मेष राशि

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मेष राशि कि प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – मेष
  2. राशि चिन्ह – मेढ़ा
  3. राशि स्वामी – मंगल
  4. राशि तत्व – अग्नि तत्व
  5. राशि स्वरूप – चर
  6. राशि दिशा – पूर्व
  7. राशि लिंग व गुण – पुरूष
  8. राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रुर स्वभाव, पित प्रकृति
  9. राशि का अंग – सिर
  10. राशि जाति – क्षत्रिय
  11. अनुकूल रत्न – मूंगा
  12. अनुकूल उपरत्न – तामड़ा
  13. अनुकूल रंग – लाल
  14. शुभ दिवस – मंगलवार, रविवार
  15. अनुकूल देवता – शिवजी, भैरव, हनुमान
  16. व्रत, उपवास – मंगलवार
  17. अनुकूल अंक – 9
  18. अनुकूल तारिखें – 9,18,27
  19. मित्र राशियां – सिंह, तुला व धनु
  20. शत्रु राशियां – मिथुन व कन्या
  21. व्यक्तित्व – दबंग, क्रोध युक्त व साहसी
  22. सकारात्मक तथ्य – कुटुम्ब को पालने वाल, चुनौती को                       स्वीकार करने वाला, सदैव                                    क्रियाशील
  23. नकारात्मक तथ्य – दम्भी, अधैर्यशाली

 

मेष राशि की चारित्रिक विशेषताएं

मेष राशि का स्वामी मंगल है, जो अग्नि तत्व प्रधान होता है। यह पुरूष सूचक राशि है। मेष राशि का राशि चिन्ह ‘मेढ़ा’ है। इसका प्राकृतिक स्वभाव साहसी, अभिमानी व पौरूषशाली है।

कोई जरा-सी विपरीत बात कह दे, तो इनको सहन नहीं होता। ऐसे जातक को क्रोध शीघ्र आता है, परंतु इनका क्रोध क्षणिक होता है।

मेष राशि का व्यक्ति प्रायः मध्यम कद के होते हैं। अति उत्साही होने के कारण कई बार जल्दबाजी में काम को गड़बड़ भी कर देते है। मेष राशि वाले व्यक्ति स्वतंत्र विचारों वाले होते हैं। दूसरों की हुकूमत को ये लोग बिलकुल भी पसन्द नहीं करते तथा एक खास बात और कि ये लोग दूसरों के आधिपत्य या हुकूमत में रहकर विकास नहीं कर सकते, जब ये लोग स्वतंत्र कार्य करेंगे तभी विकास संभव होगा। इनको अपने मनोभावों पर नियन्त्रण रखना चाहिए, परंतु क्रोधावस्था के कारण ये अपना आत्मनियंत्रण खो बैठते हैं।

सामान्यतया मेष लग्न में उत्पन्न जातक साहसी, पराक्रमी, तेजस्वी तथा परिश्रमी होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से वे जीवन में वंछित मान-सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ रहतें है। ये अत्यधिक सक्रिय एवं क्रियाशील होते हैं तथा अपने इन्हीं गुणों से जीवन में इच्छित उन्नति प्राप्त करते हैं।

मेष लग्न के प्रभाव से जातक अपने शुभ एवं महत्वपूर्ण कार्यों को परिश्रम एव्र निर्भयता से सम्पन्न करेंगे। इनमें स्वाभिमान का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा स्वपरिश्रम व योग्यता से जीवन में मान- सम्मान एवं प्रतिष्ठा अर्जित करने में समर्थ होंगे।

इनके स्वभाव में प्रारम्भ में तेजस्विता का भाव विद्यमान रहेगा। फलतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध एवं चंचलता का प्रदर्शन करेंगे। जीवन में आपको जन्मभूमि के अतिरिक्त अन्य स्थान में सफलता प्राप्त नहीं होगी तथा वहीं आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा। साथ ही सांसारिक सुखोपभोग के साधनों को भी आप परिश्रमपूर्वक अर्जित करके सुखपूर्वक इनका उपभोग करने में समर्थ होंगे।

इस लग्न में जन्मे जातक को जीवन में काफी समस्याओं एवं परेशानियों को सामना करना पड़ेगा, परन्तु अपने परिश्रम एवं दृढ़ संकल्प शक्ति के द्वारा आप इनका सामना तथा समाधान करने में समर्थ होंगे। आपकी प्र्रवृति में उदारता तथा सहिष्णुता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अवसरानुकूल अन्य जनों को आप अपना सहयोग प्रदान करेंगे, जिससे आपके प्रति लोगों के मन में आदर का भाव उत्पन्न होगा।

आपके सांसारिक कार्य यद्यपि विलम्ब से सिद्ध होंगे, परंतु गौरव एवं सम्मान का भाव बना रहेगा। कार्यक्षेत्र मे आपको परिश्रम से उन्नति प्राप्त होगी तथा सामाजिक जनों के मध्य भी समय पर मान-सम्मान मिलता रहेगा। आपको अपनी प्रवृति का अन्य जनों के समक्ष साद्गीपूर्ण प्रदर्शन करना चाहिए तथा इसमें अनावश्यक दिखावे का समावेश नहीं करना चाहिए। जीवन में आपको इच्छित सुख-ऐश्वर्य एवं वैभव की प्राप्ति होगी। आप एक परिश्रमी, तेजस्वी, कार्य निकालने में चतुर, परन्तु मन्द गति से कार्य करने वाले होंगे तथा जीवन में आवश्यक सुखों का उपभोग करने में समर्थ होंगे।

 

आप बहुत ही परिश्रमी व साहसिक कार्यों में रूचि लेने वाले व्यक्ति हैं। ऐसे व्यक्ति प्रायः खेल-कूद, शिकार, सैनिक व पुलिस विभाग, मशीन, भट्टी व ज्वलनशील पदार्थों तथा धातु इत्यादि वस्तुओं में रूचि लेते देखे गए हैं।

धार्मिक विचारों में आपका दृष्टिकोण अन्य लोगों से भिन्न है। आप शक्ति के उपासक हैं। ऐसे व्यक्ति अपनी बात के धनी होते हैं तथा आपकी राशि अग्नि तत्व प्रधान होते हुए भी आप शर्त के पक्के होते हैं। आप झगड़ा करना पसंद नहीं करते, परंतु जब कोई सीमा का उल्लंघन करने की चेष्टा करता है, तो उसे जबरदस्त सबक सिखाए बिना नहीं रहते। युद्धकला में प्रायः ऐसे व्यक्ति निपुण होते हैं। भुमि व कोर्ट- कचहरी संबंधी कार्यों में ये प्रायः विजय प्राप्त करते हैं।

आपका भाग्योदय 28 वर्ष के पश्चात् होने की संभवना बनती है। परंतु इसके लिए कुण्डली में भाग्येश का विचार करना भी आवश्यक है।

यदि आपका जन्म 21 मार्च व 20 अप्रैल के मध्य हुआ है, तो आपका भाग्योदय निश्चित रूप से 28 वर्ष के पश्चात् संभव निर्मित है। आप पुर्णतः सेल्फमेड व्यक्ति हैं। आप अपना भाग्य स्वयं निर्मित करते हैं। परन्तु याद रखें, बिना परिश्रम के आपको विशेष लाभ होने की संभावना नहीं है।

यदि आपका जन्म ‘भारणी‘ नक्षत्र में है तथा आपका नाम ‘ल‘ से आरंभ होता है, तो आप कुछ लम्बे कद वाले व्यक्तियों की गिनती में हैं। आपके अनेक मित्र हैं तथा मित्रजनों पर आपकी पूर्ण कृपा है। आपको छिछले एवं चुगलखोर मित्र कतई पसन्द नहीं। आप दूरदर्शी होने के साथ-साथ मितव्ययी भी हैं। फिजूल के खर्च व व्यर्थ के दिखावे में आपकी रूचि नहीं है। भ्रमण व घूमने-फिरने के शौक के साथ-साथ आपको उतेजनापुर्ण चटपटे भोजन में भी बहुत रूचिा होती है।

लाल रंग व ज्वलनशील पदार्थ आपके अनुकूल कहे जा सकतें हैं। मंगल एक शौर्यवान व तेजोमय ग्रह होने से, जहां शांति व प्रसन्नता असफल हो जाती है, वहां पर आप झगड़े व डांट-डपट से अपना कार्य आसानी से सिद्ध कर सकते हैं।

आपके लिए मंगलवार सर्वश्रेष्ठ शुभकारी रहेगा तथा इष्टदेव के रूप में हनुमानजी आपके मनोरथ को पूर्ण करेंगे। आपका अनुकूल रत्न ‘मुंगा’ है।

मेष राशि वालों के लिए उपाय

  1. मेष राशि वालों को बजरंगबली की उपासना, सुन्दरकाण्ड, हनुमान चालीसा का पाठ करना चाहिए। कर्ज से निर्वति के लिए ऋणमोचन मंगल स्त्रोत का पाठ करना चाहिए।
  2. आजीविका (काम-काज, कार्यक्षेत्र) में यदि समस्या आ रही हो तो ‘मुंगा’ अथवा ‘तामड़ा’ युक्त ‘मंगल यंत्र’ गले में भी धारण करें।
  3. मंगलवार को व्रत करें। मसूर की दाल व गुड़ गाय को खिलाएं।
  4. तांबा और सोना के मिश्रण से सवा 5 से 9 रती तक की अंगूठी बनाकर धारण करें। लाभ होगा।
  5. मूंगा या तामड़ा रत्न धारण करें। इनके अभाव में ताम्र का सिक्का भी धारण किया जा सकता हैं।

सन् 2021 में मेष राशि का

वार्षिक भविष्यफल

मेष राशि के लिए यह वर्ष 2021 शानदार उपलब्धियों से परिपुर्ण रहेगा। स्वास्थ्य का मामला पुष्ट रहेगा। लम्बे समय से चली आ रही दीर्घकालिक बीमारी में आराम आएगा। आपका राशि स्वामी मंगल वर्ष आरंभ में स्वगृही है। अतः इस वर्ष शुभ समाचारों व संकेतों की प्राप्ति होगी। इस वर्ष आपको पारिवारिक सुख भी उतम प्राप्त होगा।

दशम भाव में शनि की स्थिति के कारण आपकी योजनाएं व प्लानिंग सफलताओं के नए-नए पायदान छुएंगी। इस वर्ष गुरू़शनि की युति दशम स्थान में आजीविका के भाव में नीचभंग राजयोग की स्थिति को बना रही है। करियर में इस साल नवीन उपलब्धियां हासिल होगीं। परिवार में कोई नवीन अवसर व आयोजन हो सकता है। शनि की दृष्टि बाहरवें स्थान व्यय भाव पर है। खर्चा अधिक होगा। व्यय की अधिकता रहेगी। ओनलाइन शोपिंग आदि में आपके साथ कोई धोखा या चीटिंग हो सकती है। वर्ष के लिहाज से इस वर्ष को मैं 68 प्रतिशत नम्बर दूंगा। बृहस्पति व शनि का संयोग 6 अप्रैल 2021 तक किसी बीमारी की स्थिति को रखेगा। 20 जून से 18 अक्टूबर मक भाग्येश बृहस्पति वक्र स्थिति में परिणाम नहीं लाएगा। काम-काज से सम्बन्धित सभी विषयों को गम्भीरता से लेने की आवश्यकता है। इस समय भावुकता और उदारता आपकी सबसे बड़ी कमजोरी साबित होगी। पैसा इस साल आप कमाएंगे, परंतु जब हिसाब करने बैठेंगे, तो आप पाएंगे कि बचत बिल्कुल नहीं है। 11 मई से 29 सितंबर तक शनि वक्र स्थिति में चलायमान रहेंगे, इस समय नौकरी में लक्ष्यों को हासिल करने का ख्याल बना रहेगा।

इस साल आपकी महत्वकांक्षाएं पूरी होंगी, भूमि, भवन वाहन आदि की खरीद फरोख्त के योग इस वर्ष बनेंगे। विद्यार्थी अपने अध्ययन पर एकाग्रचित होंगे। सांसारिक महत्व के शुभ व महत्वपूर्ण कार्य निर्विघ्न पूरे हो जायेंगे। नौकरी में पदोन्नति का योग बनेगा। इस वर्ष 14 सितम्बर से 21 नवम्बर के मध्य गुरू मकर राशि मे चलायमान रहेंगे। इस कालखण्ड में व्यावसायिक दृष्टि से थोड़ी सावधानी रखने की आवश्यकता है। इस समय व्यापार व कारोबार में विस्तार की योजना को टाल दें अन्यथा आर्थिक विषमताओं में फंस सकते हैं। नया निवेश करने से पूर्व अच्छी तरह जांच-पड़ताल कर लें। किसी की चिकनी-चुपड़ी व लुभवनी बातों में आकर आप अपना नुकसान कर बैठेंगे। 29 सितम्बर के बाद शनि मार्गी हो जाएंगे। इस समय कोई बड़ा व धार्मिक कार्य आपके हाथों करवा सकते हैं। समाज में एक प्रभावशाली व्यक्तित्व के रूप मे आप उभरेंगे। मान-सम्मान व प्रतिष्ठा का ग्राफ निरंतर ऊंचा चलेगा। 14 अप्रैल से 2 जून के मध्य आपकी राशि के अधिपति मंगल नीच राशि में चलायमान रहेंगे,किसी अप्रिय घटना की स्थिति बनेगी, वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं, इस समय किसी रिश्तेदार से बिछोह हो सकता है, हालांकि इस साल बुद्धि व विवेक का उपयोग करके आप हर असंभव काम को सम्भव बना देंगे। आप मेष राशि के व्यक्ति है। मेष राशि के व्यक्ति योग्य व कर्मठ होते हैं। यही योग्यता व कर्मठता आप अपनी कार्यशैली में दिखाएंगे, जिससे शत्रु भी आपकी  प्रशंसा पर विवश हो जाएंगे।

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्यः- इस वर्ष वर्षारंभ में आपका राशि स्वामी मंगल आपकी राशि में ही स्थित है। यह उतम स्वास्थ्य की सुचना दे रहा है। इस वर्ष गम्भीर व घातक बीमारी की आंशका नहीं है, जो पुराना रोग चला आ रहा है, उसमें भी काफी हद तक आराम महसूस करेंगे। इस वर्ष आयु विकार, जोड़ों का दर्द, कमर दर्द, पीठ दर्द, जैसी तकलीफ हो सकती है। परंतु इस वर्ष घर के किसी वरिष्ठ सदस्य माता, पिता के स्वास्थ्य को लेकर परेशानी रहेगी। अप्रैल से जुन के मध्य आपकी राशि के अधिपति मंगल नीच राशि में चलायमान रहेंगे। अतः इस दौरान सावधान रहने की आवश्यकता है। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। किसी अप्रिय घटना या ऐक्सीडेंट होने के योग बन रहें हैं। डायबिटीज, ब्लडप्रेशर, हार्ट डीजीज जैसी बीमारियों से सावधान व सतर्क रहें। मैं आपको सलाह दूंगा कि स्वास्थ्य में लापरवाही बिल्कुल नहीं करें। दशम स्थान में शनि के कारण यात्राओं का योग भी कुछ अधिक रहेगा। काम-काज व नौकरी में भी यात्राओं की स्थिति रहेगी। इस वर्ष मेष राशि के जातक उतम स्वास्थ्य का सुख प्राप्त करेंगे। उच्च रक्तचाप, निम्न रक्तचाप, में सावधानी व सतर्कता आवश्यक है, अन्यथा लेने के देने पड़ सकते हैं। पाचन तंत्र के रोग, माइग्रेन व पैरों में कुछ तकलीफ की संभावना व आशंका है। सामान्य रूप से स्वास्थ्य इस वर्ष आपका अच्छा ही रहेगा। योग, व्यायाम, चलने-फिरने व शारीरिक मेहनत को अधिक बल दें, उससे भी स्वास्थ्य ठीक रहेगा। बृहस्पति इस वर्ष पर्यंत दशम व एकादश स्थान में गतिशील रहेंगे। अतः स्वास्थ्य में घातक व गम्भीर बीमारी की स्थिति नहीं रहेगी।

व्यापार, व्यवसाय व धनः- इस वर्ष शनि आपकी राशि से दशम स्थान कर्म स्थान में गतिशील है। अतः आर्थिक रूप से इस वर्ष एक के बाद एक उपलब्धियां आपको हासिल होती रहेंगी। व्यापार में विस्तार को लेकर जो योजनाएं आप पिछले समय से बना रहे थे, वह थोड़े समय के लिए लम्ब्ति होकर फिर उस पर काम शुरू होगा। काम-काज में व्यापार में अपरिचित लोगों से व्यवहार कतई नहीं करें, अपरिचित व्यक्तियों पर विश्वास करके आप अपना धन गंवा सकते हैं। नौकरी में कुछ हद तक परेशानियां 11 मई से 29 सितम्बर के मध्य वक्र शनि के कारण आएंगी। टारगेट पूरा करने का प्रेशर बना रहेगा। इस समय अपने काम को गम्भीरता से लें, अफसर की डांट-फटकार सुननी पड़ सकती है। नौकरी में सहकर्मियों से आपकी सहायता व मदद करेंगे। इस वर्ष किसी पर अत्यधिक विश्वास या भरोसा करना आपकी हानि का कारण बन सकता है। किसी भी दस्तावेज या पेपर्स पर बिना पढ़े हस्ताक्षर नहीं करें। खासकर भागीदार व पार्टनर, कर्मचारी की हर गतिविधि व हरकत पर नजर रखें। अक्टूबर से दिसम्बर के मध्य नौकरी में बेहतर अवसर, प्रमोशन, इन्क्रिमेंन्ट आदि प्राप्त हो सकता है। भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद का निर्णय बहुत ही सोच-समझकर लें। किसी वकील की सलाह लेने के साथ-साथ कागजाज भी अच्छे से चेक कर लें।

घर- परिवार, संतान व रिश्तेदारः- इस वर्ष विवाह योग्य मेष राशि जातकों के विवाह की बात आगे बढ़ेगी। सतांन के अध्ययन, परिक्षा, नौकरी व करियर को लेकर चिंता रहेगी। भाइयों से बंटवारे व सम्पति संबन्धी विवाद किसी की मध्यस्थता से हल हो जायेंगे। जहां तक रिश्तेदारों की बात है, रिश्तेदार आपसे ईष्र्या व द्वेष रखेंगे। इस 11 मई से 29 दिसम्बर के मध्य पिता, पिता तुल्य का घर के किसी वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य बिगड़ सकता है। पति- पत्नी एक एक दूसरे की भावनाओं को समझकर आपसी तालमेल से व्यवहार करेंगे। दिखावा व आपसे आत्मीयता जताने वाले रिश्तेदारों व कुटुम्बीजनों से सावधान रहें। इस वर्ष किसी रिश्तेदार का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, या अनहोनी हो सकती है, पिता- पुत्र में, सास- बहु में , ननद- भौजाई में कभी-कभार हल्की-फुल्की नोक-झोंक हो सकती है।

पे्रम- प्रसंग व मित्रः- मित्रों की परीक्षा का समय अब आ गया है। तुलसीदार जी ने कहा है- ‘धीरज धर्म मित्र और नारी, आपतकाल परखिए चारि।’ आपको मुसीबत व कष्ट के समय सही व सच्चे मित्र की पहचान होगी। जहां तक प्रेम-प्रसंगों का सम्बन्ध है, इस वर्ष सफलता के योगायोग है, परंतु प्रेम और आकर्षण में अंतर करना आवश्यक है। यहां यह भी बात ध्यान देने की है, प्रेम-प्रसंगों में पड़कर अपने करियर व अध्ययन के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं करें।

विद्याध्ययन, पढ़ाई व करियरः- विद्यार्थी अपने अध्ययन व पढ़ाई पर फोकर करेंगे। 20 जून से पूर्व विद्यार्थी मनोंवांछित फल हासिल कर लेंगे। 20 जून से अक्टूबर तक गुरू के वक्रत्व काल में ध्यान में कुछ भटकाव हो सकता है। प्रेम प्रसंगों व आलतू- फालतू बातों से ध्यान हटाकर अपनी पढ़ाई में मन को एकाग्र करें, फिर देखें सफलता कैसे आपके कदम चूमती है। पंचम भाव का अधिपति सूर्य वर्षारंभ में नवमस्थ होकर यह संकेत कर रहा है कि करियर में अधिकारियों, बोस व सहकर्मियों से उचित तालमेल आपकी सफलता की चाबी होगी। मेहनत व परिश्रम से आप नौकरी में पयशुदा लक्ष्यों को हासिल कर ही लेंगे। तकनीकी शिक्षा विज्ञान, वकालत आदि के क्षेत्र में प्रयासरत विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष उपयुक्त हैं। नौकरी में कभी- कभार तनाव होगा, परंतु आप अपने कार्य से सभी तनावों से मुक्त हो जएंगे।

वाहन, खर्च व शुभकार्यः- इस वर्ष शनि व गुरू दोनों ही दशम स्थान में गतिशील हैं। 20 जून से पूर्व किसी वाहन के खरीद के योग बन रहे हैं। शनि का द्वादश स्थान पर दृष्टि के प्रभाव से व्यय की अधिकता रहेगी। काफी हद तक व्यय भी फालतू व अनावश्यक कार्यों पर होगा। जहां तक शुभकार्य की स्थिति का प्रश्न है, वर्ष के पूर्वार्द्ध में किसी शुभ कार्य व मांगलिक आयोजन की स्थितित बन सकती है। लेकिन हां, मैं आपको वाहन सावधानीपूर्वक चलाने की सलाह दूंगा। वाहन चलाते समय सीटबेल्ट, हेलमेंट जैसे सुरक्षा संसाधनों का प्रयोग अवश्य ही करें तथा मोबाइल फोन का इस्तेमाल वाहन चलाते समय नहीं करें। जून, जुलाई में समय नकारात्मक रहेगा।

हानि, कर्ज व अनहोनीः- इस वर्ष हानि की संभावना कम ही है। परंतु वाहन, भूमि, भवन, आदि के लिए ऋण लेना पड़ सकता है, जो समय रहते चुकता भी हो जाएगा। जून- जुलाई का समय निराशाजनक व स्वास्थ्य के परिपेक्ष्य में नकारात्मक रहेगा। सावधान व सतर्क रहने की आवश्यकता है। इसी दरम्यान किसी मित्र या रिश्तेदार के साथ अनहोनी हो सकती है।

उपायः- वर्ष में शुभता को बढ़ाने के लिए मुंगायुक्त मंगलयंत्र गले में धारण करें। सुन्दरकाण्ड या संकटमोचन स्त्रोत का पाठ शनिवार को करें। मंगलवार बढ़ाना भी आपके उतम भाग्य का परिचायक रहेगा। 

सन् 2021 में मेष राशि का साप्ताहिक भविष्यफल

जनवरी 2021

ग्रह स्थितिः- वर्षारम्भ में मंगल मेष राशिका लग्न में, राहु वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का चतुर्थ भाव में केतु़ शुक्र वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में सूर्य़ बुध धनु राशि का नवम भाव में, बृहस्पति़ शनि मकर राशि का दशम भाव में चलायमान है।

1 जनवरी से 7 जनवरी तकः- वर्ष का आरम्भ चतुर्थ चन्द्रमा से हो रहा है। 1,2 को समय कष्टप्रद रहेगा। आर्थिक पक्ष डांवाडोल रहेगा, बेचैनी रहेगी। आपमें संवेदनशीलता का भाव रहेगा। धन संबंधी मामलों में अतिरिक्त समय देने की जरूरत होगी। झगड़े से दूर रहें। 3,4 को समय पक्ष में आएगा। परेशानियों से कुछ हद तक निजात मिलेगी। आपका मूड बार-बार बदलता रहेगा। व्यय बढ़ेगा, किंतु पैसों की आवक भी शूरू होगी। आप मित्रों के साथ अपनी खुशियां साझा करेगे। आप स्वयं को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। 5,6 को काम में मन लगेगा। व्यापारिक कामकाज के सिलसिले में बाहर जा सकतें हैं। लोगों से बेहतर सम्पर्क आपकी सामाजिक बाधाओं को दूर करने में मददगार साबित होगा। भौतिक और आर्थिक सूखों में इजाफा होगा। 7 को मित्र, प्रियजन और परिवार के सदस्य आपके करीब आएंगे। खशियां आएंगी।

8 जनवरी से 15 जनवरी तकः- दिनांक 8 को सुख-शांति रहेगी। आप खुलकर खर्च करेंगे और दूसरों को सहयोग देने के लिए तत्पर रहेंगे। 9 से 11 के मध्य समय खराब है। आपको विलम्ब व परेशनियों का सामना करना पड़ेगा। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां पेश आ सकती है। विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में अडचनें आ सकती है। आपकी व्यवहार रूखा रहेगा। घर में मन नही लगेगा। आप इस समय सम्भलकर रहें। 11 को सायं से 13 के मध्य का समय विजय सूचक रहेगा। सरकारी काम कर रहे जातकों को लाभ मिलेगा। कड़ी मेहनत से आगे बढ़ने की राहत खुलेगी। आप व्यक्तिगत हित को पहले देखेंगे। आपकी दक्षता लोगों को प्रभावित करेगी। आप व्यापार में भी नई तकनीक अपनाएंगे। किसी भी चीज को लेकर अति उत्साह रहेगा। 14,15 को मान-सम्मान बढ़ेगा। वैवाहिक सुख में वृद्धि होगी। आप नए कार्य की रूपरेखा बनाएगें। काम में स्थिरता आएगी।

16 जनवरी से 23 जनवरी तकः- दिनांक 16, 17 को सर्वलाभकारी दिवस रहेगा। चारों तरफ से लाभ से लाभ व शूभता प्राप्त होगी। आप इस समय जबरदस्त इच्छा शक्ति से भरपूर होंगे। आप कई समस्याओं को दूर करने में सफल रहेंगे। रोजगार के अवसर बढ़ेगे तथा करियर में प्रगति होगी। 18, 19 व 20 को आधा दिन असमंजस में व्यतीत होगह। कोई भी काम अधरझुल में लटक सकता है। आपका पैसा बर्बाद होगा या किसी वस्तु की हानि हो समती है। कोई बड़ा नुकसान हो सकता है। आप सारा काम एक साथ करने के चक्कर में एक काम भी ठीक से नहीं कर पाएंगे। काम के दबाब तथा मनाव के कारण आपको स्वास्थ्य संबंधी दिक्कतें पेश आ सकती हैं। अपनी क्षमता के अनुरूप कार्य करें। 20 को दोपहर बाद से 23 तक समय अत्युतम रहेगा। सफलता की ओर अग्रसर होंगे। बुद्धिमता से काम करेंगे।

24 जनवरी से 31 जनवरी तकः- 24, 25 को मानसिक रूप से सुख- शांति मिलेगी। कहीं बाहर घूमने जाने का प्रोग्राम बनेगा। किसी वैवाहिक कार्यक्रम में शिरकत करेंगे। समाज के कार्याे में व्यस्तता रहेगी। धन बल प्राप्त होगा। महत्वपूर्ण लेन-देन भी इस समय होगा। 26, 27 को सारे कार्य फूर्ति से पूर्ण होंगे। आप हंसमुख प्रवृति के रहेंगे व आपके मूड और भावनाएं सबसे ऊपर होंगी। प्यार की प्राप्ति होगी। 28,29 को समय अनुकुल नहीं है। कोई अशुभ समाचार प्राप्त होगे। आपका अपमान हो सकता है। आपमें आत्मनिरीक्षण की भावना 30, 31 को मजबूत होगी। पढ़ाई कर रहे जातक इस समय मन लगाकर पढ़ाई कर पाएंगे।

फरवरी 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में मंगल राशि का लग्न में, राहु वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का षष्ठम भाव में, शुक्ऱसुर्य़शऩिबृहस्पति मकर राशि दशम भाव में, बुध कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में चलेयमान है।

1 फरवरी से 7 फरवरी तकः- 1, 2, 3 को सुख की प्राप्ति होगी। आप अपनी आजीविका के साधनों में बढ़ोतरी करेंगे। आप इस समय खुलकर खर्च करेंगे एवं आप दूसरों की मदद के लिए तत्पर रहेंगे। धन संबंधी मामलों में बुद्धिमता पूर्वक कार्य करेंगे। राशि स्वामी मंगल स्वयं की राशि में चलायमान है, अतः आपको उग्र व उतेजित रखेगा, वहीं स्वास्थ्य उतम रहेगा। 4, 5 को दिन सामान्य रहेंगे। दैनिक कार्यगति सामान्य रूप से चलेगी। लाभ की स्थितियां बनेंगी। मानसिक रूप से आप स्वस्थ व प्रसनचित रहेंगे। परिवार में एकता बनी रहेगी। भाइयों का सहयोग प्राप्त होगा। जीवनशैली में अच्छा सुधार लाएंगे। 6, 7 को समय गति विपरीत है। आपकीर बात उल्टी पड़ जाएगी। आपकी बात पर कोई विश्वास नहीं करेगा। काम में देरी होगी। किसी से कहासुनी हो सकती है। बचकर रहें। 

8 फरवरी से 15 फरवरी तकः-दिनांक 8, 9 को सरकारी विजयसूचक दिवस रहेगा। इस समय आप नौकरी में तरक्की करेंगे। व्यापार में भी आप तरक्की करेंगे। आप कहीं बाहर जा सकते हैं। आप जिन्दगी का लुत्फ उठाएंगे। आप ऐशो-आराम पर धन लुटाएंगे। आप काम की जिम्मेदारीयों को ठीक से निभा पाएंगे। 10, 11 को मान-सम्मानवर्द्धक दिवस रहेगा। आप खरीद-फरोख्त में व्यस्त रहेंगे तथा अपने प्रियजनों को उपहार आदि देंगे। आप धार्मिक यात्रा करेंगे। बाहर जाने से मन-प्रसन्न रहेगा। परिवार का साथ रहेगा। आपकी रचनात्मक क्षमता विकसित होगी। संबंधो की कीमत और महता आप पहचानेंगे। 12 से 14 के मध्य समय लाभकारी रहेगा। स्वास्थ्य उतम रहगा। रोमांस और प्रेम के मोर्चे पर आपके लिए नई सम्भावनाएं बन सकती है। व्यवसाय में लाभ हो सकता है। 15 को खर्च की स्थिति बनेगी। मन खराब रहेगा।

16 फरवरी से 23 फरवरी तकः- दिनांक 16 को यात्रा पर न जाएं, क्योंकि कष्ट की प्राप्ति होगी। दिन सही नहीं है। आर्थिक नुकसान के योग हैं। 17, 18, 19 को स्वास्थ्य में सुधार आएगा। घर-परिवार में खुशियां आएंगी। आप इस समय लोगों का ध्यान अपनी तरफ खीचेंगे। इस दौरान आप किसी भी चुनौती को स्वीकारने के लिए तैयार रहेंगे। उपलब्धि प्राप्त करेंगे। 20, 21 को आपके मन में सद्विचार आएंगे। आप अध्यात्म की तरफ प्रवृत होंगे। आपके लिए संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे। आप कई क्षेत्रों में हाथ आजमाएंगे। 22, 23 को धनदायक व शुभ दिन रहेगा। आप बच्चों के लिए हंसी-खुशी से भरपूर होगा। अध्ययनरत बच्चों के लिए यह समय अत्यधिक व्यस्तता से भरा होगा।

25 फरवरी से 28 फरवरी तकः- दिनांक 24 से 26 के मध्या समय कलहकारक रहेगा। किसी से झगड़ा, विवाद होने की संभावना प्रबल है। आपके खर्च में बेतहाशा वृद्धि होगी। आप आय बढ़ाने में लगें रहेंगे। कड़ी मेंहनत के बावजूद भी फल आपके पक्ष में नहीं मिलेगा। सावधान रहते हुए कार्य करें। 27, 28 को समय अनुकूल आएगा। घर में कुछ परिवर्तनों के कारण आप घर-गृहस्थी की ओर अधिक आकृष्ट होंगे। आप घरवालों की देखरेख करके परम शांति का अनुभव करेंगे। सामाजिक कार्यक्रमों में शिरकत कर सकते हैं।

मार्च 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में मंगल़राहु वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का षष्ठम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का अष्ठम भाव में, बृहस्पति़बुध़शनि मकर राशि का दशम भाव में, सूर्य़शुक्र कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

1 मार्च से 7 मार्च तकः- दिनांक 1, 2 को समय बहुत बढ़िया रहेगा। समय की चाल आपके पक्ष में रहेगी। आपको अप्रत्याशित लाभ होगा व खुशी की प्राप्ति होगी । आप अपनी जिम्मेदारी को बखूबी निभाएंगे। आप अनुशासन में रहेंगे। आप अपने बच्चों को बहुत प्यार करेंगे। आप कठिन परिश्रम करेंगे। 3, 4 को सप्तमस्थ चंद्रमा सुखदायक रहेगा। आप अपने बच्चों को अच्छे संस्कार देंगे। काम में सफलता के योग हैं। समय उन्नतिकारक रहेगा। भावनात्मक रूप से आप लोगों से जुड़ेंगे। 5, 6 को समय खराब रहेगा। इस समय आप शांत रहते हुउ काम करें तो ही अच्छा हरेगा यह समय कोई विशेष तो रहेगा नहीं, लेकिन आप आगे की कार्ययाजना बनाएंगे। अविवाहितों के विवाह की बात आगे बढ़ेगी। 7 को आनंदायक और खुशगंवार समय रहेगा। सरकार से जुड़े लोगों से संपर्क बढ़़ेगे। आपके व्यवहार में विनम्रता आएगी।

8 मार्च से 15 मार्च तकः- दिनांक 8 को समय अच्छा है। आपकी सोच व सभी कामों में एकाग्रचितता, कार्योंन्मुखता औा सकारात्मकता पैदा करेगी। नतीजतन अच्छी चीजें होंगी और आप अच्छे कदम उठाएंगे। 9, 10, 11 को समय आपके पक्ष में आएगा। आप दृढ़ संकल्प के साथ आगे बढ़ेंगे। आपके परिवार के बीच आपकी छवि चमकेगी। आपमें आत्मविश्वास भरपूर रहेगा। बच्चों का पढ़ाई में पूरा-पूरा मन लगेगा। आप सब कार्य समय पर पूरा करेंगे। 12 व 13 को आधा दिन बहुत बढ़िया फलदाई रहेगां महमाननवाजी में आप लगे रहेंगे। आप अच्छे मित्र साबित होंगे। 13 को शाम से 15 के मध्य समय चिन्ताजनक रहेगा। पैसों की हानि होगी। लोगों की आपके प्रति दृष्टि बदलेगी। वे आपसे ईष्र्या का भाव रखेंगे।

16 मार्च से 23 मार्च तकः- दिनांक 16 से 18 के मध्य का समय सफलताप्रद रहेगा। काम में मन लगेगा। आप सकारात्म सोच के साथ आगं बढ़ेगें। आपकी आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। मित्रों व परिवार वालों का साथ रहेगा। परिक्षा में सफलता की प्राप्ति होगी। 19, 20 को मानसिक शांति का अनुभव करेंगे। आपके स्वभाव में विनम्रता रहेगी। आप काम और परिवार वालों के बीच बढ़िया संतुलन बनाकर चलेंगे। आपमें दिलों को जीतने का गुण रहेगा। 21 से 23 के मध्य का समय धनदायक रहेगा। व्यापार में अचानक लाभ की स्थिति बनेगी। नौकरी में तरक्की व स्थानांतरण के योग बनें रहे हैं। मित्रों के साथ समय बीतेगा। यह पूरा सप्ताह सुखदायक, आनंददायक और धनदायक साबित होगा। शादी-विवाह के कार्यक्रमों में आप शिरकत करेंगे। साथ ही आप सहयोग भी करेंगे। आप जीवन को खुलकर जिएंगे।

24 मार्च से 31 मार्च तकः- दिनांक 24, 25 को व्यर्थ के कार्यों में समय बिताएंगे। आपके कार्य की गति धीमी पड़ जाएगी। आपका मनोबल टूटेगा। धन-संबंधी मामले आपकी चिन्ता का मुख्य विषय होंगे। किरायेदारों से मनमुटाव होगा। पति-पत्नी में नोकझोंक हो सकती है। 26, 27 को पढ़ाई कर रहे जापकों को मनोनुरूप परिणाम प्राप्त होंगे। आपकी साख व प्रतिष्ठा बढ़गी। आप अपने इर्द-गिर्द के लोगों में जीवन्तता पैदा करेंगे। 28, 29 को समय अनूकूल रहेगा। ओफिस और कार्यस्थल पर सहकर्मी आपकर सहयोग करेंगे। 30, 31 को सप्तम चन्द्रमा की स्थिति सुखदायक रहेगी। आप अपनी इच्छा- पूर्ति करेंगे।

 

 

अप्रेल 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में राहु़मंगल वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा़केतु वृश्चिक राशि का अष्ठम भाव में, शऩिबृहस्पति मकर राशि का दशम भाव में, सूर्य़बुध़शुक्र मीन राशि का बाहरवें भाव में चलायमान है।

1 अप्रैल से 7 अप्रैल तकः- मास की शुरूआत अति कष्ट सूचक है। 1, 2 को अष्टमस्थ चन्द्रमा कष्ट सूचक रहेगा। आपके साथ कोई दुर्घटना घटित हो सकती है। स्वास्थ्य का पाया कमजोर रहेगा। लेन-देन में सावधानी बरतें। आप किसी भी किमत पर झुकेंगे नहीं और परेशान होते रहेंगे। समय व्यर्थ के कार्यो में व्यतीत होगा। 3, 4 को समय सुधरेगा। जीवन की बारीकियों से जांच करेंगे। समय गति पक्ष में है, आप इसका पुर्ण लाभ लें। 5, 6, 7 को आपके किए गए कार्यों की सराहना होगी। विवाह के मोर्चे पर आपके लिए नई सम्भावनाएं बन सकती हैं। व्यवसाय में लाभ हो सकता है लेकिन इससे आपको काफी यात्रा और खर्चा करना पड़ेगा। आर्थिक या व्यक्तिगत रूप से आप खतरा प उठाएं। स्वास्थ्य की दृष्टि से सुधार आएगा।

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तकः- दिनांक 8, 9 को समय बहुत शूभ हैं। आप मित्रों से भी भरपूर मदद लेंगें और आप समय उन्हें दे नहीं पाएंगे। व्यापार में काम बढ़ेगा। इस समय आप शांत चित रहकर बढ़िया काम करेंगे। 10, 11, 12 को समय पुनः कष्टभरा रहेगा। आपकां अनायास परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। समय की चाल विपरीत रह सकती हैं, सम्भलकर चलें क्योंकि आपके गिरने के योग है। गाड़ी सावधानी से चलाएं एवं गाड़ी का सार-सम्भाल अच्छे से करें। 13, 14 को समय गति पक्ष में आएगी। जीवन में आगे बढने के मौके मिलेंगे। आप दुसरों की नजर में ऊपर चढ़ेगे। आप अपने व्यक्तित्च तथा जीवन में आमूल-चूल सुधार करने का प्रयास करेंगे। 15 को आत्मविश्वास से लबरेज रहेगे।

16 अप्रैल से 23 अप्रैल तकः- दिनाकं 16, 17 को मित्रों की मदद से कोई बड़ा काम भी करेगे। कुछ परिवर्तन आपके जीवन में खुशियां लेकर आएगा। आपको सम्मान की प्राप्ति होगी। 18, 19 को धनदायक दिवस रहेगा। अच्छा स्वास्थ्य, सम्पतित, खुशी की प्राप्ति होगी। 20,21 को आप अपनी बेकाबू जुबान को काबू में रखें और अपने अहं को को नियंत्रित करने की कोशिश करें। खर्च की अधिकता रहेगी। 22, 23 को ज्ञानवर्द्धक समय रहेगा। इस समय आप कुछ अच्छा व नया सीखने की चाह में रहेगे। जीवन में इस समय मन में नयापन लगेगा। घर में नया मेहमान आ सकता है।

24 अप्रैल से 30 अपैल तकः- दिनाकं 24, 25, 26 को समय अच्छा है। हर कार्य को करने के लिए आपमें उत्साह रहेगा कार्य का फल अच्छा प्राप्त  होगा। आप अपनी इच्छापूर्ति करेंगे। आपकी साख बढ़ेगी। खारीददारी करेगें। 27, 28 को सप्तमस्थ चन्द्रमा के कारण समय शांतिदायक रहेगा। शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। किसी तरह की इच्छापूर्ति होने की प्रबल सम्भावना है। 29, 30 को समय नकारात्मकता से परिपूर्ण रहेगां। आपकी सही बात का भी कोई विश्वास नहीं करेगा। किसी समारोह में अपमानजनक स्थितियां बनेंगी। 30 को सांय से समय शुभ है।

मई 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में सूर्य़शुक्र मेंष राशि का लग्न में, बुध़राहु वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, मंगल मिथुन राशि का तृतीय भाव में, केतु वृश्विक राशि का अष्ठम भाव में, चंद्रमा धनु राशि का नवम भाव में, शनि मकर राशि का दशम भाव में, बृहस्पिति कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में स्थित है।

1 मई से 7 मई तकः- दिनांक 1, 2 को कोर्ट- कचहरी के कार्यों में सफलता की प्राप्ति होगी। रिश्तों में प्रेम व सामंजस्य बना रहेगा। परिवार में अपकी इज्जत बढ़ेगी। संबंधों की कीमत और महता आपके लिए खास महत्व का विषय रहेगी। 3, 4 को मान-सम्मान की प्राप्ति होगी । आपको नौकरी में अच्छी सफलता मिलेगी। आप तमाम तरह की गतिविधियों में व्यस्त रहेगे। घर व दफ्तर के कार्यो को बखूबी अंजाम देंगे। यात्रा होगी। घर में माता-पिता के स्वास्थ्य को लेकर चिंता रहेगी। 5, 6 को समय बहुत अच्छा रहेगा। यह अच्छा दौर है, खुशियां और सन्तुष्टि रहेगी। आप काम और व्यक्तिगत संबंधों में पगति करेंगे। विद्यार्थियों को मनमाफिक परिणाम प्राप्त होगा जिससे मन में प्रसन्नता का भाव रहेगा। 7 को द्वादशस्थ चन्द्रमा हानिकारक रहेगा। कार्य में विलम्ब होगा। घर में स्थिति ठिक नहीं होगी। सिर दर्द रहेगा।

8 मई से 15 मई तकः- दिनांक 8, 9 को आधा दिन खराब है। तरक्की की राह में बाधा आएगी। आपमें सब्र की कमी होगी। आप किसी बात को लेकर तनाव से आपको और आपके प्रियजनों को नुकसान हो सकता है। 9 की दोपहर से 11 के मध्य स्थितियां नियंत्रण में आ जाएगीं आप स्वयं की और मदद के लिए तैयार रहेगे। कलात्मक गतिविधियों और क्रियाकलापों में व्यस्त रहेगे। 12, 13, 14 को मानसिक सुख-शांति का अनूभव करेगे। तमाम दिशाओं में विविध गतिविधियों होगी। आप यदि लेखक हैं तो आप लेखन कार्य में व्यस्त रहेगे। पड़ोसीयों से आदान-प्रदान करेगे। 15 को धनप्रदायक समय रहेगा। संपर्क बढ़ेगा। आय में बढ़ोतरी होगी।

16 मई से 23 मई तकः- दिनांक 16 को शुभ दिन है। व्यापार में बढ़ोतरी होगी। काम, मौज-मस्ती, खर्चे, पार्टियां करने और हंसी ठहाको के मध्य समय व्यतीत होगा। काम के मोर्चे पर पदोन्नति होगी। 17, 18, 19 को चतुर्थ चंद्रमा खतरनाक साबित होगा। शारीरिक दुर्बलता हो रहेगी। पूजा ध्यान ईश्वर भक्ति से ध्यान हटेगा, मन परेशान रहेगा। कई मामलों में आपकी सोच या विचार सही साबित होंगे। आपकी संपर्कों का दायरा कम होगा। कोई भी कार्य होने में समय लगेगा। 20, 21 को ज्ञानवर्धक समय है मेहमानों का आगमन होगा, जिससे घर में खुशियां आएगी। आप पूरे जोशो खरोश के साथ अपने काम पर लौटेंगे। आप जिंदगी का भरपूर आनंद उठाएंगे। समय की चाल पक्ष में है। हर कार्य सुनियोजित ढंग से पूरा होगा। आप थोड़े सहज होंगे। 22, 23 को समय पैसा कमाने का है। आप मित्रों या रिश्तेदारों की मदद भी करेंगे।

24 मई से 31 मई तकः- दिनांक 24, 25 को समय सुख शांति दायक रहेगा। आप अपनों के साथ समय व्यतीत करेंगे। भौतिक और आर्थिक लिहाज से आपको दयालु और सहयोगात्मक रवैया अपनाना पड़ेगा। दूसरों की समस्या को समझाएंगे। समय की चाल मध्यम रहेगी। 26, 27 को अष्टम चंद्रमा के प्रभाव से मन उदास रहेगा। घर में कहासुनी की स्थिति बनेगी। आपके अपने ही आपसे दूर हो जाएंगे। काम का अतिरिक्त बोझ रहेगा। 28, 29 को आप मूड फ्रेश करने कहीं बाहर जा सकते हैं। सरकारी कामकाज गति पकड़ेंगे। आप दृढ़ इच्छाशक्ति से आगे बढ़ेंगे। 30, 31 को आपको इनाम या कोई महंगा उपहार प्राप्त होगा। समय अच्छा है।

जून 2021

ग्रह स्थिति

मासारम्भ में सूर्य राहु रशीद राशि का द्वितीय भाव में, मंगल बुध शुक्र मिथुन राशि का तृतीय भाव में, केतु वृश्चिक  राशि का अष्टम भाव में, शनि मकर राशि का दशम भाव में, बृहस्पति चंद्रमा कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

1 जून से 7 जून तकः- मास की शुरुआत शानदार तरीके से होगी। दिनांक 1, 2, 3 को समय अति शुभ कारक रहेगा। जिस कार्य में हर डालेंगे, सफलता की प्राप्ति होगी। समय अच्छा है आप उसका पूरा पूरा लाभ उठा पाएंगे। आपको नहीं जिम्मेदारी मिलेगी। आपको ऐसे स्त्रोत से धन मिलेगा जिसकी आपने कल्पना भी नहीं की होगी। 4, 5 को आप स्वयं की बात पर ही अमल नहीं कर पाएंगे। आप अपने क्रोध को काबू में नहीं कर पाएंगे। जिससे आप दूसरों के साथ स्वयं का भी नुकसान कर बैठेंगे। जीवन की गति रुक जाएगी। आपकी सफलता से लोग ईष्या करेंगे और आप भी दूसरों की तरक्की से जलेंगे। पैसा हाथ में आता आता रुक व अटक जाएगा। 6, 7 को समय बहुत अच्छा जाएगा। नौकरी में आप अपने सहकर्मी को प्रसन्न रखेंगे। आप कहीं बाहर जा सकते हैं। यात्रा सुखद रहेगी।

8 जून से 15 जून तकः- दिनांक 8 को समय सुखद रहेगा। इस हफ्ते आप खुलकर खर्च करेंगे। आप अपनी लाइफ स्टाइल में सुधार करेंगे। 9, 10 को समय अच्छा रहेगा। परिवार का साथ रहेगा। आप स्वयं को स्वतंत्र महसूस करेंगे। आप अपने अंदर किसी काम को पूरी हिम्मत और लगन से अंजाम देने की इच्छा महसूस करेंगे। 11, 12, 13 को आधा दिन आपके पक्ष में रहेगा। ऑफिस में आपको और अधिकार मिलने की संभावना है। आप काम के साथ-साथ मनोरंजन पर भी ध्यान देंगे। खानपान संबंधी मामलों में आप डाइटिंग और संतुलित भोजन पर ध्यान दे सकते हैं। 13 की शाम से 15 के मध्य समय खराब है। व्यवसाय में नुकसान के योग हैं। मन उदास रहेगा।

16 जून से 23 जून तकः- दिनांक 16 से 13 को समय सुखद रहेगा। आप भेंट-मुलाकातों सम्मेलनों तथा व्यवसाय संबंधी कार्यों से यात्राओं पर जा सकते हैं। साथ ही सामूहिक गतिविधियों में भी भाग लेंगे। मित्रों या प्रिय जनों के साथ आनंददायक क्षण बिताएंगे। 18, 19 को उत्तम संपत्ति दायक समय है। रुका हुआ पैसा प्राप्त होगा। आप अपने करियर के प्रति सजग रहेंगे। स्वयं के लिए बढ़िया ड्रेसिंग चुनेंगे। संतान को मनपसंद स्कूल कॉलेज या विषय लेने में सहयोग प्रदान करेंगे। 20, 21 को शांति का अनुभव करेंगे। आप अपने बड़ों का पूर्ण ख्याल रखेंगे। साथ ही उनका पूरा आशीर्वाद भी आपको मिलेगा। 22, 23 को समय कष्ट रहेगा। कुछ गलत लोग आपको फसाने की कोशिश करेंगे। इसलिए ऐसे लोगों से सावधान रहें।

24 जून से 30 जून तकः- दिनांक 24 को आधा दिन कष्ट भरा रहेगा। 26 तक समय अच्छा आ जाएगा। जीवन की गाड़ी एक बार फिर पटरी पर आ जाएगी। परिवार में सुख शांति और समृद्धि रहेगी। संबंधों और संपर्कों में मजबूती आएगी। आप स्वयं के प्रयासों या पहल से सफलता हासिल करेंगे। 27, 28 को मान सम्मान बढ़ेगा। आप जीवन की सार्थकता की तलाश में योग अध्यात्म और धार्मिक गतिविधियों को समय दे सकते हैं। तनाव से राहत महसूस करेंगे। काम में वृद्धि होगी। आर्थिक स्थिति सुधरेगी। 29, 30 को परिस्थितियां अनुकूल रहेगी। आर्थिक स्थिति मजबूत रहेगी। आपका काम आसानी से बन जाएगा।

जुलाई 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में राहु बुध वृषभ राशि का द्वितीय भाव में सूर्य मिथुन राशी का तृतीय भाव में केतु वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में शनि मकर राशि का दशम भाव में बृहस्पति कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में चंद्रमा मीन राशि का बारहवें भाव में है

1 जुलाई से 7 जुलाई तकः- मांस की शुरुआत बहुत ही खराब तरीके से होगी। एक-दो को चिंता कारी समय रहेगा। आप गैर पारंपरिक तरीकों से अपने काम करेंगे। जिसे आप पर संकट के बादल मंडरा सकते हैं। आप यदि कोई नया काम शुरू करने वाले हैं तो अभी ना करें। यात्रा में कष्ट का अनुभव रहेगा। 3, 4, 5 को समय खुशियों से परिपूर्ण रहेगा। आप अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए पूर जोर कोशिश करेंगे और काफी हद तक कामयाब भी होंगे। बगैर किसी बाधा के आगे बढ़ेंगे। समय का उपयोग अच्छे कार्यों में करेंगे। वैवाहिक कार्यक्रम की तैयारी में लगे रह सकते हैं। 6, 7 को आप कहीं बाहर जाएंगे। आप एक्शन में रहेंगे ऑफिस में आपकी धाक जामेगी अब नया निवेश करेंगे। बच्चों तथा रिश्तेदारों से संवाद बढ़ेगा। आप गोपनीय सौदा कर सकते हैं। आप यह महसूस करेंगे कि आप लक्ष्य के करीब है।

8 जुलाई से 15 जुलाई तकः- दिनांक 8, 9, 10 को आधा दिन शानदार फलों को देने वाला साबित होगा। आपको काम में आनंद आएगा। आप अपने काम में पूर्णता हासिल करेंगे। आप पूजा-पाठ आदि का भी सहारा ले सकते हैं। खर्च में बढ़ोतरी होगी लेकिन आय भी बढ़ेगी। आपके घर में या किसी करीबी परिवार के सदस्य के विवाह का योग बन रहा है। समय आनंददाई रहेगा। 10 को दोपहर से 12 के मध्य समय ठीक नहीं है। व्यापार या नौकरी में आपको कटु सच्चाईयों का सामना  करना पड़ सकता है। धन संबंधी मामलों में किसी भरोसेमंद व्यक्ति की सलाह जरूर लें अन्यथा बड़ी मुसीबत में फंस सकते हैं। सौदेबाजी में सोच समझकर निवेश करें। दिल की बजाए दिमाग से काम लें। सोच समझकर निवेश करें। दिल की वजह दिमाग से काम ले आपको घरवालों के विरोध का सामना करना पड़ सकता है। 13, 14, 15 को अच्छे दिन हैं। आप की कार्यविधि सराहनीय रहोगी। हर कार्य समय पर पूरा कर पाएंगे। नए कार्य की शुरुआत के लिए समय सर्वश्रेष्ठ है। प्रिय जनों का साथ प्रसन्नता देगा।

16 जुलाई से 23 जुलाई तकः- दिनांक 16 17 को शिक्षा शोध विज्ञान और ज्ञान हासिल करने के लिए नए क्षेत्रों में गंभीरता तथा ईमानदारी से प्रयास करेंगे। आप समान विचारों तथा गंभीर लोगों से संपर्क बनाएंगे। आप अपनी सभी जिम्मेदारियों और प्रतिबद्धताओं को कुछ इस तरह से अंजाम देंगे कि वह मिसाल बन जाएंगे। आप अपनी खुशियों को किसी भी तरह से हासिल कर लेंगे। 18, 19 को आप हर कार्य शांति से करेंगे। आपका अध्यात्म की तरफ झुकाव बढ़ जाएगा। आप ध्यान और प्रार्थना में दिलचस्पी लेंगे। आप मनोरंजक गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। सामाजिक गतिविधियों में भी सक्रिय रहेंगे। 20, 21 को आप थकान के शिकार हो सकते हैं। आप बीमारी के कारण अस्पताल में भी जाना पड़ सकता है। डॉक्टरों के पास चक्कर लगाने से आपका खर्च बढ़ सकता है। कार्य अधूरे होंगे 22, 23 को समय में सुधार आएगा।

24 जुलाई से 31 जुलाई तकः- दिनांक 24, 25 को आप पूर्णतया स्वस्थ व ऊर्जा से भरपूर रहेंगे। आप आर्थिक मसलों पर ध्यान देंगे। आपको वैवाहिक और रोमांटिक प्रतिबद्धताओं को पूरा करना पड़ेगा। आपको इस समय तमाम परेशानियों और तनाव से छुटकारा मिल जाएगा। तब भी 27 को हर कार्य का प्रतिफल तुरंत मिलेगा। व्यापार में 2 गुना लाभ प्राप्त होगा। आपकी तरक्की की राह आसान होगी। परिवार और प्रिय जनों की शरण में जाएंगे। संबंधों में प्रगाढ़ता आएगीं। 28, 29, 30 को द्वादशस्थ चंद्रमा होने से परेशान होंगे। वाहन खराब हो सकता है। गुप्त बातें उजागर हो सकती है। आपको अपनी फिजूलखर्ची की आदत पर अंकुश लगाना होगा। कार्य में बाधा आएगी। 31 को समय शानदार है। इसका भरपूर आनंद उठाएं।

अगस्त 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में चंद्रमा मेष राशि का लग्न में, राहुल वृषभ राशि का द्वितीय भाग सूर्य बुध कर्क राशि का चतुर्थ भाव में, मंगल शुक्र सिंह राशि का पंचम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में, शनि मकर राशि का दशम भाव में, बृहस्पतिवार कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

1 अगस्त से 7 अगस्त तकः- 1, 2 को सफलता प्राप्त करेंगे। जीवन प्रगति के पथ पर बढ़ेगा। आप अपने लक्ष्य को हासिल करने में कामयाब होंगे। आप कुछ ऐसे लोगों से मिलेंगे जो कि आपके लिए उपयोगी साबित होंगे। कड़ी मेहनत का कोई विकल्प नहीं है। आपके व्यक्तिगत हित और नए कार्यों की प्रगति इसी पर निर्भर करेगी। 3, 4 को आपकी दक्षिता लोगों को प्रभावित करेगी। आप का प्रदर्शन पहले से बेहतर होगा। लोग आपको सहयोग करेंगे। आपको खुशी सुकून और आराम मिलेगा। 5 को दोस्तों से लेकर जीवनसाथी तक आपको प्यार देंगे। आपके व्यवहार में खालीपन आएगा। आप खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। नयी योजनाएं और चुनौतियां आपके रोमांचित करेगी। काम को सच्ची लगने से पूरा करेंगे। 7 को आलोचनात्मक तथा नकारात्मक दृष्टिकोण से आप आगे नहीं बढ़ सकते इसलिए इसे छोड़ दें। यह समय अकेले कार्य शुरू करने का नहीं सावधान रहें।

8 अगस्त से 15 अगस्त तकः- दिनांक 8, 9 को मेहनत का फल पूरा नहीं मिल पाएगा। इस दिनों कोई खास काम नहीं होंगे। काम में व्यस्तता ज्यादा रहेगी। और आप स्वयं अस्त व्यस्त हो जाएंगे। वित्तीय मामलों में ज्यादा जोखिम ना लें। 10, 11 को आपका काम में मन लगेगा। विद्यार्थी वर्ग अपनी पढ़ाई बहुत अच्छे से कर पाएंगे। वहीं ग्रहणी या अपने काम को सुनियोजित ढंग से पूरा करेगी। साथ ही कुछ अच्छा व नया सीखेंगीं 12, 13 को आप अपनी प्राथमिकताओं और रणनीतियों पर भरोसा करेंगे। आपको अपनी योजनाओं को खुद को सीमित रखना चाहिए। नए काम शुरू करने का यही आदर्श समय है। किसी से भविष्य की योजनाओं के बारे में बातचीत ना करें। 14, 15 को शांति दायक समय है। काम और परिवार के बीच आप बढ़िया संतुलन बनाकर चलेंगे घर में सुख शांति बनी रहेगी। आय बढ़ेगी। बढ़िया खानपान योग व्यायाम आदि क्रियाकलाप महत्वपूर्ण होंगे।

16 अगस्त से 23 अगस्त तकः- दिनांक 16 सत्रह को समय अच्छा नहीं है। किसी पर ज्यादा भरोसा ना करें और अति आत्मविश्वास से भी बचें। कुछ मुद्दे जटिल हो जाएंगे। खासकर संतान से जुड़े मुद्दे जैसे विवाह नौकरी व्यापार आदि आपका मुख्य चिंता का विषय धन रहेगा। 18, 19 को समय अच्छा जाएगा। हर कार्य समय पर पूरा होगा। बाहरी यात्रा होगीं। व्यापार के संबंध में कुछ महत्वपूर्ण फैसले लेंगे। जीवनसाथी से प्रेम बढ़ेगा। दोनों एक दूसरे की मदद के लिए तैयार रहेंगे। 20, 21 को बेहतरीन समय व्यतीत होगां। सरकारी कामकाज गति पकड़ेंगे कोर्ट कचहरी के कार्यों में सफलता हासिल करेंगे। आपको शुभ समाचार मिलेंगे। आपको अपने कार्य में संतुष्टि की प्राप्ति होगी। 22, 23 को स्वास्थ्य अच्छा रहेगा। आपके व्यवहार में दयालुता तथा गर्मजोशी आएगी। आप आराम भी कर पाएंगे और आपका समय आनंददायक रहेगा। आप अपने बॉस को खुश कर पाएंगे।

24 अगस्त से 31 अगस्त तकः- 24, 25, 26 को मेहमानों का आगमन थकान भरा रहेगा प्रिय जनों से तनाव की स्थितियां बन सकती है ऐसे में देरी से काम ले और एक शब्द भी व्यक्ति की तरह कदम उठाएं अप्रिय या कटु बातों से बचें समय आपके अनुकूल नहीं है दुर्घटना चोट लगने से परेशानी बढ़ेगी 27 से 29 को धन संबंधी मुश्किलें आसान होगी रहस्यमई बातें और अध्यात्म की ओर रुझान बढ़ेगा प्रतिबद्धता है आपके जीवन में बदलाव ला सकती है 30 31 को सामान्य दिवस रहेगा पिता पुत्र के संबंध मजबूत होंगे व्यक्तिगत जीवन और काम में बेहतरी होगी इस समय खुद का काम खुद करें दूसरों पर भरोसा ना करें अन्यथा काम समय पर पूरा नहीं होगा

सितंबर 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में राहु वृश्चिक राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का तृतीय भाव में, सूर्य मंगल सिंह राशि का पंचम भाव में, बुध शुक्र कन्या राशि का अष्टम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में, शनि मकर राशि का दशम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में स्थिति है।

1 सितंबर से 7 सितंबर तकः- दिनांक 1, 2, 3 को धनदायक शुभ दिन है। आप प्रसन्न चित्त रहेंगे आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे। आप पर काम का अतिरिक्त भार बढ़ेगा किंतु आप सब कुछ बड़ी आसानी से संभाल लेंगे। जिंदगी अब पहले से ज्यादा अमीर भरी जान पड़ेगी और आपके कार्य भी इसी के अनुरूप होंगे। 4, 5 को समय अनुकूल नहीं है शरीर में आलस एवं सोचती रहेगी। काम में मन नहीं लगेगा। मन में तरह-तरह के विचार आएंगे। किसी निकटतम व्यक्ति से बिच्छोह हो सकता है। आपके अपने लोग आपसे किसी बात पर नाराज हो सकते हैं। यह स्वयं पर काबू रखने का समय है। 6, 7 को समय अनुकूल आ जाएगा। आपको आराम और सुख की प्राप्ति होगी। आप जो कुछ भी करेंगे उसमें एक उच्चता का अंदाजा लगेगा। एक बार फिर कार्य के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे।

 

8 सितंबर से 15 सितंबर तकः- दिनांक 8, 9 को आप सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ेंगे। आपकी छवि सुधरेगी। नए कपड़ों की खरीदारी होगी। शारीरिक गतिविधियां व्यायाम जैसे कार्य संपन्न होंगे। लोग आपको प्यार व तवज्जो देंगे। 10, 11 को परिवार और मित्रों का साथ संबंध मजबूत होंगे। वैवाहिक जीवन में खुशियां आएगी। आप नौकरी व व्यवसाय में आगे बढ़ने के लिए पुरजोर मेहनत करेंगे। समय आपके साथ है। अतः कार्य करने में विश्वास रखें तथा उसके परिणाम पर फोकस ना करें क्योंकि वह तो पक्ष में ही होगा। काम और सुख दोनों बहुत सुंदर ढंग से साथ साथ होंगे। 12, 13 को समय विपरीत फल कारक है आपके किसी बेहद करीबी संभवतः बड़े बुजुर्गों का स्वास्थ्य आपकी चिंता का विषय बनेगा। आप किसी बड़ी मुसीबत में पड़ सकते हैं। लोग आपकी पीठ पीछे बुराई या आलोचना करेंगे। कार्य क्षमता में कमी आएगी। 15 को समय अच्छा आएगा।

16 सितंबर से 23 सितंबर तकः- दिनांक 16, 17, 18 को समय अनुकूल है। सरकार से संबंधित कार्य गति पकड़ेंगे। कोर्ट कचहरी कि मैं आपकी जीत होगी। सभी स्तरों पर मेलजोल करने के लिए यह बढ़िया समय है। वित्त के मामलों में यह समय उन्नति कारक होगा। नया निवेश करेंगे। 19, 20 को समय विशेष अनुकंपा वाला होगा। तमाम क्षेत्रों में जीत हासिल करेंगे। संतान से संबंधित शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। चिंताओं से छुटकारा मिलेगा। नौकरी या व्यवसाय में परिवर्तन की संभावना है। 21, 22 को आप स्वयं को परेशानियों और अड़चनों से गिरा पाएंगे। इससे आप उदास हो सकते हैं। शांत रहिए। खर्च की अधिकता रहेगी। 23 को सफलता दायक दिवस रहेगा। चिंताओं से छुटकारा मिलेगा।

24 सितंबर से 30 सितंबर तकः- 24, 25 को आपकी साख व प्रसिद्धि में वृद्धि होगी। आप बीती समस्याओं को निपटने के लिए यह महसूस करेंगे कि आपके लिए बगैर काम किए कोई प्रगति संभव नहीं। आप अधीनस्थ की तुलना में अधिक व्यवहार कुशल और आकर्षक होंगे। 26 27 को निजी और दांपत्य जीवन के साथ साथ बिजनेस में तालमेल बैठेगा। आप अपनी खुशियां पा सकेंगे। कपड़े आभूषण जैसी चीजों और मनोरंजन का सुख भी लेंगे। 28, 29, 30 को समय बहुत अच्छा रहेगा। संबंधों पर खास जोर रहेगा। प्रिय जनों तथा मित्रों से भेंट मुलाकात होगी। 30 को दोपहर बाद से समय खराब है। विरोध सक्रिय रहेगा।

अक्टूबर 2021

ग्रह स्थिति

मासारंभ में राहु वृषभ राशि का द्वितीय भाव में,चंद्रमा कर्क राशि का चतुर्थ भाव में, सूर्य मंगल कन्या राशि का षष्टम भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का दशम भाव में चलायमान है।

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तकः- दिनांक 12 को समय अनुकूल नहीं है। स्वास्थ्य संबंधी मामूली समस्या पेश आने की संभावना है। अपने महत्वपूर्ण दस्तावेजों को संभाल कर रखें अन्यथा गुम या चोरी होने की संभावना अधिक है। दांत संबंधी समस्या रह सकती है। तीन-चार को समय ज्ञानवर्धक क्रियाकलापों में व्यतीत होगा। एक बार फिर आपका ध्यान घर परिवार पर केंद्रित रहेगा। आप अपने परिवार को हर संकट और परेशानी से महफूज  रखने का प्रयास करेंगे। आप यह महसूस करेंगे कि परिवार ही आपकी ताकत और पहचान है। परिवार वाले भी आपकी भलाई के लिए हर संभव प्रयास करेंगे। 5, 6, 7 को आप जोखिम या खतरा उठाने के मूड में रहेंगे। अपने घर या ऑफिस में बदलाव करेंगे। आप पुराने घिसे पिटे रीति-रिवाज या रूढ़िवादिता का विरोध करेंगे। आप सम्मान विचारधारा के लोगों के साथ संपर्क बढ़ाएंगे। जिनसे आपकी अच्छी निभेगी।

8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तकः- दिनांक 8, 9 को आप की उम्मीदें और आशाएं परवान चढ़ेगी। आपकी मेहनत का अच्छा नतीजा मिलेगा। आप खुद को ऊर्जा से भरपूर महसूस करेंगे। निजी और पेशेवर रूप से आप सही फैसले लेंगे। 10, 11 को समय कष्टकारी रहेगा। आप किसी बात को लेकर बेचेन रहेंगे या किसी महत्वपूर्ण बात को लेकर दुविधा की स्थिति में रहेंगे। काम की अधिकता से परेशानी होगी। पढ़ाई कर रहे जातको को याद ना रहने जैसी समस्याओं से गुजरना पड़ सकता है। 12, 13 को समय सामान्य फल पर रहेगा। आप अपने लक्ष्य को तय करेंगे। 14, 15 को मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी। मकान या जमीन से संबंधित काम पूरे होंगें।

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तकः- दिनांक 16, 17 को लाभ की स्थिति बनेगी। प्रेम और रोमांच के मोर्चे पर आपके लिए नई संभावनाएं बन सकती है। स्वयं को व्यवस्थित करेंगे। काम के साथ-साथ आप मनोरंजन के लिए समय निकालेंगे। 18, 19, 20 को समय ठीक नहीं है। आपको खर्च पर अंकुश लगाना होगा। आप बाहरी यात्रा पर जा सकते हैं। यात्रा में विलंब परेशानी और बेवजह खर्च की संभावना है। आपको विवाद का सामना करना पड़ सकता है। भविष्य के लिए योजनाएं बनेगी किंतु क्रियान्वयन नहीं हो पाएगा। 21, 22 को समय पूर्णतया अनुकूल रहेगा। अपने सुरक्षित भविष्य के लिए चतुराई से निवेश कर पाएंगे। आय में बढ़ोतरी होगीं। दूरदराज स्थित लोगों से संपर्क बनेगा जैसे आप के संपर्क बनेंगे। 23 को सामान्य दिन रहेगा।

24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तकः- दिनांक 25 को समय संतोष कारी रहेगा। आप में सब रहेगा। काम पर ध्यान दे पाएंगे। परिवार में सभी सदस्य मिलजुल कर रहेंगे। दूसरों का सहयोग हासिल होगा तथा दुश्मनों का दिल जीतेंगे। 26, 27 को पैसों की प्राप्ति होगी। अटके कार्य समय पर पूरे हो जाएंगे। पति-पत्नी में आपसी तालमेल बढ़िया रहेगा। नए रिश्ते कायम होंगे। 28 से 30 के मध्य का समय बहुत कष्टदायक रहेगा। अपने पैसों का निवेश सोच समझ कर करें अन्यथा पैसे फंस सकते हैं। वाहन से संबंधित कार्य होंगे। लड़ाई झगड़े की स्थिति बनेगी सगाई विवाह के कार्यों या बातों में अड़चनें आएंगी। 31 को समय अच्छा आ जाएगा। पढ़ाई में सफलता के योग हैं।

नवंबर 2021

ग्रह स्थिति

मासारंभ में राहु वृषभ राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा सिंह राशि का पंचम भाव में, बुध कन्या राशि का षष्टम भाव में, सूर्य मंगल तुला राशि का सप्तम भाव में, केतु वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में, शुक्र धनु राशि का नवम भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का दशम भाव में चलायमान है।

1 नवंबर से 7 नवंबर तकः- 1, 2, 3 को कहीं से शुभ समाचारों की प्राप्ति होगी। व्यापार में इजाफा होगा काम और अगर दोनों जगह आप की कार्य क्षमता में इजाफा होगा। आपका ध्यान आर्थिक मसलों पर केंद्रित रहेगा। आपके आसपास हंसी खुशी से भरपूर माहौल होगा। आर्थिक मोर्चे पर भी हालत बेहतर रहेगी। 4, 5 को समय अनुकूल है। बदलते मौसम का आनंद उठाएंगे किंतु थोड़ा स्वास्थ्य पर भी ध्यान रखें। राह में आने वाली बाधाओं को दूर करेंगे भाग्य आपका साथ देगा। पुराने परिचित से मुलाकात होगी जो कि आपको खुशी देगी। आप अपने शौक खेल मनोरंजन पढ़ना घूमना फिरना पूरे कर पाएंगे। 6, 7 को अष्टम मस्थ चंद्रमा का तक रहेंगे। पारिवारिक धन संपत्ति को लेकर विवाद हो सकता है। जीवन साथी आपकी बातों का कटाक्ष करेंगे। आपको यह सब अनदेखा करना होगा।

8 नवंबर से 15 नवंबर तकः- दिनांक 8, 9  को समय विजय सूचक है। विवादों में जीत हासिल करेंगे। आपका व्यक्तित्व बहुत ही आकर्षक सौम्या और मनमोहक रहेगा। आपका भाग्य आपका साथ देगा। 10, 11 को आप मानसिक शांति को सबसे ज्यादा तरजीह देंगे। आपको अपनी राह में आने वाली बाधाओं को दूर करने के लिए दुश्मनों का दिल जीतने की कला सीखनी होगी। टीम वर्क में आप बेहतरीन प्रदर्शन करेंगे। कर्ज और फंड के मामलों में भी आपको सफलता मिलेगी। यह वक्त आपके लिए अच्छा साबित होगा। आपका रुक पहले से ज्यादा सकारात्मक उदारवादी और गर्मजोशी से भरा होगा। 12, 13 को चारों तरफ से खुशियां और लाभ की प्राप्ति होगी। आप मेहमानों का गर्मजोशी से स्वागत करेंगे। 14, 15 को चिंता कारी समय रहेगा।

नवंबर 16 से 23 नवंबर तकः- 16 17 18 को सम्मुख चंद्रमा सफलता दायक रहेगा। आप जीवन के मोर्चे पर कड़ी परीक्षा के लिए खुद को मानसिक व शारीरिक रूप से तैयार कर लेंगे। क्षमता से अधिक मेहनत करेंगे। महत्वपूर्ण यात्रा योगी आप रिश्ते नाते और जान देंगे। मित्रों परिवार परिजनों तथा बच्चों को समय देंगे। 19, 20, 21 को संभावनाओं के नए द्वार खुलेंगे आपका लोगों को देखने का तरीका विकसित होगा। आप अपने बच्चों के भविष्य के लिए कुछ निवेश करेंगे। युवा वर्ग पूरे जोश से भरे होंगे। अपने करियर को लेकर चिंतित रहेंगे। लेकिन समय रहते आप अपना काम जमा लेंगे। 22, 23 को समय बेहतरीन है। आपके द्वारा किए कार्यो के पूर्ण फल की प्राप्ति होगी। आप खुद को मुक्त महसूस करेंगे।

24 नवंबर से 30 नवंबर तकः- दिनांक 24 को आधा दिन शुभ है। 24 को दोपहर से 26 तक चतुर्थ चंद्रमा कलाकारी रहेंगे। मुसीबतें गले पड़ेगी पैतृक संपत्ति जैसे मामलों में स्थितियां पक्ष में नहीं रहेगी। अब विनम्रता तथा चतुराई से काम निकालेंगे तो ही आपके लिए सही रहेगा। घरेलू कार्यों में ग्रहणीओं को दिक्कतें आएगी। 27, 28 को समय कुछ नया सीखने अनुसंधान का रहेगा। बुजुर्गों के लिए आपके मन में आदर भाव रहेगा। किसी समारोह का हिस्सा बनेंगे। दिनांक 29 को विवाह समारोह में शिरकत करेंगे। जन संपर्क बढ़ेगा। परिवार में वातावरण सुखद बनेगा। आप की कार्य क्षमता बढ़ेगी और आप महत्वपूर्ण व्यक्तियों का सहयोग प्राप्त करेंगे। आप इस समय प्रसन्न चित्त रहेंगे।

दिसंबर 2021

ग्रह स्थितिः- मासारंभ में राहु दृश्यम राशि का द्वितीय भाव में, चंद्रमा कन्या राशि का षष्टम भाव में, मंगल तुला राशि का सप्तम भाव में, केतु सूर्य बुध वृश्चिक राशि का अष्टम भाव में, शुक्र धनु राशि का नवम भाव में, शनि मकर राशि का दशम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का ग्यारहवें भाव में स्थित है।

1 दिसंबर से 7 दिसंबर तकः- नाश की शुरुआत बड़े ही शांतिपूर्ण ढंग से होगी। 1, 2 कुछ समय बहुत सामान्य तरीके से व्यतीत होगा। आप में विश्वास और तेजस्विता बढ़ेगी। खरीदारी में समय व्यतीत होगा। 3, 4 को अष्टम मस्थ चंद्रमा के कारण समय ठीक नहीं है। आप अपने अहं पर काबू रखें अन्यथा कोई भी दूसरा इस को सहन नहीं करेगा। आप अपनी वाणी व गुस्से पर भी काबू रखे हैं। संतान की किसी कार्य में अड़चनें आएंगी। जीवन में महत्वपूर्ण पहलू यानी पैसा और स्वास्थ्य दोनों आप की पकड़ से बाहर होंगे। 5ं को सरकारी कामकाज गति पकड़ेंगे। आप कुछ नया करना चाहेंगे खरीदारी में ठगे जा सकते हैं। आपकी इच्छा शक्ति मजबूत होगी। आप अपनी लाइफ स्टाइल में परिवर्तन करेंगें। कड़ी प्रतियोगिता के कारण आपको व्यवस्थित व बेहतर से बेहतर काम करना होगा। 7 को मान प्रतिष्ठा में इजाफा होगा। आप ज्यादा से ज्यादा लोगों के संपर्क में रहेंगे।

8 दिसंबर से 15 दिसंबर तकः- दिनांक 8, 9 को समय उत्तम सुखों को देने वाला होगा। कहीं शादी पार्टी में खानपान का आनंद उठाएंगे। आप मनोरंजन में समय व्यतीत करेंगे। आपके अभीष्ट की पूर्ति होगी। आपके काम में छेत्र में बदलाव के योग है। आपको कठिन कार्य करने की भी जरूरत होगी। 10, 11 को समय लाभकारी रहेगा। आप प्रसन्न रहेंगे। यात्रा में सुखद अनुभूति होगी। प्रतियोगी परीक्षा में जीत हासिल करेंगे। कानूनी मामलों में थोड़ा विलंब होगा। अंततः जीत आपकी होगी। 12, 13 को समय ठीक नहीं है। काम से ध्यान भटके गा घर वालों की छोटी सी कहीं बात चुप सकती है। 14, 15 को समय अच्छा आ जाएगा। बहुत कुछ करना भले ही संभव ना हो लेकिन कुछ खास अपनों के साथ मिलकर मामले सुलझा कर राहत की सांस लेंगे।

16 दिसंबर से 23 दिसंबर तकः- दिनांक 16, 17, 18 को समय मानसिक संतोष कारी रहेगा। जिंदगी को सुंदर और खुशनुमा बनाने के लिए आपका मूड भी उधार शील रहेगा। मिलनसार और लेन-देन की आदत आपको आगे ले जाएगी। समाज कल्याण के कार्यों में आप बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे। सद्भाव और उपयोगिता के कारण और आप उबाऊ काम को पूरे मन से करेंगे। 19, 20, 21 को आधा दिन बहुत महत्वपूर्ण रहेगा। करियर में जबरदस्त उछाल आएगा। व्यापार में गुणवत्ता पर ध्यान देंगे। आप काम में पूर्णता और संतुष्टि का अनुभव करेंगे। नौकरी में आपकी तरक्की होगी। 21 की दोपहर से 23 के मध्य का समय खतरनाक साबित होगा। आपका आत्मविश्वास डगमगाएगा। आर्थिक स्थिति कमजोर रहेगी। जीवन में आगे बढ़ने के मौके पिछड़ जाएंगे।

24 दिसंबर से 31 दिसंबर तकः- दिनांक 24, 25, 26 को ज्ञानवर्धक समय रहेगा। परिवार में सुख शांति बनेगी। संबंधों में मजबूती आएगी आप अपना समय पुस्तक पढ़ना ज्ञानवर्धक चैनल्स देखने में व्यतीत करेंगे। आय वृद्धि के साधनों का इजाफा होगा। 27, 28 को आपकी साख या प्रतिष्ठा बढ़ेगी। आप कहीं बाहर यात्रा का कार्यक्रम  बना सकते हैं। आप अपने काम को पूरी क्षमता और भरोसे के साथ निभाएंगे। 29, 30 को सप्त मस्थ चंद्रमा से जीवन में शांति रहेगी। अपनी राह में आने वाली बाधाओं को दूर करेंगे। आप मानसिक शांति को ज्यादा तरजीह देंगे। आप अपने जीवनसाथी परिवार वालों के साथ गर्मजोशी भरा व्यवहार करेंगे। 31 को वर्ष का अंतिम दिन कष्टदायक रहेगा। पार्टी में लड़ाई झगड़े दूर रहें। नशे की आदत से दूर रहें स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

मेष राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण

मेष राशि के प्रथम भाग में जन्म लेने वाले व्यक्ति का मकान दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर जाने वाली गली में होगा। मकान का खुला बाग पश्चिम दिशा की ओर होगा। मेष राशि के प्रथम पाठ में जन्म लेने वाले व्यक्ति के मकान का पड़ोस ध्वस्त, टूटी फूटी स्थिति में होगा। मकान के दक्षिण दिशा की ओर मंदिर या पूजा स्थल होगा जहां नित्य अर्चना होगी। यह भी संभव है कि मकान के उत्तरी भाग में मंदिर पूजा स्थल होगा, परंतु वहां नियमित पूजा नहीं होगी। इस गली में एक गणपति की मूर्ति ऊंचे स्थान में खुले मैदान में होगी जहां आसपास घुमाया जल संग्रह स्थान होगा।

द्वितीय चरण

 यदि मेष राशि के द्वितीय पाद में जन्म हो तो जातक के मकान की गली पश्चिम दिशा से पूर्व दिशा की ओर होती हुई उत्तर दिशा को जाएगी। गली के दक्षिण पश्चिम दिशा में एक मंदिर या तालाब होगा। उत्तरी दिशा की ओर बढ़ा जल संग्रह होगा जो जल्दी ही खंडहर में परिवर्तित हो जाएगा।

तृतीय चरण

 मेष राशि के तृतीय पास में जन्म लेने वाले जातक का मकान इसी गली में होगा जो की उत्तर से दक्षिण दिशा की ओर जा रही होगी। मकान का खुला भाग ब्रह्मा स्थान पश्चिम दिशा की ओर होगा। मकान के दोनों और खुली जगह होगी अर्थात दीवार से सटा हुआ कोई मकान नहीं होगा। मकान के पास ही शिव मंदिर होगा। वृश्चिक राशि की दिशा में ऐसा मंदिर होगा जहां छोटे देवताओं की पूजा होगी। वहीं पर एक कुआं जल संग्रह स्थान होगा।

चतुर्थ चरण

मेष राशि के चतुर्थ पाद में जन्म लेने वाले जातक का मकान इसी गली में होगा जो पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की ओर होगी। मकान दक्षिणा भी मुख होगा। मकान के दक्षिण दिशा में तालाब होगा। मकान के सिंह राशि और मकर राशि के संभाग में एक मंदिर और बगीचा होगा। तुला राशि और मेष राशि के स्थान पर छोटा सा पूजा का स्थान होगा जहां शिव के गणों की पूजा होगी।

मेष राशि और शनि 

                 ऊँ शन्नो देवीरभिष्टभ आपो भवन्तु पीतये

                       शय्योरभि स्रवन्तु नः।

अर्थात् देदीप्यमान जल (जल रुप शनि देव) हमारे पान के लिए (पीने के लिए) सुख रूप हो तथा रोगों का नाश करें।

ब्रह्मांड में शनि को सबसे रहस्यमय एवं चर्चित ग्रह माना गया है। नीलवर्ण के शनिदेव भगवान सूर्य तथा छाया (सुवर्णा) के पुत्र हैं। बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह है। ज्योतिष में इन्हें न्याय का देवता कहा गया है। यह व्यक्ति को उसके किए का दंड देते हैं। अनुकूल दशा, अंतर्दशा में व्यक्ति ने जो दुराचार, अनाचार, पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है, तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा, शनि की साढ़ेसाती व ढैया में मिल जाता है।

                      शनि की साढ़ेसाती व ढैया

किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि के दूसरे भाग में गोचर वर्ष परिभ्रमण करता है तो शनि की ’साढ़ेसाती’ कहलाती है। यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे 7 वर्ष चलती है। इसमें व्यक्ति को भयंकर दुख उठाना पड़ता है। शनि की गोचर व स्थिति आपकी राशि से चैथे एवं आठवें भाव में होने से शनि की ’ढैया’ कहलाती है। साढ़ेसाती का प्रभाव साडे 7 वर्ष तक एवं ढैयाका प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है। शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है। अतः तीनों राशियों में साढे 7 साल तक रहेगा। शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी दृष्टि कहलाती है। स्वयं की राशि में होने पर उसका भोग कहलाती है। शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक शनि की ’लात’ कहलाती है। शनि की दृष्टि में जातक मानसिक तनाव को भोगता है। यात्राएं व्यर्थ की खूब होती है। कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है। भोग में शनि व्यक्ति की आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है। वही लात में शनि उदर विकार, पैरों एवं धन को लेकर संघर्ष करवाता है। साथ ही कमर के नीचे के रोग भी देता है।

 

सन् 2021 में मेष राशि पर शनि का प्रभाव

इस वर्ष आपकी राशि से दशम स्थान में स्थित रहेंगे। दशम शनि से राज्य पक्ष में दबदबा रुतबा बरकरार रहेगा। आजीविका व कामकाज में हल्का फुल्का संघर्ष रहेगा। आप अपने काम व परिश्रम के बल पर सभी से अपना लोहा मनवा लेंगे। स्वास्थ्य की जहां तक बात है इस वर्ष सामान्य रूप से अच्छा रहेगा। पहले से जो बीमारी चली आ रही है उसमें आराम आ जाएगा। रिश्तेदारों व कुटुंब जनों का व्यवहार जरूर कुछ परेशान कर सकता है। कई मामलों में खासकर व्यापार व नौकरी संबंधी विषयों पर काफी सोच विचार और ठंडे दिमाग से काम लेने की आवश्यकता है। जल्दबाजी में लिया गया निर्णय आपकी परेशानी का कारण बन सकता है। इस वर्ष कर्मेश शनि कर्म स्थान में स्वग्रही है। आप पूरी निष्ठा व ईमानदारी से अपना काम पर ध्यान देंगे। काफी हद तक परिणाम व प्रतिफल भी आपके पक्ष में आएंगे। चिकनी-चुपड़ी बातों में ना आए चापलूस और से सावधान रहें। किसी कानूनी मसले पर किसी विशेषज्ञ से सलाह मशवरा करेंगे। काफी हद तक उठी कानूनी अड़चन का समाधान मिल जाएगा। आर्थिक स्थिति व पक्ष काफी संतोषजनक रहेगा।

शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत, मंत्र, रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं। शास्त्र कहता है-

             ’औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह, नक्षत्र, तारिका।

             भाग्य भवेत सिद्धि, अभाग्यं निष्फल भवेत।।

सबसे पहले औषध, उसके बाद मणि और तत्पश्चात् मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है।

रत्न (मणि) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न (नीली), त्रिलोह (सोना,चांदी,तांबा) की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर पहनें।
  2. शनि मंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में पैन्डेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्म है।

धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोडे की नाल या समुद्री नाव की कील में लोहे की अंगूठी बनाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार या शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें। शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें।
  2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुलि) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है। यह ’शनि मुद्रिका’कभी किसी को नुकसान नहीं करती। प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से भी अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्र चिकित्सा

किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं। शनि का तंत्रोक्त मंत्र निम्नलिखित है- ’ऊँ प्रां प्रीं सः श्नैश्चराय नमः।।’

व्रत-उपवास

शनिवार का व्रत रखें। इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें।

दान

शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य ही करना चाहिए।

  1. कीडी, नगरा सींचे। चींटियों को भोजन कराएं।
  2. काल कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल, चरण पादुका (जूते), काला वस्त्र, मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए।

             शनि की पीडा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें।
  3. शनि मंदिर में शनि की मुर्ति पर तिल का तेल चढाएं।
  4. शनि भगवान के सामने खडे रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खडे रहकर दर्शन करें, जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पडे।
  5. शनि न्याय के देवता हैं, अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें, जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है।

 

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This Post Has 15 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    MESH RASHI – MENDHA
    TATVA – AGNI TATVA
    DISHA – NANGAL
    BRIGHT FUTUR INFORMATION FOR FUTURE IN LIFE TIME USED

  2. Kailash vats

    मेष राशि की संपूर्ण जानकारी

  3. Narendra Pachare

    Mesh rashi ki sari jankari mili
    Rashi chinha mendha
    Swami mangal
    Tatwa agni etc
    Very useful

  4. Sitaram Keshri

    मेष राशि
    स्वामी -मंगल ,जाति – क्षत्रिय , अनुकूल रत्न -मूंगा , अनुकूल रंग – लाल । जानकारी महत्वपूर्ण है।

  5. Udit shreemal

    न्याय के देवता शनि के सामने सर झुका कर खड़े होते है। हाथ जोड़ कर नही।

  6. Geetanjali

    Thank you sir 🙏

  7. GANESH BHOPE GURUJI

    Mesh rashi pratham rashi hai isliye ye jatat ko dusre me andar kam karna bohat kathin jata hai
    Swami mangal maharaj hai ghussa bi bohat aata hai. Mesh ke jatak ki nirnay syamta bohat badiya rahthi hai mere astrology ke mam bi mesh rashi ke the
    Radiya jankari

  8. Piyush Sawant

    Mesh mendhak rashi best explanation….

    Shani dev is appearing everyone life
    Best guides about Shani dev. And relationship with Mesh..
    .

  9. Nirmala Gahtori

    Great information

  10. Pranali_B

    Helpful information in detail and nice explained

  11. Mamthaa Jain

    Omg

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