सिंह राशि

Table of Contents

             सिंह राशि की प्रमुख विशेषताएं

  1. राशि – सिंह
  2. राशि चिन्ह – शेर
  3. राशि स्वामी – सूर्य
  4. राशि तत्व – अग्नि तत्व
  5. राशि स्वरुप – स्थिर
  6. राशि दिशा – पूर्व
  7. राशि लिंग व गुण – पुरुष, सतोगुणी
  8. राशि जाति – क्षत्रिय
  9. राशि प्रकृति व स्वभाव – क्रूर स्वभाव, पित् प्रकृति
  10. राशि का अंग – हृदय
  11. अनुकूल रत्न – माणिक्य
  12. अनुकूल उपरत्न – सूर्यकांत मणि
  13. अनुकूल धातु – स्वर्ण
  14. अनुकूल रंग – चमकीला श्वेत, पीला, भगवा
  15. शुभ दिवस – रविवार, बुधवार
  16. अनुकूल देवता – सूर्य
  17. व्रत, उपवास – रविवार
  18. अनुकूल अंक – 1
  19. अनुकूल तारीखें – 1/10/19/28
  20. मित्र राशियां – मिथुन, कन्या, मेष, धनु
  21. शत्रु राशियां – वृषभ, तुला, मकर, कुंभ
  22. सकारात्मक तथ्य – खुले दिल-दिमाग वाला, उदारमना,                       गर्मजोशी
  23. नकारात्मक तथ्य – घमंडी, अति आत्मविश्वास, अति                       महत्वाकाक्षी

                 सिंह राशि की चारित्रिक विशेषताएं

आपकी राशि का अधिपति सुर्य है, जो तेजस्वी व ओजयुक्त पौरुष का प्रतिनिधित्व करता है। सिंह राशि के व्यक्ति निर्भीक, उदार व अभिमानी होते है। चित् में दृढ़ता, साहस तथा धैर्य इनमें विशेष मात्रा में पाया जाता है। सूर्य आत्मशक्ति या आत्मविश्वास का कारक ग्रह माना जाता है। अतएव सिंह राशि वाले पुरुषों में आत्मशक्ति गजब की होती है। ये कठिन से कठिन परिस्थितियों में भी नहीं घबराते। उनके अंदर आत्मविश्वास का भाव पूर्ण रुप से विद्यमान रहता है तथा अपनी बुद्धि एवं पराक्रम के बल पर वे जीवन में उन्नति प्राप्त करने में समर्थ रहते है। धनैश्वर्य, वैभव एवं भौतिक सुख-संसाधनों से प्रायः युक्त रहते हैं तथा जीवन में सुखपूर्वक इसका उपभोग करते हैं। ये जातक सिद्धांतवादी होते हैं तथा अपने सिद्धांतों की रक्षा के लिए सदैव तत्पर रहतें हैं। इनकी प्रवृत्ति धार्मिक होती है तथा स्वभाव में परोपकार का भाव भी रहता है, फलतः ये पूर्ण विश्वास के योग्य होते हैं। इसके अतिरिक्त सरकारी या गैर-सरकारी क्षेत्रों में किसी उच्च पद को प्राप्त करने में समर्थ होते हैं, जिससे सामाजिक मान-प्रतिष्ठा तथा यश समाज में विद्यमान रहता है, साथ ही नेतृत्व की क्षमता भी इनमें विद्यमान रहती है।

अतः इसके प्रभाव से आपका व्यक्तित्व आकर्षक रहेगा, जिससे अन्य लोग आपसे प्रभावित रहेंगे। आप निर्भीक पुरुष होंगे तथा अपने समस्त शुभ एवं सांसारिक कार्यकलापों को निर्भयता से संपन्न करके उनमें वांछित सफलता प्राप्त करेंगे, जिससे आपको भौतिक सुख-संसाधनों एवं अन्य ऐश्वर्य की प्राप्ति होगी तथा उन्नति के मार्ग भी प्रशस्त रहेंगे, फलतः आपका जीवन सुखपूर्वक व्यतीत होगा।

आपके हृदय में उदारता का भाव भी विद्यमान रहेगा तथा अन्य लोगों के प्रति स्नेह के भाव का प्रदर्शन भी करेंगे। आपको स्वपुरुषार्थ से जीवन में सफलता प्राप्त होगी तथा प्रतियोगिता के क्षेत्र में आप सफल होंगे। आपके शत्रु व प्रतिद्वंन्द्वी आपसे भयभीत होंगे, परंतु यदि आप अन्य जनों के साथ पूर्ण समानता का व्यवहार करेंगे, तो आप समाज में लोकप्रिय तथा अतिरिक्त प्रतिष्ठा भी अर्जित करने में समर्थ हो सकते हैं।

आप में शारीरिक बल की प्रधानता विशेष रहेगी तथा परिश्रम एवं पराक्रम में अपने सांसारिक महत्व के कार्यों को सम्पन्न करेंगे तथा इनमें इच्छित सफलता प्राप्त करके जीवन में उन्नति के मार्ग प्रशस्त करेंगे। राजनीति या व्यापार आदि में आप उन्नतिशील रहेंगे तथा इन क्षेत्रों में आपकी श्रेष्ठता बनी रहेगी।

आपके स्वभाव में तेजस्विता का भाव भी विद्यमान रहेगा। अतः यदा-कदा आप अनावश्यक क्रोध या उग्रता के भाव का भी प्रदर्शन करेंगे। आयुर्वेद एवं योग आदि के प्रति आपकी आस्था विद्यमान रहेगी। आप में गंभीरता का भाव विद्यमान होगा, फलतः आपके कार्य धैर्यपूर्वक संपन्न होंगे, जिससे आपको सफलता प्राप्त होगी।

सूर्य राजयोग कारक ग्रह है। सिंह राशि के जातक प्रायः राजा की तरह ऐश्वर्य व प्रतिष्ठा का उपभोग करते हैं। ऐसे व्यक्तियों का चेहरा तेजस्वी व लालिमा युक्त होता है।

धर्म के प्रति आपके मन में श्रद्धा रहेगी तथा श्रद्धापूर्वक धार्मिक कार्यकलापों तथा अनुष्ठानों को संपन्न करेंगे। इसी परिप्रेक्ष्य में सत्संग आदि में भी अपना योगदान प्रदान कर सकते हैं। आपको भ्रमण या पर्वतीय क्षेत्र में घूमना रुचिकर लगेगा। अतः आप समय-समय पर ऐसे स्थानों की सैर करते रहेंगे। इस प्रकार समस्त सुखों का उपभोग करते हुए आप अपना समय व्यतीत करेंगे।

सिंह राशि पुरुष संज्ञक एवं अग्नि तत्व प्रधान राशि है। आप उदार ह्रदय होने के नाते लोगों को क्षमा कर देते हैं, परंतु यदि कोई आपके मन पद एवं प्रतिष्ठा पर कालिख पोतने की कोशिश करें तो आप उसे कभी भी क्षमा नहीं करेंगे। आपके जोश हिम्मत एवं रोग के सामने शत्रु के हौसले पस्त हो जाएंगे। शत्रु आपके सामने आने से हमेशा घबराएगा। इसलिए पीठ पीछे आपकी बुराई होगी एवं सम्मुख प्रशंसा। आप चापलूस लोगों से बचें।

सिंह राशि चतुर्थ पद शीर्षदय एवं दिन बलि है। रात्रि के कार्यकलाप आपके लिए अनुकूल नहीं कहे जा सकते। आप किसी के भी अधीनस्थ रहकर कार्य नहीं कर सकते। आप स्वच्छंद विचारों वाले व्यक्ति हैं। यदि आप व्यापारी हैं तो आप देखेंगे कि आपका भागीदार आपसे कुछ दबा हुआ या डरा हुआ सा होगा। यह आपकी प्रकृति प्रदत शक्ति एवं जन्मजात विशेषता है।

यदि आपका जन्म सिंह राशि के अंतर्गत मघा नक्षत्र (मां, मी, मु, मे) में हुआ है तो आपका जन्म 7 वर्ष की केतु की दशा के अंतर्गत हुआ है। आपकी योनि मूषक, गण राक्षस, वर्ण क्षत्रिय, हंसक वायु, नाड़ी आद्य, पाया चांदी एवं वर्ग भी मूषक है। आप ठीगने कद के सुदृढ़ वक्ष स्थल एवं मजबूत जंगाओं के मालिक है। गर्दन कुछ मोटी वाणी में कुछ कर्कशता एवं रूखापन सिंह राशि वाले व्यक्ति की विशेषता है। इस नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों के दांत तीखे, जीवा चैकोर एवं खुरदरी होती है। मघा नक्षत्र में जन्म लेने वाले व्यक्तियों की आंखों में कुछ विशेष आकर्षण होता है। चेहरा शेर के समान भरा हुआ व रोबिला होता है। प्रायः इस राशि वाले व्यक्ति पुरुषार्थ एवं अपने पौरूष प्रदर्शन के लिए लालायित रहते हैं, तथा इनको शानदार मूछें रखने का बड़ा शौक रहता है। कुछ हद तक अभिमानी होने के नाते यह बहुत जल्दी नाराज भी हो जाते हैं तथा अपनी मर्दानगी एवं बलशाली शक्ति का दुरुपयोग करने में भी नहीं हिचकीचाते।

यदि आप का जन्म सिंह राशि के अंतर्गत पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र (मो, टा, टी, टू )में हुआ है तो आपका जन्म 20 वर्ष की शुक्र की महादशा में हुआ है। आपकी योनि मूषक, गण मनुष्य, वर्ण क्षत्रिय, हंसक वायु, नाड़ी मध्य, पाया चांदी। इस नक्षत्र के प्रथम चरण का वर्ग मूषक एवं अंतिम तीन चरण का वर्ण श्वान है। इस नक्षत्र में जन्मे व्यक्ति मधुर भाषी एवं भ्रमण शील होते हैं। इन्हें पानी से बहुत प्रेम होता है।

यदि आपका जन्म सिंह राशि के अंतर्गत उत्तरा फाल्गुनी नक्षत्र के प्रथम चरण ’टे’  में हुआ है तो आपका जन्म 6 वर्ष की सूर्य की महादशा में हुआ है। आपकी योनि गौ, गण मनुष्य, वर्ण क्षत्रिय, हंसक वायु, नाड़ी आद्य, पाया चांदी तथा वर्ण श्वान है। इस नक्षत्र में जन्मे जातक सूर्य के समान तेजस्वी होते हैं तथा अपने परिश्रम से बहुत सारा धन एवं बहुत नाम अर्जित करते हैं।

सिंह राशि वालों के पिता पुत्र में कम बनती है। धार्मिक क्षेत्र में आप शक्ति के उपासक हैं। भैरों, सिंह एवं सूर्य इत्यादि शक्ति प्रदान देवताओं में आपकी रूचि रहेगी। सिंह राशि उष्ण स्वभाव, अल्प संतति, पीत वर्ण, ब्राह्मण प्रिय एवं निर्जल राशि है। आपको मलाईदार वस्तुओं में रूचि हो रहेगी। सूर्य का तेजोमय माणिक्य रत्न आपके लिए सदा सर्वथा अनुकूल एवं शुभ रहेगा।

उपाय- 4 1/4 रत्ती का माणिक्य या सूर्यकांत मणि धारण करें। आदित्य ह्रदय स्त्रोत का रोजाना पाठ करें। सूर्य को अघ्र्य दें। लाल रंग के 7 पुष्प भाग्योदय व उन्नति की कामना से जलाशय में प्रवाहित करें। लाल रंग के पुष्प एवं पत्ते वाले पौधे को रोजाना जल दें। अनार के पौधे को सीचें।

             सन 2021 में सिंह राशि का वार्षिक भविष्यफल

वर्ष 2021 की शुभकामनाएं यह वर्ष आपके लिए शुभ संकेतों को लेकर आ रहा है। शत्रु एवं विरोधी एक-एक करके सभी इसी वर्ष समाप्त होंगे। वर्ष पर्यंत शनि महाराज आपकी राशि से छठे स्थान में गतिशील रहेंगे। जहां में 11 मई से 29 सितंबर के मध्य वक्र स्थिति में भी चलायमान रहेंगे। दीर्घकालिक रोग जैसे डायबिटीज, ब्लड प्रेशर, हार्ड डिजीज जैसी बीमारियों से कुछ हद तक आराम आएगा। छोटी-मोटी बीमारियां, सर्दी, खांसी, जुकाम जैसी बीमारियां हावी हो सकती है। मौसमी बीमारियां भी जोर मारेगी। आप सिंह राशि के जातक हैं। सिंह राशि का व्यक्ति शत्रुंजयी होता है। शत्रुओं पर विजय प्राप्त करता है। तथा शत्रुओं को किसी भी कीमत पर नहीं छोड़ता। इस वर्ष आपको शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। साथ ही आर्थिक एवं व्यवसायिक लाभ के योग भी इस वर्ष बने हुए हैं। व्यापार एवं कार्यक्षेत्र में नए-नए व्यापारिक एवं व्यवसायिक अनुबंधन जिससे आपकी उन्नति का रास्ता आसान हो जाएगा। काम का जो पूरी गंभीरता एवं संजीदगी से लेने की आवश्यकता रहेगी। लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। कोई आर्डर या महत्वपूर्ण कार्य आपके हाथों से निकल सकता है। 11 मई से 19 सितंबर के मध्य शनि वक्र स्थिति में चलायमान है। अतः इस समय कोई शारीरिक परेशानी या शत्रु जय पीड़ा रह सकती है। शारीरिक कमजोरी, थकान, सिरदर्द एवं पेट दर्द ऐसी बीमारियों से कष्ट की अनुभूति होती रहेगी। वहीं आप इस वर्ष किसी साजिश एवं षडयंत्र  का शिकार हो सकते हैं। अगर आप राजकीय सेवा सरकारी नौकरी में है, तो एक-एक कदम फूंक-फूंक कर रखने की आवश्यकता है।

इस वर्ष व्यापार एवं कारोबार में विस्तार की योजना कार्य रूप में परिणित होगी। आप कई निर्णय बड़ी ही संजीदगी से लेंगे। जिसके परिणाम आगे चलकर सकारात्मक आएंगे। नौकरी में पूरी कर्तव्य निष्ठा ईमानदारी एवं संजीदगी का परिचय देंगे। बॉस एवं अधिकारी आप के काम से खुश एवं संतुष्ट रहेंगे।

विद्यार्थियों के लिए यह वर्ष जरूर कुछ ढीला रह सकता है। टीवी, सोशल मीडिया तथा प्रेम प्रसंगों के चलते अध्ययन में एकाग्र चित्त नहीं बन पाएंगे। लक्ष्य से ध्यान विचलित हो सकता है। जो कोर्ट केस लंबित चल रहे हैं उनमें इस वर्ष सफलता के योग बने हुए हैं। चल-अचल संपत्ति की खरीद फरोख्त के लिए आप ऋण ले सकते हैं। इस वर्ष छठे भाव में शनि एवं गुरु की युति के कारण क्षण यंत्रों से मैं आपको सावधान करना चाहता हूं। नौकरी पेशा व्यक्तियों को मेरी सलाह है कि आप पर मुसीबतों की गाज गिरने वाली है। आप पूर्ण रूप से निगरानी में है। आपकी एक-एक गतिविधि, एक-एक हरकत को नोट किया जा रहा है। अतः एक-एक कदम सावधानी एवं सतर्कता से रखें। घर परिवार में शांतिपूर्ण वातावरण रहेगा। नवम भाव में मंगल स्वग्रही होने के कारण एक और जहां भाइयों से संबंध और भी गहरे होंगे वही संतान जीवन साथी एवं परिवार आपकी प्राथमिकता पर होंगे। घर एवं कामकाज के बीच में बेहतर तालमेल आप स्थापित कर लेंगे। पति-पत्नी में यदा-कदा वैचारिक मतभेदों की स्थिति रह सकती है। 20 जून से 18 अक्टूबर के मध्य घर के किसी बड़े बुजुर्ग एवं वरिष्ठ सदस्य का स्वास्थ्य चिंता का कारण बनेगा। पति पत्नी एक दूसरे की भावनाओं एवं विचारों को समझकर आचरण करेंगे। बुद्धि व दिमाग का इस्तेमाल करके आप नकारात्मक चीजों को कम करेंगे। आप अच्छे लोगों एवं अच्छे विचारों से प्रेरणा लेकर तीव्र वेग से आगे बढ़ेंगे। धन प्राप्ति के इस वर्ष जबरदस्त योगायोग बने हुए हैं, लेकिन आप यह महसूस करेंगे कि धन की इस आपाधापी में रिश्ते पीछे छूट गए हैं।

शारीरिक सुख एवं स्वास्थ्य- इस वर्ष आपका शारीरिक स्वास्थ्य ठीक रहेगा। देव गुरु बृहस्पति ईश्वर से छठे स्थान में नीच राशि में है, परंतु साथ में शनि का संयोग होने से नीचभंग राजयोग बना। अतः किसी गंभीर व घातक बीमारी की संभावना इस वर्ष नहीं है। परिवार के किसी सदस्य बुजुर्ग माता-पिता का स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है, जिस कारण आपको बार-बार अस्पताल के चक्कर काटने पड़ सकते हैं। हालांकि सर्दी, सिर दर्द, बुखार, जुखाम, खांसी जैसी मौसमी बीमारियां आपके साथ लगी रहेंगी। डायबिटीज, हार्ट डिजीज, ब्लड प्रेशर जैसी बीमारियों में नियमित जांच करवाते रहें। 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य जीवन साथी के स्वास्थ्य में गुरु के परिभ्रमण के कारण परेशानी हो सकती है। इस दरमियान वाहन भी सावधानीपूर्वक चलाएं। अपनी दवाइयों व्यवसाय एवं दिनचर्या खान-पान का ध्यान रखें।

ेव्यापार व्यवसाय एवं धन- इस वर्ष आप अपनी योग्यताओं एवं क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल करेंगे। रुपयों-पैसों के मामले के दृष्टिकोण से समय काफी महत्वपूर्ण है। व्यापार में कोई बड़ी डील या अनुबंधन हो सकता है। कारोबार व व्यापार को बढ़ाने के लिए नए-नए विचार एवं नए-नए आइडियाज आपको आएंगे। काफी हद तक आप उन पर अमल भी करेंगे। परिणाम आपको कुछ कमजोर ही मिलेंगे, परंतु आपका आत्मविश्वास एवं मनोबल लेश मात्र भी कम नहीं होगा। बाजार में चल रही सुस्ती एवं मंदी कुछ हद तक प्रभाव आपके काम पर भी पड़ेगा। वर्ष के मध्य में व्यावसायिक गतिविधियां कुछ तेजी से चलेंगी। व्यवसाय प्रतिद्वंदीओं एवं प्रतिस्पर्धीओं से सावधान रहें। गुरु एवं शनि सौम्य व क्रूर ग्रह की युति के कारण प्रतिद्वंदी एवं प्रतिस्पर्धी किसी सरकारी विभाग में आपकी शिकायत कर सकते हैं। आयकर, जीएसटी, निगम, कस्टम, वैट आदि से संबंधित समस्याएं खड़ी हो सकती है, जो समय रहते सुलझ भी जाएंगी। संपत्ति एवं शेयर्स आदि में निवेश का योग बन रहा है, परंतु निवेश करने से पहले अच्छी तरह से जांच परख कर लीजिएगा। ऑनलाइन ठगी एवं ऑनलाइन फ्रॉड से भी सावधान रहने की आवश्यकता है। सट्टा बाजार, तेजी मंदी, उतार-चढ़ाव, एनसीडीईएक्स से दूर रहें। नई तकनीक, हुनर या मशीनरी का इस्तेमाल करके आपके प्रोडक्शन को बढ़ा सकते हैं। कुछ ठोस एवं व्यापारिक महत्वपूर्ण निर्णय आप लेंगे। रुपयों-पैसों के मामले में किसी का भी भरोसा नहीं करेंगे। किसी को उधार तो भूल कर भी नहीं दें, अन्यथा वापस आने में संशय ही रहेगा। इस वर्ष सिंह राशि के जातकों के लिए धन संचय के योग भी हैं।

घर परिवार संतान व रिश्तेदार- इस वर्ष आप कामकाज और परिवार के बीच बेहतर संतुलन बना देंगे। जीवनसाथी से इस वर्ष आपको भरपूर सहयोग एवं प्रेम मिलेगा। 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य जीवन साथी के स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रह सकते हैं। संपर्कों का दायरा इस वर्ष काफी विस्तृत रहेगा। बृहस्पति पंचममेश नीच का है। अतः 6 अप्रैल से पूर्व संतान की शिक्षा, कैरियर एवं विवाह आदि आपकी चिंता के केंद्र में रहेंगे। पति-पत्नी एक दूसरे की भावनाओं एवं विचारों का सम्मान करेंगे। कभी-कभार हल्की-फुल्की गलतफहमियां किसी तीसरे व्यक्ति के कारण उत्पन्न हो सकती है, परंतु समय रहते उनका समाधान भी हो जाएगा। रिश्तेदारों एवं कुटुंबी जनों से इस वर्ष किसी भी प्रकार के सहयोग की अपेक्षा नहीं की जा सकती। भाइयों से चला आ रहा विवाद और उलझेगा। रिश्तो में कड़वाहट का जहर घुलेगा। परिवार में किसी नवीन मेहमान के आगमन की गूंज सुनाई दे रही है। बड़े बुजुर्गों एवं परिवार के वरिष्ठ व्यक्तियों के स्वास्थ्य को लेकर सजग रहें।

विद्या अध्ययन, पढ़ाई व करियर- इस वर्ष विद्यार्थियों को और अधिक मेहनत एवं परिश्रम करने की आवश्यकता है। विद्यार्थी यदि इस वर्ष अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे, तो निश्चित ही उन्हें सफलता मिलेगी। 6 अप्रैल से पूर्व का समय थोड़ा सा ढीला रह सकता है। इंटरव्यू, साक्षात्कार, ग्रुप डिस्कशन, वीडियो कॉन्फ्रेसिंग की ढंग से तैयारी करें, अन्यथा बात फंस सकती है। नौकरी से संबंधित परीक्षा, विभागीय परीक्षा में परिणाम इतने ठोस एवं सकारात्मक नहीं आएंगे। परंतु 6 अप्रैल के बाद 14 सितंबर तक कुंभ के गुरु के कारण आपका प्रयास एवं परिश्रम सार्थक हो सकता है। तकनीक, मैकेनिकल, लीगल, फाइनेंसियल, पॉलिटेक्निक में प्रयासरत विद्यार्थियों को इस वर्ष सफलता मिल जाएगी। सोशल मीडिया, नेटवर्किंग साइट्स से दूरी बनाकर रखें। बुरे लोग एवं बुरी सोहबत से दूर रहें। 6 अप्रैल से 14 सितंबर के मध्य नई नौकरी के प्रस्ताव व अवसर मिलेंगे। इस वर्ष योग्यता तो आप में है, परंतु योग्यता से ज्यादा ध्यान आपको योग्यता के प्रस्तुतीकरण पर देना चाहिए। व्यक्तित्व निखार, भाषण कला, इंटरव्यू फेसिंग आदि की ट्रेनिंग लें।

प्रेम प्रसंग व मित्र- इस वर्ष मित्रों का दायरा काफी विस्तृत होगा। मित्रों की फेहरिस्त में नए-नए नाम जुड़ते जाएंगे। परंतु इसमें सही मित्र को पहचानना आपके लिए बड़ी चुनौती होगी। किसी मित्र का इस वर्ष सहयोग मिलेगा व आप भी किसी मित्र की बड़-चढ़कर मदद करेंगे। सोशल मीडिया के माध्यम से भी नए-नए मित्र बनेंगे। जहां तक प्रेम संबंधों की बात है। इस वर्ष प्रेम प्रसंगों में आपके साथ कोई धोखा या बेवफाई हो सकती है। प्रेम प्रसंगों के लिहाज से यह वर्ष इतना अनुकूल नहीं है। किसी तीसरे व्यक्ति के कारण प्रेम संबंधों में तनाव आ सकता है। प्रेम संबंधों में मर्यादा व संयम रखें। विवाहेत्तर प्रेम संबंधों से एक निश्चित दूरी बनाकर रखें, अन्यथा पारिवारिक जीवन अस्त व्यस्त हो सकता है।

वाहन खर्च व शुभ कार्य- इस वर्ष कमाई का मामला ठीक-ठाक रहेगा व जमाबंदी, जमा पूंजी का बड़ा हिस्सा भूमि, भवन, वाहन आदि की खरीद फरोख्त पर व्यय हो सकता है। निवेश से पूर्व सावधानी रखें। घर में किसी इलेक्ट्रॉनिक उत्पाद, रोजमर्रा के उपयोगी वस्तु, सोना, चांदी, बहुमूल्य धातुओं, फर्नीचर आदि की खरीद हो सकती है। ऑनलाइन खरीददारी में सावधान रहें। कोई ठगी हो सकती है। जहां तक वाहन की बात है, बार-बार वाहन की मरम्मत रखरखाव पर हो रहे खर्चे से खर्चे से परेशान होकर आप नए वाहन की खरीद का कार्यक्रम बना सकते हैं। वाहन जरूर सावधानी पूर्वक चलाएं। फिजूल खर्ची पर नियंत्रण रखें। नवंबर-दिसंबर में घर परिवार एवं रिश्तेदारी में किसी शुभ कार्य की स्थिति बन सकती है।

हानि, कर्ज एवं अनहोनी- इस वर्ष आने की संभावना तो कम ही है। फिर भी आपको सतर्कता एवं सावधानी रखनी चाहिए। आपके कर्मचारियों की गतिविधियों पर नजर रखें। कोई व्यावसायिक सूचना या पैसों का लीकेज सामने आ सकता है। आप किसी चल-अचल संपत्ति, भवन, फ्लैट आदि की खरीद के लिए ऋण ले सकते हैं। रुपयों-पैसों के मामले में आपके साथ विश्वासघात हो सकता है। इस वर्ष मैं आपको यह सलाह दूंगा कि वाहन सावधानी पूर्वक चलाएं। सीट बेल्ट, हेलमेट लगाएं। यातायात के नियमों का कठोरता से पालन करें। अन्यथा कोई अनहोनी हो सकती है। शराब पीकर वाहन नहीं चलाएं या वाहन चलाते समय लापरवाही नहीं करें।

यात्राएं- कामकाज को लेकर इस वर्ष काफी महत्वपूर्ण यात्राएं करेंगे। धार्मिक यात्रा का कार्यक्रम 6 अप्रैल से पूर्व गुरु के नीचत्व भग के कारण बन सकता है। यात्राओं में खानपान का विशेष ध्यान रखें।

उपाय- आप सिंह राशि के जातक हैं। अतः सवा पांच रत्ती का माणिक्य या सूर्यकांत मणि युक्त सूर्य यंत्र गले में धारण करें। सूर्य को प्रातः 8 बजे से पूर्व अगरिया दे। आदित्य ह्रदय स्तोत्र का रोजाना पाठ करें। किसी उच्च राजकीय पदस्थ व्यक्ति व अधिकारी की सेवा सुश्रुषा करें। लाल रंग का सुगंधित रुमाल पास में रखने से भी भगवान सूर्य का आशीर्वाद प्राप्त होगा।

             सन 2021 में सिंह राशि का साप्ताहिक भविष्यफल

 

जनवरी 2021

ग्रह स्थिति

वर्ष आरंभ में केतु शुक्र वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, सूर्य बुध धनु राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति शनि मकर राशि का षष्टम भाव में, मंगल मेष राशि का नवम भाव में, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का बारहवें भाव में चलाएं मान है।

1 जनवरी से 7 जनवरी तक

1 व 2 को कहीं से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। प्रेम प्रसंगों के उजागर होने का खतरा बना हुआ है। ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है, जिसे आप गुप्त रखना चाहते हैं। विवाह योग्य लड़के व लड़कियों के विवाह की बात आगे चलेगी। कहीं से बैठे-बिठाए चिंता आएगी। समय गति विपरीत ही चलेगी।3 व 4 को कुछ विशिष्ट व्यक्तियों से मुलाकात होगी। समस्याएं आएंगी परंतु एक-एक करके सारी समस्याओं का हल आप खोज लेंगे। यात्रा के दौरान किसी व्यक्ति विशेष से आपकी मुलाकात आपकी उन्नति के सारे रास्ते खोल देगी। 5 व 6 बजे को समय गति मध्यम मध्यम फुलकारी है। इस समय आपको शुभ व अशुभ दोनों ही तरह के परिणाम व प्रतिफल मिलेंगे। व्यापार में नया एग्रीमेंट हो सकता है। 7 को आपके किए गए किसी काम का परिणाम आपके पक्ष में आएगा। आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।

8 जनवरी से 15 जनवरी तक

8 को शत्रु व विरोधी परास्त होंगे। आप की हुंकार मात्र से ही वे खौफजदा हो जाएंगे। पुराना दिया हुआ उधर रूपया वसूल होगा। इस समय आप जो इन्वेस्ट करेंगे, उससे दोगुना प्राप्त करेंगे। 9 से 11 जनवरी के मध्य आप किसी मुसीबत या संकट में पड़ जाएंगे। संपत्ति को लेकर विवाद की संभावना बनी रहेगी। आध्यात्मिक एवं बौद्धिक स्तर पर उपलब्धियां हासिल होंगी। आपका कोई घनिष्ठ व्यक्ति ही आपके साथ कोई गुप्त योजना या षड्यंत्र रच सकता है। 12 व 13 को धर्म-कर्म में रुचि रहेगी। कार्य क्षेत्र में बॉस या वरिष्ठ व्यक्ति से हल्का-फुल्का तनाव हो सकता है। सहकर्मियों वह मित्रों का सहयोग मिलेगा। 14 व 15 को आप किसी जरूरतमंद मित्र की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे। आध्यात्मिक एवं बौद्धिक ऊंचाइयां प्राप्त करेंगे।

16 जनवरी से 23 जनवरी तक

16 व 17 को तमाम व्यस्तताओं के बावजूद आप घर परिवार के लिए समय निकाल ही लेंगे। कुछ चुनौतीपूर्ण परिस्थितियां आएंगी, लेकिन हर परिस्थिति का मुकाबला डटकर करेंगे। अध्यात्मा में जन्म-मोक्ष जैसे सवालों के जवाब ढूंढने में लगे रहेंगे। 18 से 20 जनवरी तक का समय घोर निराशा एवं कष्ट का है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी भी इस समय रहेगी। आपके पूरे किए कराए पर पानी फिर सकता है। आर्थिक रूप से एक के बाद एक समस्या व विपत्तियां आएंगी। शत्रु एवं विरोधी आप पर हावी रहेंगे। सर्दी संबंधी रोगों से कष्ट अनुभूति होगी। 21 व 22 को जिंदगी एक बार फिर पटरी पर दौड़ेगी। पुरानी हसीन यादों में खोए रहेंगे। राजकीय कार्यों में सफलता मिलेगी। 23 को मान-सम्मान यश कीर्ति में वृद्धि होगी। दो नंबर के कार्यों से फिलहाल दूरी बनाए रखें।

24 जनवरी से 31 जनवरी तक

24 व 25 को घर परिवार में शांति व खुशी का वातावरण बना रहेगा। 26 व 27 को आर्थिक लाभ का मार्ग प्रशस्त होगा। किसी फोन कॉल्स, डाक या ईमेल द्वारा लाभ और प्रसन्नता मिलेगी। नौकरी व व्यवसाय में व्यस्तता का यह आलम रहेगा कि आप अपने लिए भी समय नहीं निकाल पाएंगे। किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज पर आप हस्ताक्षर कर सकते हैं। 28 व 29 को कहीं से अशुभ समाचार व संदेश प्राप्त हो सकता है। किसी विवाह समारोह में शिरकत करेंगे। परंतु अपने स्वास्थ्य का ध्यान रखें, अन्यथा स्वास्थ्य गड़बड़ हो सकता है। फिजूलखर्ची को नियंत्रित करें। 30 व 31 को किसी विशिष्ट व्यक्ति से मुलाकात होगी। कार्यों की रुकावटें व बाधाएं दूर होंगी। आपके विरोधी व शत्रु आप की हानि नहीं कर पाएंगे।

फरवरी 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा कन्या राशि का द्वितीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शुक्र शनि सूर्य बृहस्पति मकर राशि का षष्टम भाव में, बुध कुंभ राशि का सप्तम भाव में, मंगल मेष राशि का नवम भाव में, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में चलाएं मान है।

1 फरवरी से 7 फरवरी तक

1 से 3 फरवरी के मध्य आप काम और परिवारिक जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बनाकर चलेंगे। किसी समारोह हो या शादी में शिरकत कर सकते हैं। नया व्यवसाय शुरू कर सकते हैं, या वर्तमान कार्य को ही नयापन लाकर शुरू करने के लिए प्रयासरत रहेंगे। 4 व 5 फरवरी को पराक्रम में वृद्धि होगी। कहीं से रुका हुआ रुपया प्राप्त हो जाएगा। लोक कल्याण व परमार्थ के कार्यों में व्यस्तता रहेगी। इस समय आप अवसरवादी होकर अवसरों का भरपूर लाभ उठाएंगे जीवन की कठिनाइयों का डटकर मुकाबला करेंगे। 5 की शाम से 7 के मध्य आप किसी से उलझ पड़ेंगे। वाद-विवाद व व्यर्थ के तर्क वितरकों से बचें। किसी राजकीय झंझट उलझन और परेशानी में फंस सकते हैं।

8 फरवरी से 15 फरवरी तक

8 व 9 को पति पत्नी में सामंजस्य का भाव विद्यमान रहेगा। प्रेम प्रसंगों में आप व्यस्त रहेंगे। नैतिक दायित्व व सामाजिक सामाजिक मूल्यों को महत्व प्रदान करेंगे। मृत्यु, मोक्ष, पुनर्जन्म जैसे गूढ़ विचारों में उलझे रहेंगे। 10 व 11 को वर्क में मेहनत व कोशिश करनी पड़ेगी। घर में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी संभव है। गंभीर सोच व दूरदर्शिता के बेहतर परिणाम आपके सामने आएंग। आप का रुतबा दबदबा तथा वर्चस्व बढ़ेगा। 12 व 13 को दोस्तों परिवार के लोगों के साथ मौज मस्ती सैर सपाटे और सभाओं का समय रहेगा। दैनिक व रोजमर्रा के कार्यों में व्यस्तता रहेगी। 14 व 15 को बॉस व अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। विवादों से दूर रहें। प्रेम प्रसंगों के कारण पारिवारिक तनाव रहेगा।

16 फरवरी से 23 फरवरी तक

16 को कोई अप्रिय समाचार प्राप्त हो सकता है। समय गति विपरीत है। कार्य आगे से आगे लंबित होंगे उच्च अधिकारी से संबंधों में कड़वाहट आएगी। 17 से 19 फरवरी के मध्य समय मौज मस्ती का रहेगा। हास-परिहास व मनोरंजन में आपका समय व्यतीत होगा। मतभेदों व गलतफहमीयों को बातचीत के माध्यम से हल करेंगे। आप किसी गुप्त योजना या गतिविधि पर काम कर सकते हैं। 20 व 21 को आप अपने उसूलों और आदर्शो के साथ किसी भी कीमत पर समझौता नहीं करेंगे। रोमांस, व्यावसायिक सौदा, वित्तीय गतिविधियां सक्रिय रहेंगी। काम पर गंभीरता व संजीदगी से ध्यान देने पर मुनाफा होगा। 22 व 23 को रुपयों पैसों की आवक होगी। किसी नेता या बड़े अधिकारी से आपकी मुलाकात लाभप्रद रहेगी। आप में भावुकता का भाव रहेगा।

24 फरवरी से 28 फरवरी तक

24 से 26 को अप्रिय समाचार प्राप्त होंगे। घरेलू उत्तरदायित्व आप बखूबी निभाएंगे। आपके अपने ही आपके साथ शत्रुता करेंगे। स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव रहेंगे। काम बनता-बनता अंतिम क्षण में जाकर रुक व अटक जाएगा। 27 व 28 को माता-पिता बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद प्राप्त होगा। वाहन पर खर्चा हो सकता है। नया वाहन खरीद सकते हैं या पुराने वाहन पर खर्च कर सकते हैं। 28 फरवरी को आप जिस व्यक्ति से मिलने के लिए आतुर थे, उससे आपकी मुलाकात हो जाएगी। मानसिक शांति मिलेगी।

मार्च 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा कन्या राशि का द्वितीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति बुध शनि मकर राशि का षष्टम भाव में, सूर्य शुक्र कुंभ राशि का सप्तम भाव में, राहु मंगल ऋषभ राशि का दशम भाव में चलाएं मान है।

1 मार्च से 7 मार्च तक

1 व 2 को लोग आपकी बुद्धिमता व काबिलियत का लोहा मानेंगे। घर या ऑफिस में आमूल चूल परिवर्तन होने की संभावना है। कुछ सरकारी परेशानी रहेगी बॉस व अधिकारी की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। नई प्रतिबंधिताएं नई जिम्मेदारियां आएंगी। 3 व 4 को परिस्थितियों से तालमेल बैठाने के लिए आवश्यक ऊर्जा तथा इच्छाशक्ति की जरूरत महसूस करेंगे। अपने करियर के प्रति सजग रहते हुए कदम उठाएंगे। आप जिस काम में हाथ डालेंगे उसमें सफलता ही हाथ लगेगी। 5 व 6 को वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखना चाहिए। बॉस वह अधिकारी आपके काम से खुश नहीं रहेंगे। शत्रु व विरोधी नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करेंगे। 7 को मित्र व सहयोगी की मदद से रुके हुए काम करने पकड़ेंगे। संबंधों में नई ताजगी महसूस करेंगे।

8 मार्च से 15 मार्च तक

8 को किसी ज्ञानवर्धक व रोचक पुस्तक को पढ़ेंगे सिंह राशि के जातक निडर व निर्भीक होते हैं यही नहीं डरता आपका सबसे बड़ा अस्त्र रहेगी। 9 से 11 मार्च के मध्य जीवनसाथी से हल्का-फुल्का विवाद या तनाव हो सकता है। समय रहते आप उस विवाद को सुलझा लेंगे। भागीदार व पार्टनर से संबंधों में मधुरता आएगी। कुछ विशेष व नवीन कार्यों की प्रवृत्ति बनेगी। 12 व 13 को बच्चों व परिवार की छोटी-मोटी जरूरतों का ध्यान रखेंगे। व्यापार में कोई बड़ा अवसर आपके हाथ लग सकता है। 13 की शाम से 15 मार्च के मध्य वाहन द्वारा क्षति होने की संभावना है। घर परिवार के किसी सदस्य के कारण आप चिंता ग्रस्त हो सकते हैं। यश कीर्ति तथा मान सम्मान में बढ़ोतरी होगी।

16 मार्च से 23 मार्च तक

16 से 18 मार्च के मध्य सामाजिक कार्यों में व्यस्तता रहेगी। मंदिर, मस्जिद या किसी धर्म स्थल पर जा सकते हैं। धार्मिक कार्यक्रम के लिए झूठी गवाही के परिणाम अच्छे नहीं निकलेंगे। आपका झूठ पकड़ा जा सकता है। कानूनी मामले पर आप किसी विशेषज्ञ की सलाह ले सकते हैं। पुरानी स्मृतियों को ताजा करेंगे। 18 से 20 के मध्य राजनीतिक संपर्कों में वृद्धि होगी तथा उन्हीं संपर्क व संबंधों के कारण आप मुसीबत में पड़ सकते हैं। 18 की शाम से 20 मार्च तक कोई अप्रिय समाचार प्राप्त हो सकते हैं। चंद्रमा का दशमस्त परिभ्रमण आपको आजीविका व कामकाज में इस कदर व्यस्त कर देंगे कि आपको अपने लिए भी समय नहीं मिल पाएगा। 21 से 23 के मध्य आर्थिक रूप से आप एक के बाद एक लाख की परिस्थितियों को निर्मित कर लेंगे। किसी मेले पार्टी या समारोह में जाने का अवसर मिल सकता है। किसी रिश्तेदार अथवा कुटुंबी जन से संबंधी कोई अप्रिय समाचार प्राप्त हो सकता है।

 

24 मार्च से 31 मार्च तक

24 व 25 को हाथ में आता-आता रुपया रुक व अटक जाएगा। व्यापार व कारोबार में जो परेशानी आया उठापटक चली आ रही है उसका प्रभाव पारिवारिक एवं व्यक्तिगत जीवन पर भी पड़ेगा। शत्रु व विरोधी सक्रिय रहेंगे। वह आप को नुकसान पहुंचाने की चेष्टा करेंगे। लॉटरी, जुआ आदि से दूर रहें। 26 व 27 को प्रतियोगी परीक्षा, साक्षात्कार, इंटरव्यू, ग्रुप डिस्कशन आदि में लाभ के योग व सफलता की परिस्थितियां निर्मित होंगी। 28 व 29 को मिले-जुले परिणाम मिलेंगे।आर्थिक गतिविधियों टैक्स बीमा बैंक आदि में व्यस्त रहेंगे 30 व 31 को धन लाभ के योग बन रहे हैं आपकी योग्यता व क्षमता लोगों के सामने आएगी आर्थिक रूप से सुदृढ़ रहेंगे।

अप्रैल 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा, केतु, वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शनि बृहस्पति मकर राशि का अष्टम भाव में, शुक्र, सूर्य, बुध, मीन राशि का अष्टम भाव में, राहु, मंगल, वृषभ राशि का दशम भाव में चलाएं मान है।

 

1 अप्रैल से 7 अप्रैल तक

मांस का आरंभ अशोक घटनाओं व प्रतिकूल परिस्थिति से होगा। आपका कोई घनिष्ठ व्यक्ति ही आपके साथ धोखा किया विश्वासघात कर सकता है। रुपयों-पैसों के मामले में किसी पर भी भरोसा या विश्वास नहीं करें। संतान की गतिविधि या हरकत या घर के किसी सदस्य का घिरता हुआ स्वास्थ्य आपको विचलित या डामाडोल कर सकता है। 1 व 2 को अशुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं। 3 व 4 को बाधाएं व अड़चनें आएंगी, परंतु आप सभी बाधाओं व अड़चनों को पार करके अपने लक्ष्य की ओर अग्रसर होंगे। नौकरी में येन केन प्रकारेण आप लक्ष्यों को हासिल कर ही लेंगे। 5 से 7 अप्रैल के मध्य आर्थिक मामलों में हाथ खुला रहेगा। किसी रिश्तेदार या कुटुंबी जन्म से संबंधित कोई शुभ समाचार प्राप्त होगा। कार्यों को तीव्रता से निपटाने के लिए विशेष ऊर्जा रहेगी।

 

8 अप्रैल से 15 अप्रैल तक

8 व 9 को परिवार आपकी प्रथम प्राथमिकता रहेगा। दैनिक व रोजमर्रा के घरेलू कार्यों में भी आप व्यस्त रहेंगे। शोध, अध्ययन व अनुसंधान की प्रवृत्ति रहेगी। आप नए-नए विषयों की खोज करेंगे। मित्रों के बीच की गलतफहमीओं की दीवार ढह जाएगी। गलतफहमीयों का निराकरण हो जाएगा। 10 अप्रैल से 12 अप्रैल के मध्य आप किसी साजिश या षड्यंत्र के शिकार हो सकते हैं। अपरिचित व अनजान व्यक्तियों पर भरोसा करना आपकी बड़ी भूल होगी। आप पर कोई झूठा आरोप या कलंक लग सकता है। कलह, वाद-विवाद एवं लड़ाई झगड़े की संभावना है। 13 व 14 अप्रैल को शारीरिक स्वास्थ्य की दृष्टि से समय ठीक है। भविष्य को लेकर बनाई गई योजना कार्य रूप में परिणित होगी। 15 को राजकीय पक्ष में स्थितियां पक्ष में रहेंगी। उच्चाधिकारियों से संपर्क व रुका हुआ काम बनने के योग हैं।

 

16 अप्रैल से 23 अप्रैल तक

16 व 17 अप्रैल को आप मनपसंद चीजों का संग्रह करेंगे। आपकी उपदेशात्मक प्रवृत्ति रहेगी। आप दाता दानवीर और विशाल ह्रदयी रहेंगे। कई मामलों में आपको दिल की बजाय दिमाग से काम लेना चाहिए। आपके मित्रों से आपका संवाद बना रहेगा। वाहन तेज गति से नहीं चलाएं। 18 व 19 अप्रैल को कहीं से रुका रुपया प्राप्त होगा। घर की साज-सज्जा सफाई आदि कार्यों में व्यस्त रह सकते हैं। यदि आप इंजीनियर वकील या अकाउंटेंट है, तो आप अपने क्षेत्र में और अधिक निपुणता हासिल कर लेंगे। 20 व 21 को कहीं से अप्रिय व शुभ समाचार प्राप्त होंगे। स्पष्ट वादी ता के कारण कई लोग आपके शत्रु बन जाएंगे। कार्य क्षमता व आत्म बल में कमी आएगी। 22 व 23 को डाक द्वारा कोई महत्वपूर्ण सूचना पर संदेश प्राप्त हो सकता है। आत्मविश्वास से लबरेज रहेंगे।

 

24 अप्रैल से 30 अप्रैल तक

24 को आप मानसिक क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल करेंगे। आप जितना अधिक मेहनत वह परिश्रम करेंगे, उतना ही लाभ मिलेगा। 25 और 26 को चतुराई एवं विवेक से काम करने की आवश्यकता है। पारिवारिक सुख शांति की स्थिति बनेगी। आगे बढ़ने के अवसर तो आपको मिलेंगे, परंतु आप अवसरों को भुना नहीं पाएंगे। 27 व 28 को व्यापार व कामकाज संबंधी समस्या सुलझ जाएगी। वैवाहिक समारोह या किसी शुभ मांगलिक कार्य में व्यस्त रह सकते हैं। 29 व 30 को अनावश्यक ही विवाद हो जाएगा। वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। किसी अप्रिय या अशुभ घटना के घटित होने का अंदेशा है।

मई 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, चंद्रमा धनु राशि का पंचम भाव में, शनि मकर राशि का अष्टम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का सप्तम भाव में, सूर्य शुक्र मेष राशि का नवम भाव में, बुध, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में, मंगल मिथुन राशि का ग्यारहवें भाव में है।

 

1 मई से 7 मई तक

1 व 2 को विद्यार्थी हास-परिहास व मनोरंजन आदि छोड़कर अपने अध्ययन व लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करेंगे। यही लक्ष्य के प्रति समर्पण आप को दूर तक ले कर जाएगा। मानसिक रूप से आप क्रोधित रहेंगे। मन के घोड़ों पर लगाम कसने की आवश्यकता है। 3 व 4 को संपत्ति संबंधी शुभ समाचार प्राप्त होंगे। भागीदार व पार्टनर से मुनाफे के बंटवारे संबंधी विवाद की स्थिति रहेगी। मानसिक शांति के लिए नहाने के पानी में कच्चा दूध डालकर नहाएं। नैतिक मूल्यों व जीवनशैली में गिरावट की स्थिति रहेगी। 5 व 6 को घर परिवार की जिम्मेदारियों को बखूबी निभाएंगे। माता-पिता, घर के बड़े बुजुर्गों का आशीर्वाद व स्नेह प्राप्त होगा। संपत्ति संबंधी विवाद किसी की मध्यस्थता से हल हो जाएंगे। 7 को कहीं से अप्रिय या अशुभ समाचार प्राप्त होंगे। हाथ में आता-आता रुपया रुक जाएगा।

 

8 मई से 15 मई तक

8 व 9 को बुरी आदतों व बुरे लोगों का परित्याग कर दें। जीवन के उतार-चढ़ाव को अच्छी तरह से समझ पाएंगे। आप अपने ही किसी व्यक्ति को नाराज कर देंगे। आपकी कोई वस्तु चोरी हो सकती है या गुम हो सकती है। 10 व 11 को पति पत्नी में चला आ रहा विवाद समाप्त हो जाएगा। स्वयं अपना आत्मविश्वास व संतुलन बढ़ाने के लिए आप ध्यान करेंगे। आप ऊर्जा उत्साह एवं उमंग से भरपूर रहेंगे। किसी लोकोपयोगी व सेवा कार्य में अनवरत रूप से लगे रहेंगे। 13 व 14 को भौतिक व आर्थिक लिहाज से दयालुता, सहयोगात्मक रवैया अपनाना पड़ेगा। शशि स्वामी दशम स्थान में सरकार व राज में पराक्रम की स्थिति को दर्शा रहा है। 15 को गृह स्थितियां भाग्य को चमक आएंगी। आय व आर्थिक स्त्रोतों में वृद्धि होगी। डूबे हुए पैसों की प्राप्ति के योग प्रबल हैं। आप हर चीज को रुपयों पैसों की दृष्टि से देखेंगे।

 

16 मई से 23 मई तक

16 को चंद्रमा मंगल की युति इस दिन धन प्राप्ति के योग को परिलक्षित कर रही है। किसी विशिष्ट व्यक्ति से आपकी मुलाकात उन्नति के रास्ते खोल देगी। ससुराल पक्ष से भी धन प्राप्ति के योग प्रबल है। 17 से 19 मई के मध्य कुछ रहस्यमई घटना घटित हो सकती है। दशम स्थान में चतुर्थ ग्रह युति के कारण आजीविका को लेकर काफी संघर्ष करना पड़ेगा। नौकरी में बॉस की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है। आपको क्रोध व आवेश पर नियंत्रण रखना चाहिए। 20 व 21 को आप मुश्किल से मुश्किल काम अपनी मेहनत के बल पर कर ही लेंगे। आप दोस्तों रिश्तेदारों के साथ व्यस्त रह सकते हैं। 22 व 23 को घरेलू व रोजमर्रा के कामों में व्यस्तता रहेगी। चिंता व तनाव कम होंगे। 20 व 21 को आप मुश्किल से मुश्किल काम अपनी मेहनत के बल पर कर ही लेंगे। आप दोस्तों रिश्तेदारों के साथ व्यस्त रह सकते हैं। 22 व 23 को घरेलू व रोजमर्रा के कामों में व्यस्तता रहेगी। चिंता व तनाव कम होंगे। दूसरों की तरफ मदद का हाथ बढ़ाएंगे।

 

24 मई से 31 मई तक

24 व 25 को समय हंसी-खुशी व आमोद-प्रमोद में व्यतीत होगा। आपकी योग्यता व क्षमता खुलकर लोगों के सामने आयेगी। रोचक व ज्ञानवर्धक साहित्य पढ़ने को मिलेगा। व्यवसाय में धन लाभ की प्राप्ति होगी। नौकरी में आप येन केन प्रकारेण लक्ष्यों को हासिल कर लेंगे। 26 व 27 मई को परिवार में वातावरण तनावपूर्ण रहेगा। बनते-बनते काम रुक जाएंगे। कार्य क्षमता एवं आत्मा बल में कमी आएगी। घर के इलेक्ट्रॉनिक उपकरण खराब हो सकते हैं। रुपयों-पैसों के मामले में आपका हाथ जरा सा तंग रहेगा। 28 व 29 को अविवाहितों का विवाह प्रस्ताव आएगा। योग व्यायाम आदि पर ध्यान देंगे। 30 व 31 को शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आर्थिक पक्ष संतोषजनक रहेंगे।

जून 2021

ग्रह स्थिति

 मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शनि मकर राशि का अष्टम भाव में, बृहस्पति चंद्रमा कुंभ राशि का सप्तम भाव में, सूर्य राहु वृषभ राशि का दशम भाव में, मंगल, बुध, शुक्र मिथुन राशि का ग्यारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 जून से 7 जून तक

1 से 3 जून के मध्य घर में जनित रोगों से परेशानी रहेगी। आप सुकून और शांति से काम करना पसंद करेंगे। पैसों के लिए अंधी दौड़ नहीं दौड़ेंगे। खर्चों में बढ़ोतरी होगी। नया काम करने में थोड़ी सी हिचकिचाहट रहेगी। जितनी चादर हो उतना ही पैर पसारे, अन्यथा नुकसान हो सकता है। 3 की शाम से 5 जून के मध्य व्यर्थ के तर्कों एवं वाद-विवाद में पढ़ कर आप अपने ही किसी व्यक्ति से संपर्क व संबंध बिगाड़ लेंगे। शत्रु व विरोधी आपके विरुद्ध कोई गुप्त योजना या षड्यंत्र पारित कर सकते हैं। अगर आप सरकारी नौकरी में है तो आप को और अधिक सावधानी रखने की आवश्यकता है। 6 व 7 को काम में महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। लोग आपकी बुद्धिमता व होशियारी का लोहा मान लेंगे। शत्रु एवं विरोधी परास्त होंगे। बॉस व अधिकारी आपके काम से खुश रहेंगे।

 

8 जून से 15 जून तक

8 से 10 के बीच आपकी प्रतिष्ठा का ग्राफ ऊपर चढ़ेगा। कामकाज में विस्तार की योजना बनेगी। कामकाज में आप कुछ इस कदर मशगूल रहेंगे, कि आपको अपने लिए भी समय नहीं मिल पाएगा। 11 से 13 जून के मध्य आर्थिक स्थिति में सुधार आएगा। शत्रु व षड्यंत्रों का अंत होगा। पत्नी व बच्चों को पसंदीदा वस्त्र दिलाएंगे। संभव है आप नौकरी करियर व पेशे में कुछ नयापन लाएंगे। आर्थिक रूप से इस समय सक्षम व सुदृढ़ स्थिति में रहेंगे। 13 की शाम से 15 जून के मध्य आप किसी षड्यंत्र या चक्रव्यूह में फंस सकते हैं। कहीं से कोई अप्रिय शुभ समाचार प्राप्त होंगे। आपकी योग्यता व काबिलियत का नाम किसी और को मिल सकता है। आपसे कोई ऐसा काम होगा जिससे आपकी आलोचना या निंदा हो सकती है।

 

16 जून से 23 जून तक

16 व 17 को सोचे गए सारे काम पूरे होंगे। आप जिस भी काम में हाथ डालेंग सफलता ही हाथ लगेगी। लक्ष्य और परिस्थितियां दोनों ही आपके पक्ष में रहेंगे। किसी घनिष्ठ रिश्तेदार से मुलाकात होगी। पुरानी यादों को याद करके स्वयं को तरोताजा महसूस करेंगे। उपलब्धियों को हासिल करने के लिए स्वभावगत परिवर्तन लाना पड़ेगा। 18 व 19 को पुरानी चिंता का अंत होगा। घर परिवार के साथ हंसी-खुशी एवं आनंद के साथ समय व्यतीत होगा। किसी ज्ञानवर्धक व आध्यात्मिक पुस्तक का अध्ययन करेंगे। आपका मूड बहुत अच्छा रहेगा। 20 व 21 को काम में आप पूरी रुचि दिखाएंगे। आर्थिक मामलों में आप सुदृढ़ व सक्षम स्थिति में रहेंगे। नौकरी में आप पूरी संजीदगी व गंभीरता से काम करेंगे। जिसके फल स्वरुप बॉस प्रसन्न रहेंगे। 22 व 23 को कहीं से कोई अप्रिय या अशुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। सावधान रहें समय गति विपरीत है।

 

24 जून से 30 जून तक

24 को धन हानि होने के प्रबल योग हैं। बदनामी व अपयश के योग बन रहे हैं। लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि से दूर रहें। 25 व 26 को मेहमानों का आगमन होगा। विद्यार्थियों के लिए समय उपलब्धियों से परिपूर्ण रहेगा। करियर व अध्ययन के प्रति ज्यादा रुझान व झुकाव रहेगा। किसी घनिष्ट रिश्तेदार या पुराने मित्र से मुलाकात होगी। 27 व 28 को शुभ समाचारों की प्राप्ति के योग हैं। आप जमकर परिश्रम करेंगे। फलतः हर चीज को अपने अनुकूल कर ही लेंगे। हास-परिहास व मनोरंजन में भी व्यस्त रहेंगे। 29 को पति-पत्नी व परिवार आपकी प्राथमिकता रहेगी। समय गति सामान्य है। 30 को शत्रुओं से सावधान रहें। आपके साथ कोई विश्वासघात हो सकता है।

जुलाई 2021

ग्रह स्थिति

 मास आरंभ में केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शनि मकर राशि का षष्टम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का सप्तम भाव में, चंद्रमा मीन राशि का अष्टम भाव में, राहु, बुध, वृषभ राशि का दशम भाव में, सूर्य मिथुन राशि का ग्याहरवें वे भाव में, मंगल शुक्र कर्क राशि का बारहवें भाव में है।

 

1 जुलाई से 7 जुलाई तक

1 व 2 को किसी अप्रिय घटना घटित होने की संभावना है। आठवें भाव में चंद्रमा का परिभ्रमण स्वास्थ्य संबंधी परेशानी रखेगा। किसी रिश्तेदार से संबंधित कोई अप्रिय सूचना या संदेश प्राप्त होगा, जिससे आपका मूड ऑफ हो जाएगा। जो पैसा आपका कहीं रुका हुआ या अटका हुआ था, उसकी प्राप्ति में भी रुकावटें आएगी। 3 से 5 जुलाई के मध्य आप तमाम रुकावटें अवरोधों को पार करते हुए लक्ष्य प्राप्ति की दिशा में अग्रसर होंगे। किसी वरिष्ठ अधिकारी या बड़े व्यक्ति से आपकी मुलाकात आपके भाग्य के द्वार खोल देगी। आत्मविश्वास व सकारात्मकता से लबरेज रहेंगे। सितारे आप के पक्ष में हैं। 6 व 7 को नौकरी की प्रतिबद्धताओं व कर्तव्यों को आप बखूबी निभाएंगे। स्वास्थ्य संबंधी परेशानियां जो चल रही आ रही थी वह समाप्त हो जाएंगी। चारों तरफ आपकी प्रशंसा एवं वाहवाही होगी।

 

8 जुलाई से 15 जुलाई तक

8 से 10 जुलाई के मध्य रुपयों पैसों की आवक होगी व्यापार में आप छोटी से छोटी चीज को गंभीरता से लेने से आप अपने मुनाफे को बढ़ा देंगे। लोग कल्याण एवं समाजसेवा के कार्यों में आपकी पूरी रुचि रहेगी। कहीं से रुका हुआ रुपया प्राप्त होने की भी आसार बनेंगे। 10 की शाम से 12 जुलाई के मध्य अपमान या मानहानि होने का उपाय है। अपने आचरण व्यवहार एवं वाणी को संयमित एवं नियंत्रित रखें व्यापार में कोई अपना या खास व्यक्ति आपके साथ धोखा या विश्वासघात कर सकता है। कार्यों में बाधाएं आएंगी परंतु आप तनिक भी उन बाधाओं से विचलित नहीं होंगे। 13 से 15 के मध्य चंद्रमा का आपकी स्वयं की राशि में परिभ्रमण आपकी सफलता का मार्ग खोल देगा। गलतफहमियां व मनमुटाव का निराकरण होगा। समाज में आपकी प्रतिष्ठा का ग्राफ ऊपर की ओर चलेगा।

 

16 जुलाई से 23 जुलाई तक

16 से 17 जुलाई के मध्य समय मध्यमफलकारी है। इस समय परिवार आपकी प्राथमिकता रहेगा। लंबे समय से जो चिंता चली आ रही थी वह समाप्त हो जाएगी। व्यापार व कारोबार में कुछ ठोस एवं महत्वपूर्ण निर्णय की स्थिति रहेगी। भावनाओं की मजबूती से लक्ष्यों को हासिल करेंगे। दिल की वजह दिमाग से निर्णय लेने की आवश्यकता है। 18 व 19 जुलाई को आगे बढ़ने के अवसर प्राप्त होंगे आप किसी सम्मेलन व संगोष्ठी में हिस्सा लेंगे। रुका हुआ धन प्राप्ति के प्रबल योगा योग व आसार इस वर्ष नजर आ रहे हैं। निर्णय की स्थिति रहेगी। भावनाओं की मजबूती से लक्ष्य को हासिल करेंगे। दिल की जगह दिमाग से निर्णय लेने की आवश्यकता है। आप किसी सम्मेलन वह संगोष्ठी में हिस्सा लेंगे। काम का अतिरिक्त दबाव रहेगा। 20 व 21 को कल वाद-विवाद एवं लडाई जगदा हो सकता है। आपके अपने ही आप के साथ विश्वासघात या धोखा कर सकते हैं। उपचार अधिकारी आपसे नाराज रहेंगे। 22 व 23 को सावधानी वह सतर्कता की आवश्यकता है। हालांकि जीवन की गाड़ी भी पटरी पर आने शुरु होगी। मित्रों के साथ व्यस्तता रहेगी।

 

24 जुलाई से 31 जुलाई तक

24 और 25 को कहीं से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। समाज में आपका रुतबा व रुबाब बढ़ जाएगा। किसी वरिष्ठ जन से आपकी मुलाकात संभव है। स्वयं की गलतियों को सुधारेंगे। आप अपने कर्तव्यों एवं दायित्वों के प्रति पहले से अधिक जागरूक एवं सजग रहेंगे। 26 व 27 को पति पत्नी व जीवनसाथी से संबंधों में सुधार आएगा। माता-पिता, बड़े बुजुर्गों का स्नेह एवं आशीर्वाद आपको प्राप्त होगा। दूरदराज के इलाकों, तीर्थ व मठों में जा सकते हैं। 28 से 30 जुलाई के मध्य आरोपियों से की हानि हो सकती है। मौसमी बीमारियों का प्रकोप कुछ अधिक रहेगा। लोग आपकी भावुकता एवं उदारता का नाजायज फायदा उठाएंगे। 31 जुलाई को मिश्रित फल मिलेंगे।

अगस्त 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में मंगल शुक्र सिंह राशि का लग्न में, केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शनि मकर राशि का षष्टम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का सप्तम भाव में, चंद्रमा मेष राशि का नवम भाव में, वृषभ राशि का दशम भाव में, सूर्य बुध कर्क राशि का बारहवें भाव में स्थित है।

 

1 अगस्त से 7 अगस्त तक

1 को पारिवारिक जिम्मेदारियों का निर्वहन बखूबी करेंगे। कभी-कभी आपकी राशि पर मंगल की स्थिति के कारण क्रोध एवं अति उत्साह हावी रह सकता है। 2 से 4 अगस्त के मध्य राजकीय कार्यों में आपको सफलता मिलेगी। आप कोई नया काम हाथ में ले सकते हैं। जीवन शैली में बदलाव अमल में लाएंगे, जिसके परिणाम दीर्घकालिक अच्छे रहेंगे। लॉटरी, जुआ, सट्टा आदि में लाभ हो सकता है। कार्य सावधानी से करें। 5 व 6 को आर्थिक स्थिति व पक्ष काफी मजबूत होगा। उपलब्धियों को प्राप्त करने के लिए स्वभाव को थोड़ा लचीला बनाना पड़ेगा। नौकरी में बॉस व वरिष्ठ अधिकारी आप पर मेहरबान रहेंगे। 7 को कहीं से कोई अशुभ समाचार प्राप्त हो सकते हैं। आपका मूड ऑफ हो जाएगा।

 

8 अगस्त से 15 अगस्त तक

8 व 9 को वाणी व क्रोध पर नियंत्रण रखें, अन्यथा आप अपना ही नुकसान कर बैठेंगे। आप में ऊर्जा एवं उत्साह की कमी आएगी। अजनबी व परिचित व्यक्तियों पर भूलकर भी भरोसा नहीं करें। आपके साथ कोई धोखा या षड्यंत्र हो सकता है। मित्र किसी ना किसी बात को लेकर आप से नाराज रहेंगे। 10 व 11 को घर परिवार में व्यस्तता रहेगी। तमाम व्यवस्थाओं के बावजूद आप अपनों के लिए तथा परिवार के लिए समय निकाल ही देंगे। अध्ययन, शोध व अनुसंधान आदि को ज्यादा से ज्यादा समय देंगे। 12 व 13 को आप अपने प्रयासों अपने परिश्रम के प्रति संतुष्ट रहेंगे। आप अपनी काबिलियत अपनी क्षमताओं का भरपूर इस्तेमाल करेंगे। 14 व 15 को कहीं से रुका हुआ रुपया प्राप्त होगा। पदोन्नति व आर्थिक लाभ की संभावनाएं नौकरी में बनी हुई है आर्थिक स्थिति सुदृढ़ होगी।

 

16 अगस्त से 23 अगस्त तक

16 व 17 को आप व्यर्थ में ही किसी व्यक्ति से उलझ सकते हैं। कार्यों में बाधाएं व रुकावटें आएंगी। विशेषकर सरकारी कार्य अटक जाएंगे। कोर्ट केस आदि में भी सकारात्मक परिणाम फिलहाल आने की उम्मीद कम ही है। संतान व परिवार के किसी सदस्य को लेकर उसकी सोच व हरकतों को लेकर मन में परेशानी की स्थिति पैदा हो सकती है। 18 व 19 को जमीन जायदाद संबंधी मामले गति पकड़ेंगे व्यवसाय व परिवार के बीच बेहतर संबंध स्थापित होंगे। किसी निकट रिश्तेदार व मेहमान का आगमन होगा। नैतिकता के हिसाब से आप बहुत ऊंचे पायदान पर रहेंगे। 20 व 21 को कहीं से शुभ समाचार मिलेंगे। ठंडे दिमाग व धैर्य से आप काम लेंगे। अनुचित वह दो नंबर के कार्यों को फिलहाल टाल दें। 22 व 23 विद्यार्थियों के लिए समय व ग्रह स्थिति अनुकूल है। प्रेम प्रसंग उजागर होने का खतरा बना हुआ है।

 

24 अगस्त से 31 अगस्त तक

24 से 26 अगस्त के मध्य वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। कोई अप्रिय या अशुभ घटना घटित हो सकती है। चंद्रमा आठवें भाव में है जो आपके स्वास्थ्य में हानि का कारण बन सकता है। व्यापार व नौकरी में अचानक से कोई परेशानी उत्पन्न हो सकती है। 27 से 29 अगस्त के मध्य वित्तीय मामलों में संतुलन बनाए रखें। निवेश संबंधी निर्णय हड़बड़ाहट या जल्दबाजी में नहीं लें। अपने व्यापार वह अपने कामकाज में आप पूरी रुचि से काम करेंगे। कोर्ट कचहरी संबंधी विषयों में परिणाम पक्ष में आएगा। 30 व 31 को परिवार व रिश्तेदारों के साथ व्यस्त रहेंगे। व्यापार में अनुकूल फलों की प्राप्ति होगी रुपयों पैसों की आवक होगी। आपकी रचनात्मक प्रतिभा खुलकर लोगों के सामने आएंगी।

सितंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में सूर्य मंगल सिंह राशि का लग्न में, बुध, शुक्र कन्या राशि का द्वितीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शनि मकर राशि का षष्टम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का सप्तम भाव में, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में, चंद्रमा मिथुन राशि का ग्याहरवें भाव में चलायमान है।

 

1 सितंबर से 7 सितंबर तक

1 से 3 सितंबर के मध्य किसी घनिष्ठ व्यक्ति की याद आएगी। आर्थिक पक्ष में आप का प्रदर्शन बेहतर रहेगा। व्यापार में पूरी निष्ठा व ईमानदारी से आप प्रयासरत रहेंगे। नौकरी में आप जमकर मेहनत करेंगे। जिससे आप बॉस व अधिकारी की नजर में हीरो बन जाएंगे। किसी को पुराना दिया उधार वसूल होगा। 4 व 5 को कलह वाद-विवाद वह लड़ाई झगड़े होने की संभावना है। भावनाओं में आकर कोई भी निर्णय नहीं लें। किसी रिश्तेदार व परिजन से संबंधित कोई अशुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। परिणामों को लेकर मन में कुछ असंतोष रहेगा। 6 व 7 को कुछ बैठकें, मीटिंग्स व कार्यकलाप उत्पन्न हो सकते हैं। कुछ विदेशी लोगों से जान पहचान बनेगी। समय सफलता का है।

 

8 सितंबर से 15 सितंबर तक

8 व 9 को घर में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी संभव है। आप तो भविष्य की योजनाओं पर ध्यान केंद्रित करेंगे। समय गति मध्यम फलकारी है। मिले-जुले परिणाम व प्रतिफल प्राप्त होंगे। रिश्तेदार व परिवार के लोगों का साथ आपको व्यस्त रखेगा। 10 व 11 को धनदायक समय है। आप अपनी ऊर्जा अपनी शक्ति व उपलब्ध साधनों का समुचित उपयोग करके अपनी आमदनी को बढ़ा देंगे, लेकिन आमदनी बढ़ने के साथ-साथ व्यय भी बढ़ेगा। किसी प्रेरणास्पद व्यक्ति से मुलाकात होगी। 12 व 13 को अकारण ही आप किसी से उलझ पड़ेंगे। परिवार में कटुता वह कलह का वातावरण रहेगा। शेयर्स, सट्टा व कमोडिटी में नुकसान का योग है। 14 व 15 को समय मिश्रित फलकारी रहेगा। विद्यार्थी पूर्ण रूप से एकाग्र चित्त होकर अध्ययन की दिशा में प्रयासरत रहेंगे।

 

16 सितंबर से 23 सितंबर तक

16 से 18 के मस्जिद कहीं संपत्ति संबंधी विवाद किसी मध्यस्थ की सलाह से हल हो जाएंगे। कला, संगीत, नृत्य, संस्कृति आदि पर आपका ध्यान जाएगा। आप जमकर मेहनत करेंगे। उसके परिणाम भी आपको अनुकूल ही मिलेंगे। 19 और 20 को कुछ महत्वपूर्ण व घरेलू जिम्मेदारियों का निर्वहन आप बखूबी करेंगे। खुशी और गम का मिलाजुला रुख रहेगा। मित्रों का भरपूर साथ वह सहयोग रहेगा। 21 व 22 को आपसे कोई गलत निर्णय हो जाएगा। समय गति विपरीत है। हर काम में बहुत सोच-विचार कर निर्णय लेने की आवश्यकता है। पति-पत्नी या पिता-पुत्र में किसी बात पर कहासुनी या बोलचाल हो सकती है। 23 को गृह स्थितियां व सितारे आपके पक्ष में आते हैं। हास-परिहास व मनोरंजन में अधिकतम समय व्यतीत होगा। सामाजिक मेलजोल के योग हैं।

 

24 सितंबर से 30 सितंबर तक

24 व 25 को किसी रिश्तेदार या कुटुंबी व्यक्ति से जुड़ा हुआ कोई विशेष समाचार प्राप्त होगा। टेलीफोन द्वारा कोई महत्वपूर्ण सूचना प्राप्त होगी। धन का निवेश सोच समझ कर करें। 26 व 27 को संतान को लेकर आप व्यस्त रहेंगे। नए मित्र बनेंगे जो आपके लिए उन्नति का कारण बनेंगे। न्यायिक कार्यों में विजय के आसार हैं। छोटी-मोटी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। परंतु आप उन परेशानियों से घबराएंगे नहीं। 28 से 30 सितंबर को आपके अंदर काम करने की प्रबल इच्छा जागृत होगी। आपकी मुलाकात किसी ने विशिष्ट व्यक्ति से होगी जो आपको प्रभावित कर जाएगा।

अक्टूबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में सूर्य मंगल कन्या राशि का द्वितीय भाव में, बुध, शुक्र तुला राशि का तृतीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, बृहस्पति, शनि मकर राशि का अष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में, चंद्रमा कर्क राशि का बारहवें भाव में चलायमान है।

 

1 अक्टूबर से 7 अक्टूबर तक

1 व 2 को आमदनी अठन्नी व खर्चा रुपैया वाली स्थिति रहेगी। आप आर्थिक रूप से त्रस्त रहेंगे। झगड़े व वाद-विवादों से दूरी बनाकर रखें। आपके हाथ से कोई बड़ा ऑर्डर आदि निकल सकता है। आकस्मिक खर्चों से आप परेशान हो उठेंगे। आयात-निर्यात संबंधी मामलों में सावधानी रखें। 3 व 4 को खर्च पर नियंत्रण नहीं रखने की स्थिति में उधार लेने की नौबत आ सकती है। कारोबार व व्यापार में आपको लाभ के प्रस्ताव मिल सकते हैं। काम का दबाव व व्यस्तता अधिक रहेगी। प्रेम व रोमांस में आप व्यस्त रह सकते हैं। 5 से 7 के मध्य गुरु शनि की युति से गुप्त शत्रु व षड्यंत्र हावी रहेंगे। फंसा हुआ पैसा धीरे-धीरे वसूल होगा। पारिवारिक गतिविधियों में व्यस्तता रहेगी। नौकरी में बॉस की डांट फटकार सुननी पड़ सकती है।

 

8 अक्टूबर से 15 अक्टूबर तक

8 व 9 को आप घर में किसी नवीन वस्तु की खरीददारी कर सकते हैं। वाहन, भूमि, भवन आदि की खरीद फरोख्त कर सकते हैं। आपके द्वारा पूंजी निवेश, सौदा या फिर जल्दबाजी में की गई कार्यवाही रंग लाएगी। आनंद, खुशी और उल्लास शीघ्र जीवन में प्रवेश करेंगे। 10 व 11 को आपकी बदनामी व अपयश हो सकता है। आप पर कोई झूठा आरोप या कलंक लग सकता है। 12 व 13 को विद्यार्थी खूब मेहनत करेंगे। फल भी आशा के अनुरूप ही मिलेंग। पढ़ाई में एकाग्रता बनेगी। घर में अच्छा खानपान करेंगे। 14 व 15 को कहीं से शुभ समाचार प्राप्त होंगे। उच्चाधिकारी आपसे प्रसन्न रहेंगे। जोखिम उठाने के लिए आप मानसिक रूप से तैयार रहेंगे।

 

16 अक्टूबर से 23 अक्टूबर तक

16 व 17 को पति पत्नी में सामंजस्य व तालमेल अच्छा रहेगा। प्रेम प्रसंगों का भंडाफोड़ हो जाने से इज्जत पर बन जाएगी। भविष्य के बारे में योजना बनाने का उचित समय है। आपकी कोई प्रिय वस्तु चोरी हो जाने वह गुम हो जाने का भय है। कामकाज की स्थिति सुधरेगी। 18 से 20 अक्टूबर के मध्य आप जिस काम में भी हाथ डालेंगे सफलता ही हासिल होगी। ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है जो आप गुप्त रखना चाहते हैं। ऐसा कोई काम हो सकता है जिससे आपकी आलोचना या निंदा हो सकती है। 21 व 22 को आपकी मन की मुराद पूरी होगी। पति-पत्नी में संबंधों में मधुरता की स्थिति बनेगी। क्रोध व आवेश पर नियंत्रण रखें। 23 को बैंक, बीमा, शेयर्स जैसी आर्थिक गतिविधियों में व्यस्त रहेंगे। मित्रों का सहयोग मिलेगा।

 

24 अक्टूबर से 31 अक्टूबर तक

24 व 25 अक्टूबर को घर परिवार में व्यस्त रहेंग। अधिकाधिक आप पारिवारिक प्रसंगों में व्यस्त रहेंगे। किसी से अचानक हुई मुलाकात किसी गहरे रिश्ते में तब्दील हो सकती है। प्रतियोगी परीक्षा में ज्यादा मेहनत की जरूरत रहेगी। 26 व 27 को व्यापार में ठोस निर्णय लेंगे। आप परिवारिक व कारोबारी जिम्मेदारियों का निर्वहन खूब बखूबी से करेंगे। किसी आर्थिक समस्या का समाधान निकल जाएगा। माता-पिता का स्नेह व आशीष प्राप्त होगा। 28 से 30 के मध्य आप किसी साजिश या षड्यंत्र का शिकार हो सकते हैं। पारिवारिक झगड़ों के कारण मन अशांत रहेगा। शत्रुओं से सावधान रहें। 31 को मेहनत व परिश्रम का लाभ प्राप्त होगा।

नवंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा सिंह राशि का लग्न में, बुध कन्या राशि का द्वितीय भाव में, सूर्य, मंगल तुला राशि का तृतीय भाव में, केतु वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शुक्र धनु राशि का पंचम भाव में, बृहस्पति, शनि मकर राशि का षष्टम भाव में, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में चलायमान है।

 

1 नवंबर से 7 नवंबर तक

1 नवंबर को किसी घनिष्ट व्यक्ति की याद में आंखें नम हो जाएंगी। आपके लिए यह दिन सफलताप्रद अवश्य ही है। किसी धार्मिक व मांगलिक आयोजन में आप व्यस्त रह सकते हैं। रोमांस कूट-कूट कर प्रस्फुटित होगा। 2 व 3 को चंद्रमा के द्वितीयस्थ भ्रमण के कारण आध्यात्मिक व बौद्धिक रुझान बढ़ेगा। आपको कोई महत्वपूर्ण उत्तरदायित्व व कार्यभार सौंपा जा सकता है। अपने काम को बहुत ही गंभीरता व संजीदगी से लेने की आवश्यकता है। स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखें। 4 व 5 को रुका हुआ रुपया प्राप्त होगा। आय व आजीविका के स्त्रोत बढ़ेंगे। आप अपने व्यापार व कामकाज में संसाधनों का सदुपयोग करेंगे। 6 व 7 को अपमान होने, कलंक लगने या बदनामी का योग बनेगा। समय गति विपरीत है।

 

8 नवंबर से 15 नवंबर तक

8 व 9 को आप स्वयं को अकेला महसूस करेंग। आत्ममंथन व आत्म विश्लेषण का समय है। आर्थिकता कि और आकर्षित होंगे। सफलता के हर स्तर को छूने का प्रयास करेंगे। आपके साथ धोखाधड़ी या विश्वासघात हो सकता है। 10 व 11 को आप किसी नौकरी के प्रस्ताव पर अमल कर सकते हैं। आपका आकर्षण बढ़ेगा। गौरव, प्रतिष्ठा व शक्ति प्राप्त होगी। आप किसी विषय विशेष में विशेषज्ञता हासिल करेंगे। 12 से 14 नवंबर के मध्य सभी प्रकार के वैयक्तिक कार्यकलापों में सक्रिय रहेंगे। जीवनसाथी से हर स्तर पर सहयोग प्राप्त होगा। 14 की शाम से 15 नवंबर के मध्य धन हानि के योग हैं। निवेश संबंधी निर्णय काफी सोच विचार कर लें।

 

16 नवंबर से 23 नवंबर तक

16 को वाहन सावधानीपूर्वक चलाएं। कोई अप्रिय घटना घटित होने की संभावना या आशंका है। आर्थिक मामलों में आपको काफी सोच विचार कर कदम बढ़ाना चाहिए। 17 व 18 नवंबर को पति-पत्नी में विवाद समाप्त हो जाएगा। आपकी व्यस्तता काम के अतिरिक्त घर-परिवार में भी रहेगी। गुप्त एवं गोपनीय गतिविधियों में भाग ले सकते हैं। मन भी प्रसन्न रहेगा। 19 से 21 नवंबर के मध्य गुरुजन व पेरेंट्स का आशीर्वाद प्राप्त होगा। भौतिक ऐश्वर्य की सामग्री जुटा लेंगे। एकाग्रचित्त होकर पूरे कौशल से अपने काम पर ध्यान देंगे। माता-पिता व परिवार के प्रति आप अपनी जिम्मेदारियों को अंजाम देंगे। 22 व 23 को पूरे जोश व उत्साह से आप अपने काम को अंजाम देंगे। किसी विशिष्ट व्यक्ति से आपकी मुलाकात आपके भाग्य का द्वार खोल देगी।

 

24 नवंबर से 30 नवंबर तक

24 से 26 नवंबर तक का समय घोर कष्ट व निराशा का है। हाथ में आता-आता रुपया रुक व अटक जाएगा। किसी चीज की खरीद-फरोख्त में आपके साथ धोखा हो सकता है। आप अपने लक्ष्य व काम से भटक जाएंगे। नकारात्मक लोगों से दूर रहें। परिस्थितियां कुछ विपरीत रहेंगी। 27 व 28 को नकारात्मकता में भी सकारात्मकता खोज लेंगे। शादी, विवाह, सगाई जैसे कार्यक्रमों व समारोहों में व्यस्त रहेंगे। आप के वरिष्ठ लोग व बॉस आपके काम की प्रशंसा करेंगे। 29 व 30 नवंबर को मिले जुले परिणाम व प्रतिफल प्राप्त होंगे। भविष्य को संवारने के लिए आपको वर्तमान पर ध्यान देना आवश्यक है, क्योंकि वर्तमान की नींव पर ही भविष्य की मजबूत इमारत खड़ी होगी।

दिसंबर 2021

ग्रह स्थिति

मास आरंभ में चंद्रमा कन्या राशि का द्वितीय भाव में, मंगल तुला राशि का तृतीय भाव में, सूर्य, केतु, बुध वृश्चिक राशि का चतुर्थ भाव में, शुक्र धनु राशि का पंचम भाव में, शनि मकर राशि का अष्टम भाव में, बृहस्पति कुंभ राशि का सप्तम भाव में, राहु वृषभ राशि का दशम भाव में चलायमान है।

 

1 दिसंबर से 7 दिसंबर तक

1 को मानसिक शांति मिलेगी चिंताएं व तनाव कम होंगे। बृहस्पति सप्तम स्थान में स्थित है। अतः परिवार में व्यस्तता अधिक रहेगी। 2 को आप अपनी क्षमताओं व बुद्धिमता का उपयोग अपने विकास के लिए करेंगे। चंद्रमा, मंगल की युति आपके पराक्रम को बढ़ाने के साथ-साथ जनागम का मार्ग भी प्रस्तुत करेगी। 3 व 4 को आप शत्रु की किसी गोपनीय योजना व षड्यंत्र का हिस्सा बन सकते हैं। अजनबी व अपरिचित व्यक्तियों से व्यवहार करने से आपको बचना चाहिए। प्रेम-प्रसंग या ऐसी कोई बात उजागर हो सकती है जिसे आप गोपनीय रखना चाहते थे। 5 व 6 को किसी की चिकनी चुपड़ी बातों में आकर आप अपना रुपया फंसा सकते हैं। आप किसी बड़े विचारक के विचारों से प्रभावित होंगे। 7 को कहीं से कोई शुभ समाचार प्राप्त हो सकता है। दांपत्य संबंधों में मधुरता आएगी।

 

8 दिसंबर से 15 दिसंबर तक

8 व 9 दिसंबर को ऑफिस के काम का जबरदस्त दबाव रहेगा। आप फुल ऑफ कमर्शियल रुख अख्तियार करेंगे, जिससे व्यवसाय में लाभ आना शुरू हो जाएगा। स्वास्थ्य में भी बेहतरीन परिस्थितियां देखने को मिलेंगी। अविवाहितों के विवाह की बात आगे बढ़ेगी। 10 व 11 को रोजमर्रा के व दैनिक कार्यों में आप व्यस्त रह सकते हैं। परिवार में किसी व्यक्ति की आप से नाराजगी हो जाएगी। किसी महिला मित्र का साथ आपको कहीं से कहीं पहुंचा सकता है। 11 की शाम से 13 तक का समय विपदा व कष्ट का है। आप किसी सरकारी मुसीबत में पड़ सकते हैं। आपकी शिकायत हो सकती है। आपकी आलोचना या निंदा भी हो सकती है। 14 व 15 दिसंबर को महत्वाकांक्षाएं जोर मारेंगी। आप अपनी उन्नति के लिए प्रयासरत रहेंगे। धर्म-कर्म अध्ययन अध्यापन में रुचि रहेगी।

 

16 दिसंबर से 23 दिसंबर तक

16, 17 व 18 दिसंबर को तनाव तो रहेगा लेकिन उस तनाव के बावजूद आप अपना सर्वोत्तम देंगे। जो पैसा किसी सरकारी विभाग या व्यक्ति के पास रुका हुआ था उसके आने के योग व आसार बनेंगे। किसी कानूनी मसले पर किसी विशेषज्ञ से सलाह मशवरा कर सकते हैं। कठोर परिश्रम व कड़ी मेहनत ही इस समय आपकी सफलता की कुंजी रहेगी। 19 व 20 के मध्य लाभ स्थान में चंद्रमा का परिभ्रमण आपके लाभ का मार्ग प्रशस्त करेगा। संतान पक्ष को लेकर जो चिंता थी वह समाप्त हो जाएगी। आर्थिक रूप से आप पहले से ज्यादा सक्षम व सुदृढ़ स्थिति में रहेंगे। अधिकारियों का सहयोग व सानिध्य प्राप्त होगा। 21 की शाम से 23 दिसंबर के मध्य किसी अप्रिय घटना या अप्रिय समाचारों की स्थिति रहेगी। सेहत के प्रति उदासीनता व लापरवाही के परिणाम घातक हो सकते हैं। कोर्ट-कचहरी या मुकदमे बाजी से संबंधित मामले लंबित होंगे। समय गति विपरीत है। 

 

24 दिसंबर से 31 दिसंबर तक

24 से 26 दिसंबर के मध्य का समय अच्छा है। रुके हुए कार्य अल्प प्रयास से पूरे हो जायेंगे। आप अपने प्रति पूर्ण रूप से आश्वस्त रहेंगे, जिसका सीधा प्रभाव आपके व्यवहार व आत्मविश्वास में दृष्टिगोचर होगा। कामकाज में कोई नया अवसर आपकी प्रतीक्षा कर रहा है। 27 व 28 को दौड़-धूप व मेहनत खूब रहेगी। आनुपातिक रूप से परिणाम थोड़े से ढीले ही रहेंगे। किसी ज्ञानवर्धक पुस्तक व धर्म ग्रंथों का अध्ययन करेंगे। परिवार में चले आ रहे विवाद आपसी समझाइश से समाप्त हो जाएंगे। 29 व 30 को आप दिल की बजाय दिमाग से निर्णय लेंगे। व्यापार में भागीदार या कर्मचारी की गलती पकड़ी जाएगी। कठोर व बुद्धिमान व्यापारी के रूप में आपकी पहचान बनेगी। 31 को किसी से बिना बात ही उलझ सकते हैं। क्रोध व आवेश पर काबू रखें।

सिंह राशि एवं वास्तु विचार

प्रथम चरण – सिंह राशि के प्रथम पाद (चरण) में जन्म लेने वाले जातक का मकान पूर्व दिशा वाली गली में होगा। मकान का खुला भाग (प्रांगण) दक्षिण की ओर होगा। मकान में तीन परिवार का आवास होगां मकान के दोनों ओर मोड़ होगा। इस मकान में रहने वाला व्यक्ति सुखी-सम्पन्न एवं कीर्तिमान होगा।

द्वितीय चरण – सिंह राशि के द्वितीय पाद में जन्म लेने वाले जातक का मकान ऐसी जगह होगा, जहां का मार्ग दक्षिण दिशा से उत्र दिशा की ओर होगा। खुला आंगन पूर्व में होगा। शिवजी का स्थान वृषभ, कन्या या मकर राशि के संभोग में होगा। इस गृहस्वामी के पाँच भाई-बहन होंगें उसके पिता के दो भाई होंगे।

तृतीय चरण – सिंह राशि के तृतीय पाद में जन्म लेने वाले जातक का मकान पूर्व दिशा से पश्चिम दिशा की गली में होगा। मकान के अग्रिम भाग में उत्र दिशा की ओर खुला प्रांगण होगा। इस मकान के पास वाला मकान ध्वस्त हो जाएगा। मकान के मेष, धनु, मकर एवं मीन सम्भाग में देवी मरिजम्मा का मंदिर होगा। गृहस्वामी देवी (मां काली का उपासक) होगा।

चतुर्थ चरण – सिंह के चतुर्थ पाद में जन्म लेने वाले प्राणी का मकान ऐसी गली में होगा, जो दक्षिण दिशा से उत्र दिशा की ओर होगा। मकान का खुला स्थान पश्चिम दिशा में होगा। वह मकान के दो भागों में विभक्त होगा। मकान के मंष, तुला एवं मकर राशि के संभाग में पानी का तालाब, कुआं या मंदिर होगा। गृहस्वामी भगवान शिव का भक्त व उपासक होगा।

                      सिंह राशि और शनि 

                 ऊँ शन्नो देवीरभिष्टभ आपो भवन्तु पीतये

                       शय्योरभि स्रवन्तु नः।

अर्थात् देदीप्यमान जल (जल रुप शनि देव) हमारे पान के लिए (पीने के लिए) सुख रूप हो तथा रोगों का नाश करें।

ब्रह्मांड में शनि को सबसे रहस्यमय एवं चर्चित ग्रह माना गया है। नीलवर्ण के शनिदेव भगवान सूर्य तथा छाया (सुवर्णा) के पुत्र हैं। बृहस्पति के बाद शनि ब्रह्मांड का सबसे बड़ा ग्रह है। ज्योतिष में इन्हें न्याय का देवता कहा गया है। यह व्यक्ति को उसके किए का दंड देते हैं। अनुकूल दशा, अंतर्दशा में व्यक्ति ने जो दुराचार, अनाचार, पापाचार या कोई गलत काम कर रखा है, तो उस व्यक्ति को उसका परिणाम शनि की महादशा, अंतर्दशा, प्रत्यंतर दशा, शनि की साढ़ेसाती व ढैया में मिल जाता है।

                 शनि की साढ़ेसाती व ढैया

किसी भी व्यक्ति की राशि से शनि जब बारहवें या उसकी स्वयं की राशि में या राशि के दूसरे भाग में गोचर वर्ष परिभ्रमण करता है तो शनि की ’साढ़ेसाती’ कहलाती है। यह जैसा कि नाम से ही स्पष्ट है कि साढे 7 वर्ष चलती है। इसमें व्यक्ति को भयंकर दुख उठाना पड़ता है। शनि की गोचर व स्थिति आपकी राशि से चैथे एवं आठवें भाव में होने से शनि की ’ढैया’ कहलाती है। साढ़ेसाती का प्रभाव साडे 7 वर्ष तक एवं ढैयाका प्रभाव ढाई वर्ष तक रहता है। शनि प्रत्येक राशि में ढाई वर्ष रहता है। अतः तीनों राशियों में साढे 7 साल तक रहेगा। शनि बारहवें स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक उसकी दृष्टि कहलाती है। स्वयं की राशि में होने पर उसका भोग कहलाती है। शनि आपकी राशि से द्वितीय स्थान में हो तो ढाई वर्ष तक शनि की ’लात’ कहलाती है। शनि की दृष्टि में जातक मानसिक तनाव को भोगता है। यात्राएं व्यर्थ की खूब होती है। कुल मिलाकर भटकाव की स्थिति रहती है। भोग में शनि व्यक्ति की आजीविका को लेकर संघर्ष कराता है। वही लात में शनि उदर विकार, पैरों एवं धन को लेकर संघर्ष करवाता है। साथ ही कमर के नीचे के रोग भी देता है।

 

सन 2021 में सिंह राशि पर शनि का प्रभाव

सिंह राशि के जातकों के लिए यह साल 2021 शानदार उपलब्धियों से भरा हुआ रहेगा इस साल शत्रु एवं षड्यंत्र एक-एक कर नष्ट होंगे व्यापार एवं रोजगार के क्षेत्र में नए नए प्रयोग अमल में लाएंगे अगर आप राजकीय सेवा में है तो वह परिचित व्यक्तियों से व्यवहार आपके लिए हानि का कारण बन सकता है प्राइवेट व कॉरपोरेट सेक्टर में नवीन एवं बेहतर कार्य के अवसर सुलभ होंगे आर्थिक पक्ष आपका इस साल अच्छा रहेगा शनि वर्ष पर्यंत आपकी राशि से छठे स्थान में गतिशील रहेंगे इस साल मौसमी बीमारियों से जरूर सावधान एवं सचेत रहने की आवश्यकता है बंटवारे संपत्ति संबंधी विवाद का हल इस वर्ष आपसी समझाइश से निकल सकता है उच्च अधिकारी नेता व बड़े लोगों से आप के संपर्क बनेंगे उन संपर्कों का आगे चलकर लाभ एवं प्रतिफल अच्छा मिलेगा संतान की शिक्षा अध्ययन विवाह कैरियर आदि को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय की स्थिति रह सकती है किसी पर भी अधिक विश्वास आप की हानि का कारण बन सकता है गलतफहमियां को बढ़ने से पहले ही सुलझा लें आप इस साल जमकर मेहनत करेंगे एवं उसके अनुसार आपको परिणाम व प्रतिफल भी मिलेगा।

शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के उपाय

शनि की साढ़ेसाती के अशुभ प्रभावों को कम करने के लिए दान, पूजन, व्रत, मंत्र, रत्न धारण आदि उपाय शास्त्रों में वर्णित हैं। शास्त्र कहता है-

             ’औषधि मणि मंत्राणाम्, ग्रह, नक्षत्र, तारिका।

             भाग्य भवेत सिद्धि, अभाग्यं निष्फल भवेत।।

सबसे पहले औषध, उसके बाद मणि और तत्पश्चात् मंत्र चिकित्सा का प्रावधान शास्त्रों में बताया गया है।

रत्न (मणि) चिकित्सा

  1. सवा पांच रत्ती का नीलम या नीलम का उपरत्न (नीली), त्रिलोह (सोना,चांदी,तांबा) की अंगूठी में अभिमंत्रित करवा कर पहनें।
  2. शनि मंत्र के साथ नीलम या फिरोजा रत्न गले में पैन्डेट की आकृति में पहन सकते हैं, यह उपाय भी उत्म है।

धातु चिकित्सा

  1. शनिवार के दिन काले घोडे की नाल या समुद्री नाव की कील में लोहे की अंगूठी बनाएं। उसे तिल्ली के तेल में सात दिन शनिवार या शनिवार तक रखें तथा उस पर शनि मंत्र के 23,000 जाप करें। शनिवार के दिन सायंकाल सूर्यास्त के समय धारण करें।
  2. यह अंगूठी मध्यमा (शनि की अंगुलि) में ही पहनें तथा इसके लिए पुष्य, अनुराधा, उत्तरा भाद्रपद एवं रोहिणी नक्षत्र सर्वश्रेष्ठ है। यह ’शनि मुद्रिका’कभी किसी को नुकसान नहीं करती। प्रबुद्ध पाठक चाहे तो हमारे कार्यालय से भी अभिमंत्रित अंगूठी प्राप्त कर सकते हैं।

मंत्र चिकित्सा

किसी भी विद्वान ब्राह्मण द्वारा या स्वयं शनि के तंत्रोक्त, वैदिक या पौराणिक मंत्रों के 23,000 जाप करें या कराएं। शनि का तंत्रोक्त मंत्र निम्नलिखित है- ’ऊँ प्रां प्रीं सः श्नैश्चराय नमः।।’

व्रत-उपवास

शनिवार का व्रत रखें। इस दिन एक समय सायंकाल में ही भोजन करें।

दान

शनि संबंधी उपचार करने के बाद उपवास खोलने पर दान अवश्य ही करना चाहिए।

  1. कीडी, नगरा सींचे। चींटियों को भोजन कराएं।
  2. काल कंबल, उड़द की दाल, काले तिल, तेल, चरण पादुका (जूते), काला वस्त्र, मोटा अनाज व लोहे के पात्र का दान करना चाहिए।

             शनि की पीडा को कम करने के विविध उपाय

  1. शनि के दुष्प्रभाव को कम करने के लिए 7 प्रकार के अनाज व दालों को मिश्रित करके पक्षियों को चुगाएं।
  2. बैंगनी रंग का सुगन्धित रुमाल पास में रखें।
  3. शनि मंदिर में शनि की मुर्ति पर तिल का तेल चढाएं।
  4. शनि भगवान के सामने खडे रहकर दर्शन नहीं करें, किनारे में खडे रहकर दर्शन करें, जिससे शनि की दृष्टि आप पर नहीं पडे।
  5. शनि न्याय के देवता हैं, अतः उन्हें हाथ नहीं जोड़ा जाता दोनों हाथ पीछे करके सिर झुका कर उन्हें नमन करें, जिस प्रकार व्यक्ति न्यायाधिकारी सन्मुख खड़ा होता है।

 

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This Post Has 11 Comments

  1. SANJAY SAMPATLAL DARDA

    SINGH RASHI – SINGH
    TATVA – AGNI .
    SUPERB ,WPRLD NO 1 NICE INFORMATION

  2. Kailash vats

    सिंह राशि की दशा व स्वरूप समझ में आया

    1. Piyush Sawant

      Shivh. Rashi
      People of this rashi are great in order giving to others..

      Also they are wealthy in most cases…

      This blog give detail information of all Rashi

      Thank
      .

  3. Sitaram Keshri

    सिंह राशि
    चिह्न -शेर , स्वामी -सूर्य , अनुकूल रत्न -माणिक्य
    महत्वपूर्ण जानकारी है।

  4. Udit shreemal

    सिंह राशि यानी शेर सा स्वभाव।

  5. Geetanjali

    Very good sir ji

  6. GANESH BHOPE GURUJI

    Sinha rashi ka swami mangal hone karan rag bi aata hai or samaj dar bi hote hai jatak bohat dhadai hote sab sajal aaya

  7. Pranali_B

    Rashi swarup stir, rashi ang heart , upvas Sunday ,etc

  8. Chandranath Mukherjee

    Waah, bahut acha laga, gyan lav hua

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Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa

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" India's Highest 5* Rating Vaastu Consultant Dr. Aneel Kummar Barjatiyaa (Gold Medalist) is one of the most renowned and Best Vastu Consultants in India. "

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