एक सुंदर, सुरक्षित और संतुलित घर बनाने के लिए हमें उसकी हर छोटी-बड़ी चीज़ को समझना जरूरी होता है। चाहे वो दीवारों की ऊँचाई हो, सीढ़ियों का झुकाव हो या इंटीरियर की स्कर्टिंग और रैम्प – सब कुछ एक सुव्यवस्थित तरीके से होना चाहिए। नीचे हम घर निर्माण से जुड़ी जरूरी बातों को विस्तार से समझ रहे हैं।
घर की नींव को ज़मीन से थोड़ा ऊपर उठाया जाता है जिसे Plinth Level कहते हैं। आमतौर पर यह ज़मीन से 1.5 से 2.5 फीट ऊँचा होता है। इससे फ़र्श को नमी से बचाया जाता है और घर को मजबूती मिलती है। घर के अंदर हर मंज़िल का अलग-अलग Floor Level होता है जो पूरे भवन की ऊँचाई तय करता है।
Sea Level (समुद्र तल स्तर) वह औसत ऊँचाई होती है जिसे समुद्र की सतह से मापा जाता है। भवन निर्माण में ऊँचाई, एलिवेशन या कंटूर लेवल को इसी के आधार पर मापा जाता है।
उदाहरण: आपकी ज़मीन 600 मीटर Sea Level पर स्थित है।
घर की दीवारें आमतौर पर 4.5 इंच या 9 इंच मोटी होती हैं। इनकी ऊँचाई एक फ्लोर पर लगभग 10 फीट रखी जाती है।
छत (Roof) के लिए 4 से 6 इंच मोटी RCC स्लैब डाली जाती है।
Columns और Beams मकान की संरचना को मजबूती प्रदान करते हैं।
मुख्य प्रवेश द्वार: 3 फीट चौड़ा × 7 फीट ऊँचा
सामान्य कमरे का दरवाज़ा: 2.5 फीट × 7 फीट
खिड़की का आकार: 3 फीट × 4 फीट
इन साइज़ से घर में प्राकृतिक रोशनी और वेंटिलेशन बना रहता है।
घर में फ्लोर कनेक्ट करने के लिए सीढ़ी का सही ढंग से डिज़ाइन होना आवश्यक है।
Riser (ऊँचाई): 6 से 7 इंच
Tread (गहराई): 10 से 12 इंच
Hand Rail (हाथ की पकड़): लगभग 3 फीट ऊँचाई
Landing: दो स्टेप्स के बीच का समतल हिस्सा
Hand Rest & Back Rest: सीढ़ी या कुर्सी में हाथ और पीठ रखने की सुविधाजनक जगह
Ramp: ढलान, जिसका अनुपात 1:12 होता है – यानी 1 फीट ऊँचाई के लिए 4 फीट लंबाई। यह व्हीलचेयर, बुजुर्ग या सामान के लिए उपयोगी होता है।
Railing: बालकनी, छत या सीढ़ी पर लगाई जाती है। इसकी सामान्य ऊँचाई 3 फीट होती है।
Skirting:
दीवार के निचले हिस्से पर लगाई जाती है, जो फ़र्श की सफ़ाई और दीवार को नुकसान से बचाती है। सामान्य ऊँचाई: 3" से 5"
False Ceiling:
असली छत के नीचे एक आर्टिफिशियल छत जिससे AC ducts, lighting आदि छुपाए जाते हैं।
Cornice / Cove:
दीवार और छत के बीच की सुंदर सजावट जो कमरों को क्लासिक लुक देती है।
Nosing:
सीढ़ी के स्टेप का बाहर निकला हिस्सा जो सुरक्षा बढ़ाता है।
डबल बेड: 6 फीट × 6 फीट
स्टडी टेबल: 2 फीट × 4 फीट
डाइनिंग टेबल (4 सीटर): 3 फीट × 4 फीट
वॉर्डरोब गहराई: 2 फीट
3 सीटर सोफा: 2.5 फीट × 6 फीट
जब आप घर का निर्माण करते हैं या इंटीरियर डिज़ाइन करते हैं, तो केवल सुंदरता नहीं बल्कि कार्यक्षमता और सुरक्षा का भी ध्यान रखना ज़रूरी होता है। उपरोक्त जानकारियाँ न केवल छात्रों के लिए बल्कि आम नागरिकों और वास्तु प्रेमियों के लिए भी बेहद उपयोगी हैं।
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