करेंगे आपको खुशखबरी मिलेगी। 2,3,4 को आधा दिन धन दायक रहेगा। आप इस समय खूब पैसा कमाएंगे और जमकर खर्च भी करेंगे । आप उदार और दयालु रहेंगे। आप जनसंपर्क करेंगे। आप प्रतिस्पर्धा में जीत हासिल करेंगे। अन्यथा बच्चों की परीक्षा परिणाम शानदार  आएगा । आप आरामदायक जीवन बिताएंगे। आप में फुर्ती रहेगी और शीघ्रता से कठिन -से- कठिन निर्णय भी इस समय तेजपत्ता से लेंगे। 4 कि शाम और 6 तक समय खराब रहेगा। कोई पुराना रोग उभर सकता है। शीघ्र इलाज कराएं। संबंधों में मनोमिलनता बढ़ेगी। भाग्य साथ नहीं देगा। मेहनत का परिणाम उतना नहीं मिलेगा। 7 को समय अच्छा आएगा। आप नया सखेगे। पढ़ाई कर रही जातकों का मन पढ़ाई में लगेगा काम पूरा होंगे ।

8 अगस्त से 15 अगस्त- 8,9 को ज्ञानवर्धक समय हैं। आप इस समय कहीं मेहमान बनकर खान-पान का आनंद लेंगे। माता -पिता का स्नेह आशीर्वाद प्राप्त होगा। आप प्रसन्नचित्त रहते हुए काम करेंगे। 10, 11 को समय अच्छा हैं। आप धैर्य धारण करते हुए सारे कार्य करेंगे। नौकरी में नियुक्ति या तबादले संबंधित दस्तावेज प्राप्त होंगे। विनम्रता, मित्रवत व्यवहार और आकर्षित व्यक्तिगत के कारण आपके संबंध लोगों से बेहतर बनेंगे। भाई वह पार्टनर से चली आ रही गलतफहमी ओं का निराकरण होगा। 12, 13 को आप बाहर आ सकेंगे। प्रयास से कार्यों में आशातीत सफलता मिलेगी। नए -नए लोगों से आपको संपर्क बढ़ेगा प्यार पाने की अभिलाषा प्यार पाने में सफल होंगे। 14, 15 को अस्थमस्थ चंदªमा माता तुल्य कष्ट देगा। कोई कार्य नहीं कर पाएंगे। समय व्यर्थ के कार्यों में नष्ट होगा। अधिकारी की डांट फटकार का सामना करना पड़ सकता हैं।

 16 अगस्त से 23 अगस्त तक – दिनांक 16, 17 को सरकारी विजयसूचक दिवस रहेगा। बीमारी पर खर्च करना पड़ सकता है। कोर्ट -कचहरी में विजय हासिल करेंगे। आप अपने की इच्छापूर्ति में समय बिताएंगे । 18, 19 को मेहनत का पूरा -पूरा लाभ होगा आप कुछ गिफ्ट खरीद कर अपनों को भेट करेंगे। मित्रो व सहकर्मियों की भावनाओं का ध्यान रखते हुए कोई महत्वपूर्ण निर्णय लेंगे। 20, 21 को रुपयों पैसों की प्राप्ति होगी। जीवन में आए समस्याओं को आत्मविश्वास से निपटा लेंगे। समय संतोषभदª व प्रेस रहेगा। आपको चारों तरफ से लाभ की प्राप्ति होगी अधिकारियों से संपर्क में ज्यादा रहेंगे। उनकी चापलूसी और चाटुकारिता के द्वारा आपको अपना कार्य निकलवाना होगा। 22, 23 समय बहुत बुरा हैं। प्यार या गलत संगत में पड़ गए आप अपने करें को चैपट कर सकते हैं। अजनबियों से संपर्क नहीं करें। आप अचानक चिंता ग्रस्त हो सकते हैं मोड ऑफ रहेगा।

24 अगस्त से 31 अगस्त तक- 24 से 26 के मध्य चंद्रमा सफलतादायक रहेगा। आप इस समय बाहरी यात्रा पर जा सकते हैं। नए कार्यों को करने के लिए भागा दौड़ करनी पड़ेगी, अंततः सफलता आपके कदम चूमेगी। परिवार में सुख सोहर्द बना रहेगा। 27, 28, 29 को आप मानसिक रूप से स्वस्थ व प्रसन्न रहेंगे। आप इस समय राजनीति के क्षेत्र में ऊंचाइयों की ओर बढ़ेंगे। कार्यों में मन लगेगा। आप मनोरंजन व मनो मंधन करेंगे। जीवनसाथी का साथ रहेगा। आप मुश्किल से मुश्किल कार्य आसानी से कर लेंगे। 30, 31 को पैसा कमाएंगे। भौतिक सुख-सुविधा में इजाफा होगा आप खेलकूद में आगे रहेंगे। आप इस समय व्यापार में ज्यादा ध्यान दे पाएंगे। भागीदार से लाभ होगा आप परिवार से भी पूरा पूरा समय देंगे भाई बहन ने प्यार बढ़ेगा। समय अति मधुर व उत्तम रहेगा।

 सितंबर 2021

गृहस्थीः- मासारंभ में राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का चतुर्थ भाव में, सूर्य मंगल सिंह राशि का षष्ठम भाव में, बुध शुक्र कन्या राशि का सप्तम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का बारहवें भाव में है।

1 सितंबर से 7 सितंबर तकः- मास की शुरुआत अच्छी नहीं की जा सकती है। 1, 2, 3 को समय कलाकारी रहेगा। किसी को समय नहीं दे पाएंगे। अनायास ही परेशानी आएगी। समय आपके बिल्कुल भी पक्ष में नहीं रहेगा। कोई आपको बातो में उलझाएगा और आप उसकी बातों में उलझ सकते हैं। 4, 5 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। आपमें उदारता का भाव रहेगा। आप खरीद-फरोख्त में व्यस्त रहेंगे तथा अपने प्रियजनों को उपहार आदि देंगे। घर-समुदाय में आपसी सहयोग व प्रेम बना रहेगा। आय और प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। करियर की बेहतरी के लिए किए गए प्रयासों से अच्छे परिणामों की प्राप्ति होगी। मेहमानों का आगमन आपके जीवन में खुशियां भर देगा। 6, 7 को समय अच्छा रहेगा। आप आत्मविशेषलक्षण करेंगे। स्वयं की गलतियों को सुधारेंगें। आप अंतर्निहित शक्तियों की तलाश में सफल होंगे। कामकाज की स्थिति को यथावत रहेगी। किंतु आप मानसिक रूप से शांति प्राप्त करेंगे। आप बहुत प्रसन्न रहेंगे ।

8 सितंबर से 15 सितंबर तकः- दिनांक 8,9 को समय अच्छा रहेगा। कहीं से रुका हुआ या उधार दिए हुए रुपया वसूल होगा। विद्यार्थी वर्ग पढ़ाई में अव्वल रहेंगे। प्रोन्नति, बोनस या महंगाई भत्ता मिल सकती है। 10,11 को समय कष्टकारी रहेगा। धन संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। क्रोध पर काबू रखें, अन्यथा सारा बना बनाया खेल बिगड़ सकता है। इस समय आपके अपने ही साथ छोड़ देंगे। दांत की पीड़ा हो सकती है। चलते काम में बाधा आएगी। 12,13 को सरकारी विजयसूचक दिवस रहेगा। निजी रिश्तो की मिठास बरकरार रखने के लिए प्रयासरत रहेंगे। मीटिंग को बैठक में भाग ले सकते हैं, आपका दबदबा कायम रहेगा। आप अपने आप पर भरोसा रखेंगे, सफलता मिलेगी। 14, 15 को सम्मान बढ़ेगा। धन प्राप्ति का प्रयास करेंगे। इस समय आप नवीनीकरण, सात-सज्जा, परिवहन, घर- दफ्तर में सुधार करेंगे। ऐशो -आराम की चीजें मुहैया होगी।

16 सितंबर से 23 सितंबर तकः- दिनांक 16,17,18, को आधा दिन कल्याण-कारी रहेगा। आप विपरीत लिंग के प्रति आकर्षण होंगे। आपको महिला वर्ग से लाभ होगा। कोर्ट-केस से संबंधित फैसला आपके पक्ष में रहेंगे। आपको धन प्राप्ति के साधन उपलब्ध होंगे। 18 को दोपहर से 20 के मध्य तनाव रहेगा। आप पैसा कमाने के बारे में केवल सोच ही पाएंगे, उसे व्यवहारिक धरातल पर लाने के लिए मशक्कत करनी पड़ेगी। आपको खूब काम करना पड़ सकता है। आप परेशान हो सकते हैं। आप कहीं बाहर जाएंगे तो परेशान हो जाएंगे। आपको खान-पान संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता हैं। 21, 22 को सन्मुख चंद्रमा सफलतादायक रहेगा। आप अपने पितृगण को याद करेंगे और उनका आशीर्वाद प्राप्त करेंगे। शुक्र तुला राशि का अष्टम में हैं, जिससे विपरीत परिस्थितियों में भी आप राज करेंगे। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। जगड़े-विवाद में जीत आपकी होगी। मीटिंग व बैठक में भाग ले सकते हैं। 23 को शांतिप्रद समय रहेगा।

24 सितंबर से 23 सितंबर तकः- दिनांक 24, 25 को समय अनुकूल रहेगा। पति/पत्नी को कोई अमूल्य तोहफा उपहार में देंगे, तो आपसे संबंध मधुर होंग।े चिंताएं व तनाव कम हो जाएंगे। कार्यों की सराहना होगी। काम की अधिकता के चलते व्यवस्था अधिक रहेगी, किंतु आने वाले दिन उपलब्धियां लेकर आएंगे। 26, 27 को धनप्रदायक दिवस रहेगा। आपकी लोकप्रियता व आकर्षण में वृद्धि होगी। दिन बहुत अच्छा है। समय खेलकूद में व्यतीत होगा। 28, 29, 30 को चतुर्थ चंद्रमा आपके लिए अच्छा नहीं है। मानसिक चिंताएं एक के बाद एक लगी रहेगी। कोई भी उल्लेखनीय कार्य आप इस समय नहीं कर पाएंगे। सहयोगी एंड वक्त पर धोखा देंगे। आपको इस समय व्यर्थ की चिंता रहेगी आर्थिक बजट बिगड़ जाएगा। यात्राएं निरर्थक साबित होगा। शारीरिक स्वास्थ्य कमजोर रहेगा।

अक्टूबर 2021

गृहस्थीः- मासारंभ में राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का पंचम भाव में, सूर्य मंगल कन्या राशि का सप्तम भाव में, बुध शुक्र तुला राशि का अष्टम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तकः- यह सप्ताह कीर्तिदायक, सफलतादायक रहेगा। 1,2 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। इस समय उच्च शिक्षा के लिए प्रयासरत जातक सफल होंगे। नौकरी में अहम पद प्रतिष्ठा की प्राप्ति हो सकती हंै। काम के साथ-साथ मौज-मस्ती भी करेंगे। 3,4 को कहीं से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। यह समय आपके लिए उपलब्धियां हासिल करने का है। शत्रुओं को पछाड़ देंगे। नए-नए लोगों से मेल-मुलाकात होगी। प्रेम-संबंधों में आई उलझनों को सुलझाने का प्रयास करेंगे। 5, 6, 7 को शांतिदायक समय रहेगा। माता-पिता से स्नेह-सहयोग प्राप्त करेंगे। लंबे समय से रुके कार्य गति पकड़ेंगे। किसी नई योजना को कार्यान्वित करने पर विचार कर सकते हैं। घर में नया मेहमान आ सकता है। उच्चाधिकारी आपकी मदद करेंगे। सहयोगियों का भी पूरा-पूरा सहयोग मिलेगा। घर में आप से सलाह मशवरा करेंगे। 7 की शाम से खराब समय आएगा।

8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तकः- दिनांक 8 ,9 को समय सही नहीं हैं। कुछ बाहरी लोगों का अनावश्यक हस्तक्षेप आपको अखरेगा और कार्य पूर्ण होने में भी दिक्कत आएगी। बच्चों का पढ़ाई से ध्यान भटकेगा। बढ़ते कार्य रुक जाएंगे। पति-पत्नी में अनबन होगी। आर्थिक स्थिति में भी अस्थिरता रहेगी। 10,11 को बाहरी यात्रा लाभ की प्राप्त कराएगी। समय पूर्णतया अनुकूल है। अजनबी लोगों से अचानक लाभ मिल सकता है। शत्रु को समूल नष्ट करने में सफल रहेंगे। राजकीय लाभ भी हो सकता। युवा वर्ग उत्साही रहेंगे। 12,13 को आप वातावरण तब्दीली महसूस करेंगे। आप अपनी उपलब्धियां से उत्साहित रहेंगे। सामाजिक जीवन में व कार्य क्षेत्र में वर्चस्व बढ़ेगा। 14, 15 को सर्वलाभकारी दिवस रहेगा। स्वजनों की ओर से प्रेम की प्राप्ति होगी। इस समय सोच-समझकर कार्य करके लाभ प्राप्त करेंगे।

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तकः- 16 ,17 को समय खराब है। पत्नी का स्वास्थ चिंता का कारण बनेगा। पैरों में दर्द बढ़ेगा। आपका वर्चस्व कम होगा। खर्च बढ़ेगा। आप किसी झगड़े को खत्म करने की कोशिश करेंगे लेकिन उसमें आप ही उलझकर रह जाएंगे। 18, 19, 20 को आप में बदले की भावना आग की तरह पनपेगी, किंतु सामने वाली का मधुर व्यवहार उसमें पानी की तरह काम करेगा और बुध जाएगी। मनोमालिन्यता समाप्त होगी। आप मेहमानों के सामने पूरा समर्पित होंगे। आप बहुत ही अधिक व्यस्त रहेंगे। परंतु यह व्यवस्था आपको खुशी देगी। 21,22 को आप हर चुनौती का डटकर मुकाबला करेंगे। युवा वर्ग तरक्की करेंगे। उत्साह, जोश से भरे रहेंगे। आप बिना किसी तनाव के काम करेंगे। पुराने परिचितों व मित्रों से मुलाकात मन को खुशी देगी। 23 को पैसा कमाएंगे। अध्यात्मिक कार्यों से आत्मिक शांति का अनुभव करेंगे। आपमें प्रेम उदारता कूट-कूट कर भरी होगी।

 24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकः- दिनांक 24,25 को आधा दिन धनदायक रहेगा। आप आय वृद्धि के लिए नए-नए संसाधनों का उपयोग करेंगे। आप स्वयं को मुक्त व खुला हुआ महसूस करेंगे। 25 कि सायं से 27  शत्रु उबरकर आएंगे। घर के कार्य करते-करते थकान होगी। आप पर कोई कुदृष्टि रखेगा। आप न चाहते हुए भी कई जाने पर या कोई नापसंद कार्य करने पर मजबूर होंगे। आपकी प्रतिष्ठा को गहरा धक्का लग सकता है। आप अपने आप को दुर्बल व अशक्त महसूस करेंगे। 28, 29, 30 को परिवार के लोगों से बातचीत सहयोग मिलेगा। किसी त्योहार विशेष की तैयारी में लगे रहेंगे। आप अपना कार्य हर प्रकार से पूरा करने में लगे रहेंगे। आप समाज सेवा व परोपकार के कार्य में रुचि लेंगे। आपको नई जिम्मेदारियां मिलेगी। आप अपनों से मिलकर प्रसत्रचित होंगे। 31 को यात्रा कर सकते हैं। यात्रा धनदायक एवं सुखद होगी।

नवंबर 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में, चंद्रमा सिंह राशि का षष्ठम भाव में, बुध कन्या राशि का सप्तम भाव में, सूर्य मंगल तुला राशि का अष्टम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शुक्र धनु राशि का दशम भाव में शनि बृहस्पति मकर राशि का ग्यारहवें भाव में स्थित है। 

1 नवंबर से 7 नवंबर तक:-1 नवंबर को आप किसी श्रद्धांजलि सभा में शामिल हो सकते हैं। किसी अपने को याद करके आप उदास हो सकते हैं। 2,3 को मौसम के अनुरूप आप खानपान का आनंद लेंगे। मान-प्रतिष्ठावर्धक कार्य होंगे। आप अपना दायरा बढ़ाएंगे और नए रिश्ते भी बनाएंगे तथा पुराने दोस्तों में जान फूकेंगे। तमाम तरह की साझेदारी के लिए उत्तम समय है। आप कार्यों में धैर्य रखते हुए काम करेंगे। आपको पैसा, खुशी और संतोष साथ-साथ प्राप्त होंगे। 4,5 को समय कलाकारी रहेगा। आपसे कोई बैठे-बैठे ही झगड़ा करेंगे। इस झगड़े का कोई मतलब ही नहीं निकलेगा। आपको धन हानि भी हो सकती है। शत्रु व विरोधी आपको हानि पहुंचाने की चेष्टा करेंगे। समय पूर्णतया विपरीत हैं, अतः सावधानी रखे।ं 6,7 को सरकारी विजय सूचक दिवस रहेगा। करियर संबंधी महत्वपूर्ण फैसले आप किसी वयस्क की सलाह से लेंगे। राजनीति के क्षेत्र में आपको सफलता की प्राप्ति होगी। सफलता का साथ रहेगा।

8 नवंबर से 15 नवंबर तकः- दिनांक 8,9 को आपको मन में हल्की -सी घबराहट होगी। घर-परिवार की दृष्टि से यह समय अनुकूल है। विद्यार्थियों के लिए यह समय अच्छा रहेगा। आपके लिए कोई भी काम करना कठिन नहीं होगा। वित्तीय मामलों में खास तरह का संतोष होगा। 10,11 को आपके जीवन में कई बदलाव होंगे और कई नई उपलब्धियां हासिल करेंगे। लोगों से संबंध मधुर बनाएंगे। आपको ऐसा लगेगा कि मानो आपके सारे सपने सच हो रहे हैं। आप पूर्ण संतुष्टि के साथ काम शुरू करेंगे। निजी और दांपत्य जिंदगी के साथ व्यवसाय में तालमेल बनाकर चलेंगे। 12, 13, 14 की दोपहर तक समय खराब है। काम में गतिरोध आएगा। समस्याओं से निपटने के प्रयास विफल होंगे। शरीर में ऊर्जा की कमी हो आएगी। आपमें अहंकार व दमभ रहेगा। 14 के दोपहर से 15 को मध्य समय अनुकूल रहेगा। आप अपने बड़ों का आदर करेंगे।

16 नवंबर से 23 नवंबर तकः- दिनांक 16,17,18 को समय मिश्रित पलकारी रहेगा। कारोबार में बेहतरी आएगी। आपकी पद -प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी। आपके घर में किसी मांगलिक कार्य की तैयारियां शुरू हो सकती है। आप थोड़े आलसी रहेंगे। 19, 20, 21 को समय बेहतरी की ओर अग्रसर होगा। व्यवसाय व नौकरी में तरक्की करेंगे। समय लाभदायक रहेगा। आप, जिस कार्य में हाथ डालेंगे, उसमें सफल रहेंगे। समय खुशगवार व्यतीत होगा। आप किसी संगोष्ठी या सम्मेलन में भाग ले सकते हैं, वहां आपका प्रस्तुतीकरण बेहतर रहेगा। यह समय उच्चाधिकारियों की तरक्की का समय रहेगा। 22, 23 को समय अच्छा नहीं रहेगा हाथ में आया अवसर हाथ से निकल जाएगा। आपकी हर कोशिश नाकाम रहेगी। वाहन खराबी या पेट्रोल खत्म होने से परेशानी का अनुभव करेंगे। सामान की खरीदारी में नुकसान या ठगी का शिकार होंगे। मुश्किल हालात का धैर्य व सावधानी से सामना करने में सफल होंगे परंतु आप अंदर तक हिल जाएंगे।

24 नवंबर से 30 नवंबर तकः- दिनांक 24 को आधा दिन खतरनाक साबित होगा। पश्चात् 26 तक आपको शांति व सुकून मिलेगा। इस समय, समय की चाल पूर्णतया अनुकूल रहेगी। आप अपना प्रदर्शन बेहतरीन ढंग से करेंगे। चाहे वह कार्यक्षेत्र हो या घर। आप किसी नए पद का कार्यभार संभालेंगे। महत्वपूर्ण कार्यों के लिए यह समय बहुत बढ़िया रहेगा। 27, 28 को उत्तम संप्रदायिक समय रहेगा। आप इस समय सिर्फ पैसा कमाने के लिए ही काम करेंगे। आप इस समय अपने परिवार को समय नहीं दे पाएंगे, किंतु फिर भी वह आपसे नाराज नहीं होंगे, बल्कि वे आपकी मजबूरी व स्थिति को समझेंगे। 29,30 को समय अच्छा रहेगा। आप मिलानसार रहेंगे और आपकी लेन-देन की आदत आपको आगे तक ले जाएगी। आप काम की उपयोगिता को ध्यान में रखते हुए पूरी लगन से काम करेंगे। समय सकारात्मक पक्ष का रहेगा। आपमें कार्य करने की असीम क्षमता रहेगी और आप दौरी उमंग के साथ काम कर सकते हैं।

 

 

दिसंबर 2021

 ग्रह स्थितिः-  मासारम्भ में राहु वृषभ राशि का तृतीय भाव में चंद्रमा कन्या राशि का सप्तम भाव भाव में, मंगल तुला राशि का अष्टम भाव में, सूर्य बुध केतु वृश्चिक राशि का नवम भाव में, शुक्र धनु राशि का दशम भाव में, शनि मकर राशि का ग्यारहवें भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का बारहवें भाव में है।

1 दिसंबर से 7 दिसंबर तकः- दिनांक 1,2 को अधिकष्ट की प्राप्ति होगी। आप बच्चों के भविष्य को लेकर भी चिंतित रह सकते हैं। आपका समय व्यर्थ के कामों में नष्ट होगा। यह समय बेहद चिंताकारी रहेगा। आपको किसी बात का गम मन-ही-मन कचोटेगा। कार्य करने में गलतियां करेंगे। 3,4 को समय अनुकूल आएगा। इस समय वित्त व आय के साधन भी उपलब्ध होंगे।माता-पिता का साथ आनंद देंगे। कड़ी मेहनत का फल आपको मिलेगा। आप किसी दीर्घकालिक योजना पर काम करेंगे। धर्म ,अध्यात्म ,दर्शन और पठन-पाठन की और आपका रुझान बढ़ेगा। 5,6 को समय सुखदायक रहेगा। मान -प्रतिष्ठा में वृद्धि होगी। आप हर कार्य बहुत ही सरलता से वह सजदा से करेंगे। माता -पिता के साथ कई बार बाहर जाएंगे। आप प्रचार एवं शोध से जुड़े कार्य करेंगे। 7 को समय शुभ व सुखद रहेगा। आप कैरियर को महत्व देंगे।

 8 दिसंबर से 15 दिसंबर तकः-दिनांक 8,9 को आधा दिन अच्छा है। आपको अपनी ताकत का अंदाजा हो जाएगा। आपमें एक चुंबकीय खिंचाव रहेगा। व्यवसाय में विज्ञापन आदि का सहारा लेकर आगे बढ़ने के लिए प्रयासरत रहेंगे। 9 की शाम से 11 के मध्य समय अच्छा नहीं व्यतीत होगा। पड़ोसियों से कहासुनी हो सकती है। आपको ईश्वर में आस्था कम हो जाएगी, किंतु ईश्वर पर भरोसा रखना ही एकमात्र सहारा है, आप उससे वंचित ना हो। आपमें साहस की कमी आएगी। आपको चोट लग सकती हैं, संभलकर चलें।

16 दिसंबर से 23 दिसंबर तकः- 16,17,18 को आपको शानदार नतीजों की प्राप्ति होगी। परिवार का सहयोग, आत्मिक सहयोग की प्राप्ति होगी। परिवार का सहयोग, आत्मिक सहयोग की प्राप्ति होगी। मौसम के अनुसार अपना खानपान करेंगे। घर में सास बहू में प्रेम भाव बढ़ेगा। कुछ महत्वपूर्ण कार्य के पूर्ण होने का समय हैं। 19 से 12 के मध्य समय विपरीत रहेगा। कुछ अच्छा करने जाएंगे और उसका उल्टा असर होगा। बच्चों की तरफ ध्यान नहीं दे पाएंगे। कुछ अच्छा करने जाएंगे और उसका उल्टा असर होगा। बच्चों की तरफ ध्यान नहीं दे पाएंगे। कुछ अनहोनी घटित हो सकती है। आग, पानी से सावधानी रखें। अपने स्वास्थ्य पर भी ध्यान नहीं देना जरूरी हैं। कहीं बार जाएंगे तो परेशानी होगी। 22, 23 को सरकारी काम गति पकड़ेंगे। संघर्षरत रहकर अपने अभीष्ट की प्राप्ति होगी। आप अपना काम स्वयं करें, किसी दूसरे पर ना छोड़ें, तो ही प्रगति के पथ पर आगे बढ़ेंगे। निकट की यात्रा द्वारा लाभ मिलेगा। घर-परिवार में वातावरण शांति पूर्वक रहेगा। शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी।

24 दिसंबर से 31 दिसंबर तकः- 24 26 के मध्य समय पूर्णतया अनुकूल है। आप परिवार के साथ बाहरी यात्रा पर जा सकते हैं। यात्रा सफल होगी। आप इस समय सुहाने वातावरण का आनंद लेंगे। आप इस समय सभी से प्रेमपूर्वक व्यवहार करेंगे। व्यवसाय व नौकरी में पूरा-पूरा ध्यान देंगे। 27, 28 को सुख-शांतिदायक समय रहेगा। आपका समय आपके अनुरूप है। भविष्य की योजनाएं बनाएंगे। एजेंसी, दलाली के काम, वितरण, प्रचार, मीडिया तथा टेलीविजन से जुड़े लोगों को लाभ हो सकता है। 29, 30 को अष्टमस्थ चंद्रमा घातक रहेगा। आपको कोई झूठे केस में फंसा सकता है, अतः फोन पर बात करते समय विशेष ध्यान रखें। रिश्वत ना लेने और ना ही दें। आपके स्वभाव में कंजूसी का भाव रहेगा। आपके मनोरूप कार्य नहीं होने से मन में खींझ रहेगी। 31 को समय अनुकूल आ जाएगा। आप किसी पार्टी में जाएंगे या घर पर ही छोटी मोटी पार्टी या गेट-टू-गेदर करेंगे। आप प्रसन्नचित्त रहेंगे।

       मीन राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण

मीन राशि के प्रथम चरण में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान उतराभिमुख होगा तथा गली पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की और गतिशील होगी। मकान के पास ही तालाब नाला होगा। मकान के पश्चिम दिशा और पूर्व दिशा की और सुंदर मकान होंगे। मकान के उत्तर दिशा की और जाड़ी बगीचा व मंदिर होगा।

द्वितीय चरण –

मीन राशि के द्वितीय चरण में जन्मे जातक के मकान का निर्माण आम मकानों से हटकर विचित्र रूप  का होगा। मकान के दक्षिण-पश्चिम दिशा की और मंदिर होगा, मंदिर में भगवान शिव की उपासना होगी। मकान मालिक के जगह संभवतः दूसरे का नाम होगा।

तृतीय चरण

मीन राशि के तृतीय चरण में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान गली में होगा। गली पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की और गतिशील होगी। मकान दक्षिणामुखी होगा। कर्क, तुला व मकर राशि के स्थान पर झाड़ी, कुआं या फव्वारा होगा। मेष, सिंह एवं मीन राशि के स्थल पर मंदिर होगा। मकान के पास ही एक मोड़ होगा। गृहस्वामी पुरुष देवता (सुब्रह्यण्य) का उपासक होगा।

चतुर्थ चरण

मीन राशि के चतुर्थ भाग में जन्म लेने वाले व्यक्ति का जन्म ऐसे मकान में होगा, जो पश्चिम दिशा में स्थित होगा। उसके मकान की गली दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर गतिशील होगी। मकान के पूर्व दिशा, पश्चिम दिशा, नैऋत्य या अग्नि कोण में मंदिर या तालाब होगा।

 

               मीन राशि और शनि

         ऊॅ शन्नो देवीरभिष्टथ आपो भवंतु पीतये

                 शयोरभि स्रवन्तु नः।

                    -ऋग्वेद 10/9/4, यजुर्वेद 36/12

अर्थात देदीप्यमान जल (जल रूप शनि देव) हमारे पान के लिए (पीने के लिए) सुखरूप हो तथा रोगों का नाश करें ।

        ब्रह्मांड में शनि को सबसे रहस्यमई व चर्चित ग्रह माना गया है। नील वर्ण के शनि देव, भगवान सूर्य तथा छाया (सुवर्णा) के पुत्र हैं। बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह हैं। ज्योतिष में इन्हें ’न्याय का देवता‘ कहा गया हैं। ये व्यक्ति को उसके किए का दंड देते हैं। अनुकूल दशा, अंतर्दशा में व्यक्ति ने जो दुराचार, आनाचार पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है, तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर, दशा, शनि की साढ़ेसाती व धनिया में मिल जाता है।

            

 

 

                      शनि की साढ़ेसाती व ढैया

     किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसके स्वयं की राशि में या राशि से दूसरे स्थान में गोचरवश परिभ्रमण करता हैं, तो ’शनि की साढ़ेसाती‘ कहलाती है। यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे 7 वर्ष (7 वर्ष 6 महीने) चलती हैं, इसमें व्यक्ति को भयंकर दुःख उठाना पड़ता हंै। शनि का गोचरवश स्थिति आपकी राशि से चैथे व आठवें भाव में होने से ’शनि की ढैया‘ कहलाती है। ’साढ़ेसाती‘ का प्रभाव साढे़ वर्ष तक व ढैया का प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता हैं। शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता हैं। अतः तीनों राशियों में साढे सात साल तक रहेगा। शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी ’दृष्टि‘ कहलाती हैं। स्वयं की राशि में होने पर उसका ’भोग‘ कहलाती हैं। शनि जातक की राशि से दूसरे स्थान में होने पर उसकी ’लात‘ कहलाती हंै।

      शनि की ’दृष्टि‘ (बारहवें) स्थान में जातक मानसिक तनाव को भोगता हैं, व्यर्थ की यात्राएं खूब होती हैं। कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती हैं। ’भोग‘ (स्वयं की राशि) में शनि व्यक्ति को आजीविका को लेकर संघर्ष करता हैं। वही ’लात‘ में शनि उदर विकार, पैरों व धन को लेकर संघर्ष करवाता हैं, साथ ही कमरे के नीचे के रोग भी देता है।

      सन 2021 में मीन राशि पर शनि का प्रभाव

मीन राशि के व्यक्तियों को इस साल उपलब्धियां हर क्षेत्र में प्राप्त होगी। शनि महाराज वर्ष पर्यत आपकी राशि से एकादश स्थान में गतिशील रहेंगे। लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा। मौसमी बीमारियों से, पेट संबंधी व्याधि से सावधान व सतर्क रहने की आवश्यकता हैं। शेष गंभीर व दीर्घकालिक बीमारियों में काफी आराम रहेगा। रोजी-रोजगार व कैरियर में नवीन व बेहतर अवसर सुलभ होंगे। येन-केन प्रकारेण आप लक्ष्यों को हासिल कर ही लेंगे। जहां तक आर्थिक स्थिती व पक्ष की बात हैं, आर्थिक स्थिति काफी सुदृढ़ बनेगी। कई से रुका हुआ वह अटका हुआ रुपया प्राप्त हो ही जाएगा। खेल, मनोरंजन व हास-परिहास में समय व्यर्थ नहीं गवाएं, ग्रह स्थिति अनुकूल हैं, अतः इस अनुकूल समय का सदुपयोग अपने विकास में करें। लक्ष्य के प्रति समपर्ण, एकाग्रता ही आपको उन्नति के पथ पर गतिशील करेगी। पति-पत्नी के बीच हल्के-फुल्के मतभेद गलतफहमियां किसी तीसरे व्यक्ति के हस्ताक्षेप के कारण पनप सकती हैं। माता-पिता व बडे़- बुजुर्गों की सेवा में आप इस साल तत्पर रहेंगे, उनका आशीर्वाद प्राप्त होगा। नया निवेश करने से पूर्व अच्छी तरह से छानबीन व जांच पड़ताल कर लें, अन्यथा बाद में पछतावे के सिवाय कुछ भी हाथ नहीं आएगा। बड़े-बुजुर्ग गुरु परिजनों की सेवा व आशीष इस साल आपकी उन्नति में सहायक होगा।

      शनि के दुष्प्रभाव कम करने के उपाय

   शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत, मंत्र, रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं शास्त्र कहता है-

       ’औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह, नक्षत्र, तारिका।

       ’भाग्य भवेत सिद्धि, अभाग्यं निष्फल भवेत।।‘

   सबसे पहले औषध, उसके बाद मणि और तत्पश्चात मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है।

रत्ना (मणि) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न (नीली), त्रिलोह (सोना, चांदी, तांबा) की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा पर पहनें।
  2. शनि यंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में लॉकेट (पेंडेंट) की आकृति में पहन सकते हैं यह उपाय भी उत्तम है।

धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोड़े की नाल या समुद्री नाव की कील से लोहे की अंगूठी बनाएं। उसे तिल्ली के तेल में 7 दिन शनिवार में से शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23000 जाप करें। शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें।
  2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुली) में ही पानी तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भादृपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ हैं। यह ’शनी मुदिªका‘ कभी किसी को नुकसान नहीं करती। प्रबुदस पाठक चाहे तो हमारे कार्यलय से भी अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्र चिकित्सा

किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त वैद्यक या पौराणिक मंत्रों के 23000 जाप करें या कराएं। शनि का तंत्र मंत्र निम्नलिखित है-  ’ऊॅं प्रां प्रीं सः श्नैश्चराय नमः।।‘

 

व्रत उपवास

शनिवार का व्रत रखंे। इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें।

दान

शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य ही करना चाहिए।

  1. कीड़ी, नगरा सींचे। चींटियों को भोजन कराएं।
  2. काला कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल, चरण पादुका (जूते), काला वस्त्र, मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए।

शनि की पीड़ा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
  2. बैगनी रंग का सुगंधित रुमाल पास में रखें।
  3. शनि मंदिर में शनि की मूर्ति पर तिल का तेल चढ़ाएं।

4.शनि भगवान के सामने खड़े रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खड़े रहकर दर्शन करें, जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पढ़े।

  1. शनि न्याय के देवता हैं, अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता। दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें, जिस प्रकार व्यक्ति न्यायअधिकारी सन्मुख खड़ा होता है।

 

 

 

 

 

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This Post Has 14 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    MEEN RASHI – 2 FISH
    TATVA – JALA TATVA
    DISHA – NIRTH
    Very beautiful information

  2. Kailash vats

    मीन राशि की संपूर्ण जानकारी

  3. Narendra Pachare

    Is rashi ki jankari mili sir
    Swami guru
    Tatwa jal
    Rayna pukhraj
    Etc
    Thank you sir

  4. Sitaram Keshri

    मीन राशि
    स्वामी – गुरु , दिशा -उत्तर , जाति -ब्राह्मण , अनुकूल रत्न -पुखराज , अनुकूल रंग – पीला , अनुकूल धातु – सोना , अनुकूल देवता – विष्णु ।

  5. Udit shreemal

    राशि मीन स्वामी गुरु तत्व-जल।

  6. Geetanjali

    🙏🙏

  7. GANESH BHOPE GURUJI

    Min ke jatak ka bi swabhav achcha rahta hai lekin inke man me kya chal raha hai samaj nahi aata karan inka chinha masa hai .Swami guru ke karan ushar rahte hai sundar jankar thanks sir ji

  8. Piyush Sawant

    First…..Shanidev see is in every action and give fruit accordingly…

    Second….Min rashi 2 Fish and person of Min rashi are emotional in nature….

    .
    Good information and remmeidies

    .

  9. Chandrajit

    Nice

  10. Pranali_B

    Helpful information

  11. Chandranath Mukherjee

    Wah, achha to laga, par naam ke pahla akshar ke anusaran mera rashi meem hai, kuch milta hai aur kuch mila nhi

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